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Articles by माँरविन विलियम्स

उसकी लालसा करो

ऐसा क्यों है कि जब हम कहते है यह आखिरी आलू चिप्स है जो मैं खाने जा रहा हूँ। और पांच मिनट बाद हम और खोज रहे होते हैं? माइकल मोस इस सवाल का जवाब अपने किताब साल्ट सुगर फैट में देते हैं। वह बताते है कि कैसे अमेरिका का सबसे बड़ा नाश्ता उत्पादक लोगों को जंकफ़ूड की लालसा पैदा करने में “मदद” करना जानता है। वास्तव में, एक लोकप्रिय कंपनी ने एक वर्ष में $30 मिलियन (लगभग ₹222 करोड़) खर्च किए और उपभोक्ताओं के लिए आनंद की स्थिति निर्धारित करने के लिए “लालसा सलाहकार” को काम पर रखा ताकि  हमारे भोजन की लालसा का फायदा उठा सके।

उस कम्पनी के विपरीत यीशु हमें असली खाने की लालसा पैदा करने के लिए मदद करता है—आत्मिक भोजन—जो हमारी आत्माओं को संतुष्टि लाता है। उसने कहा “जीवन की रोटी मैं हूं जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगाए वह कभी प्यासा न होगा।” (यूहन्ना 6:35)। यह दावा करके उन्होंने दो महत्वपूर्ण बातों को बताया— पहला, जिस रोटी की उन्होंने बात की वह एक व्यक्ति है, न की वस्तु (पद 32)। दूसरा, जब लोग पापों के क्षमा के लिए अपना भरोसा यीशु पर डालते है, वे उसके साथ एक सही रिश्ते में प्रवेश करते है और अपनी आत्मा की हर लालसा की भरपूरी पाते है। यह रोटी चिरस्थायी है, आत्मिक भोजन जो संतुष्टि और जीवन की ओर ले जाता है।

जब हम अपना भरोसा यीशु, स्वर्ग की सच्ची रोटी, पर डालते है, हम उसकी लालसा करेंगे, वह हमें शक्तिशाली बनाएगा और हमारे जीवनों को परिवर्तित करेगा।

 

आयु मात्र एक संख्या है

तरुणावस्था किसी के लिए भी उपलब्धियाँ प्राप्त करने में रुकावट नहीं बनना चाहिए l और यह निश्चित रूप से ग्यारह वर्ष की मिकेला को भी नहीं रोक सका l मिकेला ने शिकंजी का ठेला  शुरू की अपेक्षा, शिकंजी का बड़े स्तर पर व्यापार आरम्भ किया। मी एंड द बीज़ लेमनेड (Me & the Bees Lemonade) का व्यापार उसकी दादी की बनायी एक व्यंजन विधि से आरम्भ हुयी और आख़िरकार टेलीविज़न शो शार्क टैंक(Shark Tank) में निवेशकों से $60,000 का निवेश अर्जित किया l उसने श्रृंखला(chain) के पचपन स्टोर्स पर अपनी शिकंजी बेचने के लिए एक बड़े किराना बेचनेवाले के साथ एक अनुबंध पर भी हस्ताक्षर किए l 

मिकेला की प्रबल प्रेरणा और सपने हमें पौलुस द्वारा तीमुथियुस को कहे गए शब्दों की ओर इशारा करते हैं : कोई तेरी जवानी को तुच्छ न समझने पाए”(1 तीमोथियुस 4:12)।

तीमुथियुस, यद्यपि मिकेला की तरह छोटा नहीं था, फिर भी अपनी कलीसिया के अधिकतर लोगों से काफी छोटा था । और उसे इस विषय में चिंता थी कि लोग उसकी अवमानना कर रहे हैं l साथ ही, पौलुस के साथ रहने के बाद भी, कुछ लोगों की सोच थी कि तीमुथियुस उनकी अगुवाई करने के लिए परिपक्व नहीं था l अपनी प्रामाणिकताएँ दिखाने के द्वारा स्वयं को साबित करने के लिए कहने के बजाय, पौलुस ने तीमुथियुस को आध्यात्मिक परिपक्वता का प्रदर्शन करने के लिए उत्साहित किया, अपने शब्दों के उपयोग द्वारा, अपना जीवन जीने के द्वारा, अपनी मंडली से प्यार करने के द्वारा, अपने विश्वास के प्रयोग द्वारा, और यौन शुद्ध बने रहने के द्वारा (पद.12) l कोई भी उसे एक शिक्षक और पास्टर के रूप में बदनाम नहीं कर सकता था यदि वह एक ईश्वरीय उदाहरण के साथ इसका समर्थन करता था l 

हम किसी भी आयु में दुनिया को प्रभावित कर सकते हैं। हम इसे दूसरों के लिए एक मसीह-केन्द्रित उदाहरण स्थापित करने के द्वारा करते हैं जब परमेश्वर हमें वह प्रदान करता है जिसकी हमें ज़रूरत है l वह हमारे जीवन को सुसमाचार

परमेश्वर दागों को साफ करते हैं

क्या हो अगर हमारे कपड़े अधिक कार्यात्मक बन जाए , केचप या सरसों का सॉस या एक पेय गिराने के बाद वे अपने आप खुद को साफ करने की क्षमता रख पाए ? बीबीसी के अनुसार, चीन में इंजीनियरों ने एक विशेष "कोटिंग विकसित की है जिसके द्वारा सूती कपड़े पराबैंगनी रोशनी के संपर्क में आते ही खुद को दागों और दुर्गन्ध से साफ़ कर सकते हैं।" क्या आप स्वयं-सफाई कपड़े रखने के प्रभावों की कल्पना कर सकते हैं?

एक खुद को साफ़ करने वाली परत दाग़ वाले कपड़ों के लिए काम कर सकती है, लेकिन केवल परमेश्वर ही आत्मा पर लगे दाग़ों को साफ कर सकते हैं। प्राचीन यहूदा में, परमेश्वर अपने लोगों से क्रोधित था क्योंकि उन्होंने "अपनी पीठ फेर ली थी,”  खुद को भ्रष्टाचार और बुराई के लिए दे दिया था, और झूठे देवताओं की आराधना कर रहे थे (यशायाह 1:2-4)। लेकिन स्थिति को और बदतर बनाने के लिए, उन्होंने बलिदान चढ़ाने, धूप जलाने, बहुत प्रार्थना करने और पवित्र सभाओं में एक साथ इकट्ठा होने के द्वारा स्वयं ही खुद को शुद्ध करने की कोशिश की। फिर भी उनके पाखंडी और पापी हृदय बने रहे (पद. 12-13)। उनके लिए उपाय यह था कि वे अपने होश में आ जाएं और पश्चातापी हृदय से उनकी आत्मा पर लगे दागों को एक पवित्र और प्रेममय परमेश्वर के सामने लाये। उसका अनुग्रह उन्हें शुद्ध करेगा और उन्हें आत्मिक रूप से "बर्फ के समान सफेद" बना देगा (पद १८)।

जब हम पाप करते हैं, तो कोई स्व-सफाई समाधान नहीं होता। एक विनम्र और पश्चातापी हृदय के साथ, हमें अपने पापों को स्वीकार करना है और उन्हें परमेश्वर की पवित्रता के साफ़ करने वाले प्रकाश के नीचे लाना है। हमें उनसे फिरकर और उसके पास लौटना है। और वह एकमात्र, जो आत्मा के दाग़ों को साफ करता है, हमें पूर्ण क्षमा और नयी संगति प्रदान करेगा।

प्रतीक्षा करने के लिए तैयार

प्रतीक्षा करना हमारी शांति को चुराने का एक अपराधी हो सकता है। कंप्यूटर वैज्ञानिक रमेश सीतारमन के अनुसार, कुछ चीजें इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में "सार्वभौमिक निराशा और क्रोध को प्रेरित करती हैं" जैसे एक सुस्त वेब ब्राउज़र के लोड होने की प्रतीक्षा। उनकी खोज बताती है कि हम ऑनलाइन वीडियो लोड होने के लिए औसतन दो सेकंड प्रतीक्षा कर सकते हैं। पांच सेकंड के बाद, परित्याग दर लगभग पच्चीस प्रतिशत है, और दस सेकंड के बाद, आधे उपयोगकर्ता अपने प्रयासों को छोड़ देते हैं। हम निश्चित रूप से एक बेसब्र समूह हैं!

याकूब ने यीशु में विश्वासियों को प्रोत्साहित किया कि वे उसके दूसरे आगमन की प्रतीक्षा करते हुए उसे त्यागे नहीं। मसीह का दूसरा आगमन उन्हें दुख का सामना करने के लिए दृढ़ रहने और एक दूसरे से प्रेम करने और सम्मान करने के लिए प्रेरित करेगा  (याकूब 5:7-10)। याकूब ने अपनी बात समझाने के लिए किसान के उदाहरण का इस्तेमाल किया। किसान की तरह, जो धैर्यपूर्वक "शरद ऋतु और वसंत ऋतु की बारिश" (पद. 7) और भूमि से उसकी बहुमूल्य फसल उगने की प्रतीक्षा करता है, याकूब ने विश्वासियों को यीशु के वापस आने तक उत्पीड़न के समय धैर्य रखने के लिए प्रोत्साहित किया। और जब वह लौटेगा, तो सब गलत को सही , और शालोम, शान्ति लाएगा।

कभी-कभी, हम यीशु की प्रतीक्षा करते हुए उसे त्यागने की परीक्षा में पड़ जाते हैं। परन्तु जैसे-जैसे हम प्रतीक्षा करते हैं, हम "जागते रहें" (मत्ती 24:42), विश्वासयोग्य बने रहें (25:14-30), और उसके चरित्र और मार्गों को जीएँ (कुलुस्सियों 3:12)। यद्यपि हम नहीं जानते कि यीशु कब लौटेंगे, हम धैर्यपूर्वक उसकी प्रतीक्षा करें, चाहे इसमें कितना ही समय लगे।

हमारे आराम के लिए नहीं

अबीश अपनी मोटरसाइकिल की सवारी कर रहा था जब एक कार उसकी गली में जा घुसी और उसे आने वाले यातायात में धकेल दिया। जब वह दो हफ्ते बाद ट्रॉमा सेंटर में उठा, तो वह "गड़बड़" था। सबसे बुरी बात यह है कि उन्हें रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई जिससे वह लकवाग्रस्त हो गए। अबीश ने चंगाई के लिए प्रार्थना की, लेकिन वह कभी नहीं आया। इसके बजाय, उनका मानना ​​​​है कि परमेश्वर ने उन्हें दया से सिखाया है कि "इस जीवन का उद्देश्य यह है कि हम मसीह की छवि के अनुरूप बनें। दुर्भाग्य से, ऐसा तब नहीं होता जब सब कुछ गेंडा और इंद्रधनुष हो। यह । . . तब होता है जब जीवन कठिन होता है। जब हम प्रार्थना के माध्यम से परमेश्वर पर भरोसा करने के लिए मजबूर हो जाते हैं ताकि इसे दिन भर में पूरा किया जा सके।"

प्रेरित पौलुस ने परमेश्वर के साथ सही खड़े होने के दो लाभों की व्याख्या की: धीरज और दुख में आनन्दित रहना (रोमियों 5:3–4)। ये दो लाभ कठोर धैर्य के साथ दुख सहने या दर्द में सुख खोजने का आह्वान नहीं थे। यह ईश्वर में अटल विश्वास का निमंत्रण था। दुख के साथ-साथ मसीह “धीरज” पैदा करता है; दृढ़ता, चरित्र; और चरित्र, आशा" (v 3-4)। यह सब इस विश्वास से निकलता है कि पिता हमें नहीं छोड़ेंगे बल्कि आग और भविष्य में हमारे साथ चलेंगे।

परमेश्वर हमारे दुखों में हमसे मिलते हैं और हमें उसमें बढ़ने में मदद करते हैं। क्लेशों को अपनी प्रतिकूलता के रूप में देखने के बजाय, क्या हम उन तरीकों की तलाश कर सकते हैं जिनका उपयोग वह हमारे चरित्र को तेज करने और बनाने के लिए कर रहा है जब हम अनुभव करते हैं कि उसका प्रेम "हमारे हृदय में उंडेला गया" (v 5)।

द्वेष नहीं रखना

2011 में एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान, दो तिहत्तर वर्षीय पूर्व कनाडाई फुटबॉल लीग खिलाड़ी मंच पर आपस में भिड़ गए। 1963 में अपने खेल के दिनों में एक आपसी अनबन को सुलझाना था। जब एक आदमी ने दूसरे को मंच से धकेल दिया, तो भीड़ ने उसको कहा कि उसे "जाने दो!" वे उससे कह रहे थे कि वह द्वेष न रखे।

बाइबल में ऐसे लोगों के कई उदाहरण हैं जो दुर्भाव रखते थे। कैन ने अपने भाई हाबिल के प्रति द्वेषपूर्ण व्यवहार रखा क्योंकि परमेश्वर ने हाबिल की भेंट को उसके ऊपर स्वीकार कर लिया था (उत्पत्ति 4:5)। यह द्वेष इतना गहरा था कि यह अंततः हत्या का कारण बना क्योंकि “कैन ने अपने भाई पर चढ़कर उसे घात किया” (पद 8)। "एसाव ने याकूब से बैर रखा" क्योंकि याकूब ने उसका पहिलौठा अधिकार चुरा लिया था (27:41)। यह द्वेष इतना तीव्र था कि इसने डर के मारे याकूब को अपने जीवन के लिए भागने के लिए विवश किया।

बाइबल हमें न केवल उन लोगों के कई उदाहरण देती है जो द्वेष रखते थे, बल्कि यह हमें यह भी निर्देश देती है कि इस तरह के विद्वेष को कैसे दूर किया जाए—माफी और मेल-मिलाप कैसे प्राप्त करें। परमेश्वर हमें दूसरों से प्रेम करने के लिए बुलाता है (लैव्यव्यवस्था 19:18), उन लोगों के लिए प्रार्थना करें और क्षमा करें जो हमारा अपमान करते हैं और हमें चोट पहुँचाते हैं (मत्ती 5:43-47), सभी लोगों के साथ शांति से रहें,  बदला लेना, परमेश्वर पर छोड दें, और भलाई के साथ बुराई पर विजय पाएं (रोमियों) 12:18-21)। उनकी शक्ति से, हम आज द्वेष को मिटा दें।

जागते रहें!

एक जर्मन बैंक कर्मचारी एक ग्राहक के बैंक खाते से 62.40 यूरो डालने के बीच में था, जब उसने गलती से अपने मेज पर एक छोटी सी झपकी ले ली। जब उसकी उंगली "2" कुंजी(key) पर थी, तब उसे नींद आ गई, जिसके परिणामस्वरूप ग्राहक के खाते में 222 मिलियन यूरो (रुपए 19,590,465,355 ) का हस्तांतरण हुआ। गलती के नतीजे में स्थानांतरण की गवाही देने वाले कर्मचारी के सहयोगी की नौकरी चली गई। हालांकि गलती पकड़ी गई और ठीक की गई, क्योंकि वह सतर्क नहीं था, नींद में डूबे कर्मचारी की चूक बैंक के लिए लगभग एक बुरा सपना बन गई।

यीशु ने अपने शिष्यों को चेतावनी दी कि यदि वे सतर्क नहीं रहे, तो वे भी एक बहुत बड़ी गलती करेंगे। वह उन्हें प्रार्थना में कुछ समय बिताने के लिए गतसमनी नामक स्थान पर ले गया। जब उसने प्रार्थना की, तो यीशु ने एक ऐसे दुःख और पीडा का अनुभव किया जो उसने अपने सांसारिक जीवन में कभी नहीं जाना था। उसने पतरस, याकूब और यूहन्ना से प्रार्थना करने के लिए जगा हुआ और उसके साथ "जागते रहने" के लिए कहा (मत्ती 26:38), परन्तु वे सो गए (पद 40-41)। जागकर प्रार्थना करने में उनकी विफलता उन्हें तब असहाय छोड़ देती जब उसे नकारने का असली प्रलोभन बुलाता l मसीह की सबसे बड़ी आवश्यकता के समय में, शिष्यों में आध्यात्मिक सतर्कता का अभाव था।

हम प्रार्थना में उसके साथ समय बिताने के लिए अधिक समर्पित होकर आध्यात्मिक रूप से जागृत रहने के लिए यीशु के वचनों पर ध्यान दें। जब हम करते हैं, वह हमें सभी प्रकार के प्रलोभनों का सामना करने और यीशु  को अस्वीकार करने की महंगी गलती से बचने के लिए मजबूत करेगा।

प्रभु का कम्पास (दिशा सूचक यंत्र)

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, वाल्डेमर सेमेनोव एसएस अल्कोआ गाइड (SS Alcoa Guide) पर एक जूनियर इंजीनियर के रूप में सेवा कर रहा था, जब उत्तरी कैरोलिना के तट से लगभग तीन सौ मील दूर──एक जर्मन पनडुब्बी सतह पर आई और जहाज पर आक्रमण की। जहाज टूटा, आग लग गई, और डूबने लगा। सेमेनोव और उसके चालक दल ने एक जीवनरक्षक नौका को पानी में उतारा और जहाज के कंपास का इस्तेमाल शिपिंग मार्ग की ओर जाने के लिए किया। तीन दिनों के बाद, एक गश्ती विमान ने उनकी जीवनरक्षक नौका को देखा और यूएसएस ब्रूम(USS Broome) ने अगले दिन उन पुरुषों को बचा लिया। उस कम्पास की बदौलत सेमेनोव और छब्बीस अन्य चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया।

भजन लिखनेवाले ने परमेश्वर के लोगों को याद दिलाया कि वे जीवन के लिए, एक कम्पास से लैस थे──बाइबल। उसने पवित्रशास्त्र की तुलना "एक दीपक" (भजन संहिता 119:105) से की जो परमेश्वर का अनुसरण करने वालों के लिए जीवन के मार्ग को प्रकाशित करने के लिए प्रकाश प्रदान करता है। जब भजनकार जीवन के गड़बड़ी के जल में बह रहा था, वह जानता था कि परमेश्वर पवित्रशास्त्र का उपयोग आध्यात्मिक दिशांतर और अक्षांश प्रदान करने और उसे जीवित रहने में मदद करने के लिए कर सकता है। इस प्रकार, उसने प्रार्थना की कि परमेश्वर उसे जीवन में निर्देशित करने के लिए अपना प्रकाश भेजे और उसे उसकी पवित्र उपस्थिति के बंदरगाह तक सुरक्षित पहुंचाए (43:3)।

यीशु में विश्वासियों के रूप में, जब हम अपना रास्ता खो देते हैं, तो परमेश्वर पवित्र आत्मा के द्वारा और पवित्रशास्त्र में बताई गई दिशा के द्वारा हमारा मार्गदर्शन कर सकता है। जब हम बाइबल पढ़ते हैं, उसका अध्ययन करते हैं, और उसकी बुद्धि का अनुसरण करते हैं, तो परमेश्वर हमारे दिलों और दिमागों को बदल दे।

बिल्कुल सही नाम

एक अगस्त के गर्म और उमस भरे दिन में मेरी पत्नी ने हमारे दूसरे बेटे को जन्म दिया। लेकिन वह गुमनाम रहा क्योंकि हम किसी दिए गए नाम पर समझौता करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। आइसक्रीम की दुकानों में कई घंटे बिताने और लंबी कार की सवारी करने के बाद भी हम तय नहीं कर पाए। अंत में मीका नामित होने से पहले वह तीन दिनों के लिए बस "बेबी विलियम्स" था।

सही नाम चुनना थोड़ा निराशाजनक हो सकता है। ठीक है, जब तक कि आप परमेश्वर नहीं हैं, जो उस व्यक्ति के लिए सही नाम लेकर आया है जो हमेशा के लिए चीजों को बदल देगा। भविष्यवक्ता यशायाह के माध्यम से, परमेश्वर ने राजा आहाज को उसके विश्वास को मजबूत करने के लिए "एक चिन्ह के लिए" पूछने का निर्देश दिया (यशायाह 7:10-11)। यद्यपि राजा ने एक चिन्ह मांगने से इनकार कर दिया, फिर भी परमेश्वर ने उसे एक संकेत दिया : "कुंवारी गर्भवती होगी और पुत्र जनेगी; और उसका नाम इम्मानुएल रखेगी" (पद 14)। परमेश्वर ने बच्चे का नाम रखा, और वह निराशा से गुजर रहे लोगों के लिए आशा का प्रतीक होगा। नाम अटक गया और मत्ती ने इसमें नए अर्थ की सांस फुंकी जब उसने यीशु के जन्म का वर्णन लिखा (मत्ती 1:23)। यीशु "इम्मानुएल" होगा। वह न केवल परमेश्वर का प्रतिनिधि होगा, बल्कि वह देह में परमेश्वर होगा, अपने लोगों को पाप की निराशा से बचाने के लिए आएगा।

परमेश्वर ने हमें एक संकेत दिया। पुत्र ही निशानी है। पुत्र का नाम इम्मानुएल है—परमेश्वर हमारे साथ। यह एक ऐसा नाम है जो उनकी उपस्थिति और प्रेम को दर्शाता है। आज, वह हमें इम्मानुएल को गले लगाने और यह जानने के लिए आमंत्रित करता है कि वह हमारे साथ है।