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Articles by आदम अर होल्ज़

दरवाजे से बाहर धीमी गति से चलने वाला पाप

 
विंस्टन जानता है कि उसे उन्हें चबाना नहीं है । इसलिए उसने एक शातिर युक्ति अपनाई। इसे हम धीमी गति से चलना कहते हैं। यदि विंस्टन चुपके से एक फेंके हुए, बिना निगरानी वाले जूते देखता है, तो वह सादे ढंग से इधर-उधर करते हुए उस तरफ जाएगा, उसे पकड़ लेगा और बस चलता रहेगा। धीरे से। कुछ दिखेगा नहीं। अगर कोई ध्यान न दे तो तुरंत दरवाजे से बाहर निकल जाएगा। "अरे, माँ, विंस्टन धीमी-चाल से आपका जूता दरवाजे से बाहर ले गया।" 
यह स्पष्ट है कि कभी-कभी हम सोचते हैं कि हम परमेश्वर के सामने अपने पापों को "धीमी गति से" चला सकते हैं। हम यह सोचकर प्रलोभित हो जाते हैं कि वह ध्यान नहीं देगा। यह कोई बड़ी बात नहीं है, चाहे जो कुछ भी हो—हम सिद्ध करने की कोशिश करते है। लेकिन, विंस्टन की तरह, हम बेहतर जानते हैं। हम जानते हैं कि ये चुनाव परमेश्वर को प्रसन्न नहीं करते। 
बगीचे में आदम और हव्वा की तरह, हम अपने पाप की शर्म के कारण छिपने की कोशिश कर सकते हैं (उत्पत्ति 3:10) या ऐसा दिखावा कर सकते हैं जैसे कि ऐसा हुआ ही नहीं। लेकिन पवित्रशास्त्र हमें कुछ अलग करने के लिए आमंत्रित करता है: परमेश्वर की दया और क्षमा की ओर दौड़ना। नीतिवचन 28:13 हमें बताता है, "जो अपने अपराध छिपा रखता है, उसका कार्य सफल नहीं होता, परन्तु जो उनको मान लेता और छोड़ भी देता है, उस पर दया की जायेगी।" 
हमें अपने पापों पर धीरे-धीरे चलने की कोशिश नहीं करनी है और एसी आशा नहीं करनी कि किसी का ध्यान न जाए। जब हम अपने चुनावों के बारे में सच बताते हैं - खुद को, परमेश्वर को, किसी भरोसेमंद दोस्त को - तो हम गुप्त पाप करने के अपराध और शर्म से मुक्ति पा सकते हैं (1 यूहन्ना 1:9)। 
 

 

अनअपेक्षित स्थानों में सुसमाचार

 
हाल ही में, मैंने अपने आप को अंगिनत बार किसी ऐसे स्थान पर पाया जिसे मैंने फिल्मों और टीवी पर देखा था, यानि हॉलीवुड, कैलिफोर्निया। लॉस एंजिल्स की तलहटी में, अपने होटल की खिड़की से उन विशाल सफेद अक्षरों को उस प्रसिद्ध पहाड़ी पर देख रहा था। फिर मैंने कुछ और देखा: नीचे बाईं ओर एक प्रमुख क्रॉस था। मैंने वह कभी किसी फिल्म में नहीं देखा। जैसे ही मैं अपने होटल के कमरे से निकला, एक स्थानीय चर्च के कुछ छात्रों ने मेरे साथ यीशु के विषय में बताना शुरू कर दिया। 
हम कभी–कभी हॉलीवुड को केवल सांसारिकता का मुख्य केन्द्र मान सकते हैं, जो परमेश्वर के राज्य के बिल्कुल विपरीत है। फिर भी स्पष्ट रूप से मसीह वहाँ कार्य कर रहे थे, उन्होंने अपनी उपस्थिति से मुझे चकित कर दिया। फरीसी लगातार आश्चर्य करते थे कि यीशु कहाँ कहाँ जाता था। वह उन लोगों के साथ नहीं घूमता जिनकी वे उम्मीद करते थे। इसके बजाय, मरकुस 2:13–17 हमें बताता है कि उसने चुंगी लेने वालों और पापियों (पद 15) के साथ समय बिताया, ऐसे लोग जिनके जीवन व्यावहारिक रूप से अशुद्ध थे फिर भी यीशु वहाँ था, उनके साथ जिन्हें उसकी सबसे अधिक आवश्यकता थी (पद 16–17)। 
दो हजार से अधिक वर्षों के बाद, यीशु आशा और उद्धार के अपने संदेश को अनपेक्षित स्थानों पर, सबसे अनपेक्षित लोगों के बीच रोपना जारी रखता है। और उसने हमें उस मिशन का हिस्सा बनने के लिए बुलाया और तैयार किया है। 

मेरी ड्राइविंग कैसी है?

 
जैसे ही मरम्मत करने वाला ट्रक मेरे सामने से गुजरा, मैं चिल्लाया। तभी मैंने संदेश देखा: “मेरी ड्राइविंग कैसी है?” और एक फ़ोन नंबर। मैंने अपना फ़ोन उठाया और डायल किया। एक महिला ने मुझसे पूछा कि मैं क्यों कॉल कर रहा हूँ, और मैंने अपनी निराशा व्यक्त की। उसने ट्रक का नंबर नोट कर लिया। फिर उसने थके हुए स्वर में कहा, “आप जानते हैं, आप हमेशा किसी ऐसे व्यक्ति की रिपोर्ट करने के लिए कॉल कर सकते हैं जो अच्छी तरह से गाड़ी चला रहा हो। 
उसके थके हुए शब्दों ने तुरंत मेरी आत्म-धार्मिकता को चोट पहुंचाई । शर्मिंदगी ने मुझे भर दिया। "न्याय" के लिए मेरे उत्साह में, मैं यह विचार करने के लिए रुका नहीं था कि मेरे गुस्से से भरे लहज़े इस महिला को उसके कठिन काम में कैसे प्रभावित कर सकते हैं। उस क्षण में मेरी आस्था और मेरी फलदायकता के बीच का अंतर विनाशकारी था। 
हमारे कार्यों और हमारे विश्वासों के बीच की खाई पर याकूब की पुस्तक ध्यान केंद्रित करती है। याकूब 1:19-20 में, हम पढ़ते हैं, "हे मेरे प्रिय भाइयो, इस बात पर ध्यान दो: हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो, क्योंकि मनुष्य का क्रोध उस धामिर्कता को उत्पन्न नहीं करता जो परमेश्वर चाहता है।" ।” बाद में, वह आगे कहते हैं, “परन्तु वचन पर चलने वाले बनो, और केवल सुनने वाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं।” (पद. 22)। 
हममें से कोई भी पूर्ण नहीं है। कभी-कभी जीवन में हमारी "ड्राइविंग" को मदद की आवश्यकता होती है, उस तरह की जो पाप-स्वीकरण से शुरू होती है और परमेश्वर से मदद मांगती है - हमारे चरित्र के खुरदरे किनारों को भरने के लिए उस पर भरोसा करना।  

जंगली घास को पानी देना

 
इस वसंत में,  जंगली घास ने हमारे पीछे के आँगन में ऐसे हमला किया जैसे कुछ जुरासिक पार्क  जैसा हो। एक इतनी बड़ी हो गयी कि जब मैंने उसे हटाने की कोशिश की,  तो मुझे डर लगा कि कहीं मैं खुद को चोट न पहुँचा दूँ । इससे पहले कि मैं उसे कुदाल से मारता,  मैंने देखा कि मेरी बेटी वास्तव में उस पर पानी डाल रही थी। “तुम जंगली घास को पानी क्यों दे रही हो?”  मैंने कहा । “मैं देखना चाहती हूं कि यह वह कितनी बड़ी हो सकती है !” उसने एक शरारती मुस्कराहट के साथ उत्तर दिया l  
जंगली घास कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे हम जानबूझकर उगाते और बढ़ाते हैं । लेकिन जैसा कि मैंने इसके बारे में सोचा,  मुझे एहसास हुआ कि कभी-कभी हम अपने आत्मिक जीवन में “जंगली घास” को पानी देते हैं,  इच्छाओं को पोषित करते हैं (पालते हैं) जो हमारे विकास को रोकती हैं।   
पौलुस इसके बारे में गलातियों 5:13-26 में लिखता है,  जहाँ वह शरीर के द्वारा जीने और आत्मा के द्वारा जीने का अंतर बताता है। वह कहता है कि अकेले नियमों का पालन करने की कोशिश करने से हम “जंगली घास-मुक्त” जीवन की स्थापना नहीं कर पाएंगे। इसके बजाय,  जंगली पौधों को सींचने से बचने के लिए,  वह हमें “आत्मा के अनुसार चलने” का निर्देश देता है। वह आगे कहता हैं कि परमेश्वर के साथ प्रतिदिन चलना ही हमें “शरीर की लालसाओं को तृप्त करने” के आवेग से मुक्त करता है (पद. 16)। 
पौलुस की शिक्षा को पूरी तरह से समझने की यह प्रक्रिया आजीवन चलती रहती है। लेकिन मुझे उनके मार्गदर्शन की सरलता पसंद है : अपनी आत्म-केंद्रित इच्छाओं को पोषित करके कुछ अवांछित विकसित करने के बजाय, जब हम ईश्वर के साथ अपना रिश्ता विकसित कर रहे होते हैं, तो हम फल उगाते हैं और एक ईश्वरीय जीवन की फसल काटते हैं।(पद. 22-25) 

अनुग्रह का पुनः ताज़ा होना

पिछले कई दशकों में, एक नया शब्द हमारी फिल्म शब्दावली में शामिल हो गया है : रिबूट(reboot) सिनेमाई बोलचाल में एक रिबूट(reboot) एक पुरानी कहानी लेता है और उसे आरम्भ/जम्पस्टार्ट(jumpstart) करता हैl कुछ रिबूट एक सुपर हीरो कहानी या एक परी की कहानी की तरह एक परिचित कहानी को फिर से बताते हैंl अन्य रिबूट(reboot) एक कम-परिचित कहानी लेते हैं और इसे नए तरीके से फिर से बताते हैं l लेकिन प्रत्येक मामले में, एक रिबूट पुनः करने(do-over) जैसा होता हैl यह एक नयी शुरुआत है, पुराने में नयी जान फूंकने का मौका है l 

एक और कहानी है जिसमें रिबूट शामिल है— सुसमाचार की कहानी l इसमें, यीशु हमें क्षमा के अपने प्रस्ताव के साथ-साथ भरपूर और अनंत जीवन के लिए आमंत्रित करता है (यूहन्ना 10:10) और विलापगीत की पुस्तक में, यिर्मयाह हमें याद दिलाता है कि हमारे लिए परमेश्वर का प्रेम हर दिन एक प्रकार का “पुनः आरम्भ” करता है : “हम मिट नहीं गए; यह यहोवा की महाकरुणा का फल है, क्योंकि उसकी दया अमर है l प्रति भोर वह नयी होती रहती है; तेरी सच्चाई महान् है l (3:22-23) 

परमेश्वर का अनुग्रह हमें उसकी विश्वासयोग्यता का अनुभव करने के एक नए अवसर के रूप में प्रत्येक दिन को गले लगाने के लिए आमंत्रित करता है l चाहे हम अपनी गलतियों के प्रभाव से संघर्ष कर रहे हों या अन्य कठिनाइयों से गुजर रहे हों, परमेश्वर की आत्मा प्रत्येक नए दिन में क्षमा, नया जीवन और आशा की सांस दे सकती है l हर दिन एक तरह का रिबूट है, महान निदेशक के नेतृत्व का अनुसरण करने का एक अवसर है, जो हमारी कहानी को अपने बड़ी योजना में बुन रहा है l

पूरी तरह से साफ हो गया

हाल ही में, मैं और मेरी पत्नी मेहमानों के आने से पहले अपने घर की सफाई कर रहे थे। मैंने अपने सफेद किचन (रसोई) टाइल के फ़र्श पर कुछ गहरे दाग देखे – ऐसे दाग जिनके लिए मुझे अपने घुटनों पर झुककर रगड़ने की आवश्यकता पड़ती।

लेकिन मुझे जल्द ही एक गहरी निराशा का अहसास हुआ:कि जितना अधिक मैंने उन्हें साफ़ किया, उतने ही मुझे अन्य दाग भी दिखाई दिए। मेरे द्वारा हटाए गए प्रत्येक दाग ने केवल दूसरे दागों को और अधिक स्पष्ट किया। हमारी रसोई का फर्श अचानक बहुत गंदा लगने लगा। और हर पल के साथ मुझे एहसास हुआ, चाहे मैं कितनी भी मेहनत कर लूं, मैं इस फ़र्श को कभी भी पूरी तरह से साफ नहीं कर सकता।

पवित्रशास्त्र आत्म-शुद्धि के बारे में भी कुछ ऐसा ही कहता है - स्वयं पाप से निपटने के हमारे सर्वोत्तम प्रयास हमेशा कम पड़ जाते हैं। परमेश्वर के लोगों, इस्राएलियों के प्रति निराश होते हुए, सदैव उसके उद्धार का अनुभव करते हुए (यशायाह 64:5) भविष्यवक्ता यशायाह ने लिखा

“हम तो सब के सब अशुद्ध मनुष्य के से हैं, और हमारे सब धर्म के काम मैले चिथड़ों के समान हैं।“(पद:6)

लेकिन यशायाह जानता था कि परमेश्वर की भलाई के द्वारा हमेशा आशा रहती है। इसलिए उसने प्रार्थना की, “हे यहोवा, तू हमारा पिता है। देख, हम तो मिट्टी हैं, तू कुम्हार है” (पद. 8)वह जानता था कि जिसे हम साफ नहीं कर सकते उसे केवल परमेश्वर ही है जो साफ़ कर सकता जब तक कि गहरे दाग "बर्फ के समान उजले" न हो जाएँI (1:18)

हम अपनी आत्मा पर लगे पाप के दाग और धब्बों को साफ़ नहीं कर सकते। शुक्र है कि हम उसके द्वारा उद्धार प्राप्त कर सकते हैं जिसका बलिदान हमें पूरी तरह से शुद्ध होने की अनुमति देता है (1 यूहन्ना 1:7)

कॉफी की गन्ध वाली साँस

क्ई साल पहले एक सुबह मैं अपनी कुर्सी पर बैठा था, जब मेरी सबसे छोटी बच्ची नीचे आयी। वह दौडती हुई सीधी मेरे पास आई और उछल कर मेरी गोद में बैठ गई। मैंने एक पिता की तरह उसे चिपटा लिया  और सिर पर एक कोमल चुंबन दिया, और वह खुशी से चिल्लायी। लेकिन फिर उसने अपनी भौंह को सिकोड़ लिया, अपनी नाक सिकोड़ ली, और मेरे कॉफी मग पर एक आरोप लगाने वाली नज़र डाली। उसने गंभीरता से घोषणा की “डैडी, मैं आपको प्यार करती हूँ, और आप मुझे अच्छे लगते हैं, लेकिन मुझे आपकी गंध पसंद नहीं है।”

मेरी बेटी यह नहीं जान सकती थी, लेकिन उसने शालीनता और सच्चाई से बात की: वह मेरी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती थीए लेकिन उसने मुझे कुछ बताने के लिए मजबूर महसूस किया। और कभी कभी हमे  अपने रिश्तों में ऐसा करने की ज़रूरत होती है।

इफिसियों 4 में, पौलुस इस बात पर ध्यान देता है कि हम एक दूसरे से कैसे संबंधित हैं,खासकर  कठिन सत्य बोलते समय। “अर्थात् सारी दीनता और नम्रता सहित, और धीरज धरकर प्रेम से एक दूसरे की सह लो” (पद 2)। नम्रता, दीनता और धैर्य हमारे संबंध का आधार बनाते हैं। उन चारित्रिक गुणों को विकसित करने से जैसे ईश्वर हमारा मार्गदर्शन करता है,  “हमें प्रेम में सच्चाई से चलते  हुये” (पद 15) में मदद मिलेगी और उस संवाद को खोजने में  मदद होगी  /जो  आवश्यकता के अनुसार औरों के निर्माण में सहायक हो” (पद 29) ।

अपनी कमजोरियों के बारे में किसी को भी सामना करना पसंद नहीं है। लेकिन जब हमारे बारे में कुछ  “गंध” आती है, तो परमेश्वर हमारे जीवन में अनुग्रह, सच्चाई, नम्रता और  सभ्यता  लाने के  वफादार दोस्तों का उपयोग  कर सकते हैं।

शालोम(शान्ति) के प्रतिनिधि

2015 में, कोलोराडो स्प्रिंग्स, कोलोराडो में स्थानीय सेवाकाइयों ने मिलकर शहर की सेवा की और COSILoveYou(City Gospel Movement/शहर सुसमाचार आन्दोलन) का जन्म हुआ l प्रत्येक पतझड़ में, सिटीसर्व(CityServe) नामक एक कार्यक्रम में, समूह विश्वासियों को समुदाय की सेवा के लिए भेजता है l

कई साल पहले, मुझे और मेरे बच्चों को सिटीसर्व(CityServe) के दौरान शहर के केंद्र में एक प्राथमिक विद्यालय में भेजा गया था l हम ने सफाई की l हमने खरपतवार निकाली l और हमने एक कला परियोजना पर काम किया, एक चेन-लिंक बाड़ के द्वारा रंगीन प्लास्टिक टेप को इस तरह लगाया कि यह पहाड़ों जैसा लगे l सरल, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से सुन्दर l 

जब भी मैं स्कूल के पास से गुजरता हूँ, हमारी विनम्र कला परियोजना मुझे यिर्मयाह 29 की याद दिलाती है l वहाँ, परमेश्वर ने अपने लोगों को बसने और जिस शहर में वे थे, उसकी सेवा करने का निर्देश दिया, भले ही वे निर्वासन में थे और वहाँ रहना नहीं चाहते थे l  

नबी ने कहा, “जिस नगर में मैं ने तुम को बंदी करके भेज दिया है, उसके कुशल का यत्न किया करो और उसके हित के लिए यहोवा से प्रार्थना किया करो”(पद.7) l यहाँ शांति शब्द इब्री भाषा में शालोम(Shalom) है l और इसमें सम्पूर्णता और समृद्धि का विचार शामिल है जिसे केवल परमेश्वर की भलाई और छुटकारा ही ला सकती है l 

आश्चर्यजनक रूप से, परमेश्वर हममें से हर एक को शालोम/शांति के अपने प्रतिनिधि/एजेंट बनने के लिए आमंत्रित करता है—ठीक वहीँ जहां हम हैं l हमें उन जगहों पर सुन्दरता उत्पन्न करने और सरल, ठोस तरीकों से उद्धार/छुटकारा का अभ्यास करने के लिए आमंत्रित किया गया है जहाँ उसने हमें रखा है l 

अधिक महान महिमा

कभी-कभी आश्चर्यजनक रूप से आत्मिक संदेश जहाँ हम सोचते नहीं एसे स्थानों में मिल जाते हैं, जैसे उदाहरण के लिए एक कॉमिक बुक में। मार्वल कॉमिक्स के प्रकाशक, स्टैन ली का 2018 में निधन हो गया, वे अपने पीछे स्पाइडर-मैन, आयरन मैन, फैंटास्टिक फोर, हल्क और कई अन्य जैसे प्रतिष्ठित नायकों की विरासत छोड़ गए। 

हमेशा मुस्कुराते हुए और धूप का चश्मा पहने, एक प्रसिद्ध व्यक्ति का एक व्यक्तिगत तकियाकलाम था जिसे वह, जिसे वह दशकों से मार्वल कॉमिक्स में मासिक कॉलम में हस्ताक्षरित करता था - यह शब्द एक्सेलसियर था। 2010 में, ली ने इसका अर्थ समझाया: "'ऊपर और आगे, अधिक से अधिक गौरव की ओर!' मैं तुम्हारे लिए यही कामना करता हूं...एक्सेलसियर!"

मुझे यह पसंद आया। स्टैन ली को इसका एहसास था या नहीं, पर उनका इस असामान्य वाक्यांश का उपयोग निश्चित रूप जो पौलुस ने फिलिप्पियों को लिखा था, उसके साथ मेल खाता है जब वह विश्वासियों को पीछे नहीं, बल्कि आगे और ऊपर की ओर देखने की सलाह देता है: "लेकिन यह एक काम मैं करता हूं, कि जो बातें पीछे रह गई हैं उन को भूल कर, आगे की बातों की ओर बढ़ता हुआ। निशाने की ओर दौड़ा चला जाता हूं, ताकि वह इनाम पाऊं, जिस के लिये परमेश्वर ने मुझे मसीह यीशु में ऊपर बुलाया है।” (पद 13-14)।

हम आसानी से पछतावे या पिछले निर्णयों के बारे में दूसरे अनुमान लगाने में फंस सकते हैं। लेकिन मसीह में, हमें पछतावों को त्यागने और उस क्षमा और उद्देश्य को अपनाने के द्वारा से परमेश्वर की अति महान महिमा की ओर बढ़ने के लिए आमंत्रित किया गया है जो वह इतनी दयालुता से हमें देता है! एक्सेलसियर!