हमारी प्रतिदिन की रोटी

सेवा करें और सेवा लें

मारिलिन कई हफ़्तों तक बीमार रही थी, और अनेक लोगों ने उसे इस कठिन समय में उत्साहित किया था l मैं उनकी नेकी का बदला कैसे दूँगी?  उसकी चिंता थी l तब एक दिन उसने एक लिखित प्रार्थना पढ़ी : “प्रार्थना करें कि [दूसरे] दीनता को बढ़ाएं, केवल सेवा करने के लिए नहीं, किन्तु सेवा लेने के लिए भी l” मारिलिन ने तुरंत महसूस किया कि बराबर करने की ज़रूरत नहीं, किन्तु केवल धन्यवादी होकर दूसरों को सेवा करने का आनंद अनुभव करने दें l

फिलिप्पिय्यों 4 में, पौलुस ने “[उसके] क्लेश में ... सहभागी” होनेवाले सभी को धन्यवाद दिया (पद.14) l वह सुसमाचार प्रचार करते समय और सिखाते समय लोगों की सहायता पर निर्भर था l वह समझ गया कि ज़रूरत के समय मिला उपहार केवल परमेश्वर के प्रेमी लोगों के प्रेम का प्रसार था : “[तुम्हारा उपहार] तो सुखदायक सुगंध, ग्रहण करने योग्य बलिदान है, जो परमेश्वर को भाता है” (पद.18) l

प्राप्त करनेवाला बनना सरल नहीं है-विशेषकर यदि आमतौर पर आप दूसरों को मदद करने में प्रथम रहे हैं l किन्तु दीनता से, हमारी ज़रूरत के समय हम परमेश्वर को अनेक माध्यमों से हमारी देखभाल करने की अनुमति दें l

पौलुस ने लिखा, “मेरा परमेश्वर ... तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा” (पद.19) l यह कुछ ऐसा था जो उसने क्लेश से पूर्ण जीवन में सीखा था l परमेश्वर विश्वासयोग्य है और उसका श्रोत असीमित है l

उसकी उपस्थिति में

अपने समुदाय में रसोइया का कार्य करनेवाला, 17वीं शताब्दी का मठवासी/साधु ब्रदर लॉरेन्स, दिन का काम आरंभ करने से पूर्व, प्रार्थना करता था, “हे मेरे परमेश्वर ... आपकी उपस्थिति में रहने के लिए मुझे अनुग्रह दीजिए l मेरे कार्य में मेरी मदद कीजिए l मेरे सम्पूर्ण मोह को अपना बना लीजिए l” कार्य करते हुए, वह परमेश्वर से निरंतर बातें करता था, उसके मार्गदर्शन पर ध्यान देते हुए अपना काम उसको समर्पित करता था l वह अपनी व्यस्तता में भी, बीच के संतुलित शांत समय में उससे अनुग्रह माँगता था l चाहे कुछ भी होता रहे, उसने अपने सृष्टिकर्ता के प्रेम को ढूंढा और महसूस किया l

भजन 89 के अनुसार, समुद्र पर राज्य करनेवाले और स्वर्गदूतों की सेना द्वारा उपासना प्राप्त करनेवाले सबके सृष्टिकर्ता के प्रति अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करना ही सटीक प्रतिउत्तर होगा l परमेश्वर कौन है, उसकी खूबसूरती समझने के बाद हम “आनंद की ललकार को” हर समय और हर जगह “दिन भर” सुनते हैं l (पद. 15-16) l

चाहे हम किसी दूकान में अथवा एअरपोर्ट/बस की पंक्ति में खड़े हों, अथवा अपने फ़ोन होल्ड किये हों, हमारे जीवन ऐसे क्षणों से भरे हैं, जब हम परेशान भी हो सकते थे l अथवा हम इन क्षणों को “[उसके] प्रकाश में” चलनेवाले क्षण बना सकते हैं (पद.15) l

हमारे जीवनों के “बर्बाद” किये हुए क्षण, जब हम इंतज़ार करते हैं, बीमार होते हैं अथवा विचारते हैं कि क्या करें, उसकी उपस्थिति के प्रकाश में रहने के पल हो सकते हैं l

और कितना!

अक्टूबर 1915 में, प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ऑस्वाल्ड चैम्बर्स ब्रिटिश राष्ट्रमंडल सैनिकों के लिए, YMCA की ओर से पादरी की सेवा करने मिस्र में काहिरा के निकट एक सेना प्रशिक्षण शिविर, जीटोन  शिविर पहुंचे l चैम्बर्स के द्वारा एक सप्ताह की रात्री धार्मिक सेवा की घोषणा पर, 400 लोग उस बड़े YMCA  झोपड़े में उसका उपदेश सुनने आ गए जिसका शीर्षक था, “प्रार्थना की अच्छाई क्या है?” बाद में, युद्ध के मध्य परमेश्वर को ढूँढ़ने वाले लोगों से व्यक्तिगत रूप से बातें करते हुए, ऑस्वाल्ड ने अक्सर लूका 11:13 का सन्दर्भ दिया, “अतः जब तुम बुरे होकर अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो स्वर्गीय पिता अपने मांगनेवालों को पवित्र आत्मा क्यों न देगा” (लूका 11:13) l

परमेश्वर के पुत्र, यीशु के द्वारा मुफ्त उपहार क्षमा, आशा, और पवित्र आत्मा द्वारा हमारे जीवनों में उसकी जीवित उपस्थिति है l “क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो कोई ढूंढ़ता है, वह पाता है; और जो खटखटाता है, उसके लिए खोला जाएगा” (पद.10) l

नवम्बर 15, 1917 को अचानक अपेंडिक्स(बड़ी आंत का एक अतिरिक्त भाग) के फूटने से ऑस्वाल्ड चैम्बर्स की मृत्यु हो गयी l ऑस्वाल्ड की सेवा के परिणामस्वरुप विश्वास करनेवाला एक सैनिक संगमरमर पत्थर की बनी खुली बाइबिल की एक प्रतिरूप पर लूका 11:13 खुदवाकर उसके कब्र के निकट रख दिया : “स्वर्गीय पिता अपने मांगनेवालों को पवित्र आत्मा क्यों न देगा!”

प्रतिदिन परमेश्वर का यह अद्भुत उपहार हमारे लिए उपलब्ध है l

United States

Our Story Isn't About Us.

It all started in 1938 with a small radio program called Detroit Bible Class. With his gravelly voice, Dr. M. R. DeHaan quickly captured the attention of listeners in the Detroit area, and eventually the nation. Since then, our audience has grown to millions of people around the world who use our Bible-based resources.

Over the…

हमारा उद्देष्य

हमारा मिशन बाइबिल के जीवन परिवर्तन करनेवाली बुद्धि/ज्ञान को समझने योग्य एवं सुगम्य बनाना है।

हमारा दर्शन

हमारा दर्शन है कि सभी देश के लोग मसीह के साथ व्यक्तिगत् सम्बन्ध स्थापित करें, और भी मसीह के समान बनते जाएँ, और उसके परिवार के स्थानीय देह में सेवा करें।