यूहन्ना 10:1-11 

1 “मैं तुमसे सच सच कहता हूँ कि जो कोई द्वार से भेड़शाला में प्रवेश नहीं करता, परन्तु किसी दूसरी ओर से चढ़ जाता है, वह चोर और डाकू है l 2 परन्तु जो द्वार से भीतर प्रवेश करता है वह भेड़ों का चरवाहा है l 3 उसके लिए द्वारपाल द्वार खोल देता है, और भेड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले लेकर बुलाता है और बाहर ले जाता है l

4 जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उनके आगे आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे पीछे हो लेती हैं, क्योंकि वे उसका शब्द पहचानती हैं l 5 परन्तु वे पराये के पीछे नहीं जाएँगी, परन्तु उससे भागेंगी, क्योंकि वे परायों का शब्द नहीं पहचानतीं l” 6 यीशु ने उनसे यह दृष्टांत कहा, परन्तु वे न समझे कि ये क्या बातें हैं जो वह हम से कहता है l

तब यीशु ने उनसे फिर कहा, “मैं तुम से सच सच कहता हूँ, भेड़ों का द्वार मैं हूँ l 8 जितने मुझ से पहले आए वे सब चोर और डाकू हैं, परन्तु भेड़ों ने उनकी न सुनी l 9 द्वार मैं हूँ; यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे, तो उद्धार पाएगा, और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा l 10 चोर किसी और काम के लिए नहीं परन्तु केवल चोरी करने और घात करने और नष्ट करने को आता है; मैं इसलिए आया कि वे जीवन पाएँ, और बहुतायत से पाएँ l 11 अच्छा चरवाहा मैं हूँ; अच्छा चवाहा भेड़ों के लिए अपना प्राण देता है l  

    

वे पराए के पीछे नहीं जाएँगी . . . वे परायों का शब्द नहीं पहचानतीं l  

यूहन्ना 10:5

जब मैंने उसे पाया, तो वह भूखी, गंदी और ध्यान पाने के लिए बेताब होकर म्याऊँ-म्याऊँ कर रही थी। उसे पशु चिकित्सक के पास ले जाकर और उसे खाना खिलाने के बाद, जिस बिल्ली का मैंने नाम डेज़ी रखा था, वह मेरे साथ अपने नए घर में आ गई।

पहले तो वह किसी के भी पास चली जाती और उसकी गोद में चढ़ जाती थी। लेकिन अब जब वह मुझसे जुड़ गई है, तो वह मेरा साथ नहीं छोड़ती। उसे मेरी बिल्ली बनना बहुत पसंद है——मेरे बगल में सोना और हर जगह मेरे पीछे-पीछे चलना। वह पहले से कहीं ज़्यादा आत्मविश्वासी है, लेकिन अजनबियों से ज़्यादा सावधान रहती है।

जब हम अत्यधिक ज़रूरत में थे तब यीशु ने हमें पाया। पाप और लज्जा ने हमें गंदा और प्यार भरे पुनर्स्थापन के लिए बेताब महसूस कराया। हमें भेड़ों के समान बताते हुए, और खुद को “अच्छा चरवाहा” कहते हुए, यीशु ने सिखाया, “यदि कोई मेरे द्वारा भीतर प्रवेश करे, तो उद्धार पाएगा, और भीतर बाहर आया जाया करेगा और चारा पाएगा” (यूहन्ना 10:9)। वह हमें बचाता है, हमें शुद्ध करता है, हमारी ज़रूरतें पूरी करता है और हमारी अगुवाई करता है।

जब हम संसार में दूसरी आवाज़ें सुनते हैं जो हमें एक अलग जीवन शैली अपनाने के लिए आमंत्रित करती हैं——यीशु की ओर से ‘आगे बढ़ने’ के लिए—तो हम मेरी बिल्ली की तरह प्रतिक्रिया दें। “[मेरी भेड़ें] पराये के पीछे नहीं जाए’गी; परन्तु उससे दूर जाएँगी क्योंकि वे परायों का शब्द नहीं पहचानतीं” (पद 5)।

यीशु, अच्छे चरवाहे ने हमें बचाया है। और हमें उसकी भेड़ होना अच्छा लगता है, जैसे डेज़ी को मेरी बिल्ली होना अच्छा लगता है। वह हमें “बहुतायत का जीवन” देने में प्रसन्न होता है (पद 10)।                                 डेबी फ्रोलिक

यीशु से जुड़े होने में आपको सबसे ज़्यादा क्या अच्छा लगता है? आप उस जीवन की पूर्णता का वर्णन कैसे करेंगे जो वह आपको देता है?

यीशु, मुझे ढूँढ़ने, मुझे बचाने, मुझे पुनर्स्थापित करने

और मुझे अपना बनाने के लिए धन्यवाद। मुझे आपका होना अच्छा लगता है।