Our Authors

सब कुछ देखें

Articles by किर्स्टेन होल्मबर्ग

सुख का पलना

मेरी सहेली ने मुझे अपने चार दिन की बेटी को गोद में लेने का सौभाग्य दिया l बच्चावह मेरे गोद में आने के बाद ही हलचल करने लगा l मैंने उसे दुलारा, अपने गाल उसके सिर से लगाया, और उसे चुप करने के लिए हिलाते हुए एक गीत गुनगुनाने लगी l इन प्रयासों के साथ, दस वर्षों के अपने लालन-पालन अनुभव के बाद भी, मैं उसे शांत न कर सकी l मैंने उसे उसकी अधीर माँ के बाहों में डालने तक वह अत्यंत परेशान रही l तुरन ही वह शांत हो गई; उसका रोना बंद हो गया और उसकी बेचैनी उसके भरोसेमंद सुरक्षा में तब्दील हो गई l  मेरी सहेली अपनी बेटी को गोद लेना और उसकी परेशानी दूर करना जानती थी l

परमेश्वर अपने बच्चों को माता की तरह सुख देता है : कोमल, भरोसेमंद, और बच्चे को शांत करने में चिन्ताशील l हमारे थकित अथवा परेशान होने पर, वह हमें अपनी बाहों में उठाता है l हमारा पिता और सृष्टिकर्ता होकर, वह हमें निकटता से जानता है l “जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए है, उसकी तू पूर्ण शांति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है” (यशा. 26:3) l

जब हमें संसार का भारी बोझ दबाए, हम इस ज्ञान में सुख पाते हैं कि वह प्रेमी अभिभावक की तरह हमें अर्थात् अपने बच्चों को सुरक्षित रखता और उनके लिए लड़ता है l

उँगलियों से गिराना

मेरी असावधानी से रेस्टोरेंट काउन्टर पर पेय गिरकर फर्श पर फ़ैल गया l कोरी शर्मिंदगी में, मैं चुल्लू से उसे इकट्ठा करना चाही l मेरा ज्यादातर प्रयास असफल रहा; अधिकतर पेय मेरी उँगलियों के बीच से निकलकर बह गया l अंत में, मेरी हथेलियों में एक चम्मच से थोड़ा अधिक पेय था, और मेरे पाँव तलैया में थे l

मेरा जीवन के कई दिनों में ऐसा ही होता है l मैं समस्याओं का हल निकालने, विवरण निरीक्षण, और स्थितियों को संभालने में लगी रहती हूँ l मेरे कठिन प्रयास के बावजूद, मेरे निर्बल हाथ सभी टुकड़ों और हिस्सों को संभाल नहीं पाते l कुछ-न-कुछ मेरी उँगलियों के बीच से फिसलकर मेरे पाँव के पास फर्श पर गिरकर मुझे अभिभूत करते हैं l मैं हाथों को मोड़कर अथवा उँगलियों को दबोच कर भी सब कुछ संभाल नहीं सकती l

फिर भी परमेश्वर सक्षम है l यशायाह कहता है कि परमेश्वर विश्व के जल को-सभी महासागर और नदियाँ और वर्षा-को चुल्लू से माप सकता है (40:12) l केवल उसके हाथ उन्हें थाम सकते हैं l हम एक चम्मच से अधिक थामने का प्रयास न करें जो उसने हमारे थामने के लिए रचा है l पराजित महसूस करने पर, हम उसके समर्थ हाथों में अपनी देखभाल और चिंता छोड़ दें l