हमारी प्रतिदिन की रोटी

विश्वासयोगी बने रहने का साहस

भय हडासा का निरंतर साथी है। हडासा,  फ़्रांसिन रिवर्स की पुस्तक,  अ वॉइस इन दी विंड की  नायिका है जो रोमी परिवार में दासी है और मसीह को मानने के कारण सताव से डरती है क्योंकि मसीहियों को तुच्छ समझा जाता, सूली पर चढ़ाया जाता या शेरों के अखाड़े में फेंक दिया जाता था। अपनी परीक्षा में सत्य का समाना करने का क्या उसमें साहस होगा?

उसकी स्वामिनी और रोमी अधिकारी के विरोध पर उसके दो विकल्प होते हैं: मसीह में अपने विश्वास त्याग दे या उसे अखाड़े में ले जाया जाए। पर जब वह यीशु के मसीह होने की घोषणा करती है, उसका डर दूर हो जाता है और मृत्यु सामने होने पर भी निडर हो जाती है।

बाइबिल बताती है कि कभी-कभी सही करने पर हम दुःख उठाएँगे-चाहे सुसमाचार को बांटना या ईश्वरीय जीवन जीना हो। हमें भयभीत ना होने (1 पतरस 3:14), वरन अपने मन में “मसीह को प्रभु जान कर पवित्र समझने” के लिए कहा गया है (15)। हडासा का मुख्य युद्ध उसके अपने मन में था। और अंततः जब उसने यीशु को चुना तो विश्वासयोगी बने रहने का उसे साहस मिल गया।

जब हम मसीह को आदर देंगे,  तब वह निडर होने विरोधों के बीच में भय पर विजय पाने में हमारी मदद करेंगे।

सामर्थ की ओर भागना

पैरी फोर!” जब मैंने तलवारबाजी सीखना शुरू किया तो मेरे कोच वार के प्रतिकूल बचाव की स्थिति (“पैरी”) ऊंची आवाज़ में बताते थे। जब वह अपना हथियार बढ़ाते तो मुझे सुनकर तुरंत प्रतिक्रिया देनी होती थी।

इस प्रकार सक्रिय होकर सुनना, यौन प्रलोभन में  तत्काल आज्ञापालन की बात याद दिलाता है,। 1कुरिन्थियों 6:18 में पौलुस लिखते हैं, “ व्यभिचार से बचे रहो”। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हमें स्थिर रहना होता है (गलातियों 5:1; इफिसियों 6:11), परन्तु इस स्थान पर बाइबिल व्यावहारिक रूप से हमारे सर्वश्रेष्ठ बचाव का सकेंत देती है। "भाग जाओ!"

संकट में पड़ने से पहले सही कदम उठाना बचाव है। छोटे-छोटे समझौते विनाशकारी हार ला सकते हैं। अनैतिक विचार, इंटरनेट पर गलत चित्र देखना और छेड़ खानी भरी मित्रता-यह ऐसे कदम है जो हमें विनाश के मार्ग पर ले जाते हैं और परमेश्वर और हमारे बीच में दूरी लाते हैं।

प्रलोभन में परमेश्वर भागने का मार्ग भी प्रदान करते हैं। क्रूस पर यीशु की मृत्यु के माध्यम से वह हमें आशा क्षमा और एक नया आरम्भ प्रदान करते हैं-चाहे हम जहां भी रहे हों और हमने जो भी किया हो। जब हम अपनी कमजोरियों में यीशु की ओर भागते हैं, वह हमें मुक्त कर देते हैं मुक्त कर देते हैं जिससे जीवन उनके सामर्थ में जी सकें।

सबसे प्रेम रखना

हमारी कलीसिया सिंगापुर के द्वीप में स्थित एक खुले मैदान में लगती है। जहाँ मेरे देश में कार्यरत कुछ विदेशियों ने , हर रविवार पिकनिक के लिए एकत्रित होना आरम्भ कर दिया।

इस बात से कलीसिया के सदस्यों में भिन्न प्रतिक्रियाएं उत्पन्न हो गईं। कुछ लोग उनके द्वारा पीछे छोड़े जाने वाले गंदगी की बात पर कुडकुडा रहे थे। अन्य इसे परदेसियों को आतिथ्य प्रदान करने का एक दिव्य अवसर मान रहे थे-बिना कलीसिया के मैदान को छोड़े।

नई भूमि में बसने पर दूसरों के साथ ताल-मेल बैठाने में इस्राएलियों को भी समस्याएं आई होंगी। परमेश्वर ने उन्हें विदेशियों के साथ वैसा ही व्यवहार करने की स्पष्ट आज्ञा दी जैसा वे अपने लोगों के साथ करते थे। और वैसा ही प्रेम करने की आज्ञा दी जैसा वे स्वयं से करते थे (लैव्यवस्था 19:34)। उनकी कई व्यवस्थाओं में विदेशियों का विशेष उल्लेख था। उनके साथ दुर्व्यवहार या उनका दमन नहीं किया जाना चाहिए,  उनसे प्रेम करना और उनकी मदद करना (निर्गमन 23:9; व्यवस्थाविवरण 10:19)। सदियों बाद, यीशु हमें ऐसा ही करने का आदेश देंगे: अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम करो। (मरकुस 12:31)

हमें याद रखन चाहिए कि हम लोग भी इस पृथ्वी पर प्रवासी हैं। तो भी हमसे परमेश्वर के लोगों के रूप में प्रेम और व्यवहार किया गया है।

United States

Our Story Isn't About Us.

It all started in 1938 with a small radio program called Detroit Bible Class. With his gravelly voice, Dr. M. R. DeHaan quickly captured the attention of listeners in the Detroit area, and eventually the nation. Since then, our audience has grown to millions of people around the world who use our Bible-based resources.

Over the…

हमारा उद्देष्य

हमारा मिशन बाइबिल के जीवन परिवर्तन करनेवाली बुद्धि/ज्ञान को समझने योग्य एवं सुगम्य बनाना है।

हमारा दर्शन

हमारा दर्शन है कि सभी देश के लोग मसीह के साथ व्यक्तिगत् सम्बन्ध स्थापित करें, और भी मसीह के समान बनते जाएँ, और उसके परिवार के स्थानीय देह में सेवा करें।