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हू-आ!

अमरीकी सेना की उक्ति “हू-आ” सैन्य दस्ता द्वारा कन्ठ से उच्चारित अनुमोदन है l इसका मूल अर्थ इतिहास में खो गया, किन्तु कुछ कहते हैं यह एक पुराने परिवर्णी शब्द HUA से है - सुना गया(Heard), समझा गया(Understood), और पालन किया गया(Acknowledged) l मैंने यह शब्द आरंभिक प्रशिक्षण में सुना l

वर्षों बाद, बुधवार प्रातःकाल पुरुष बाइबल अध्ययन सभा में…

जब प्रश्न शेष हों

अक्टूबर 31, 2014 को एक प्रयोगात्मक वायुयान जांच उड़ान में टूटकर मोजावे मरुभूमि में दुर्घटनाग्रस्त हो गया l सहचालक मर गया जबकि चालक बच गया l दुर्घटना का कारण जांचकर्ता नहीं जान सके l एक अखबार ने दुर्घटना के विषय लिखा “प्रश्न शेष हैं l”

सम्पूर्ण जीवन हम संतोषजनक स्पष्टीकरण के बिना दुख अनुभव करेंगे l दूरगामी प्रभाव के साथ…

सब उसकी कृपा

हमारी जीवन यात्रा में एक आवर्तक कठिनाई क्षणिक ज़रूरतों पर अत्यधिक केन्द्रित होकर भूल जाना है कि हमारे पास क्या है l मुझे यह ताकीद मिली जब हमारी कलीसिया की गायक-मण्डली ने भजन 103 पर आधारित एक गाना गया l “हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना” (पद. 2) l हमारा प्रभु क्षमाशील,…

क्रिसमस का बलिदान

हेनरी की उत्कृष्ट कृति “The Tale of the Magi” आर्थिक संघर्ष करते एक विवाहित युवा जोड़ा, जिम और डेला की कहानी है l क्रिसमस के समय वे एक दुसरे को विशेष उपहार देना चाहते हैं, किन्तु आर्थिक तंगी के कारण वे कठोर निर्णय लेते हैं l जिम अपनी एकमात्र बहुमूल्य निधि सोने की घड़ी बेचकर डेला के खूबसूरत बालों के…

Annuals_Hindi_2016

आपके द्वारा यीशु मसीह के साथ बनाया गया रिश्ता सब रिश्तों से विशेष होगा l इसलिए हम चाहते हैं कि समस्त राष्ट्र के लोग जाने कि वह कौन है और उसके साथ व्यक्तिगत सम्बन्ध स्थापित करें l हम चाहते हैं सभी लोग अपने विश्वास में उन्नत्ति करें, मसीह के स्वरुप में और भी ढलते जाएँ, और परमेश्वर के वचन की…

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आपका सुरक्षित स्थान

मेरी बेटी और मैं एक बड़े पारिवारिक उत्सव के लिए तैयारी कर रहे थे l इसलिए कि वह उत्सव के विषय घबरायी हुई थी मैंने कहा कि मैं गाड़ी ड्राइव करुँगी l “ठीक है l किन्तु मैं अपनी कार में सुरक्षित महसूस करती हूँ l क्या आप चलाएंगी?” उसने पुछा l यह महसूस करके कि उसे मेरी गाड़ी छोटी लगती है, मैंने पूछा कि क्या मेरी गाड़ी बहुत छोटी थी l उसका उत्तर था, “नहीं, बस मेरी गाड़ी मुझे सुरक्षित लगती है l पता नहीं क्यों, मैं अपनी गाड़ी में आरामदायक महसूस करती हूँ l”

उसकी टिप्पणी ने मुझे मेरे “सुरक्षित स्थान” के सम्बन्ध में मुझे सोचने की चुनौती दी l तुरंत ही मैंने नीतिवचन 18:10 के विषय सोची, “यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है, धर्मी उसमें भागकर सब दुर्घटनाओं से बचता है l” पुराने नियम के काल में, दीवारें और पहरे की मीनार लोगों को बाहरी खतरों की चेतावनी के साथ-साथ उनकी रक्षा भी करती थीं l लेखक बताना चाहता है कि परमेश्वर का नाम, जो उसका चरित्र है, व्यक्तित्व और सब कुछ है जो वह है, उसके लोगों को वास्तविक सुरक्षा देती है l

ख़ास भौतिक स्थान खतरनाक क्षणों में इच्छित सुरक्षा देने का वादा करते हैं l तूफ़ान के मध्य एक मजबूत छत l चिकित्सीय सहायता देनेवाला एक हॉस्पिटल l एक प्रिय का गले लगाना l

आपका “सुरक्षित स्थान” क्या है? हम जहाँ भी सुरक्षा खोजते हैं, उस स्थान पर हमारे साथ परमेश्वर की उपस्थिति ही है जो हमारी ज़रूरत में हमें ताकत और सुरक्षा देती है l

जब खूबसूरती ख़त्म नहीं होती

मुझे ग्रैंड घाटी देखना पसंद है l जब मैं घाटी के किनारे खड़ा होता हूँ, मैं परमेश्वर की चौंकानेवाली कृति देखता हूँ l 

यद्यपि वह भूमि में एक (बहुत बड़ा) “गड्ढा” है, ग्रैंड घाटी मुझे स्वर्ग पर विचार करने हेतु विवश करता है l एक बारह वर्षीय ईमानदार युवक ने एक बार मुझ से पूछा, “क्या स्वर्ग अरुचिकर नहीं होगा? क्या आप नहीं सोचते कि हम हमेशा परमेश्वर की प्रशंसा करते हुए थक जाएंगे?” किन्तु यदि भूमि में एक “गड्ढा” इतना जबरदस्त खुबसूरत है और हम उसे देखते नहीं थकते हैं, हम खूबसूरती के श्रोत-हमारे प्रेमी सृष्टिकर्ता-को नयी सृष्टि के सम्पूर्ण असली आश्चर्य में एक दिन देखने की कल्पना ही कर सकते हैं l

“एक वर मैंने यहोवा से माँगा है, उसी के यत्न में लगा रहूँगा; कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊं, जिससे यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूँ,” (भजन 27:4) दाऊद ने इन शब्दों को लिखते हुए यह इच्छा प्रगट की l परमेश्वर की उपस्थिति से सुन्दर कुछ नहीं, जो इस पृथ्वी पर हमारे निकट आती है जब हम भविष्य में उसका चेहरा आमने-सामने देखने की चाह में उसे विश्वास से खोजते हैं l

उस दिन हम अपने अद्भुत प्रभु की प्रशंसा करते हुए नहीं थकेंगे, क्योंकि हम उसकी उत्तम भलाई और उसके हाथों के कार्य के आश्चर्य की तरोताज़गी, और नयी खोज के अंत में कभी नहीं पहुंचेंगे l उसकी उपस्थिति उसकी खूबसूरती और उसके प्रेम का असाधारण प्रकाशन प्रगट करेगी l

हमारे पास सामर्थ्य है

कड़कड़ाहट की आवाज़ ने मुझे चौंका दिया l मैं आवाज़ को पहचानकर रसोई की ओर भागी l मैंने भूल से कॉफ़ी बनाने वाला बिजली का उपकरण ऑन कर दिया था l मैंने उपकरण का प्लग हटाकर, उसके तले को छूकर देखना चाही कि टाइल का काउंटर पैर रखने लायक बहुत गर्म तो नहीं है l उसके चिकने भाग से मेरी उंगलियाँ जल गयीं, और मेरे कोमल पैरों में छाले हो गए l

मेरे पति द्वारा मेरे घाव में दावा लगाते समय मैंने अपना सिर हिलाया l मैं जानती थी कि कांच गरम होगा l “मैं ईमानदारी से कहती हूँ, मुझे नहीं मालुम मैंने उसे क्यों छू दिया,” मैं बोली l

मेरी गलती ने मुझे वचन में एक गंभीर विषय, पाप के स्वभाव के विषय पौलुस का प्रतिउत्तर याद दिलाया l

प्रेरित स्वीकारता है कि जो वह करता है उस को नहीं जानता; क्योंकि जो वह चाहता है वह नहीं करता (रोमि. 7:15) l स्वीकार करते हुए कि वचन सही और गलत को निश्चित करता है (पद.7), वह पाप के विरुद्ध शरीर और आत्मा के बीच निरंतर चलनेवाली जटिल और वास्तविक युद्ध को पहचानता है (पद.15-23) l वह अपनी दुर्बलता स्वीकारते हुए, वर्तमान और सर्वदा की विजय की आशा प्रस्तुत करता है (पद.24-25) l

जब हम मसीह को अपना जीवन समर्पित करते हैं, वह हमें पवित्र आत्मा देता है जो हमें सही करने के लिए सामर्थी बनाता है (8:8-10) l जब वह हमें परमेश्वर का वचन मानने के लिए आज्ञाकारी बनाता है, हम झुलसाने वाले पाप से दूर हो सकते हैं जो हमें उस बहुतायत के जीवन से दूर करता है जो परमेश्वर अपने प्रेम करनेवाले को देने की प्रतिज्ञा की है l