खुद को बचाने की कोशिश
कई साल पहले, न्यूयॉर्क शहर द्वारा "सुरक्षित रहें, रुके रहें " विज्ञापन अभियान शुरू किया गया जिसके द्वारा लोगों को शिक्षित किया जा सके कि कैसे वें लिफ्ट में फंसने पर शांत और सुरक्षित रह सके। विशेषज्ञों ने बताया कि फंसे हुए कुछ यात्रियों की तब मौत हो गई जब उन्होंने लिफ्ट के दरवाजे खोलने की कोशिश की या किसी अन्य माध्यम से बाहर निकलने का प्रयास किया। सबसे अच्छी कार्य योजना यह है कि मदद के लिए कॉल करने के लिए अलार्म बटन का उपयोग करें और आपातकालीन उत्तरदाताओं के आने की प्रतीक्षा करें।
प्रेरित पौलुस ने एक बहुत ही अलग प्रकार की बचाव योजना बताई - पाप के नीचे की ओर खिंचाव में फंसे लोगों की मदद करने के लिए। उसने इफिसियों को उनकी पूरी तरह से असहाय आत्मिक दशा की याद दिलाई - वास्तव में "[उनके] पापों में" . . मरी हुई दशा” (इफिसियों 2:1)। वे फंस गए थे, शैतान की आज्ञा मान रहे थे (पद 2), और परमेश्वर के प्रति समर्पण करने से इनकार कर रहे थे। इसके परिणामस्वरूप वें परमेश्वर के क्रोध के पात्र थे। लेकिन उसने उन्हें आत्मिक अंधकार में फंसा नहीं छोड़ा। और जो लोग यीशु पर विश्वास करते हैं, उनके लिए प्रेरित ने लिखा, "अनुग्रह से" . . बचा लिए गए हैं ” (पद 5, 8)। परमेश्वर की बचाव पहल की प्रतिक्रिया का परिणाम विश्वास होता है। और विश्वास का मतलब है कि हम खुद को बचाने की कोशिश करना छोड़ दें और अपने बचाव के लिए यीशु को पुकारें।
परमेश्वर के अनुग्रह से, पाप के जाल से बचाया जाना हमारे द्वारा नहीं शुरू किया गया। यह केवल यीशु के द्वारा से "परमेश्वर का दान" है (पद 8)। मर्विन विल्लियम्
प्रार्थना करें और जागते रहें
आध्यात्मिक लड़ाई लड़ते समय, यीशु में विश्वासियों को प्रार्थना को गंभीरता से लेना चाहिए। हालाँकि, फ्लोरिडा की एक महिला को पता चला कि नासमझी से इसका अभ्यास करना कितना खतरनाक हो सकता है। जब उसने प्रार्थना की तो उसने अपनी आँखें बंद कर लीं। लेकिन एक दिन गाड़ी चलाते समय और प्रार्थना करते समय (आँखें बंद करके!), वह स्टॉप चिन्ह पर रुकने में विफल रही, एक चौराहे से होकर उछल गई, और एक गृहस्वामी के आँगन में चली गई। फिर उसने मैदान से पीछे हटने की असफल कोशिश की। हालाँकि वह घायल नहीं हुई थी, लेकिन लापरवाही से गाड़ी चलाने और संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के लिए उसे पुलिस प्रशस्ति पत्र दिया गया था। यह प्रार्थना योद्धा इफिसियों 6:18 के एक महत्वपूर्ण भाग से चूक गई: जागते रहो।
इफिसियों 6 में परमेश्वर के संपूर्ण कवच के भाग के रूप में, प्रेरित पौलुस दो अंतिम टुकड़े शामिल करते हैं। सबसे पहले, हमें प्रार्थना के साथ आध्यात्मिक लड़ाई लड़नी चाहिए। इसका अर्थ है आत्मा में प्रार्थना करना—उसकी शक्ति पर भरोसा करना। इसके अलावा, उनके मार्गदर्शन में आराम करना और उनके संकेतों का जवाब देना - सभी अवसरों पर सभी प्रकार की प्रार्थना करना (पद 18)। दूसरा, पॉलुस ने हमें “जागते रहने” के लिए प्रोत्साहित किया। आध्यात्मिक सतर्कता हमें यीशु की वापसी (मरकुस 13:33), प्रलोभन पर विजय प्राप्त करने (14:38), और अन्य विश्वासियों के लिए मध्यस्थता करने (इफिसियों 6:18) के लिए तैयार रहने में सहायता कर सकती है।
चूँकि हम प्रतिदिन आध्यात्मिक लड़ाइयाँ लड़ते हैं, आइए हम अपने जीवन को “प्रार्थना करें और जागते रहें” दृष्टिकोण के साथ अपनाएँ - बुरी शक्तियों से लड़ें और अंधेरे को मसीह के प्रकाश से दूर करें। मर्विन विल्लियम्
चोरी की हुई मिठाइयों की कड़वाहट
जर्मनी में चोरों ने बीस टन से अधिक चॉकलेट से भरा एक ट्रक का रेफ्रिजरेटेड ट्रेलर चुरा लिया। चोरी की गई चॉकलेट की अनुमानित कीमत 80,000 डॉलर (लगभग 66 लाख) थी। स्थानीय पुलिस ने अपरंपरागत चैनलों के माध्यम से बड़ी मात्रा में चॉकलेट की पेशकश करने वाले किसी भी व्यक्ति से तुरंत इसकी रिपोर्ट करने को कहा। निश्चित रूप से जिन लोगों ने भारी मात्रा में चॉकलेट चुराईं, यदि वे पकड़े गए और मुकदमा चलाया गया तो उन्हें कड़वे और असंतोषजनक परिणाम भुगतने होंगे!
नीतिवचन इस सिद्धांत की पुष्टि करता है: “चोरी-छिपे की रोटी मनुष्य को मीठी तो लगती है, लेकिन अंत में उसका मुंह कंकड़ से भर जाता है” (20:17)। जो चीजें हम धोखे से या गलत तरीके से हासिल करते हैं, वे पहले-पहल उत्साह और अस्थायी आनंद से भरी हुई मीठी लग सकती हैं। लेकिन आख़िरकार इसका स्वाद ख़त्म हो जाएगा और हमारा धोखा हमारे लिए अभाव और संकट की स्थिति उत्पन्न कर देगा। अपराधबोध, भय और पाप के कड़वे परिणाम हमारे जीवन और प्रतिष्ठा को बर्बाद कर सकते हैं। “यहां तक कि छोटे बच्चे भी अपने कार्यों से जाने जाते हैं, [यदि] उनका आचरण वास्तव में शुद्ध और ईमानदार है” (पद 11)। हमारे शब्दों और कार्यों से परमेश्वर के प्रति शुद्ध हृदय प्रकट हो - स्वार्थी इच्छाओं की कड़वाहट नहीं।
जब हम प्रलोभित होते हैं, तो आइए परमेश्वर से हमें मजबूत करने और उसके प्रति वफादार बने रहने में मदद करने के लिए कहें। वह हमें प्रलोभन में पड़ने की अल्पकालिक “मिठास” के परिणाम देखने में मदद कर सकता है और हमारी पसंद के दीर्घकालिक परिणामों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के लिए हमारा मार्गदर्शन कर सकता है। मर्विन विल्लियम्
चोरी की हुई मिठाइयों की कड़वाहट
जर्मनी में चोरों ने बीस टन से अधिक चॉकलेट से भरा एक ट्रक का रेफ्रिजरेटेड ट्रेलर चुरा लिया। चोरी की गई चॉकलेट की अनुमानित कीमत 80,000 डॉलर (लगभग 66 लाख) थी। स्थानीय पुलिस ने अपरंपरागत चैनलों के माध्यम से बड़ी मात्रा में चॉकलेट की पेशकश करने वाले किसी भी व्यक्ति से तुरंत इसकी रिपोर्ट करने को कहा। निश्चित रूप से जिन लोगों ने भारी मात्रा में चॉकलेट चुराईं, यदि वे पकड़े गए और मुकदमा चलाया गया तो उन्हें कड़वे और असंतोषजनक परिणाम भुगतने होंगे!
नीतिवचन इस सिद्धांत की पुष्टि करता है: “चोरी-छिपे की रोटी मनुष्य को मीठी तो लगती है, लेकिन अंत में उसका मुंह कंकड़ से भर जाता है” (20:17)। जो चीजें हम धोखे से या गलत तरीके से हासिल करते हैं, वे पहले-पहल उत्साह और अस्थायी आनंद से भरी हुई मीठी लग सकती हैं। लेकिन आख़िरकार इसका स्वाद ख़त्म हो जाएगा और हमारा धोखा हमारे लिए अभाव और संकट की स्थिति उत्पन्न कर देगा। अपराधबोध, भय और पाप के कड़वे परिणाम हमारे जीवन और प्रतिष्ठा को बर्बाद कर सकते हैं। “यहां तक कि छोटे बच्चे भी अपने कार्यों से जाने जाते हैं, [यदि] उनका आचरण वास्तव में शुद्ध और ईमानदार है” (पद 11)। हमारे शब्दों और कार्यों से परमेश्वर के प्रति शुद्ध हृदय प्रकट हो - स्वार्थी इच्छाओं की कड़वाहट नहीं।
जब हम प्रलोभित होते हैं, तो आइए परमेश्वर से हमें मजबूत करने और उसके प्रति वफादार बने रहने में मदद करने के लिए कहें। वह हमें प्रलोभन में पड़ने की अल्पकालिक “मिठास” के परिणाम देखने में मदद कर सकता है और हमारी पसंद के दीर्घकालिक परिणामों पर सावधानीपूर्वक विचार करने के लिए हमारा मार्गदर्शन कर सकता है। मर्विन विल्लियम्
यीशु, हमारा स्थानापन्न व्यक्ति
एक बीस वर्षीय अमीर युवक अपने दोस्तों के साथ ड्रैग-रेस (एक प्रकार की मोटर या बाइक रेसिंग) कर रहा था, और उसी दौरान उसने एक पैदल चल रहे व्यक्ति को टक्कर मारकर मार डाला। हालाँकि उस युवक को तीन साल की जेल की सज़ा मिली, कुछ लोगों का मानना है कि जो व्यक्ति अदालत में पेश हुआ (और जिसने बाद में जेल की सज़ा काटी) वह उस अपराधी ड्राइवर(अमीर युवक) की जगह पर या उसके बदले में किराए पर लिया गया प्रतिनिधी व्यक्ति था; इस प्रकार की घटना कुछ देशों में होती देखी गई है जहाँ लोग अपने अपराधों के लिए भुगतान करने से बचने के लिए बॉडी डबल्स(एक समान दिखने वाला) को काम पर रखते हैं।
यह निंदनीय और अपमानजनक लग सकता है, लेकिन दो हजार साल से भी पहले, यीशु हमारा विकल्प बन गये और “अधर्मियों के लिये धर्मी ने [हमारे ]पापों के कारण एक बार दुःख उठाया” (1 पतरस 3:18)। परमेश्वर के पापरहित बलिदान के रूप में, मसीह ने एक ही बार में सभी के लिए कष्ट उठाया और मर गए (इब्रानियों 10:10), उन सभी के लिए जो उन पर विश्वास करते हैं। उन्होंने हमारे सभी पापों का दंड क्रूस पर अपने शरीर में ले लिया। आज उस व्यक्ति के विपरीत जो कुछ धन पाने के लिए अपराधी का विकल्प बनना चुनता है, क्रूस पर मसीह की हमारे बदले में (स्थानापन्न) मृत्यु ने हमारे लिए "आशा" प्रदान की क्योंकि उन्होंने स्वतंत्र रूप से, स्वेच्छा से हमारे लिए अपना जीवन दे दिया (1 पतरस 3:15, 18; यहुन्ना 10:15)I उन्होंने हमारे और परमेश्वर के बीच की की दूरी को दूर करने के लिये ऐसा किया। क्यों न हम आनन्दित हो, और इस गहरे सत्य में आराम और आत्मविश्वास पाए कि: केवल यीशु की हमारे बदले में मृत्यु से ही हम - जरूरतमंद पापी - अपने प्यारे परमेश्वर के साथ एक रिश्ता बना सकते हैं और उस तक पूरी आत्मिक पहुंच बना सकते हैं।मार्विन विलियम्स
सिर्फ़ परमेश्वर ही संतुष्टि दे सकता है
बहुत बड़ा झींगा, शावर्मा, सलाद, और बहुत कुछ - हज़ारों रुपये के मूल्य का भोजन - एक घर के मालिक को दिया गया। लेकिन वह आदमी पार्टी नहीं कर रहा था। वास्तव में, उसने स्मोर्गास्बोर्ड (बुफे जो विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ और व्यंजन पेश करता है)का ऑर्डर नहीं दिया था; बल्कि उसके छह साल के बेटे ने किया था। यह कैसे हो गया? पिता ने अपने बेटे को सोने से पहले अपने फोन से खेलने दिया और बेटे ने इसका इस्तेमाल कई रेस्तरां से महंगे उपहार खरीदने के लिए किया। “तुमने ऐसा क्यों किया?” पिता ने अपने बेटे से पूछा, जो अपनी रजाई के नीचे छिपा हुआ था। छह साल के बच्चे ने उत्तर दिया, “मैं भूखा था।” लड़के की भूख और अपरिपक्वता के कारण इसका परिणाम महंगा पड़ा।
एसाव की भूख की कीमत हजारों रुपये से भी अधिक थी। उत्पत्ति 25 की कहानी में वह थका हुआ और भोजन के लिए बेचैन दिखता है। उसने अपने भाई से कहा, “उसी लाल वस्तु में से मुझे कुछ खिला! मैं भूखा हूँ!” (पद 30)I याकूब ने उत्तर में एसाव से उसका पहिलौठे का जन्मसिद्ध अधिकार माँग लिया (पद 31)। पहलौठे के अधिकार में एसाव का पहिलौठे पुत्र के रूप में विशेष स्थान, परमेश्वर के वादों का आशीर्वाद, विरासत का दोगुना हिस्सा और परिवार का आत्मिक अगुवा होने का विशेषाधिकार शामिल था। अपनी भूख के आगे झुकते हुए, एसाव ने “खाया और पीया” और “अपने पहिलौठे के अधिकार को तुच्छ जाना” (पद 34)।
जब हम प्रलोभित होते हैं और किसी चीज़ की इच्छा करते हैं, तब अपनी भूख को हमें महंगी गलतियों और पाप की ओर ले जाने के बजाय, आइए हम अपने स्वर्गीय पिता के पास जाएं - सिर्फ़ वह ही भूखी आत्मा को “उत्तम पदार्थों से” तृप्त करता है (भजन संहिता संहिता 107:9)। मार्विन विलियम्स
भाग्य नहीं, लेकिन मसीह
डिस्कवर पत्रिका बताती है कि सृष्टि में लगभग 700 क्विनटिलियन(7 के बाद 20 शून्य) ग्रह हैं, लेकिन पृथ्वी जैसा केवल एक ही है l खगोलभौतिकीविद्ए रिक जैक्रिसन ने कहा कि जीवन को बनाए रखने के लिए किसी ग्रह की आवश्यकताओं में से एक “गोल्डीलॉक्स” क्षेत्र में परिक्रमा करना है, जहाँ तापमान बिलकुल सही है, और पानी मौजूद हो सकता है l 700 क्विनटिलियन ग्रहों में से, पृथ्वी एक ऐसा ग्रह प्रतीत होता है जहाँ स्थितियाँ बिलकुल सही है l जैक्रिसन ने निष्कर्ष निकाला कि पृथ्वी को किसी तरह “काफी भाग्यशाली सफलता” मिली है l
पौलुस ने कुलुस्से के विश्वासियों को निश्चय दिया कि सृष्टि भाग् के कारण नहीं, बल्कि यीशु के कार्य के कारण अस्तित्व में है l प्रेरित मसीह को संसार के रचयिता के रूप में प्रस्तुत करता है : “क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुयी” (कुलुस्सियों 1:16) l न केवल यीशु संसार का शक्तिशाली निर्माता था, बल्कि पौलुस कहता है कि “सब वस्तुएँ उसी में स्थिर रहती हैं” (पद.17)—एक ऐसा संसार जो न बहुत गर्म है और न बहुत ठंडा, बल्कि एक ऐसा संसार जो मानव अस्तित्व के लिए बलकुल सही है l यीशु ने जो बनाया, वह अपनी सम्पूर्ण बुद्धि और अनवरत शक्ति से कायम है l
जब हम सृष्टि की सुन्दरता में भाग लेते हैं और उसका आनंद लेते हैं, आइए किस्मत की निरुद्देश्य गतिविधि की ओर इशारा न करें, बल्कि उद्देश्यपूर्ण, संप्रभु, शक्तिशाली और प्रेमपूर्ण व्यक्ति की ओर इशारा करें, जिसके पास “[परमेश्वर की] सभी पूर्णता” है (पद.19) l मार्विन विलियम्स
जीवन का मुकुट
बारह वर्षीय लीएडियानेज़ रोड्रिग्ज-एस्पाडा चिंतित थी कि उसे 5 किमी (3 मील से थोड़ा अधिक) दौड़ में देर हो जाएगी। उसकी उत्सुकता ने उसे अपने प्रारंभ समय से पंद्रह मिनट पहले हाफ-मैराथन (13 मील से अधिक!) के प्रतिभागियों के धावकों के साथ दौड़ शुरू करने को प्रेरित किया । लीएडियानेज़ अन्य धावकों की गति में गई और एक पैर दूसरे के सामने रखते गई। चार मील पर, जब समापन रेखा कहीं दिखाई नहीं दी, तब उसे एहसास हुआ कि वह एक लंबी और अधिक कठिन दौड़ में थी। बाहर निकलने के बजाय, वह बस दौड़ती रही। आकस्मिक हाफ मैराथन धावक ने अपने 13.1 मील का दौड़ पूरा किया और 2,111 धावको में से 1,885वें स्थान पर रही। अब यह है अटलता (कठिनाइयों के बावजूद कुछ करने का निरंतर प्रयास)!
यीशु में पहली सदी के कई विश्वासी सताव सहते हुए, मसीह की दौड़ से बाहर होना चाहते थे, लेकिन याकूब ने उन्हें दौड़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। यदि उन्होंने धैर्य पूर्वक परीक्षा सहा, तो परमेश्वर उन्हें दोगुना इनाम देने का वादा किया (याकूब 1:4, 12)। पहला, “धीरज को अपना पूरा काम करने दो, कि तुम पूरे और सिद्ध हो जाओ और तुम में किसी बात की घटी न रहे” (पद.4)। दूसरा, परमेश्वर उन्हें "जीवन का वह मुकुट" देगा—पृथ्वी पर यीशु में जीवन और आने वाले जीवन में उसकी उपस्थिति में रहने का वादा (पद.12) ।
कभी-कभी ऐसा लगता है कि मसीही दौड़ वह नहीं है जिसके लिए हमने साइन अप (शामिल होने के लिए सहमत होना) किया था - यह हमारी अपेक्षा से अधिक लंबी और कठिन है। लेकिन जब परमेश्वर हमें वह प्रदान करता है जिसकी हमें आवश्यकता है, तो हम अटल रह सकते हैं और दौड़ते रह सकते हैं।
—मार्विन विलियम्स
परमेश्वर का छुटकारा
एक दयालु स्वयंसेवक को उसके वीरतापूर्ण प्रयासों के लिए "संरक्षक देवदूत" कहा जाता था। जेक मन्ना एक नौकरी स्थल पर सौर पैनल लगा रहे थे, जब वे एक लापता पांच वर्षीय लड़की को खोजने के लिए एक तत्काल खोज में शामिल हो गए, जब कि पड़ोसी अपने गैरेज और यार्ड की तलाशी ले रहे थे, मन्ना ने एक रास्ता लिया, जो उन्हें पास के एक जंगली इलाके में ले गया, जहाँ उन्होंने लड़की को दलदल में कमर तक डूबा हुआ देखा। वह सावधानी से चिपचिपे कीचड़ में घुस गया, उसे उसकी मुश्किल से बाहर निकाला और उसे, नम लेकिन सुरक्षित, उसकी आभारी माँ के पास वापस लौटा दिया।
उस छोटी लड़की की तरह, दाऊद ने भी उद्धार का अनुभव किया। गायक ने “धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा की” कि परमेश्वर उसकी दया के लिए उसके हृदय से की गई पुकार का उत्तर दे (भजन संहिता 40:1)। और उसने ऐसा किया। परमेश्वर ने उसकी सहायता के लिए की गई पुकार पर ध्यान दिया और उसे उसकी परिस्थितियों की “कीचड़ और दलदल” से बचाकर उत्तर दिया ( पद 2) - दाऊद के जीवन के लिए एक पक्का आधार प्रदान किया। जीवन के कीचड़ भरे दलदल से अतीत में किए गए बचाव ने उसकी प्रशंसा के गीत गाने, भविष्य की परिस्थितियों में परमेश्वर पर भरोसा करने और दूसरों के साथ अपनी कहानी साझा करने की इच्छा को मजबूत किया ( पद 3-4)।
जब हम स्वयं को जीवन की चुनौतियों जैसे आर्थिक मंदी, विवाहित परेशानियां और अयोग्य महसूस करने जैसी परिस्थितियों से घिरा हुआ पाते हैं, तो हम परमेश्वर की ओर अपनी आवाज को उठाएं और बड़े धीरज के साथ उसके प्रत्युत्तर की अपेक्षा करें (पद 1)। वह वहाँ है, हमारी ज़रूरत के समय में हमारी मदद करने और हमें खड़े होने के लिए एक स्थाई जगह देने के लिए तैयार है।।
-मार्विन विलीयम्स