फिलिप्पियों 2:5-11
5 जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो;
6 जिसने परमेश्वर की स्वरूप में होकर भी परमेश्वर के तुल्य होने को अपने वश में रखने की वस्तु न समझा l
7 वरन् अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और मनुष्य की समानता में हो गया l
8 और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहाँ तक आज्ञाकारी रहा कि मृत्यु हाँ, क्रूस की मृत्यु भी सह ली l
9 इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान् भी किया, और उसको वह नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है,
10 कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और पृथ्वी के नीचे हैं, वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें;
11 और परमेश्वर पिता की महिमा के लिए हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है l
[उसने] अपने आप को ऐसा शून्य कर दिया, और मनुष्य की समानता में हो गया l फिलिप्पियों 2:7
एक व्यस्त सुबह भरत अपनी कार के पास खड़ा था, जो पहली ही दिन नई नौकरी पर जाते समय खराब हो गई थी। रसेल, जो अपनी मोटरसाइकिल से वहाँ से गुज़र रहा था, मदद के लिए रुका। जब उसे पता चला कि भरत शहर में नया है, तो उसने उसे अपने बहुत दूर स्थित कार्यालय तक लिफ्ट देने का प्रस्ताव रखा, साथ ही काम के बाद उसे वापस उसकी कार तक छोड़ने की भी पेशकश की। उसने भरत से कहा कि वह उसकी कार ठीक करने के लिए एक मैकेनिक का इंतज़ाम कर देगा।
यीशु द्वारा स्वर्ग से पृथ्वी पर देह धारण के लिए की गई यात्रा की तुलना में, रसेल की आने-जाने की यात्रा और अतिरिक्त मेहनत कुछ भी नहीं है। समय और स्थान से परे, यीशु ने हमारे संसार में प्रवेश किया। उसे ईश्वरीय विशेषाधिकार से अलग कर किया गया, और उसकी जगह उसे शारीरिक वस्त्र पहनाए गए और कपड़ों में लपेटा गया; “उसने अपने आप को शून्य कर दिया” (फिलिप्पियों 2:7)। परमेश्वर का मानव बनना ही अपने आप में एक पर्याप्त आश्चर्यकर्म था, लेकिन यीशु ने हमारे लिए क्रूस पर चढ़कर “अपने आप को दीन” भी किया (पद 8)।
यीशु का बलिदान इतना महान, इतना अपरिमित, इतना करुणा से परिपूर्ण था कि यीशु की ‘वापसी यात्रा’ बहुत लंबी थी, “इस कारण परमेश्वर ने उसको अति महान भी किया” (पद 9)। आज, हम मसीह के बलिदान द्वारा हमारे लिए की गई उस लंबी यात्रा पर फिर से आनन्दित हों।
यीशु के देहधारण का कौन सा पहलू आपको सबसे ज़्यादा आश्चर्यचकित करता है? कौन सा गीत या क्रिसमस गीत आपको यीशु के प्रथम आगमन
पर अचंभित करता है?
प्रार्थना : दयालु यीशु, हम में से एक बनने के लिए स्वयं को नीचा करने के लिए धन्यवाद। आपके द्वारा हमें दिखाए गए अमूल्य प्रेम के लिए धन्यवाद।