भाई शाऊल
हे प्रभु, कृपया मुझे कहीं भी भेज दें लेकिन वहां नहीं l” एक वर्ष के लिए एक विदेशी विनिमय छात्र (foreign exchange student) के रूप में आरम्भ करने से पहले एक किशोर के रूप में यही मेरी प्रार्थना थी l मुझे नहीं पता था कि मैं कहाँ जाने वाला था, लेकिन मुझे पता था कि मैं कहाँ नहीं जाना चाहता था l मैं उस देश की भाषा नहीं बोलता था, और मेरा मन उसके रीति-रिवाजों और लोगों के प्रति पूर्वाग्रहों(prejudices) से भरा हुआ था l इसलिए मैंने ईश्वर से मुझे कहीं और भेजने के लिए कहा l
लेकिन ईश्वर ने अपनी असीम बुद्धि में मुझे ठीक वहीँ भेजा जहाँ मैंने नहीं जाने के लिए कहा था l मुझे बहुत ख़ुशी है कि उसने ऐसा किया! चालीस साल बाद भी, उस देश में मेरे प्रिय मित्र हैं l जब मेरी शादी हुयी, तो मेरा बेस्ट मैन(best man) स्टीफन वहां से आया l जब उसकी शादी हुयी, तो मैं उपकार लौटाने के लिए वहां हवाई जहाज़ से गया l और हम जल्द ही एक और यात्रा की योजना बना रहे हैं l
सुन्दर चीजें घटित होती हैं जब परमेश्वर हृदय परिवर्तन का कारण बनता है! इस तरह के परिवर्तन को केवल दो शब्दों द्वारा चित्रित किया गया है : “भाई शाऊल” (प्रेरितों 9:17)
वे शब्द एक विश्वासी, हनन्याह के थे, जिसे परमेश्वर ने शाऊल के ह्रदय परिवर्तन के तुरंत बाद उसकी दृष्टि ठीक करने के लिए बुलाया था (पद.10-12) शाऊल के हिंसक अतीत के कारण पहले तो हनन्याह ने विरोध किया, और प्रार्थना की : “मैं ने इस मनुष्य के विषय में बहुतों से सुना है कि इसने . . . तेरे पवित्र लोगों के साथ बड़ी-बड़ी बुराइयाँ की हैं” (पद.13)
लेकिन हनन्याह आज्ञाकारी था और चला गया l और क्योंकि उसका ह्रदय परिवर्तन हो चुका था, हनन्याह ने विश्वास में एक नया भाई प्राप्त किया, शाऊल पौलुस के रूप में जाना जाने लगा, और यीशु का सुसमाचार सामर्थ्य के साथ फैलता गयाl सच्चा परिवर्तन हमेशा उसके द्वारा संभव है!
परमेश्वर के सामने चुप रहना
एक जीवित व्यक्ति की पहली तस्वीर 1838 में लुई डागुएरे द्वारा ली गयी थी l तस्वीर में दोपहर के मध्य पेरिस में अन्यथा खाली सड़क पर एक आकृति को दर्शाया गया है l लेकिन इसके बारे में एक स्पष्ट रहस्य है; सड़क और फुटपाथों पर दिन के उस समय गाड़ियों और पैदल चलने वालों के यातायात से हलचल होनी चाहिए थी, फिर भी कोई दिखाई नहीं देता है l
वह आदमी अकेला नहीं था l लोग और घोड़े भी बुलवर्ड ड्यू टेम्पल(Boulevard du Temple) में मौजूद थे, वह लोकप्रिय क्षेत्र जहाँ यह तस्वीर ली गयी थी l वे तस्वीर में दिखे ही नहीं l तस्वीर को तैयार करने के लिए संसर्ग समय(exposure)(जिसे डागरेरोटाइप के रूप में जाना जाता है) को एक छवि लेने में सात मिनट लग गए, जो उस समय के दौरान स्थिर/अचल रहना था l ऐसा प्रतीत होता है कि फूटपाथ पर मौजूद व्यक्ति अकेला व्यक्ति था जिसकी फोटो खिंची गयी थी क्योकि वह ही स्थिर खड़ा था—वह अपने जूते पोलिश करा रहा था l
कभी-कभी स्थिरता वह कर देती है जो गति और प्रयास नहीं कर सकते l भजन 46:10 में परमेश्वर अपने लोगों से कहता है, “चुप हो जाओ और जान लो कि मैं ही परमेश्वर हूँ l” यहाँ तक कि जब राष्ट्र “झल्ला उठते हैं” (पद.6) और “पृथ्वी” चाहे उलट जाए (पद.2), तब भी जो चुपचाप उस पर भरोसा करते हैं, वे उसमें “अति सहज से मिलनेवाला सहायक” पाएँगे (पद.1)
इब्रानी भाषा की क्रिया(verb) “चुप रहो” का अनुवाद “प्रयास करना बंद करो” भी किया जा सकता है l जब हम अपने सीमित प्रयासों पर निर्भर रहने के बजाय परमेश्वर में विश्राम करते हैं, तो हम पाते हैं कि वह हमारा अजेय “शरणस्थान और बल” हैI (पद.1)
परमेश्वर की सुनना
जब मैं कॉलेज जाने के लिए गाड़ी चला रहा था और फिर वापसी में घर लौट रहा था, तो रेगिस्तान में हमारे घर की ओर जाने वाली सड़क कष्टदायी रूप से बेहद निष्क्रय और सुस्त लग रही थी l क्योकि यह सड़क लम्बी और सीधी थी, मैंने पाया कि मैं एक से अधिक बार तेज़ गति से गाड़ी चला रहा था l सबसे पहले, मुझे राजमार्ग गश्ती(highway patrol) से चेतावनी दी गयी l उस समय मुझे जुर्माना देना पड़ा l फिर मुझे उसी स्थान पर दूसरी बार तलब किया गया l
सुनने से इनकार करने के दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम हो सकते हैं l इसका एक दुखद उदाहरण एक अच्छे और विश्वासयोग्य राजा योशिय्याह के जीवन से है l जब मिस्र का राजा नको बाबुल के विरुद्ध युद्ध में अश्शुर की सहायता करने को यहूदा के देश में होकर गया, तब योशिय्याह उसका मुकाबला करने को निकला l नको ने दूतों से योशिय्याह को यह कहला भेजा, “परमेश्वर ने मुझे फुर्ती करने को कहा है l इसलिए परमेश्वर जो मेरे संग है, उससे अलग रह” (2 इतहास 35:21)परमेश्वर ने वास्तव में नको को भेजा था, परन्तु योशिय्याह ने “नको के उन वचनों को नहीं माना जो उसने परमेश्वर की ओर से कहे थे, और मगिद्दो की तराई में उससे युद्ध करने को गया” (पद.22) युद्ध में योशिय्याह घातक रूप से घायल हो गया, “और यहूदियों और यरूशलेमियों ने . . . उसके लिए विलाप कियाI” (पद.24)
योशिय्याह, जो परमेश्वर से प्रेम करता था, उसने पाया कि उसकी परमेश्वर की बात सुनने या दूसरों के द्वारा उसकी बुद्धि को सुनने के लिए समय निकाले बिना अपने तरीके पर ज़ोर देना कभी भी अच्छा नहीं होता l ईश्वर हमें वह विनम्रता प्रदान करे जिसकी हमें हमेशा अपने आप को जांचने और उसकी बुद्धि को अपने हृदय में धारण करने की ज़रूरत है l
एक लंगूर, एक गदही, और मैं
जैक जानता था कि ट्रेनों को सही रास्ते पर कैसे लाया जाता है। नौ वर्षों के काम में, वह कभी भी ट्रैक स्विच करने से नहीं चूके जैसे लोकोमोटिव यूटेनहागे, दक्षिण अफ्रीका, स्टेशन के नज़दीक आते थे,और अपनी सीटी से संकेत करते थे कि उन्हें किस दिशा में जाना है।
जैक एक चकमा लंगूर भी था। उसकी देखभाल रेलवे सिग्नलमैन जेम्स वाइड द्वारा की जाती थी, और बदले में जैक ने जेम्स की देखभाल की। चलती रेल कारों के बीच गिरने से वाइड ने अपने दोनों पैर खो दिए थे। उसने जैक को घर के आसपास के कार्यों में मदद करने के लिए प्रशिक्षित किया और जल्द ही जैक ने काम में भी उसकी सहायता की, यह सीखते हुए कि आने वाली ट्रेनों के संकेतों का जवाब उनकी पटरियों के लिए संबंधित लीवर को खींचकर कैसे दिया जाए।
बाइबल एक और जानवर के बारे में बताती है जिसने आश्चर्यजनक तरीके से किसी की मदद की—बिलाम का गदही। बिलाम एक राजा की सेवा करने वाला मूर्तिपूजक भविष्यद्वक्ता था जो इस्राएल को हानि पहुँचाना चाहता था। जब बिलाम अपनी गदही पर सवार होकर राजा की सहायता करने के मार्ग में जा रहा था, तब "यहोवा ने गदही का मुंह खोल दिया" और वह बिलाम से बोली (गिनती 22:28) गदही का भाषण उस तरीके का हिस्सा था जिस तरह से परमेश्वर ने "बिलाम की आंखें" खोली (पद. 31) उसे निकटस्थ खतरे की चेतावनी दी, और उसे अपने लोगों को नुकसान पहुंचाने से रोका।
एक रेलवे का लंगूर? एक बोलने वाली गदही? क्यों नहीं? यदि परमेश्वर इन अद्भुत जानवरों का उपयोग अच्छे उद्देश्यों के लिए कर सकता है, तो यह विश्वास करना अवास्तविक/अस्वाभाविक नहीं है कि वह आपको और मुझे भी उपयोग कर सकता है। उसकी ओर देखते हुए और उसकी सामर्थ्य की खोज करते हुए, हम जितना हमने सोचा था उससे कहीं अधिक प्राप्त कर सकते हैं।
आशीर्वाद का पालनकर्ता
15 जनवरी, 1919 को संयुक्त राज्य अमेरिका के बोस्टन में कच्ची चीनी की चाशनी से भरा एक विशाल टैंक फट गया। 75 लाख लीटर से अधिक कच्ची चीनी की पन्द्रह फुट की लहर 30 मील प्रति घंटे से अधिक की गति से सड़क पर बहती हुई, रेलकार, इमारतों, लोगों और जानवरों को बहा ले गई। कच्चा चीनी सिरप काफी हानिरहित लग सकता है, लेकिन उस दिन यह घातक था — 150 या अधिक घायल होने के साथ 21 लोगों की जान चली गई।
कभी कभी अच्छी चीजें भी, जैसे कि कच्ची चीनी की चाशनी हमें अप्रत्याशित रूप से अभिभूत कर सकती हैं। इस्राएलियों के उस देश में प्रवेश करने से पहले जिसकी प्रतिज्ञा परमेश्वर ने उनसे की थी, मूसा ने लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी कि वे जो अच्छी वस्तुएँ प्राप्त करेंगे उनका श्रेय न लें “ऐसा न हो कि जब तू खाकर तृप्त हो, और अच्छे अच्छे घर बनाकर उन में रहने लगे, और तेरी गाय, बैलों और भेड़ बकरियों की बढ़ती हो, और तेरा सोना ,चांदी, और तेरा सब प्रकार का धन बढ़ जाए, तब तेरे मन में अहंकार समा जाए, और तू अपने परमेश्वर यहोवा को भूल जाए, जो तुझ को दासत्व के घर अर्थात् मिस्र देश से निकाल लाया है। और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई। परन्तु तू अपने परमेश्वर यहोवा को स्मरण रखना, क्योंकि वही है जो तुझे सम्पति प्राप्त करने का सामर्थ्य इसलिये देता है कि जो वाचा उस ने तेरे पूर्वजों से शपथ खाकर बान्धी थी उसको पूरा करे, जैसा आज प्रगट है। (व्यवस्था विवरण 8: 12 –14, 17 –18)
सभी अच्छी चीज़ें जिनमें शारीरिक स्वास्थ्य और जीविकोपार्जन के लिए ज़रूरी कौशल शामिल हैं हमारे प्यारे परमेश्वर के हाथों की आशीषें हैं। यहां तक कि जब हमने कड़ी मेहनत की है, यह वही है जो हमें सम्भालता है। खुले हाथों से अपनी आशीषों को थामें ताकि हम परमेश्वर की कृपा के लिए उसकी स्तुति कर सकें!
खोना, पाना, आनन्द करना
वे मुझे रिंगमास्टर कहते हैं। इस साल अब तक मैंने 167 खोई हुई अंगूठियां पाई हैं।
अपनी पत्नी कैरी के साथ समुद्र तट पर टहलने के दौरान, हमने एक वृद्ध व्यक्ति के साथ बातचीत की, जो सर्फ लाइन के ठीक नीचे के क्षेत्र की बारीकी से जांच करने के लिए मेटल डिटेक्टर (धातू संसूचक) का उपयोग कर रहा था। उन्होंने समझाया, “कभी कभी अंगूठियों पर उनके नाम होते हैं, और जब मैं उन्हें लौटाता हूं तो मुझे उनके मालिकों के चेहरे देखना अच्छा लगता है। मैं ऑनलाइन पोस्ट करता हूं और यह देखने के लिए जांच करता हूं कि क्या किसी ने खोया–पाया विभाग से संपर्क किया। मैंने वर्षों से खोई हुई अंगूठियां पाई हैं।” जब हमने बताया कि मुझे भी मेटल डिटेक्टर से चीजें ढूंढने में मजा आता हैए लेकिन मैंने अक्सर ऐसा नहीं किया, तो उन्होंने जाते समय मुझ से कहा था “जब तक करते नहीं तब तक आप कभी नहीं जानते!”
हम लूका 15 में एक अन्य प्रकार की “खोज और बचाव” पाते हैं। यीशु की आलोचना उन लोगों की परवाह करने के लिए की गई थी जो परमेश्वर से दूर थे (पद 1–2) । जवाब में, उसने खोई हुई और फिर पाई गई चीज़ों के बारे में तीन कहानियाँ सुनाईं—एक भेड़, एक सिक्का और एक बेटा। वह आदमी जिसे अपनी खोई हुई भेड़ मिल जाती है, “तब वह बड़े आनन्द से उसे अपने कंधों पर उठा लेता है और घर में आकर अपने मित्रों और पड़ोसियों को एक साथ बुलाकर कहता है, मेरे साथ आनन्द करो क्योंकि मेरी खोई हुई भेड़ मिल गई है” (लूका 15:5–6) । सभी कहानियाँ अंततः मसीह के लिए खोए हुए लोगों को खोजने के बारे में, और उस आनंद के बारे में है जो तब मिलता है जब वे उसमें पाये जाते हैं।
यीशु खोये हुओं को ढूँढ़ने और उनका उद्धार करने (19:10) आया, और वह हमें अपना अनुसरण करने के लिये बुलाता है कि हम लोगों को परमेश्वर के पास वापिस लाने के लिसे उनसे प्रेम करें। (देखें मत्ती 28:19)। दूसरों को उसकी ओर मुड़ते देखने का आनंद इंतजार कर रहा है। जब तक हम नहीं जा कर यह नहीं करते हम कभी नहीं जान पाएंगे।
असीमित कृपा
दो मित्र एक इलेक्ट्रॉनिक स्टोर में लैपटॉप खरीद रहे थे, तब ही उनकी मुलाकात बास्केटबॉल के महान शक्युइल ओनील(Shaquelle O’Neal) से हुयी l यह जानते हुए कि ओ’नील ने हाल ही में अपनी बहन और एक पूर्व साथी को खोया था, उन्होंने सहानुभूतिपूर्वक अपनी संवेदना व्यक्त की l जब दोनों लोग अपनी खरीदारी करने लगे, तो शेक उनके पास आया और उनसे बोला कि जो सबसे अच्छा लैपटॉप उन्हें मिल सके, उसे चुन लें l फिर उसने इसे उनके लिए खरीद दिया, सिर्फ इसलिए क्योंकि उन्होंने उसे एक कठिन समय से गुज़र रहे व्यक्ति के रूप में देखा और उनकी दयालुता से प्रभावित हुआ l
उस आकस्मिक भेंट से हज़ारों साल पहले, सुलैमान ने लिखा था, “कृपालु मनुष्य अपना ही भला करता है”(नीतिवचन 11:17) l जब हम दूसरों की ज़रूरतों पर विचार करते हैं और उनकी मदद करने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं, तो हम स्वयं पुरुस्कृत होते हैं l यह लैपटॉप या भौतिक चीज़ों के साथ शायद नहीं हो, लेकिन परमेश्वर के पास हमें आशीष देने के ऐसे तरीके हैं जिन्हें यह संसार माप नहीं सकता है l जैसा कि सुलैमान ने उसी अध्याय के पहले केवल एक पद में समझाया था, “दयालु स्त्री का सम्मान होता है, और कठोर परिश्रम करनेवाला पुरुष धन प्राप्त करता है”(पद.16 HINDICLBSI) l परमेश्वर की ओर से ऐसे उपहार हैं जिनका मूल्य पैसों से कहीं अधिक है, और वह उन्हें अपनी सम्पूर्ण बुद्धि और तरीके से उदारतापूर्वक मापता है l
दयालुता और उदारता परमेश्वर के चरित्र का हिस्सा हैं, और वह उन्हें हमारे हृदय और जीवन में व्यक्त होते देखना पसंद करता है l सुलैमान ने इस मामले को अच्छी तरह से संक्षिप्त करता है : “जो दूसरों की खेती सींचता है, उसकी भी सिंची जाएगी”(पद.25) l
असीमित प्यार
“परमेश्वर हमारे प्रति बहुत भला रहा है! मैं हमारी वर्षगाँठ के लिए उसको धन्यवाद देना चाहती हूँ l टेरी(Terry) की आवाज़ स्थिर थी, और उसकी आँखों में आंसू उसकी ईमानदारी को दर्शा रहे थे l हमारे छोटे समूह के लोग बहुत प्रभावित हुए l हम जानते थे कि टेरी और उसके पति पर पिछले वर्षों में क्या बीता था l विश्वासी होने के बावजूद, रॉबर्ट अचानक गंभीर मानसिक बिमारी से पीड़ित हो गया और उसने अपनी चार साल की बेटी की जान ले ली l उसे मानसिक रूप से देखभाल करने वाली संस्था में दशकों तक रखा जाएगा, लेकिन टेरी ने उससे मुलाकात की, और ईश्वर ने उसे माफ़ करने में मदद करते हुए एक सुंदर चंगाई का कार्य किया l अत्यधिक हृदय वेदना के बावजूद, उसका एक-दूसरे के प्रति प्रेम बढ़ता गया l
ऐसा प्रेम और क्षमा केवल एक ही श्रोत से आ सकते हैं l दाऊद परमेश्वर के बारे में इस तरह लिखता है, “उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया . . . उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है”(भजन 103:10,12) l
परमेश्वर हम पर जो करुणा दिखाता है वह उसके व्यापक प्रेम के द्वारा आता है : “जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करुणा[उसका प्यार] उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है”(पद.11) l इतने गहरे प्यार ने उसे हमारे पापों को दूर करने के लिए क्रूस और कब्र की गहराई तक जाने के लिए मजबूर किया ताकि वह उन सभी को अपने पास ला सके जो “उसे ग्रहण [करते हैं]”(यूहन्ना 1:12) l
टेरी सही थी l “परमेश्वर हमारे लिए बहुत अच्छा रहा है!” उसका प्रेम और क्षमा अकल्पनीय सीमाओं से परे तक पहुंचता है और हमें ऐसा जीवन प्रदान करता है जो कभी समाप्त नहीं होता l
जब विश्वास करना देखना है
"मैं जो देख रहा था उस पर विश्वास नहीं कर पा रहा था!" मेरी पत्नी कैरी ने मुझे खिड़की के पास बुलाया और हमारे बाड़े के ठीक बाहर जंगल में एक हिरणी को दिखाया, जो हमारे आँगन के एक छोर से दूसरे छोर तक उछल-कूद कर रही थी। बाड़े के अंदर हमारे बड़े कुत्ते, उसकी गति से ताल-मेल मिला रहे थे, लेकिन वे भौंक नहीं रहे थे। लगभग एक घंटे तक वे आगे-पीछे चलते रहे। जब हिरणी रुकी और उनका सामना किया, कुत्ते भी रुक गए, अपने आगे के पैरों को सीधा किया और पीछे की ओर झुक गए, फिर से दौड़ने के लिए तैयार हो गए। यह शिकारी और शिकार जैसा बर्ताव नहीं लग रहा था; हिरणी और कुत्ते एक-दूसरे की संगति का आनंद लेते हुए एक साथ खेल रहे थे!
कैरी और मेरे लिए, उनकी सुबह की उछल-कूद ने परमेश्वर के आने वाले राज्य की एक तस्वीर प्रदान की। भविष्यवक्ता यशायाह ने उस राज्य के बारे में परमेश्वर के वादे की घोषणा इन शब्दों के साथ की, "देख, मैं नया आकाश और नई पृथ्वी उत्पन्न करने पर हूं," (यशायाह 65:17)। वह आगे कहता है कि "भेड़िया और मेम्ना एक साथ चरेंगे, और सिंह बैल के समान भूसा खाएगा" (पद 25)। न कोई शिकारी होगा, न कोई शिकार। सिर्फ दोस्त।
यशायाह के शब्द हमें दिखाते हैं कि परमेश्वर के अनंतकाल के राज्य में जानवर होंगे; वे यह भी इशारा करते हैं कि परमेश्वर अपनी रचना के लिए क्या तैयारी कर रहा है, विशेषकर "उन लोगों के लिए जो उससे प्रेम करते हैं"(1 कुरिन्थियों 2:9)। वह कितनी सुंदर जगह होगी! जब हम विश्वास के साथ उस पर भरोसा करते हैं, परमेश्वर हमारी आँखों को उस वास्तविकता की ओर उठाता है जो आने वाली है: उसकी उपस्थिति में हमेशा की शांति और सुरक्षा!
-जेम्स बैंक्स