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Articles by एलिसा मॉर्गन

वागत की चटाई

अपने स्थानीय सुपरमार्केट में प्रदर्शित चटाई/doormat को देखते हुए, मैंने उनकी सतहों पर अंकित संदेशों को देखा l “हेलो होम” जिसमें "O" की जगह दिल बना था l और जो अधिक प्रचलित और परंपरागत था, मैंने उसे चुना, “स्वागत है l” इसे घर में रखकर मैंने अपने हृदय की जांच की l क्या मेरा घर वास्तव में उस तरह का स्वागत कर रहा था जैसा परमेश्वर चाहता है? संकट या पारिवारिक अशांति में फंसे बच्चे का? ज़रूरतमंद पड़ोसी या शहर के बाहर से परिवार का कोई सदस्य जिसने अचानक ही फोन कर दिया?

मरकुस 9 में, यीशु रूपांतरण के पर्वत से आगे बढ़ता है जहां पतरस, याकूब और यूहन्ना उसकी पवित्र उपस्थिति में विस्मय में खड़े थे (पद.1-13), एक पिता के साथ एक दुष्टात्माग्रस्त लड़के को ठीक करने के लिए जो आशा खो चुका था (पद.14-29) l असहज या अप्रिय (पद.30-32) l वे उसकी बात से बुरी तरह चूक गए (पद.33-34) l जबाब में, यीशु ने एक बच्चे को अपने गोद में उठाया और कहा, “जो कोई मेरे नाम से ऐसे बालकों में से किसी एक को भी ग्रहण करता है, वह मुझे ग्रहण करता है; और जो कोई मुझे ग्रहण करता, वह मुझे नहीं, वरन् मेरे भेजनेवाले को ग्रहण करता है” (पद.37) l यहाँ स्वागत शब्द का अर्थ अतिथि के रूप में स्वागत करना और स्वीकार करना है l यीशु चाहते हैं कि उनके शिष्य सभी का स्वागत करें, यहाँ तक कि कम महत्व वाले और असहज या अप्रिय लोगों का भी, मानो हम उनका स्वागत कर रहे हों l

मैंने अपने स्वागत चटाई/mat के बारे में सोचा और विचारा कि मैं दूसरों तक उसका प्रेम कैसे बढ़ाती हूँ l इसका आरम्भ यीशु को एक बहुमूल्य अतिथि के रूप में स्वागत करने से होता है l क्या मैं उन्हें अपना नेतृत्व करने की अनुमति दूंगी, दूसरों का उस तरह से स्वागत करते हुए जिस तरह वह चाहते है? एलिसा मॉर्गन

 

अधिकार के अधीन सेवा करना

एंड्रयू कार्ड अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के सेनाध्यक्ष थे। व्हाइट हाउस में अपनी भूमिका के बारे में एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया, "प्रत्येक स्टाफ सदस्य के कार्यालय में उद्देश्य का एक फ़्रेमयुक्त बयान लटका हुआ है: 'हम राष्ट्रपति की इच्छा पर सेवा करते हैं।' लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम राष्ट्रपति को खुश करने के लिए सेवा करते हैं या उसकी खुशी जीतने के लिए. बल्कि, हम उसे यह बताने का काम करते हैं कि उसे अपना काम करने के लिए क्या जानने की जरूरत है। वह काम संयुक्त राज्य अमेरिका पर शासन करना है।

हमारी कई भूमिकाओं और रिश्तों में हम एक-दूसरे को एकता में बांधने के बजाय लोगों को प्रसन्न करने वाले प्रवृत्ति में आ जाते हैं, जैसा कि प्रेरित पौलुस अक्सर आग्रह करते थे। इफिसियों 4 में, पौलुस ने लिखा, "और उस ने कितनों को भविष्यद्वकता नियुक्त करके, और कितनों को सुसमाचार सुनानेवाले नियुक्त करके, और कितनों को रखवाले और उपदेशक नियुक्त करके दे दिया। जब तक कि हम सब के सब विश्वास, और परमेश्वर के पुत्रा की पहिचान में एक न हो जाएं, और एक सिद्ध मनुष्य न बन जाएं और मसीह के पूरे डील डौल तक न बढ़ जाएं।" (पद 11-13)। पद 15-16 में, पौलुस ने हमारी लोगों को प्रसन्न करने वाली प्रवृत्तियों को काट दिया, और इस बात पर जोर दिया कि इन वरदानों को "प्रेम में सच बोलने" के द्वारा व्यक्त किया जाना चाहिए ताकि "सारी देह प्रेम में उन्नति करती जाए।" 

यीशु में विश्वासियों के रूप में, हम लोगों का निर्माण करने और परमेश्वर के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए उनकी सेवा करते हैं। चाहे हम दूसरों को खुश करें या न करें, हम परमेश्वर को प्रसन्न करेंगे क्योंकि वह अपने कलीसिया में एकता बनाने के लिए हमारे माध्यम से काम करता है।एलिसा मॉर्गन

 

छेददार से पवित्रता तक

बचपन में मेरी बेटी को पनीर के टुकड़ों से खेलना बहुत पसंद था l वह हलके पीले चौकोर टुकड़े को मास्क की तरह अपने चेहरे पर रख कर कहती थी, “देखो माँ,” उसकी चमकदार आँखें पनीर में दो छेदों से बाहर झाँकती थीं l एक युवा माँ के रूप में, उस पनीर मास्क ने मेरे प्रयासों के बारे में मेरी भावनाओं को संक्षेप में प्रस्तुत किया—सचमुच में प्रस्तुत किया, प्यार से पूर्ण, लेकिन बहुत अपूर्ण l छेददार, पवित्र नहीं l

ओह, हम एक पवित्र जीवन जीने के लिए कितने लालायित रहते हैं—एक ऐसा जीवन जो परमेश्वर के लिए अलग किया गया और जो यीशु के समान होने की विशेषता रखता है l लेकिन दिन-ब-दिन पवित्रता पहुँच से बाहर महसूस हो रही है l इसके स्थान पर हमारा “छेददार स्वरूप” बरक़रार है l

2 तीमुथियुस 1:6-7 में, पौलुस अपने शिष्य तीमुथियुस को लिखते हुए, उससे अपने पवित्र बुलाहट के अनुसार जीने का निवेदन करता है l प्रेरित ने तब स्पष्ट किया कि “[परमेश्वर] ने हमें बचाया है और हमें पवित्र जीवन के लिए बुलाया है—हमारे द्वारा किए गए किसी कार्य के कारण नहीं, बल्कि अपने स्वयं के उद्देश्य और अनुग्रह के कारण”(पद.9) l क्या हम परमेश्वर की अनुग्रह को स्वीकार कर सकते हैं और उसके द्वारा प्रदान की जाने वाली सामर्थ्य के मंच से जी सकते हैं?

चाहे पालन-पोषण हो, विवाह हो, काम हो, या अपने पड़ोसी से प्यार करना हो, परमेश्वर हमें एक पवित्र जीवन के लिए बुलाता है—यह हमारे सिद्ध होने के प्रयासों के कारण नहीं बल्कि उसके अनुग्रह के कारण संभव हुआ है l एलिसा मॉर्गन

पारिवारिक मामले

मेरी बहन, भाई और मैं अपने अलग-अलग राज्यों से अपने चाचा के अंतिम संस्कार के लिए हवाई यात्रा कर के पँहुचे, और अपनी नब्बे वर्षीय दादी को देखने के लिए रुके। वह एक स्ट्रोक के कारण लकवाग्रस्त हो गई थी, बोलने की क्षमता खो चुकी थी और केवल अपने दाहिने हाथ का उपयोग कर पा रही थी। जैसे ही हम उसके बिस्तर के चारों ओर खड़े थे, उसने अपना हाथ बढ़ाया और हम सबके हाथों को पकड़ लिया, एक को दूसरे के ऊपर अपने दिल के ऊपर रखा और उन्हें जगह पर थपथपाया। इस शब्दहीन भाव-भंगिमा के साथ, मेरी दादी ने हमारे कुछ हद तक टूटे हुए और दूर के भाई-बहन के रिश्ते के बारे में बात की। “पारिवारिक मामले।”

परमेश्वर के परिवार, चर्च में, हम अलग भी हो सकते हैं। हम कड़वाहट को एक-दूसरे से अलग करने की अनुमति दे सकते हैं। इब्रानियों के लेखक ने उस कड़वाहट का उल्लेख किया है जिसने एसाव को उसके भाई से अलग कर दिया था (इब्रानियों 12:16) और हमें भाइयों और बहनों के रूप में परमेश्वर के परिवार में एक-दूसरे को थामे रहने की चुनौती देता है। “सभी के साथ शांति से रहने का हर संभव प्रयास करें” (पद 14)। यहां हर प्रयास शब्द परमेश्वर के परिवार में हमारे भाइयों और बहनों के साथ शांति स्थापना में एक जानबूझकर और निर्णायक निवेश को व्यक्त करते हैं। ऐसा हर प्रयास फिर सभी पर लागू होता है। प्रत्येक का एक। एक का।

पारिवारिक मामले। हमारे सांसारिक परिवार और परमेश्वर के विश्वासियों का परिवार दोनों। क्या हम सभी एक-दूसरे को थामे रहने के लिए आवश्यक प्रयास कर सकते हैं? एलिसा मौरगन

 

दूसरों से प्रेम करके परमेश्वर से प्रेम करना

अल्बा परिवार ने केवल तेरह महीने के अंतर पर एक जैसे जुड़वां बच्चों के दो जोड़े को जन्म देने की दुर्लभ घटना का अनुभव किया । उन्होंने अपनी माता-पिता की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी नौकरी को कैसे निभाया? उनके दोस्तों और परिवार के समुदाय ने आगे बढ़कर उनकी मदद की। दोनों तरफ से नाना–नानी और दादा-दादी दिन के दौरान जुड़वा बच्चों की एक जोड़ी ले जाते थे ताकि बच्चों के माता-पिता काम कर सकें और स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान कर सकें। एक कंपनी ने डायपर की एक साल की आपूर्ति दी। दंपत्ति के सहकर्मियों ने अपने निजी बीमारी की छुट्टियों का दान दिया। दंपत्ति ने सहमती में कहा “हम अपने समुदाय के बिना यह नहीं कर सकते थे,”। वास्तव में, एक लाइव इंटरव्यू (साक्षात्कार) के दौरान, सह-मेजबान ने अपना माइक हटा दिया और भटकते हुए उनके एक नन्हे बच्चे को पकड़ने के लिए उसके पीछे भागी और इस प्रकार उसने भी अपना सामुदायिक योगदान दिया!

मत्ती 25:31-46 में, यीशु इस बात को स्पष्ट करने के लिए एक दृष्टांत बताते हैं कि जब हम दूसरों की सेवा करते हैं, तो हम परमेश्वर की सेवा करते हैं। सेवा के कार्यों को सूचीबद्ध करने के बाद, जिसमें भूखे को भोजन देना, प्यासे को पानी देना, बेघरों को घर देना, नग्न लोगों को कपड़े देना और बीमारों का इलाज करना शामिल है (पद- 35-36), यीशु ने दृष्टांत इस तरह पूरा किया, “मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया,वह मेरे ही साथ किया” (पद 40)।

हमारी दयालुता के अंतिम प्राप्तकर्ता के रूप में यीशु की कल्पना करना हमारे पड़ोस, परिवारों, चर्चों और दुनिया में सेवा करने के लिए सच्ची प्रेरणा है। जब वे हमें दूसरों की जरूरतों में त्यागपूर्वक योगदान देने के लिए प्रेरित करते है, तब हम उनकी सेवा करते हैं। जब हम दूसरों से प्रेम करते हैं, तब हम परमेश्वर से प्रेम करते हैं। एलिसा मॉर्गन

 

चौराहे पर परमेश्वर

कई दिनों की बीमारी और फिर तेज़ बुखार के बाद, यह स्पष्ट था कि मेरे पति को आपातकालीन देखभाल की आवश्यकता थी। अस्पताल ने उन्हें तुरंत भर्ती कर लिया; एक दिन अगले दिन में बदल गया। उनकी हालत में सुधार हुआ, लेकिन इतना नहीं कि उन्हें अस्पताल से छोड़ दिया जाये। मुझे अपने पति के साथ रहने या एक महत्वपूर्ण कार्य यात्रा को पूरा करने के कठिन विकल्प का सामना करना पड़ा जहां कई लोग और परियोजनाएं शामिल थीं। मेरे पति ने मुझे आश्वासन दिया कि वह ठीक हो जायेंगे। लेकिन मेरा दिल उसके और मेरे काम के बीच बंटा हुआ था।

परमेश्वर के लोगों को जीवन के निर्णयों के चौराहे पर उसकी सहायता की आवश्यकता थी। बहुत बार, उन्होंने उसके प्रकट निर्देशों का पालन नहीं किया था। इसलिए मूसा ने लोगों से उसकी आज्ञाओं का पालन करके "जीवन को चुनने" का आग्रह किया (व्यवस्थाविवरण 30:19)। बाद में, भविष्यवक्ता यिर्मयाह ने परमेश्वर के भटके हुए लोगों को दिशा-निर्देश दिए, और उन्हें उसके मार्गों पर चलने के लिए प्रेरित
किया : "सड़कों पर खड़े होकर देखो, और पूछो कि प्राचीनकाल का अच्छा मार्ग कौन सा है, उसी पर चलो" (यिर्मयाह 6:16)। पवित्रशास्त्र बाइबल के प्राचीन मार्ग और परमेश्वर के पिछले प्रावधान हमें निर्देशित कर सकते हैं।

मैंने खुद को एक भौतिक चौराहे पर कल्पना की और यिर्मयाह के ज्ञान के नमूना को लागू किया। मेरे पति को मेरी जरूरत थी, और मेरे काम को भी। तभी, मेरे संचालक ने फोन किया और मुझे घर पर रहने के लिए प्रोत्साहित किया। मैंने राहत की सांस ली और चौराहे पर परमेश्वर के प्रावधान के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। परमेश्वर का निर्देश हमेशा स्पष्ट रूप से नहीं आता, लेकिन आता है। जब हम चौराहे पर खड़े हों, तो आइए सुनिश्चित करें कि हम उसकी तलाश करें। एलिसा मॉर्गन

कलीसिया (चर्च) बनो

कोविड-19 महामारी के दौरान, डेव और कार्ला ने एक घरेलू चर्च की तलाश में महीनों बिताए। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन  किया , जिसने विभिन्न व्यक्तिगत अनुभवों को सीमित कर दिया, और इसे और भी कठिन बना दिया। वे यीशु में विश्वासियों के एक समूह से जुड़ने के लिए तरस रहे थे। कार्ला ने मुझे ईमेल किया, "यह चर्च खोजने का कठिन समय है।" मेरे भीतर अपने चर्च परिवार के साथ फिर से जुड़ने की मेरी अपनी लालसा से एक अहसास उभरा। "यह चर्च बनने का कठिन समय है," मैंने जवाब दिया। उस समय में, हमारे चर्च ने  आस-पास के इलाकों में भोजन दिया, ऑनलाइन सेवाएँ बनाईं और हर सदस्य को समर्थन और प्रार्थना के साथ फ़ोन किया। मेरे पति और मैंने भाग लिया और फिर भी सोचा कि हम अपनी बदली हुई दुनिया में "चर्च होने" के लिए और क्या कर सकते हैं।

इब्रानियों 10:25 में, लेखक पाठकों से “एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना न छोड़ें जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें” और ज्यों-ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों-त्यों और भी अधिक यह किया करो” की उपेक्षा न करने का आग्रह करता है । संभवतः उत्पीड़न के कारण (पद. 32-34) या शायद केवल थके होने का परिणाम (12:3), संघर्षरत प्रारंभिक विश्वासियों को कलीसिया बने रहने के लिए एक प्रोत्साहन की आवश्यकता थी।

और आज, मुझे भी एक प्रोत्साहन की आवश्यकता है। क्या आपको भी जरूरत है ? जब परिस्थितियाँ बदल जाती हैं तो हम चर्च का अनुभव कैसे करते हैं, क्या हम चर्च बने रहेंगे? जैसे परमेश्वर हमारा मार्गदर्शन करता है आइए रचनात्मक रूप से एक दूसरे को प्रोत्साहित करें और एक-दूसरे का निर्माण करें। अपने संसाधनों को साझा करें। समर्थन का संदेश भेजें। इकट्ठा हों जिस तरह हम सक्षम हैं। एक दूसरे के लिए प्रार्थना करें। आइए चर्च बने रहें ।

—एलिसा मॉर्गन 

कलीसिया (चर्च) बनो

कोविड-19 महामारी के दौरान, डेव और कार्ला ने एक घरेलू चर्च की तलाश में महीनों बिताए। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन किया , जिसने विभिन्न व्यक्तिगत अनुभवों को सीमित कर दिया, और इसे और भी कठिन बना दिया। वे यीशु में विश्वासियों के एक समूह से जुड़ने के लिए तरस रहे थे। कार्ला ने मुझे ईमेल किया, "यह चर्च खोजने का कठिन समय है।" मेरे भीतर अपने चर्च परिवार के साथ फिर से जुड़ने की मेरी अपनी लालसा से एक अहसास उभरा। "यह चर्च बनने का कठिन समय है," मैंने जवाब दिया। उस समय में, हमारे चर्च ने आस-पास के इलाकों में भोजन दिया, ऑनलाइन सेवाएँ बनाईं और हर सदस्य को समर्थन और प्रार्थना के साथ फ़ोन किया। मेरे पति और मैंने भाग लिया और फिर भी सोचा कि हम अपनी बदली हुई दुनिया में "चर्च होने" के लिए और क्या कर सकते हैं।

इब्रानियों 10:25 में, लेखक पाठकों से “एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना न छोड़ें जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें” और ज्यों-ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों-त्यों और भी अधिक यह किया करो” की उपेक्षा न करने का आग्रह करता है । संभवतः उत्पीड़न के कारण (पद. 32-34) या शायद केवल थके होने का परिणाम (12:3), संघर्षरत प्रारंभिक विश्वासियों को कलीसिया बने रहने के लिए एक प्रोत्साहन की आवश्यकता थी।

और आज, मुझे भी एक प्रोत्साहन की आवश्यकता है। क्या आपको भी जरूरत है ? जब परिस्थितियाँ बदल जाती हैं तो हम चर्च का अनुभव कैसे करते हैं, क्या हम चर्च बने रहेंगे? जैसे परमेश्वर हमारा मार्गदर्शन करता है आइए रचनात्मक रूप से एक दूसरे को प्रोत्साहित करें और एक-दूसरे का निर्माण करें। अपने संसाधनों को साझा करें। समर्थन का संदेश भेजें। इकट्ठा हों जिस तरह हम सक्षम हैं। एक दूसरे के लिए प्रार्थना करें। आइए चर्च बने रहें ।

—एलिसा मॉर्गन

परमेश्वर में शक्ति एकत्रित करना

 
ग्रिंगर मैककॉय एक कलाकार हैं जो पक्षियों का अध्ययन करते हैं और उनकी सुंदरता, भेद्यता और शक्ति को कैद करते हुए उनकी मूर्तियाँ बनाते हैं  । उनकी एक कलाकृति का शीर्षक है रिकवरी। इसमें एक पिंटेल बत्तख का दाहिना पंख दिखाया गया है, जो एक खड़ा  (सीधा) स्थिति में ऊपर की ओर फैला हुआ है। नीचे, एक पट्टिका है जो पक्षी के रिकवरी स्ट्रोक का वर्णन इस प्रकार करती है "उड़ान में पक्षी की सबसे बड़ी कमजोरी का क्षण, फिर भी वह क्षण जब वह आगे की यात्रा के लिए ताकत जुटाता है।" ग्रिंगर ने यह श्लोक शामिल किया है: "मेरा अनुग्रह तुम्हारे लिए पर्याप्त है, क्योंकि मेरी शक्ति कमजोरी में सिद्ध होती है" (2 कुरिन्थियों 12:9)। 
 
प्रेरित पौलुस ने ये शब्द कुरिन्थ की कलीसिया को लिखे। एक ऐसे दौर को सहते हुए जब वह व्यक्तिगत संघर्ष से विचलित हो गया, पौलुस ने परमेश्वर से विनती की कि वह उसे हटा दे जिसे उसने "मेरे शरीर में एक काँटा" कहा था (पद 7) उसका कष्ट शायद शारीरिक बीमारी या आध्यात्मिक विरोध रहा होगा। क्रूस पर चढ़ने से एक रात पहले बगीचे में यीशु की तरह(लूका 22:39-44), पौलुस ने बार-बार परमेश्वर से उसकी पीड़ा दूर करने के लिए प्रार्थना की। पवित्र आत्मा ने उसे यह आश्वासन देकर जवाब दिया कि वह आवश्यक शक्ति प्रदान करेगा। पौलुस ने सीखा, "जब मैं निर्बल होता हूँ, तभी बलवन्त होता हूँ।"(2 कुरिंन्थियों 12:10) 
 
ओह, इस जीवन में हम कितने काँटों का अनुभव करते हैं! एक पक्षी की तरह जो आगे की यात्रा के लिए अपनी ताकत जुटाता है, हम भी अपने सामने आने वाली चुनौतियों के लिए परमेश्वर की ताकत जुटा सकते हैं। उसकी ताकत में, हम अपनी ताकत पाते हैं 
 
— एलिसा मॉर्गन