मत्ती 1:18-25
18 यीशु मसीह का जन्म इस प्रकार से हुआ, कि जब उसकी माता मरियम की मंगनी यूसुफ़ के साथ हो गयी, तो उनके इकठ्ठा होने से पहले ही वह पवित्र आत्मा की ओर से गर्भवती पाई गयी l 19 अतः उसके पति यूसुफ़ ने जो धर्मी था और उसे बदनाम करना नहीं चाहता था, उसे चुपके से त्याग देने का विचार किया l
20 जब वह इन बातों के सोच ही में था तो प्रभु का स्वर्गदूत उसे स्वप्न में दिखायी देकर कहने लगा, “हे यूसुफ़ ! दाऊद की संतान, तू अपनी पत्नी मरियम को अपने यहाँ ले आने से मत डर, क्योंकि जो उसके गर्भ में है, वह पवित्र आत्मा की ओर से है l 21 वह पुत्र जनेगी और तू उसका नाम यीशु रखना, क्योंकि वह अपने लोगों का उनके पापों से उद्धार करेगा l”
22 यह सब इसलिए हुआ कि जो जो वचन प्रभु ने भविष्यद्वक्ता के द्वारा कहा था, वह पूरा हो : 23 “देखो, एक कुँवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र जनेगी, और उसका नाम इम्मनुएल रखा जाएगा,” जिसका अर्थ है —— परमेश्वर हमारे साथ l 24 तब यूसुफ़ नींद से जागकर प्रभु के दूत की आज्ञा के अनुसार अपनी पत्नी को अपने यहाँ ले आया; 25 और जब तक वह पुत्र न जनी तब तक वह उसके पास न गया : और उक्षने उसका नाम यीशु रखा l
जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और पृथ्वी के नीचे हैं, वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें l फिलिप्पियों 2:10
सोचिए कि जिसने बीजों से पीपल के पेड़ उगाए, और जीवन को एक भ्रूण से आरम्भ किया; जिसने तारों को रचा उसने गर्भ में अपने को सीमित कर दिया; जो स्वर्ग में समा नहीं सकता, एक दिन वह अल्ट्रासाउंड में दिखाई देनेवाले एक बिंदु की तरह हो जाने वाला था l यीशु जो परमेश्वर है, खुद को शून्य कर दिया l कितना आश्चर्यचकित करने वाला विचार है!
सोचिए कि वह एक साधारण से गाँव में, चरवाहों, स्वर्गदूतों और आसमान में चमकती रोशनियों के बीच, जानवरों की मिमियाहट के रूप में अपनी पहली लोरियाँ सुनते हुए जन्म लिया l देखिए कि कैसे वह बढ़ता, और बलवंत होता गया और युवा के रूप में, बड़े सवालों के जवाब देकर उपदेशकों और शिक्षकों को चकित करता था; यर्दन नदी पर एक युवक के तौर पर, स्वर्ग से अपने पिता की मंज़ूरी प्राप्त किया; और जंगल में, कैसे वह भूख और प्रार्थना में जूझता रहा।
आगे देखिए कि कैसे वह संसार को परिवर्तित करनेवाला मिशन शुरू करता है——बीमारों को चंगा करना, कोढ़ियों को शुद्ध करना, पापियों को क्षमा करना। देखिए कि कैसे वह एक बगीचे में दुख में घुटने टेकता है और कैसे वे उसे गिरफ्तार करते हैं जबकि उसके सबसे निकट के मित्र उसे छोड़ कर भाग जाते हैं। देखो कैसे उस पर थूका जाता है और दो लकड़ी के खंभों पर कीलों से ठोंका जाता है, और संसार का पाप उसके कंधों पर था । लेकिन देखिये, हाँ देखिये, जब पत्थर लुढ़कता है, एक कब्र खोखली लगती है, क्योंकि वह जीवित है!
देखिये कैसे उसे सबसे ऊँचे स्थान पर उठाया जाता है। देखिये कैसे उसका नाम स्वर्ग और पृथ्वी को भर देता है (फिलिप्पियों 2:10–11)।
तारों को रचने वाला जो एक अल्ट्रासाउंड पर बिंदु बन गया। यह है हमारा क्रिसमस का बालक l
अगर यीशु कभी पैदा ही नहीं हुए होता तो जीवन और इतिहास कैसा होता? परमेश्वर को धन्यवाद देने के लिए आप कौन सी प्रार्थना या कविता उसको भेंट कर सकते हैं?
यीशु, खुद को कुछ भी न बनाने के लिए धन्यवाद।