हमारी प्रतिदिन की रोटी

जीवन की श्वास

एक ठंडी और तुषाराच्छादित सुबह में, मेरी बेटी और मैं स्कूल जाते समय, अपने श्वास को भाप में बदलते देखा l हमारे मुहं से निकलनेवाली वाष्पमय बादलों पर हम खिलखिला रहे थे l मैंने उस क्षण को उपहार स्वरूप लिया, उसके साथ आनंद करना और जीवित l

आम तौर पर हमारा अदृश्य श्वास ठंडी हवा में दिखाई दिया, और श्वास और जीवन के श्रोत-हमारा सृष्टिकर्ता प्रभु-के विषय सोचने को कायल किया l आदम को धूल से रचकर उसमें श्वास फूंकनेवाला हमें और समस्त जीवों को जीवन देता है (उत्प. 2:7) l सब वस्तुएँ उसकी ओर से हैं-हमारा श्वास भी, जिसे हम बगैर सोचे लेते हैं l      

इस सुविधा युक्त और तकनीकी संसार में रहते हुए हम हमारे आरंभ को और कि परमेश्वर हमारा जीवनदाता है को भूलने की परीक्षा में पड़ सकते हैं l किन्तु जब हम ठहरकर विचारते हैं कि परमेश्वर हमारा बनानेवाला है, हम अपने दिनचर्या में धन्यवादी आचरण जोड़ सकते हैं l हम दीन, धन्यवादी हृदयों से जीवन के उपहार को स्वीकार करने हेतु उससे सहायता मांग सकते हैं l हमारा धन्यवाद छलक कर दूसरों को स्पर्श करें, ताकि वे भी प्रभु की भलाइयों और विश्वासयोग्यता के लिए उसे धन्यवाद दे सकें l

बांटने योग्य धन

1974 के मार्च में, एक कुआं खोदते समय चीनी किसानों ने चौकानेवाली खोज की l मध्य चीन के सूखी धरती के नीचे लाल भूरे रंग की पकी मिट्टी की सेना (Terracotta Army) मिली-ईसा पूर्व तीसरी शताब्दी की आदम कद पकी मिट्टी की मूर्तियाँ l इस अद्भुत खोज में लगभग 8,000 सैनिक, 150 अश्वारोही सेना, और 520 घोड़ों द्वारा खींचे जानेवाले 130 रथ l  यह टेराकोटा सेना चीन के सैलानी स्थलों में सबसे अधिक प्रसिद्ध है, जिसे लाखों लोग देखने आते हैं l यह अदभुत धन शताब्दियों से छिपा था किन्तु अब संसार के साथ बांटा जा रहा है l

प्रेरित पौलुस ने मसीह के अनुगामियों को लिखा कि उनके अन्दर एक धन है जिसे संसार के साथ बांटना होगा : “वही [ज्योति] हमारे हृदयों में चमकी ... परन्तु हमारे पास वह धन मिट्टी की बरतनों में रखा है” (2 कुरिं. 4:7) l यह धन हमारे अन्दर मसीह और उसके प्रेम का है l

यह धन छिपाने के लिए नहीं बांटने के लिए है कि परमेश्वर के प्रेम और अनुग्रह द्वारा प्रत्येक राष्ट्र के लोग उसके परिवार में शामिल हो सकें l काश हम भी, पवित्र आत्मा की सामर्थ्य में आज किसी के साथ यह धन बाँट सकें l

लम्बी छाया

कई वर्ष पूर्व, हमदोनों पति-पत्नी और अन्य चार ब्रिटेन वासी जोड़े इंग्लैंड के एकांतयॉर्कशायर डेल्स के एक ग्रामीण होटल में ठहरे थे l हम एक दूसरे से अपरिचित थे l रात्री भोजन पश्चात् बैठक में कॉफ़ी पीते समय, हमारी बातचीत एक प्रश्न के साथ व्यवसाय में बदल गई “आप क्या करते हैं?” उस समय मैं शिकागो में मूडी बाइबिल इंस्टीट्यूट का अध्यक्ष था l मेरा अनुमान था कि वहाँ पर सभी मूडी बाइबिल इंस्टीट्यूट या उसके संस्थापक डी.एल. मूडी से अपरिचित थे l इंस्टीट्यूट का नाम बताने पर उनका प्रतिउत्तर त्वरित और चौकाने वाला था l “मूडी और शैंकी ... वह मूडी?” एक अन्य अतिथि बोला, “हमारे पास शैंकी गीतावली है और हम पियानो के चारों ओर खड़े होकर उसमें से गाते हैं l” मैं चकित हुआ! डिवाईट मूडी और उसका संगीतकार आयरा शैंकी ने ब्रिटिश आइल्स में 120 वर्ष पूर्व सभाएं आयोजित की थी, और उनका प्रभाव वर्तमान में भी था l

मैं उस रात उस कमरे से जाते समय सोचता रहा कि किस तरह हमारे जीवन परमेश्वर के लिए प्रभाव की लम्बी छाया छोड़ते हैं-बच्चों पर प्रार्थना करनेवाली माँ का प्रभाव, एक सहकर्मी का उत्साहित करनेवाले शब्द, एक शिक्षक का सहयोग और चुनौती, मित्र के प्रेमी किन्तु उपचारात्मक शब्द l अदभुत प्रतिज्ञा में भूमिका निभाना उच्च सौभाग्य है कि “उसकी करुणा ... पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है” (भजन 100:5) l

United States

Our Story Isn't About Us.

It all started in 1938 with a small radio program called Detroit Bible Class. With his gravelly voice, Dr. M. R. DeHaan quickly captured the attention of listeners in the Detroit area, and eventually the nation. Since then, our audience has grown to millions of people around the world who use our Bible-based resources.

Over the…

हमारा उद्देष्य

हमारा मिशन बाइबिल के जीवन परिवर्तन करनेवाली बुद्धि/ज्ञान को समझने योग्य एवं सुगम्य बनाना है।

हमारा दर्शन

हमारा दर्शन है कि सभी देश के लोग मसीह के साथ व्यक्तिगत् सम्बन्ध स्थापित करें, और भी मसीह के समान बनते जाएँ, और उसके परिवार के स्थानीय देह में सेवा करें।