Our Authors

सब कुछ देखें

Articles by आदम अर होल्ज़

अनुग्रह का पुनः ताज़ा होना

पिछले कई दशकों में, एक नया शब्द हमारी फिल्म शब्दावली में शामिल हो गया है : रिबूट(reboot) सिनेमाई बोलचाल में एक रिबूट(reboot) एक पुरानी कहानी लेता है और उसे आरम्भ/जम्पस्टार्ट(jumpstart) करता हैl कुछ रिबूट एक सुपर हीरो कहानी या एक परी की कहानी की तरह एक परिचित कहानी को फिर से बताते हैंl अन्य रिबूट(reboot) एक कम-परिचित कहानी लेते हैं और इसे नए तरीके से फिर से बताते हैं l लेकिन प्रत्येक मामले में, एक रिबूट पुनः करने(do-over) जैसा होता हैl यह एक नयी शुरुआत है, पुराने में नयी जान फूंकने का मौका है l 

एक और कहानी है जिसमें रिबूट शामिल है— सुसमाचार की कहानी l इसमें, यीशु हमें क्षमा के अपने प्रस्ताव के साथ-साथ भरपूर और अनंत जीवन के लिए आमंत्रित करता है (यूहन्ना 10:10) और विलापगीत की पुस्तक में, यिर्मयाह हमें याद दिलाता है कि हमारे लिए परमेश्वर का प्रेम हर दिन एक प्रकार का “पुनः आरम्भ” करता है : “हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है l प्रति भोर वह नयी होती रहती है; तेरी सच्चाई महान् है l (3:22-23) 

परमेश्वर का अनुग्रह हमें उसकी विश्वासयोग्यता का अनुभव करने के एक नए अवसर के रूप में प्रत्येक दिन को गले लगाने के लिए आमंत्रित करता है l चाहे हम अपनी गलतियों के प्रभाव से संघर्ष कर रहे हों या अन्य कठिनाइयों से गुजर रहे हों, परमेश्वर की आत्मा प्रत्येक नए दिन में क्षमा, नया जीवन और आशा की सांस दे सकती है l हर दिन एक तरह का रिबूट है, महान निदेशक के नेतृत्व का अनुसरण करने का एक अवसर है, जो हमारी कहानी को अपने बड़ी योजना में बुन रहा है l

पूरी तरह से साफ हो गया

हाल ही में, मैं और मेरी पत्नी मेहमानों के आने से पहले अपने घर की सफाई कर रहे थे। मैंने अपने सफेद किचन (रसोई) टाइल के फ़र्श पर कुछ गहरे दाग देखे – ऐसे दाग जिनके लिए मुझे अपने घुटनों पर झुककर रगड़ने की आवश्यकता पड़ती।

लेकिन मुझे जल्द ही एक गहरी निराशा का अहसास हुआ:कि जितना अधिक मैंने उन्हें साफ़ किया, उतने ही मुझे अन्य दाग भी दिखाई दिए। मेरे द्वारा हटाए गए प्रत्येक दाग ने केवल दूसरे दागों को और अधिक स्पष्ट किया। हमारी रसोई का फर्श अचानक बहुत गंदा लगने लगा। और हर पल के साथ मुझे एहसास हुआ, चाहे मैं कितनी भी मेहनत कर लूं, मैं इस फ़र्श को कभी भी पूरी तरह से साफ नहीं कर सकता।

पवित्रशास्त्र आत्म-शुद्धि के बारे में भी कुछ ऐसा ही कहता है - स्वयं पाप से निपटने के हमारे सर्वोत्तम प्रयास हमेशा कम पड़ जाते हैं। परमेश्वर के लोगों, इस्राएलियों के प्रति निराश होते हुए, सदैव उसके उद्धार का अनुभव करते हुए (यशायाह 64:5) भविष्यवक्ता यशायाह ने लिखा

“हम तो सब के सब अशुद्ध मनुष्य के से हैं, और हमारे सब धर्म के काम मैले चिथड़ों के समान हैं।“(पद:6)

लेकिन यशायाह जानता था कि परमेश्वर की भलाई के द्वारा हमेशा आशा रहती है। इसलिए उसने प्रार्थना की, “हे यहोवा, तू हमारा पिता है। देख, हम तो मिट्टी हैं, तू कुम्हार है” (पद. 8)वह जानता था कि जिसे हम साफ नहीं कर सकते उसे केवल परमेश्वर ही है जो साफ़ कर सकता जब तक कि गहरे दाग "बर्फ के समान उजले" न हो जाएँI (1:18)

हम अपनी आत्मा पर लगे पाप के दाग और धब्बों को साफ़ नहीं कर सकते। शुक्र है कि हम उसके द्वारा उद्धार प्राप्त कर सकते हैं जिसका बलिदान हमें पूरी तरह से शुद्ध होने की अनुमति देता है (1 यूहन्ना 1:7)

कॉफी की गन्ध वाली साँस

क्ई साल पहले एक सुबह मैं अपनी कुर्सी पर बैठा था, जब मेरी सबसे छोटी बच्ची नीचे आयी। वह दौडती हुई सीधी मेरे पास आई और उछल कर मेरी गोद में बैठ गई। मैंने एक पिता की तरह उसे चिपटा लिया  और सिर पर एक कोमल चुंबन दिया, और वह खुशी से चिल्लायी। लेकिन फिर उसने अपनी भौंह को सिकोड़ लिया, अपनी नाक सिकोड़ ली, और मेरे कॉफी मग पर एक आरोप लगाने वाली नज़र डाली। उसने गंभीरता से घोषणा की “डैडी, मैं आपको प्यार करती हूँ, और आप मुझे अच्छे लगते हैं, लेकिन मुझे आपकी गंध पसंद नहीं है।”

मेरी बेटी यह नहीं जान सकती थी, लेकिन उसने शालीनता और सच्चाई से बात की: वह मेरी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती थीए लेकिन उसने मुझे कुछ बताने के लिए मजबूर महसूस किया। और कभी कभी हमे  अपने रिश्तों में ऐसा करने की ज़रूरत होती है।

इफिसियों 4 में, पौलुस इस बात पर ध्यान देता है कि हम एक दूसरे से कैसे संबंधित हैं,खासकर  कठिन सत्य बोलते समय। “अर्थात् सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो” (पद 2)। नम्रता, दीनता और धैर्य हमारे संबंध का आधार बनाते हैं। उन चारित्रिक गुणों को विकसित करने से जैसे ईश्वर हमारा मार्गदर्शन करता है,  “हमें प्रेम में सच्चाई से चलते  हुये” (पद 15) में मदद मिलेगी और उस संवाद को खोजने में  मदद होगी  /जो  आवश्यकता के अनुसार औरों के निर्माण में सहायक हो” (पद 29) ।

अपनी कमजोरियों के बारे में किसी को भी सामना करना पसंद नहीं है। लेकिन जब हमारे बारे में कुछ  “गंध” आती है, तो परमेश्वर हमारे जीवन में अनुग्रह, सच्चाई, नम्रता और  सभ्यता  लाने के  वफादार दोस्तों का उपयोग  कर सकते हैं।

शालोम(शान्ति) के प्रतिनिधि

2015 में, कोलोराडो स्प्रिंग्स, कोलोराडो में स्थानीय सेवाकाइयों ने मिलकर शहर की सेवा की और COSILoveYou(City Gospel Movement/शहर सुसमाचार आन्दोलन) का जन्म हुआ l प्रत्येक पतझड़ में, सिटीसर्व(CityServe) नामक एक कार्यक्रम में, समूह विश्वासियों को समुदाय की सेवा के लिए भेजता है l

कई साल पहले, मुझे और मेरे बच्चों को सिटीसर्व(CityServe) के दौरान शहर के केंद्र में एक प्राथमिक विद्यालय में भेजा गया था l हम ने सफाई की l हमने खरपतवार निकाली l और हमने एक कला परियोजना पर काम किया, एक चेन-लिंक बाड़ के द्वारा रंगीन प्लास्टिक टेप को इस तरह लगाया कि यह पहाड़ों जैसा लगे l सरल, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से सुन्दर l 

जब भी मैं स्कूल के पास से गुजरता हूँ, हमारी विनम्र कला परियोजना मुझे यिर्मयाह 29 की याद दिलाती है l वहाँ, परमेश्वर ने अपने लोगों को बसने और जिस शहर में वे थे, उसकी सेवा करने का निर्देश दिया, भले ही वे निर्वासन में थे और वहाँ रहना नहीं चाहते थे l  

नबी ने कहा, “जिस नगर में मैं ने तुम को बंदी करके भेज दिया है, उसके कुशल का यत्न किया करो और उसके हित के लिए यहोवा से प्रार्थना किया करो”(पद.7) l यहाँ शांति शब्द इब्री भाषा में शालोम(Shalom) है l और इसमें सम्पूर्णता और समृद्धि का विचार शामिल है जिसे केवल परमेश्वर की भलाई और छुटकारा ही ला सकती है l 

आश्चर्यजनक रूप से, परमेश्वर हममें से हर एक को शालोम/शांति के अपने प्रतिनिधि/एजेंट बनने के लिए आमंत्रित करता है—ठीक वहीँ जहां हम हैं l हमें उन जगहों पर सुन्दरता उत्पन्न करने और सरल, ठोस तरीकों से उद्धार/छुटकारा का अभ्यास करने के लिए आमंत्रित किया गया है जहाँ उसने हमें रखा है l 

अधिक महान महिमा

कभी-कभी आश्चर्यजनक रूप से आत्मिक संदेश जहाँ हम सोचते नहीं एसे स्थानों में मिल जाते हैं, जैसे उदाहरण के लिए एक कॉमिक बुक में। मार्वल कॉमिक्स के प्रकाशक, स्टैन ली का 2018 में निधन हो गया, वे अपने पीछे स्पाइडर-मैन, आयरन मैन, फैंटास्टिक फोर, हल्क और कई अन्य जैसे प्रतिष्ठित नायकों की विरासत छोड़ गए। 

हमेशा मुस्कुराते हुए और धूप का चश्मा पहने, एक प्रसिद्ध व्यक्ति का एक व्यक्तिगत तकियाकलाम था जिसे वह, जिसे वह दशकों से मार्वल कॉमिक्स में मासिक कॉलम में हस्ताक्षरित करता था - यह शब्द एक्सेलसियर था। 2010 में, ली ने इसका अर्थ समझाया: "'ऊपर और आगे, अधिक से अधिक गौरव की ओर!' मैं तुम्हारे लिए यही कामना करता हूं...एक्सेलसियर!"

मुझे यह पसंद आया। स्टैन ली को इसका एहसास था या नहीं, पर उनका इस असामान्य वाक्यांश का उपयोग निश्चित रूप जो पौलुस ने फिलिप्पियों को लिखा था, उसके साथ मेल खाता है जब वह विश्वासियों को पीछे नहीं, बल्कि आगे और ऊपर की ओर देखने की सलाह देता है: "लेकिन यह एक काम मैं करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।” (पद 13-14)।

हम आसानी से पछतावे या पिछले निर्णयों के बारे में दूसरे अनुमान लगाने में फंस सकते हैं। लेकिन मसीह में, हमें पछतावों को त्यागने और उस क्षमा और उद्देश्य को अपनाने के द्वारा से परमेश्वर की अति महान महिमा की ओर बढ़ने के लिए आमंत्रित किया गया है जो वह इतनी दयालुता से हमें देता है! एक्सेलसियर!

मैं केवल चालक हूँ

“पिताजी, क्या मैं अपनी सहेली के संग रात बिता सकती हूँ?” मेरी बेटी ने अभ्यास के बाद कार में बैठते हुए पुछा l “प्रिय, तुम्हें उत्तर मालूम है,” मैंने कहा l “मैं केवल ड्राईवर हूँ l मुझे नहीं पता क्या हो रहा है l चलो माँ से बात करते हैं l”

“मैं केवल ड्राईवर हूँ” हमारे घर में एक मजाक बन गया है l प्रतिदिन, मैं अपनी व्यवस्थित पत्नी से पूछता हूँ कि मुझे कहाँ, कब रहना है और मैं किसे कहाँ ले जा रहा हूँ l तीन किशोरों के साथ, एक “टैक्सी ड्राईवर” के रूप में मेरा अतिरिक्त कार्य कभी-कभी दूसरी नौकरी की तरह महसूस होती है l अक्सर, मैं वह नहीं जानता जो मैं नहीं जानता l इसलिए, मुझे कैलेंडर में रिकॉर्ड रखने वाले से जांच करनी होगी l 

मत्ती 8 में, यीशु का सामना एक ऐसे व्यक्ति से हुआ जो निर्देश लेने और देने के बारे में भी कुछ जानता था l इस आदमी, रोमी सूबेदार, ने समझा कि यीशु के पास चंगा करने का अधिकार था, जैसे सूबेदार के पास उसके अधीन लोगों को आदेश जारी करने का अधिकार था l “केवल मुख से कह दे और मेरा सेवक चंगा हो जाएगा l क्योंकि मैं भी पराधीन मनुष्य हूँ, और सिपाही मेरे अधीन हैं” (पद.8-9) l मसीह ने उस व्यक्ति के विश्वास की सराहना की (पद.10,13), यह जानकार आश्चर्यचकित हुआ कि वह समझ गया कि उसका अधिकार कार्य में कैसा दिखता है l 

तो हमारा क्या? यीशु से मिलने वाले दैनिक कार्यों के लिए उस पर भरोसा करना कैसा लगता है? क्योंकि भले ही हम सोचते हैं कि हम “सिर्फ चालक” हैं, प्रत्येक कार्य का एक अलग अर्थ और उद्देश्य होता है l 

यीशु दाग ​​हटाता है

"क्या आप। मज़ाक कर रहे  है?!" मैं चिल्लाया, मै ड्रायर (सुखाने की मशीन) को पकड कर अपनी कमीज़ ढूंढ रहा था। ओह! मुझे मिल गई  और यह क्या मुझे कुछ और भी मिला। मेरी सफेद कमीज़ पर स्याही का धब्बा था। वास्तव में, यह जगुआर की खाल जैसा दिखता था! वास्तव में  स्याही के धब्बों ने सब कुछ खराब कर दिया था। मैंने अपनी जेबे नहीं देखीं थीं।  और एक पैन था जो लीक कर गया था जिससे सब पर धब्बे पड गये थे।

पवित्रशास्त्र अक्सर पाप का वर्णन करने के लिए धब्बा (दाग) शब्द का उपयोग करता है। दाग किसी चीज़ के कपड़े में घुस जाता है और उसे बर्बाद कर देता है। और इस प्रकार परमेश्वर ने, भविष्यवक्ता यिर्मयाह के माध्यम से बोलते हुए, पाप का वर्णन किया, और अपने लोगों को याद दिलाया कि उनका दाग साफ करना उनकी क्षमता से परे है: "यद्यपि आप अपने आप को साबुन से धोते हैं, फिर भी आपके अपराध का दाग अभी भी मेरे सामने है” (यिर्मयाह 2:22)। 

शुक्र है, पाप को अंतिम शब्द नहीं मिलता। यशायाह 1:18 में, हम परमेश्वर का वादा सुनते हैं कि वह हमें पाप के दाग से शुद्ध कर सकता है: “ तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तौभी वे हिम की नाईं उजले हो जाएंगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तौभी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएंगे।" 

मैं अपनी शर्ट से स्याही का दाग नहीं हटा सका। न ही मैं अपने पाप का दाग मिटा सकता हूँ। भला है, परमेश्वर हमें मसीह में शुद्ध करते हैं, जैसा कि 1 यूहन्ना 1:9 वादा करता है: "यदि हम अपने पापों को स्वीकार करते हैं, तो वह विश्वासयोग्य और न्यायी है और हमारे पापों को क्षमा करेगा और हमें सभी अधर्म से शुद्ध करेगा।"

 

परमेश्वर द्वारा दिए गए व्यक्तित्व और वरदान

दशकों पहले, मैं एक कॉलेज रिट्रीट में गया था जहाँ हर कोई व्यक्तित्व परीक्षण के बारे में बात कर रहा था। "मैं एक आई एस टी जे हूं!" एक ने कहा। दूसरे ने चहकते हुए कहा, "मैं एक ई एन एफ पी हूं"। मैंने सबको भरमाते हुए कहा, "मैं ए बी सी एक्स वाई जेड हूं," मैंने मजाक किया।

तब से, मैंने मायर्स-ब्रिग्स मूल्यांकन नामक उस व्यक्तित्व परीक्षण के बारे में बहुत कुछ सीखा है। मैं उन्हें रोचक पाता हूं क्योंकि वे हमें खुद को और दूसरों को समझने में मदद कर सकते हैं, मददगार, प्रकट कर देने वाले तरीकों से - हमारी प्राथमिकताओं, शक्तियों और कमजोरियों पर प्रकाश डालते हुए। बशर्ते हम उनका अत्यधिक उपयोग न करें, वे एक उपयोगी उपकरण हो सकते हैं जिसका उपयोग परमेश्वर हमें बढ़ने में मदद करने के लिए करते हैं।

पवित्रशास्त्र हमें व्यक्तित्व परीक्षण पेश नहीं करता है। लेकिन यह परमेश्वर की दृष्टि में प्रत्येक व्यक्ति की विशिष्टता की पुष्टि करता है (भजन 139:14-16; यिर्मयाह 1:5 देखें), और यह हमें दिखाता है कि कैसे परमेश्वर हम सभी को उसके राज्य में दूसरों की सेवा करने के लिए एक अद्वितीय व्यक्तित्व और अद्वितीय वरदानों से सुसज्जित करता है। रोमियों 12:6 में, पौलुस इस विचार को उजागर करना शुरू करता है, जब वह कहता है, "उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन-भिन वरदान मिले हैं।"

पौलुस समझाता है, वे वरदान केवल हमारे लिए नहीं हैं, बल्कि परमेश्वर के लोगों, मसीह की देह की सेवा करने के उद्देश्य से हैं (पद 5)। वे उसके अनुग्रह और भलाई की अभिव्यक्ति हैं, जो हम सभी में और उसके माध्यम से काम कर रही हैं। वे हममें से प्रत्येक को परमेश्वर की सेवा में एक अद्वितीय पात्र बनने के लिए आमंत्रित करते हैं।

 

“मेरे अविश्वास का उपाए कर!”

“मेरा विश्वास कहाँ है?—यहाँ गहराई में भी खालीपन और अँधेरे के सिवा कुछ भी नहीं है . . . यदि ईश्वर है तो कृपया मुझे क्षमा करें l” 

उन शब्दों की लेखिका आपको आश्चर्यचकित कर सकती है : मदर टेरेसा l भारत के कलकत्ता में गरीबों की एक अथक सेविका के रूप में प्रिय और प्रसिद्ध, मदर टेरेसा ने पांच दशकों तक चुपचाप अपने विश्वास के लिए एक हताश युद्ध छेड़ा l 1997 में उनकी मृत्यु के बाद, वह संघर्ष तब सामने आया जब उनकी पत्रिका के अंश कम बी माई लाईट(Come Be My Light) पुस्तक में प्रकाशित हुए l 

हम ईश्वर की अनुपस्थिति के अपने संदेहों या भावनाओं के साथ क्या करते हैं? वे क्षण कुछ विश्वासियों को दूसरों की तुलना में अधिक परेशान कर सकते हैं l लेकिन यीशु में कई वफादार विश्वासियों को, अपने जीवन में किसी बिंदु पर, ऐसे संदेह के क्षणों या अवसरों का अनुभव हो सकता है l 

मैं आभारी हूँ कि पवित्रशास्त्र ने हमें एक सुन्दर, असंगत/दोअर्थी प्रार्थना दी है जो विश्वास और उसकी कमी दोनों को बताती है l मरकुस 9 में, यीशु का सामना एक ऐसे पिता से होता है जिसका बेटा बचपन से ही दुष्टात्मा पीड़ित था (पद.21) l जब यीशु ने कहा कि मनुष्य में विश्वास होना चाहिए (“विश्वास करनेवाले के लिए सब कुछ हो सकता है,” पद.23), तो उस व्यक्ति ने जवाब दिया, “मैं विश्वास करता हूँ, मेरे अविश्वास का उपाय कर” (पद.24) l 

वह ईमानदार, स्नेहपूर्ण विनती उनको आमंत्रित करती है जो संदेह के साथ संघर्ष करते हुए इसे ईश्वर को सौंपते हैं, विश्वास के साथ कि वह हमारे विश्वास को मजबूत कर सकता है और उन सबसे गहरी, अँधेरी घाटियों में भी हमें मजबूती से थामे रख सकता है, जिनसे हम कभी गुजरे होंगे l