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Articles by Jasmine Goh

हे प्रभु, मेरे हृदय को जाँच

भोजन की बर्बादी को कम करने के लिए, सिंगापुर में एक सुपरमार्केट श्रृंखला थोड़े दागदार फल और सब्जियाँ कम कीमतों पर बेचती है। एक वर्ष में, इस पहल से 850 टन (778,000 किलोग्राम) से अधिक उपज की बचत हुई, जिसे पहले सुंदरता मानकों को पूरा न करने के कारण फेंक दिया जाता था। दुकानदारों को जल्द ही पता चला कि बाहरी दिखावे- निशान और विचित्र आकार, स्वाद और पोषण मूल्य को प्रभावित नहीं करते हैं। बाहर क्या है यह हमेशा यह निर्धारित नहीं करता कि अंदर क्या है।

भविष्यवक्ता शमूएल ने भी यह सबक सीखा जब उसे परमेश्वर द्वारा इस्राएल के अगले राजा का अभिषेक करने के लिए भेजा गया था (1 शमूएल 16:1)। जब उसने यिशै के ज्येष्ठ पुत्र एलीआब को देखा, तो शमूएल ने सोचा कि वह चुना हुआ है। परन्तु परमेश्‍वर ने कहा: “न तो उसके रूप पर दृष्टि कर, और न उसके डील की ऊंचाई पर, क्योंकि मैं ने उसे अयोग्य जाना है; क्योंकि यहोवा का देखना मनुष्य का सा नहीं है; मनुष्य तो बाहर का रूप देखता है, परन्तु यहोवा की दृष्टि मन पर रहती है।” ( पद 7)। यिशै के आठ पुत्रों में से, परमेश्वर ने सबसे छोटे पुत्र दाऊद को, जो अपने पिता की भेड़ों की देखभाल कर रहा था (पद 11) को अगला राजा चुना।

यहोवा को बाहरी रूप की तुलना में हमारे मनों की अधिक चिंता है - हमने किस स्कूल में पढ़ाई की, हम क्या कमाते हैं, या हम कितनी स्वेच्छा से काम करते हैं। यीशु ने अपने शिष्यों को अपने मनों को स्वार्थी और बुरे विचारों से शुद्ध करने पर ध्यान केंद्रित करना सिखाया क्योंकि “जो मनुष्य में से निकलता है वही मनुष्य को अशुद्ध करता है” (मरकुस 7:20)। जैसे शमूएल ने बाहरी दिखावे पर विचार न करना सीखा, यहोवा की सहायता से, क्या हम, परमेश्वर की सहायता से, जो कुछ भी करते हैं उसमें अपने मनों , अपने विचारों और इरादों की जाँच कर सकते हैं । जैस्मिन गोह

 

स्वर्ग में स्वामी

सिंगापुर के मिनिस्ट्री ऑफ मैनपावर (जनशक्ति मंत्रालय) ने 2022 में घोषणा की कि सभी प्रवासी घरेलू मज़दूरों को छुट्टी देने के बजाय महीने में कम से कम एक दिन का विश्राम दिया जाना चाहिए, जिसका मुआवज़ा मालिक उन्हें नहीं दे सकते। हालाँकि, मालिक चिंतित थे कि उन दिनों उनके प्रियजनों की देखभाल के लिए उनके पास कोई नहीं होगा। जबकि देखभाल की संचालन व्यवस्था का वैकल्पिक प्रबंध करके हल किया जा सकता था, लेकिन विश्राम की आवश्यकता को न देखने के उनके रवैये को हल करना उतना आसान नहीं था।

दूसरों के साथ विचारपूर्वक व्यवहार करना कोई नया मुद्दा नहीं है। प्रेरित पौलुस जिस समय में रहते थे तब नौकरों को उनके मालिकों की संपत्ति के रूप में देखा जाता था। फिर भी, मसीह–समान घरों को कैसे संचालित करना चाहिए, इस पर कलीसिया को अपने निर्देशों की अंतिम पंक्ति में, वह कहते हैं कि स्वामियों को अपने सेवकों के साथ “न्यायपूर्वक” व्यवहार करना चाहिए (कुलुस्सियों 4:1)। एक अन्य अनुवाद कहता है, “उनके साथ निष्पक्ष रहें”।

जैसे पौलुस सेवकों को कहते है “जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो,यह समझकर कि मनुष्यों के लिए नहीं परन्तु प्रभु के लिए करते हो” (3:23), वह स्वामियों को भी उनके ऊपर यीशु के अधिकार की याद दिलाते है : “स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्वामी है” (4:1)I उनका उद्देश्य कुलुस्से के विश्वासियों को उन लोगों के रूप में जीने के लिए प्रोत्साहित करना था जिनका अंतिम अधिकारी मसीह है। दूसरों के साथ हमारे आपसी व्यवहार में - चाहे एक मालिक, कर्मचारी के रूप में, हमारे घरों या समुदायों में - हम परमेश्वर से “सही और निष्पक्ष” काम करने में मदद करने के लिए कह सकते हैं (पद- 1)। जैस्मिन गोह

 

पूरी तरह से मसीह के प्रति समर्पित

1920 में, एक चीनी पास्टर की छठी संतान जॉन सुंग को संयुक्त राज्य अमेरिका के एक विश्वविद्यालय में अध्ययन करने के लिए छात्रवृत्ति मिली। उन्होंने सर्वोच्च सम्मान के साथ स्नातक की उपाधि प्राप्त की, अधिस्नातक कार्यक्रम पूरा किया और पीएचडी प्राप्त की। लेकिन पढ़ाई करते-करते वह परमेश्वर से दूर हो गये थे। फिर, 1927 में एक रात, उन्होंने अपना जीवन मसीह को समर्पित कर दिया और उपदेशक बनने के लिए बुलाया गया महसूस किया।

चीन में उच्च-वेतन वाले कई अवसर उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन जहाज से घर लौटते समय, उसे पवित्र आत्मा द्वारा अपनी महत्वाकांक्षाओं को त्यागने के लिए समझाया। अपनी प्रतिबद्धता के प्रतीक के रूप में, उन्होंने अपने सभी पुरस्कार समुद्र में फेंक दिए, अपने माता-पिता को उनके प्रति सम्मान के कारण देने के लिए केवल अपना पीएचडी प्रमाणपत्र ही रखा। जॉन सुंग ने समझा कि यीशु ने उनके शिष्य बनने के बारे में क्या कहा था : "यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे और अपने प्राण की हानि उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? (मरकुस 8:36) जैसा कि हम स्वयं को अस्वीकार करते हैं और मसीह और उनके नेतृत्व का अनुसरण करने के लिए अपने पुराने जीवन को पीछे छोड़ देते हैं (पद.34-35), इसका मतलब व्यक्तिगत इच्छाओं और भौतिक लाभ का त्याग करना हो सकता है जो हमें उसका अनुसरण करने से विचलित करते हैं।

अगले बारह वर्षों तक, जॉन ने पूरे चीन और दक्षिण पूर्व एशिया में हजारों लोगों को सुसमाचार का प्रचार करते हुए, अपने परमेश्वर द्वारा दिया गया मिशन को पूरे दिल से पूरा किया। हमारे बारे में क्या है? हमें प्रचारक या मिशनरी बनने के लिए नहीं बुलाया जा सकता है, परन्तु अपनी आत्मा के द्वारा हम में कार्य करके, जहाँ कहीं परमेश्वर हमें सेवा करने के लिये बुलाता है, क्या हम पूरी तरह से उसके प्रति समर्पित हो सकते हैं। जैस्मिन गो

परमेश्वर पर निर्भर हों

कुछ दोस्तों के साथ एक वाटर पार्क में, हमने हवा से भरे हुए प्लेटफॉर्म से बने एक तैरते हुए बाधा मार्ग(obstacle course) को पार करने का प्रयास किया। उछलता हुआ, फिसलन भरे प्लेटफॉर्म ने सीधे चलना लगभग असंभव बना दिया। जब हम रैंप (ढलवाँ मार्ग), चट्टानों और पुलों पर लड़खड़ाते हुए आगे बढ़े, तो हम पानी में गिर गए और हम चीखने लगे। एक कोर्स पूरा करने के बाद, मेरी दोस्त, पूरी तरह से थक गई, सांस लेने के लिए एक “टावर” पर झुक गई। लगभग तुरंत, उसके वजन के कारण टावर पानी में गिर गया ।

वाटर पार्क में मौजूद कमजोर मीनारों के विपरीत, बाइबल के समय में, टावर, रक्षा और सुरक्षा के लिए एक गढ़ था। न्यायियों 9:50-51 में बताया गया है कि कैसे थेबेज़ के लोग अपने शहर पर अबीमेलेक के हमले से बचने के लिए “एक मजबूत गुम्मट” की ओर भाग गए। नीतिवचन 18:10 में, लेखक ने एक मजबूत मीनार की छवि का उपयोग यह वर्णन करने के लिए किया कि परमेश्वर कौन है - वह जो उन लोगों को बचाता है जो उस पर भरोसा करते हैं 

हालाँकि, कभी-कभी, जब हम थक जाते हैं या हार जाते हैं तो परमेश्वर की मजबूत मीनार पर झुकने की बजाय, हम सुरक्षा और समर्थन के लिए अन्य चीज़ें तलाशते हैं—करियर(जीविका), रिश्ते, या सांसारिक सुख-सुविधाएँ। हम उस अमीर व्यक्ति से भिन्न नहीं जो अपने धन में ताकत तलाशता था (पद.11)। लेकिन जिस तरह हवा से भरा टावर(मीनार) मेरी सहेली की मदद नहीं कर सका, उसी तरह ये चीज़ें हमें वो नहीं दे सकतीं जिसकी हमें  ज़रूरत है। परमेश्वर  - जो सर्वशक्तिमान है और सभी स्थितियों पर नियंत्रण रखता है - सच्चा आराम और सुरक्षा प्रदान करता है।

—    जैसमीन गो

परमेश्वर के लिए अनमोल

 
एक लड़के के रूप में, मिंग को अपने पिता कठोर और दूर-दूर के लगते थे। यहाँ तक कि जब मिंग बीमार था और उसे बाल रोग विशेषज्ञ के पास जाना था, तब भी उसके पिता ने शिकायत की कि यह परेशानी भरा है। एक बार, उसने एक झगड़े की आवाज़ सुनी और उसे उसे पता चला कि जब वह अपनी माता के गर्भ में था तो उसके पिता उसकी मां का गर्भपात करवाना चाहते थे।  एक अनचाहा बच्चे होने का एहसास उसके वयस्क होने तक उसके साथ रहा। जब मिंग यीशु में विश्वास करने लगा, तो उसे पिता के रूप में परमेश्वर से संबंध बनाना मुश्किल लगा, हालाँकि वह उसे अपने जीवन का स्वामी मानता था।  
 
अगर, मिंग की तरह, हमें अपने सांसारिक पिताओं से प्यार नहीं मिला है, तो हमें परमेश्वर के साथ अपने रिश्ते में इसी तरह की शंकाओं का सामना करना पड़ सकता है। हम सोच सकते हैं, क्या मैं उसके लिए बोझ हूँ? क्या उसे मेरी परवाह है? लेकिन जब हमारे सांसारिक पिता चुप और दूर रहे होंगे, तब हमारा स्वर्गीय पिता परमेश्वर करीब आता है और कहता है, "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" (यशायाह 43:4)। 
 
यशायाह 43 में, परमेश्वर हमारे सृष्टिकर्ता और पिता के रूप में बोलते हैं। यदि आप सोच रहे हैं कि क्या वह चाहता है कि आप उसके परिवार के हिस्से के रूप में उसकी देखभाल में रहें, तो सुनें कि उसने अपने लोगों से क्या कहा: " मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी के छोर से ले आओ " (  पद 6)। यदि आप सोच रहे हैं कि आप उसके लिए कितने मूल्यवान हैं, तो उसकी पुष्टि सुनें: " मेरी दृष्‍टि में तू अनमोल और प्रतिष्‍ठित ठहरा है। " ( पद 4)। परमेश्वर हमसे इतना प्यार करता है कि उसने यीशु को पाप का दंड चुकाने के लिए भेजा ताकि हम जो उस पर विश्वास करते हैं, हमेशा उसके साथ रह सकें (यूहन्ना 3:16)। उसने जो कहा और जो उसने हमारे लिए किया है, उसके कारण हम पूरा भरोसा रख सकते हैं कि वह हमें चाहता है और हमसे प्यार करता है।  
 
— जैस्मिन गोह