दाग़ से सीखना
फेय ने अपने पेट पर निशानों को छुआ। उसने एसोफैजियल-पेट कैंसर को हटाने के लिए एक और सर्जरी करवाई थी। इस बार डॉक्टरों ने उसके पेट का एक हिस्सा निकाला था और एक दांतेदार निशान छोड़ दिया था, जिससे उनके काम की हद का पता चलता है। उसने अपने पति से कहा, "निशान या तो कैंसर के दर्द या उपचार की शुरुआत को प्रदर्शित करता हैं । मैं अपने निशानों को उपचार के प्रतीक के रूप में चुनती हूँ।"
याकूब को परमेश्वर के साथ पूरी रात कुश्ती लड़ने के बाद इसी तरह के विकल्प का सामना करना पड़ा। ईश्वरीय हमलावर ने याकूब के कूल्हे को मोड़ दिया, जिससे याकूब थक गया और उसे लंगड़ाहट महसूस होने लगी। महीनों बाद, जब याकूब ने अपने निर्बल कूल्हे की मालिश की, तो मुझे आश्चर्य हुआ कि उसने क्या सोचा? क्या वह अपने उन वर्षों के धोखे के लिए पछता रहा था, जिसने उसे इस दुर्भाग्यपूर्ण युद्ध के लिए मजबूर किया?
ईश्वरीय दूत ने उससे सत्य उगलवा लिया था, और उसे तब तक आशीष देने से इनकार किया जब तक याकूब ने उसे स्वीकार नहीं किया कि वह कौन है। उसने यह स्वीकार किया कि वह याकूब था, "एड़ी पकड़ने वाला" (उत्पत्ति 25:26 देखें)। उसने लाभ प्राप्त करने के लिए अपने भाई एसाव और ससुर लाबान के साथ छल किया और उन्हें धोखा दिया। ईश्वरीय मल्लयोद्धा ने कहा कि याकूब का नया नाम "इस्राएल होगा, क्योंकि तू परमेश्वर से और मनुष्यों से भी युद्ध करके प्रबल हुआ है।" (पद.28)।
याकूब का लंगड़ाना उसके धोखे के पुराने जीवन की मृत्यु, और परमेश्वर के साथ उसके नए जीवन की शुरुआत को दर्शाता है। याकूब का अंत और इस्राएल का आरंभ। उसके लंगड़ाहट ने उसे परमेश्वर पर निर्भर होने के लिए प्रेरित किया, जो अब उसके अंदर और उसके द्वारा शक्तिशाली रूप से आगे बढ़ रहा था।
—माइक विट्मर
परमेश्वर पर्याप्त से कहीं अधिक है
एलेन का बजट बहुत सीमित था, इसलिए उसे क्रिसमस बोनस मिलने की खुशी थी। वह काफी होता, लेकिन जब उसने पैसे जमा किए, तो उसे एक और आश्चर्य मिला। टेलर (बैंक में रुपया लेने या देने वाला) ने कहा कि क्रिसमस के उपहार के रूप में बैंक ने उसके जनवरी के बंधक भुगतान को उसके
चालू खाते में जमा कर दिया था। अब वह और ट्रे अन्य बिलों का भुगतान कर सकते हैं और किसी और को क्रिसमस का उपहार दे सकते थे!
परमेश्वर के पास हमें हमारी उम्मीद से कहीं ज़्यादा आशीष देने का तरीका है। नाओमी अपने पति और बेटों की मौत से दुखी और टूट गई थी ( रूत 1:20–21)। उसकी निराशाजनक स्थिति से बोअज़ ने बचाया, जो एक रिश्तेदार था जिसने उसकी बहू रूत से शादी की और उसके और नाओमी के लिए एक घर प्रदान कराया (4:10)।
शायद नाओमी यही उम्मीद कर सकती थी। लेकिन फिर परमेश्वर ने रूत और बोअज़ को एक पुत्र का आशीर्वाद दिया। अब नाओमी के पास एक पोता था जो उसके “जी में जी ले आनेवाला और [उसके] बुढ़ापे में पालनेवाला हो” (पद.15) । इतना ही काफ़ी होता। जैसा कि बैतलहम की महिलाओं ने कहा, "नाओमी के एक बेटा उत्पन्न हुआ है” (पद.17) l फिर छोटा ओबेद बड़ा हुआ—और “यिशै का पिता और दाऊद का दादा हुआ” (पद.17)। नाओमी का परिवार इस्राएल के शाही वंश से था, जो इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण राजवंश था! इतना ही काफ़ी होता। परन्तु दाऊद, यीश का पूर्वज बना।
यदि हम मसीह में विश्वास करते हैं, तो हम नाओमी के समान स्थिति में हैं। जब तक उन्होंने हमें छुटकारा नहीं दिलाया हमारे पास कुछ नहीं था। अब हम अपने पिता द्वारा पूरी रीती से स्वीकार किए गये हैं, जो हमें दूसरों को आशीष देने के लिए आशीष देते हैं। यह पर्याप्त से कहीं अधिक है।
—माइक विटमर
परमेश्वर द्वारा घर में स्वागत
शेरमैन स्मिथ ने मियामी यूनिवर्सिटी के लिए अमेरिकी फुटबॉल खेलने के लिए डेलैंड मैक्कुलो को भर्ती किया, जिसके बाद वह उससे प्यार करने लगे और वह ऐसे पिता बन गए जो डेलैंड के पास कभी नहीं थे। डेलैंड को शेरमैन से बहुत लगाव था और वह वैसा ही बनना चाहता था जैसा वह था। दशकों बाद, जब डेलैंड ने उसकी जन्म माँ का पता लगाया, तो उसने उसे यह खबर देकर चौंका दिया, “तुम्हारे पिता का नाम शेरमैन स्मिथ है।” हाँ, वही शेरमैन स्मिथ। कोच स्मिथ यह जानकर दंग रह गए कि उनका एक बेटा है, और डेलैंड यह जानकर दंग रह गए कि उनके पिता की तरह दिखने वाले उनके पिता ही वास्तव में उनके पिता थे!
अगली बार जब वे मिले, तो शर्मन ने डेलैंड को गले लगाया और कहा, "मेरा बेटा।" डेलैंड ने कभी किसी पिता से ऐसा नहीं सुना था। वह जानता था कि शर्मन, "यह बात 'मुझे गर्व है। यह मेरा बेटा है'" कहकर कह रहा था, और वह अभिभूत हो गया। हमें भी अपने स्वर्गीय पिता के परिपूर्ण प्रेम से अभिभूत होना चाहिए। यूहन्ना लिखते हैं, "देखो पिता ने हम पर कितना बड़ा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएँ!" (1 यूहन्ना 3:1)। हम डेलैंड की तरह ही अचंभित हैं, जिसने यह सोचने की हिम्मत नहीं की कि शर्मन जैसा कोई व्यक्ति उसका पिता हो सकता है। क्या यह सच है? यूहन्ना जोर देकर कहते हैं, हाँ, "हम वही हैं!" (पद 1)।
हमें भी अपने स्वर्गीय पिता के सिद्ध प्रेम को जानने के बाद आनंद से भर जाना चाहिए । यूहन्ना लिखता है, "देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएँ!” (1 यूहन्ना 3:1) हम डेलैंड की तरह स्तब्ध हैं, जिसने यह सोचने की हिम्मत नहीं की कि शर्मन जैसा कोई व्यक्ति उसका पिता हो सकता है। क्या यह सचमुच सच है? यूहन्ना जोर देकर कहते हैं, हाँ,"हम हैं भी" (पद 1)।
यदि तुम यीशु पर विश्वास करते हो तो उसके पिता तुम्हारे भी पिता है । आप अनाथ और दुनिया में अकेला महसूस कर सकते हैं। परंतु सच्चाई यह है कि तुम्हारा एक पिता है और वही एकमात्र सिद्ध है और वह आपको अपना बच्चा कहने में गर्व महसूस करता है।
— माइक विटमर
तीन राजा
लोकप्रिय संगीतमय नाटक हैमिल्टन में, इंग्लैंड के किंग जॉर्ज तृतीय को एक हास्यपद, विक्षिप्त (मानसिक रोग) खलनायक के रूप में चित्रित किया गया है। हालाँकि, किंग जॉर्ज पर एक नई जीवनी में कहा गया है कि वह हैमिल्टन या अमेरिका की डिक्लेरेशन आफ इनडीपैन्डैन्स में वर्णित तानाशाह नहीं था। अगर जॉर्ज वह क्रूर तानाशाह होता जैसा कि अमेरिकियों ने कहा था, तो वह अत्यधिक कठोर सैन्य नीति के साथ स्वतंत्रता के लिए किये गए उनके अभियान को रोक सकते थे। परन्तु उनके "सभ्य, अच्छे स्वभाव” ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
कौन जानता है कि किंग जॉर्ज अफसोस के साथ मरे हों? यदि वह अपनी प्रजा के प्रति अधिक कठोर होते तो क्या उनका शासनकाल अधिक सफल होता?
यह ज़रुरी नहीं। बाइबल में हम राजा यहोराम के बारे में पढ़ते हैं, जिसने अपना सिंहासन मजबूत किया — “तब उसने अपने सब भाइयों को और इस्राएल के कुछ हाकिमों को भी तलवार से घात किया”(2 इतिहास 21:4)। यहोराम ने "वह उस काम को करता था, जो यहोवा की दृष्टी में बुरा है" (पद 6)। उनके क्रूर शासन ने उनके लोगों को अलग-थलग कर दिया, जो न तो उनकी भयानक मृत्यु पर रोए और न ही उनके सम्मान में " जैसे उसके पुरखाओं के लिए सुगंध द्रव्य जलाया था, वैसा उसके लिए कुछ न जलाया " (पद 19)।
इतिहासकार इस बात पर बहस कर सकते हैं कि क्या जॉर्ज बहुत नरम थे; यहोराम निश्चय ही बहुत कठोर था। एक बेहतर तरीका राजा यीशु का है, जो "अनुग्रह और सच्चाई से परिपूर्ण" है (यूहन्ना 1:14)। मसीह की अपेक्षाएँ दृढ़ हैं (वह सत्य की मांग करते है), फिर भी वह असफल लोगों को गले लगाते है (वह अनुग्रह प्रदान करते है)। यीशु हमें जो उस पर विश्वास करते हैं, उनके नेतृत्व का पालन करने के लिए बुलाते हैं। फिर, अपनी पवित्र आत्मा के नेतृत्व के माध्यम से, वह हमें ऐसा करने के लिए सशक्त बनाते है।
-माईक विट्मर
परमेश्वर आपको नाम से बुलाते हैं
नतालिया शिक्षा प्राप्त करने के वादे के साथ एक अलग देश में गई। लेकिन जल्द ही उसके नए घर में पिता ने उसका शारीरिक और यौन शोषण करना शुरू कर दिया। उसने उसे बिना वेतन के अपने घर और बच्चों की देखभाल करने के लिए मजबूर किया। उसने उसे बाहर जाने या फोन का इस्तेमाल करने से मना कर दिया। वह उसकी गुलाम बन गयी थी ।
हाजिरा अब्राम और सारै की मिस्री दासी था। किसी ने भी उसका नाम नहीं लिया, उन्होंने उसे “मेरी दासी” या “तेरी दासी” कहा (उत्पत्ति 16:2, 5–6)। वे केवल उसका उपयोग करना चाहते थे ताकि उन्हें एक उत्तराधिकारी मिल सके।
परमेश्वर कितना अलग है! प्रभु का दूत पवित्रशास्त्र में पहली बार प्रकट होता है जब वह रेगिस्तान में गर्भवती हाजिरा से बात करता है। दूत या तो परमेश्वर का दूत है या स्वयं परमेश्वर है। हाजिरा का मानना है कि वह परमेश्वर है, क्योंकि वह कहती है, “मैंने अब उसे देखा है जो मुझे देखता है” (पद 13)। यदि दूत परमेश्वर है, तो वह संभवतः पुत्र भी हो सकता है, वह जो परमेश्वर को हमारे सामने प्रकट करता है, प्रारंभिक पूर्व–अवतार रूप में प्रकट होता है। वह उसका नाम बताता है, “सारै की दासी हाजिरा तू कहां से आई है, और कहां को जाती है? (पद 8)
परमेश्वर ने नतालिया को देखा और उसके जीवन में देखभाल करने वाले लोगों को लाया जिन्होंने उसे बचाया। वह अब नर्स बनने के लिए पढ़ाई कर रही है। परमेश्वर ने हाजिरा को देखा और उसका नाम लेकर बुलाया। और परमेश्वर आपको देखता है, आपको नज़रअंदाज़ किया जा सकता है या इससे भी बदतर, आपके साथ दुर्व्यवहार किया जा सकता है। पर यीशु आपको नाम से बुलाते हैं। उसके पास दौड़ कर जाओ।
माइक विट्मर
शरण देनेवाले लोग
शरणार्थी बच्चों की कहानियों से प्रेरित होकर फिल और सैंडी ने उनमें से दो के लिए अपना दिल और घर खोल दिया। हवाई अड्डे पर उन्हें लेने के बाद, वे घबराए हुए चुपचाप घर चले गए। क्या वे इसके लिए तैयार थे? वे एक ही संस्कृति, भाषा या धर्म साझा नहीं करते थे, लेकिन वे इन अनमोल बच्चों के लिए शरण देने वाले लोग बन गए थे। बोअज़ रूथ की कहानी से प्रेरित हुआ। उसने सुना था कि कैसे उसने नाओमी का समर्थन करने के लिए अपने लोगों को छोड़ दिया, और जब रूथ उसके खेत में कटाई करने आई, तो बोअज़ ने उसके लिए यह आशीर्वाद प्रार्थना की, "यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों के तले तू शरण लेने आई है तुझे पूरा बदला दें" (रूत 2:12)।
रूत ने एक रात बोअज़ की नींद में बाधा डालते हुए उसे उसकी आशीष की याद दिलाई। अपने पैरों के पास हलचल से जागते हुए, बोअज़ ने पूछा, "तुम कौन हो?" रूत ने उत्तर दिया, “मैं तो तेरी दासी रूत हूँ; तू अपनी दासी को अपनी चद्दर ओढ़ा दे, क्योंकि तू हमारी भूमि छुड़ानेवाला कुटुम्बी है” (3:9) l
चद्दर और पंखों के लिए इब्रानी शब्द एक ही है l बोअज़ ने रुत से विवाह करके उसे शरण दी, और उनके परपोते दाऊद ने इस्राएल के परमेश्वर की प्रशंसा में उनकी कहानी को दोहराया : “हे परमेश्वर, तेरी करुणा कैसी अनमोल है! मनुष्य तेरे पंखों के तले शरण लेते हैं” (भजन 36:7) l
—माइक विटनर
आत्मा में स्वतंत्र
न तो ऑरविल और न ही विल्बर राइट के पास पायलट का लाइसेंस था। दोनों में से कोई भी कॉलेज नहीं गए थे। वें साइकिल मैकेनिक थे जो सपने देखने और उड़ने की कोशिश करने का साहस रखते थे। 17 दिसंबर, 1903 को, उन्होंने बारी-बारी से चार अलग-अलग उड़ानों में अपने राइट फ़्लायर का संचालन किया। सबसे लंबा समय केवल एक मिनट तक चला, लेकिन इसने हमारी दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया।
न तो पतरस और न ही यहुन्ना के पास प्रचार का लाइसेंस था। दोनों में से कोई भी शिक्षालय में नहीं गए थे। वे मछुआरे थे, जो यीशु की आत्मा से भरे हुए थे, उन्होंने साहसपूर्वक सुसमाचार का प्रचार किया: "किसी दूसरे के द्वारा उद्धार नहीं; क्योंकि स्वर्ग के नीचे मनुष्यों में और कोई दूसरा नाम नहीं दिया गया, जिस के द्वारा हम उद्धार पा सकें" (प्रेरितों 4:12)।
राइट ब्रदर्स के पड़ोसियों ने तुरंत उनकी उपलब्धि की सराहना नहीं की। उनके गृहनगर अखबार ने उनकी कहानी पर विश्वास नहीं किया, और कहा कि भले ही यह सच हो, उड़ानें अर्थपूर्ण होने के लिए बहुत छोटी है। जनता को यह पहचानने से पहले कि उन्होंने वास्तव में क्या किया है, उन्हें अपने विमानों को उड़ाने और परिष्कृत करने में कई साल लग गए।
धार्मिक अगुवे पतरस और यूहन्ना को पसंद नहीं करते थे और उन्होंने उन्हें दूसरों को यीशु के बारे में बताना बंद करने का आदेश दिया। पतरस ने कहा, नहीं। "यह तो हम से हो नहीं सकता, कि जो हमने देखा और सुना है, वह न कहें" (पद 20)।
हो सकता है कि आप स्वीकृत सूची में न हों। शायद आप लोगों द्वारा तिरस्कृत हो। पर कोई बात नहीं। यदि आपके पास यीशु की आत्मा है, तो आप उसके लिए साहसपूर्वक जीने के लिए स्वतंत्र हैं!
बैरियों के सिर पर अंगारे ड़ालना
डैन को उसी जेल प्रहरी से रोजाना पिटाई सहन करनी पड़ती थी। उसने महसूस किया कि यीशु ने उसे इस आदमी से प्यार करने के लिए बाध्य किया है, इसलिए एक सुबह, पिटाई शुरू होने से पहले, डैन ने कहा, “महोदय, अगर मैं जीवन भर आपको प्रतिदिन देखने जा रहा हूं, तो आइये हम दोस्त बन जाएं।” गार्ड ने कहा, “नहीं, हम कभी दोस्त नहीं हो सकते।” पर डैन ने अपनी बात पर जोर दिया और अपना हाथ बढ़ाया। पहरेदार कुछ भी नहीं बोल सका और शान्त खड़ा रहा। वह कांपने लगा, फिर उसने डैन का हाथ पकड़ लिया और छोड़ा नहीं। उसकी आंखों से आँसू बहने लगे। उसने कहा, “डैन, मेरा नाम रोसोक है। मैं आपका दोस्त बनना पसंद करूँगा।” उस दिन या फिर कभी बाद में भी गार्ड ने डैन को नहीं पीटा।
पवित्रशास्त्र हमें बताता है “यदि तेरा बैरी भूखा हो तो उसे भोजन खिलाना, यदि वह प्यासा हो तो उसे पानी पिला। ऐसा करने से तू उसके सिर पर अंगारे डालेगा, और यहोवा तुझे इसका फल देगा” नीतिवचन 25:21—22। कोयले की कल्पना मिस्र के एक अनुष्ठान (रिवाज़) को दर्शाती है जिसमें एक दोषी व्यक्ति अपने सिर पर गर्म अंगारों का कटोरा लेकर अपना पश्चाताप दिखाता है। इसी तरह, हमारी दयालुता हमारे शत्रुओं के चेहरे को शर्मिंदगी से लाल कर सकती है, जो उन्हें पश्चाताप की ओर ले जा सकती है।
आपका दुश्मन कौन है? आप किसे नापसंद करते हैं? डैन ने पाया कि मसीह की दया इतनी प्रबल थी कि वह किसी भी हृदय को बदल सकती थी — उसके शत्रु का और स्वयं उसका। हम भी ऐसा कर सकते हैं।
अब यह खाली है
मेरे भाइयों और हमारे परिवारों ने हमारे माता–पिता के सामान को हमारे बचपन के घर से हटाने में सारा दिन बिताया। दोपहर में देर से, हम आखिरी बार सामान उठाने के लिए वापस गए और यह जानते हुए कि हम अपने पारिवारिक घर में आखिरी बार हैं हमने पीछे के बरामदे में एक तस्वीर खिंचवाने का फैसला किया। मैं आँसुओं को छिपाने की कोशिश कर रहा था कि मेरी माँ ने मेरी ओर मुड़कर कहा, “अब यह सब खाली है।” इसने मुझे पूरी तरह से भावात्मक तरह से हिला दिया। चौवन साल की यादें समेटे वह घर अब सूना है। मैं इसके बारे में न सोचने की कोशिश करता हूं।
मेरे दिल का दुख यिर्मयाह के विलापगीत के पहले शब्दों के साथ गूँजता है — “जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली है” (1:1); एक महत्वपूर्ण अंतर यह है कि यरूशलेम नगरी अपने बहुत से अपराधों के कारण सूनी थी (पद 5)। परमेश्वर ने अपने लोगों को बाबुल में बंधुआई में भेजा क्योंकि उन्होंने उसके विरुद्ध विद्रोह किया और पश्चाताप करने से इनकार कर दिया (पद 18)। मेरे माता–पिता पाप के कारण नहीं जा रहे थे, कम से कम कम से कम सीधे तौर पर तो नहीं। । परन्तु अदन की वाटिका में आदम के पाप के बाद से, प्रत्येक व्यक्ति के जीवनकाल में उनके स्वास्थ्य में गिरावट आई है। जैसे–जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे लिए यह असामान्य नहीं है कि हम छोटे घरों में रहें जिनका रख–रखाव आसान हो।
मैं उन यादों के लिए शुक्रगुजार हूं जिन्होंने हमारे साधारण घर को विशेष बनाया। दुख, प्यार की कीमत है। मुझे पता है कि अगली अलविदा मेरे माता–पिता के घर के लिये नहीं, बल्कि मेरे माता–पिता के लिए होगी। और मैं रोता हूं, मैं यीशु को आने के लिए पुकारता हूं, कि वह आये और इस अलविदा को समाप्त करे, और सभी चीजों को बहाल करे। मेरी आशा उस पर है।