लूका 2:8-20   

8 और उस देश में कितने गड़ेरिये थे, जो रात को मैदान में रहकर अपने झुण्ड का पहरा देते थे l 9 और प्रभु का एक दूत उनके पास आ खड़ा हुआ, और प्रभु का तेज उनके चारों ओर चमका, और वे बहुत डर गए l 10 तब स्वर्गदूत ने उनसे कहा, “मत डर; क्योंकि देखो, मैं तुम्हें बड़े आनंद का सुसमाचार सुनाता हूँ जो सब लोगों के लिए होगा, 11 कि आज दाऊद के नगर में तुम्हारे लिए एक उद्धारकर्ता जन्मा है, और यही मसीह प्रभु है l 12 और इसका तुम्हारे लिए यह पता है कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे l

तब एकाएक उस स्वर्गदूत के साथ स्वर्गदूतों का दल पमेश्वर की स्तुति करते हुए और यह कहते दिखाई दिया, 14 “आकाश में परमेश्वर की महिमा और पृथ्वी पर उन मनुष्यों में जिनसे वह प्रसन्न है, शांति हो l” 15 जब स्वर्गदूत उनके पास से स्वर्ग को चले गए, तो गड़ेरियों ने आपस में कहा, “आओ, हम बैतलहम जाकर यह बात जो हुयी है, और जिसे प्रभु ने हमें बताया है, देखें l”

16 और उन्होंने तुरंत जाकर मरियम और यूसुफ़ को, और चरनी में उस बालक को पड़ा देखा l 17 इन्हें देखकर उन्होंने वह बात जो इस बालक के विषय में उनसे कही गयी थी, प्रगट की, 18 और सब सुननेवालों ने उन बातों से जो गड़ेरियों ने उनसे कहीं आश्चर्य किया l 19 परन्तु मरियम ये सब बातें अपने मन में रखकर सोचती रही l 20 और गड़ेरिये जैसा उनसे कहा गया था, वैसा ही सब सुनकर और देखकर परमेश्वर की महिमा और स्तुति करते हुए लौट गए l

 

तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे l  लूका 2:12

ऐसा लगा जैसे हम सदियों से इस खबर का इंतज़ार कर रहे थे कि हमारी गर्भवती पड़ोसी ने अपने पहले बच्चे का स्वागत किया है। जब मेरे व्हाट्सएप पर आखिरकार “लड़की हुई है!” का संदेश आया, तो हमने उनकी बेटी के जन्म का उत्सव मनाया और उस संदेश को उन दोस्तों को भेजा जिन्होंने शायद यह खबर नहीं सुनी होगी।

नन्हे बच्चे के आगमन का बेसब्री से इंतज़ार होता है। यीशु के जन्म से पहले, यहूदी लोग सिर्फ़ कुछ महीनों तक ही इंतज़ार नहीं कर रहे थे, बल्कि वे पीढ़ियों से इस्राएल के अपेक्षित उद्धारकर्ता, मसीह(Messiah) के जन्म का इंतज़ार कर रहे थे। मुझे लगता है कि वर्षों से विश्वासयोग्य यहूदी सोचते रहे होंगे कि क्या वे अपने जीवनकाल में इस प्रतिज्ञा को पूरा होते देख पाएँगे।

एक रात लंबे समय से प्रतीक्षित यह खबर स्वर्ग में प्रकट हुई जब बैतलहम में चरवाहों के सामने एक स्वर्गदूत प्रकट हुआ और घोषणा की कि आखिरकार मसीह(Messiah) का जन्म हो गया है। उसने उनसे कहा, “इसका तुम्हारे लिए यह पता है कि तुम एक बालक को कपड़े में लिपटा हुआ और चरनी में पड़ा पाओगे” (लूका 2:12)। यीशु को देखने के बाद, चरवाहों ने परमेश्वर की स्तुति की और बालक के बारे में “कही गयी बातें प्रगट की” (पद 17)।

परमेश्वर चाहता था कि चरवाहे यह जानें कि लंबे समय से प्रतीक्षित बालक का आगमन हो गया है ताकि वे दूसरों को यीशु के जन्म के बारे में बता सकें। हम आज भी उसके जन्म का उत्सव मनाते हैं क्योंकि उसका जीवन उन सभी को संसार की टूटन से छुटकारा प्रदान करता है जो विश्वास करते हैं। अब हमें शांति और आनंद का अनुभव करने के लिए इंतज़ार नहीं करना पड़ता, जो एक ऐसा सुसमाचार है जिसकी घोषणा करना ज़रूरी है!

 

आपको क्या लगता है, चरवाहों को यह खबर सुनकर कैसा लगा होगा? आप यीशु के जन्म का सुसमाचार कैसे साझा कर सकते हैं?

यीशु, हम चाहते हैं कि सभी को पता चले कि आपका जन्म एक खुशखबरी है।