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Articles by पैटरिसीए रेबॉन

मसीह की तरह देना

जब अमेरिकी लेखक ओ हेनरी ने 1905 की अपनी प्रिय क्रिसमस कहानी "द गिफ्ट ऑफ द मागी (The Gift of the Magi)" लिखी, वह व्यक्तिगत परेशानियों से उबरने के लिए संघर्ष कर रहा था। फिर भी, उन्होंने एक प्रेरक कहानी लिखी जो एक सुंदर, मसीह-समान चरित्र विशेषता—बलिदान को उजागर करता है। कहानी में, एक गरीब पत्नी क्रिसमस के पूर्व संध्या पर अपने पति के लिए सोने की पॉकेट घड़ी का चेन खरीदने के लिए अपने सुंदर लम्बे बाल बेच देती है। उसे बाद में पता चलता है कि, उसके पति ने उसके खूबसूरत बालों के लिए कंघी का एक सेट खरीदने के लिए अपनी जेब घड़ी बेच दी थी; एक दूसरे को उनका सबसे बड़ा उपहार? बलिदान। दोनों ने अपने-अपने भावों से बहुत प्यार दिखाया। इस तरह, यह कहानी उन प्रेमपूर्ण उपहारों को दर्शाती है जो मैगी (बुद्धिमान पुरुषों) ने शिशु मसीह को उसके पवित्र जन्म के बाद दिए (देखें मत्ती 2:1, 11)। हालाँकि, उन उपहारों से बढ़कर, बालक यीशु बड़ा होगा और एक दिन पूरी दुनिया के लिए अपना जीवन दे देगा।

 हमारे दैनिक जीवन में, मसीह में विश्वास करने वाले लोग दूसरों के लिए अपने समय, धन और एक ऐसे स्वभाव का बलिदान देकर उनके महान उपहार को उजागर कर सकते हैं जो सभी प्रेम की बात करते हैं। जैसा कि प्रेरित पौलुस ने लिखा, “इसलिए हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्‍वर की दया स्मरण दिलाकर विनती करता हूँ, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्‍वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ” (रोमियों 12:1) l यीशु के प्रेम के द्वारा दूसरों के लिए बलिदान देने से बेहतर कोई उपहार नहीं है।

—पेट्रीशिया रेबॉन

मसीह की तरह देना

 

 

जब अमेरिकी लेखक ओ हेनरी ने 1905 की अपनी प्रिय क्रिसमस कहानी "द गिफ्ट ऑफ द मागी (The Gift of the Magi)" लिखी, वह व्यक्तिगत परेशानियों से उबरने के लिए संघर्ष कर रहा था। फिर भी, उन्होंने एक प्रेरक कहानी लिखी जो एक सुंदर, मसीह-समान चरित्र विशेषता—बलिदान को उजागर करता है। कहानी में, एक गरीब पत्नी क्रिसमस के पूर्व संध्या पर अपने पति के लिए सोने की पॉकेट घड़ी का चेन खरीदने के लिए अपने सुंदर लम्बे बाल बेच देती है। उसे बाद में पता चलता है कि, उसके पति ने उसके खूबसूरत बालों के लिए कंघी का एक सेट खरीदने के लिए अपनी जेब घड़ी बेच दी थी;  एक दूसरे को उनका सबसे बड़ा उपहार? बलिदान। दोनों ने अपने-अपने भावों से बहुत प्यार दिखाया। इस तरह, यह कहानी उन प्रेमपूर्ण उपहारों को दर्शाती है जो मैगी (बुद्धिमान पुरुषों) ने शिशु मसीह को उसके पवित्र जन्म के बाद दिए (देखें मत्ती 2:1, 11)। हालाँकि, उन उपहारों से बढ़कर, बालक यीशु बड़ा होगा और एक दिन पूरी दुनिया के लिए अपना जीवन दे देगा।

 

हमारे दैनिक जीवन में, मसीह में विश्वास करने वाले लोग दूसरों के लिए अपने समय, धन और एक ऐसे स्वभाव का बलिदान देकर उनके महान उपहार को उजागर कर सकते हैं जो सभी प्रेम की बात करते हैं। जैसा कि प्रेरित पौलुस ने लिखा, “इसलिए हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्‍वर की दया स्मरण दिलाकर विनती करता हूँ, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्‍वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ” (रोमियों 12:1) l यीशु के प्रेम के द्वारा दूसरों के लिए बलिदान देने से बेहतर कोई उपहार नहीं है।

 

—पेट्रीशिया रेबॉन

सब के लिए परमेश्वर का हृदय

 

नौ वर्षीय महेश अपने सबसे अच्छे दोस्त नीलेश के साथ अपने सहपाठी के बर्थडे पार्टी में पहुंचा। हालांकि, जब जन्मदिन के लड़के की मां ने महेश को देखा, तो उन्होंने उसे प्रवेश करने से मना कर दिया। उसने जोर देकर कहा, “पर्याप्त कुर्सियां ​​नहीं हैं l” नीलेश ने अपने दोस्त के लिए , जो अश्वेत  था, जगह बनाने के लिए फर्श पर बैठने की पेशकश की, लेकिन माँ ने मना कर दिया। निराश होकर, नीलेश ने उसके पास अपने उपहार छोड़ दिए और महेश के साथ घर लौट आया । इस अस्वीकृति की चोट ने उसके दिल को उसके दिल को बहुत पीड़ा पहुँचाई।   

अब, दशकों बाद, नीलेश एक शिक्षक हैं जो अपनी कक्षा में एक खाली कुर्सी रखते हैं। जब छात्र पूछते हैं क्यों, तो वह समझाते हैं कि यह उसका अनुस्मारक है कि "कक्षा में हमेशा किसी के लिए जगह हो।"

यीशु के आत्‍मीयता और मैत्रीपूर्ण जीवन में सभी लोगों के लिए एक हृदय देखा जा सकता है: "हे सब थके हुए और बोझ से दबे हुए लोगों, मेरे पास आओ, मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)। यह आमंत्रण यीशु की सेवकाई के "यहूदियों के लिए प्रथम" दायरे के विपरीत प्रतीत हो सकता है (रोमियों 1:16)। लेकिन उद्धार का उपहार उन सभी लोगों के लिए है जो यीशु में अपना विश्वास रखते हैं। "यह उन सभी के लिए सत्य है जो विश्वास करते हैं," पौलुस ने लिखा, "चाहे हम कोई भी हों (क्योंकि कुछ भेद नहीं)। " (3:22 ​​)।

हम तब मसीह के सभी के लिए मसीह के निमंत्रण पर आनन्दित होते हैं: "मेरा जूआ अपने ऊपर उठाओ और मुझसे सीखो, क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूँ, और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे" (मत्ती 11:29)। जो लोग उसका विश्राम चाहते हैं, उनके लिए उसका खुला हृदय प्रतीक्षा कर रहा है।

—पेट्रीशिया रेबॉन

स्थायी पिज़्ज़ा

 
बारह साल की उम्र में, इब्राहिम पश्चिम अफ्रीका से इटली आया, वहां की भाषा  का एक शब्द भी नहीं जानता था, हकलाने की समस्या से जूझ रहा था, और अप्रवासी विरोधी अपमान का सामना करने के लिए मजबूर था। इनमें से किसी भी चीज़ ने मेहनती युवक को नहीं रोका, जिसने अपने बीसवें दशक में इटली के ट्रेंटो में एक पिज्जा की दुकान खोली। उनके छोटे से व्यवसाय ने संदेह करने वालों को जीत लिया और दुनिया के शीर्ष पचास पिज़्ज़ेरिया में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया। 
 
उसके बाद उसकी आशा इतालवी सड़कों पर भूखे बच्चों को खाना खिलाने में मदद करने की थी। इसलिए उसने एक नेपल्स परंपरा का विस्तार करके एक “पिज़्ज़ा चैरिटी” शुरू की - जहाँ ग्राहक ज़रूरतमंदों के लिए एक अतिरिक्त कॉफ़ी (कैफ़े सोस्पेसो) या पिज़्ज़ा (पिज़्ज़ा सोस्पेसा) खरीदते हैं। वह अप्रवासी बच्चों से भी आग्रह करता है कि वे पक्षपात से परे देखें और हार न मानें। 
 
इस तरह की दृढ़ता हमें पौलुस द्वारा गलातियों को दिए गए सबक की याद दिलाती है कि हमें लगातार सभी के साथ अच्छा करना चाहिए। “हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे। ” (गलातियों 6:9)। पौलुस ने आगे कहा, “इसलिए, जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष करके विश्वासी भाइयों के साथ। ” ( पद 10)।   
 
इब्राहिम, एक परदेसी था जिसने लोगों के तिरस्कार और भाषा न आने के तनाव के बावजूद भी भले काम करने का अवसर बनाया।। भोजन सहनशीलता और समझ की ओर ले जाने वाला "एक पुल" बन गया।। ऐसी दृढ़ता से प्रेरित होकर, हम भी अच्छा करने के अवसरों की तलाश कर सकते हैं। तब, प्रभु को महिमा मिलती है क्योंकि वह हमारे निरंतर प्रयास के माध्यम से कार्य करता है। 
-पेट्रिशिया रेबोन 
 

मसीह, हमारा सच्चा प्रकाश है

"रौशनी की ओर जाओ!" जब हम हाल ही में रविवार की दोपहर को एक बड़े शहर के अस्पताल से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे तो मेरे पति ने यही सलाह दी। हम एक दोस्त से मिलने गए थे, और जब हम लिफ्ट से बाहर निकले, तो सप्ताहांत के घंटों के दौरान हमें सामने के दरवाज़ों और कोलोराडो की शानदार धूप की ओर रास्ता दिखाने वाला  कोई नहीं मिला। आधे रौशनी वाले हॉलवे (गलियारा) में घूमते हुए, आखिरकार हमें एक आदमी मिला जिसने हमारी उलझन को देखा। "ये सभी हॉलवे एक जैसे दिखते हैं," उसने कहा। बाहर का रास्ता इस तरफ़ से है।" उसके निर्देशों से, हमें निकास द्वार मिले -जो वास्तव में, तेज धूप की ओर ले जाते थे। 
यीशु ने भ्रमित, खोए हुए अविश्वासियों को उनके आत्मिक अंधकार से बाहर निकलने के लिए आमंत्रित किया। “जगत की ज्योति मैं हूँ। जो मेरे पीछे हो लेगा, वह कभी अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा” (यूहन्ना 8:12)। उसकी ज्योति  में, हम बाधाओं, पाप और अस्पष्ट स्थानों को देख सकते हैं, उसे हमारे जीवन से ऐसे अंधकार को दूर करने की अनुमति दे सकते हैं  क्योंकि वह हमारे दिलों में और हमारे रास्ते पर अपनी रोशनी चमकाता है। आग के उस खम्भे की तरह जो इस्राएलियों की जंगल में अगुवाई करता था।मसीह का प्रकाश हमें परमेश्वर की उपस्थिति, सुरक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करता है। 
जैसा कि यहुन्ना ने समझाया, यीशु "सच्ची ज्योति" है (यूहन्ना 1:9) और "अंधकार ने उसे ग्रहण न किया"(पद-5) । जीवन में भटकने के बजाय, हम उससे मार्गदर्शन मांग सकते हैं क्योंकि वह हमें रास्ता दिखाता है। 
-पैट्रिशिया रेबोन 

विश्वास के प्रति समर्पण

एक सर्दियों की सुबह जब मैंने पर्दा खोला तो मुझे एक चौंकाने वाले दृश्य का सामना करना पड़ा — कोहरे की एक दीवार I मौसम पूर्वानुमानकर्ता ने इसे "जमने वाला कोहरा" बताया। हमारे स्थान के लिए यह असामान्य था , यह कोहरा और भी बड़े आश्चर्य के साथ आया: थोड़ी ही देर में "एक घंटे में" नीले आकाश और धूप के लिए एक और पूर्वानुमान आया I  "असंभव," मैंने अपने पति से कहा। "हम मुश्किल से एक फुट आगे देख सकते हैं।" परन्तु निश्चित रूप से, एक घंटे से भी कम समय में, कोहरा छंट गया था, और स्पष्ट नीले आकाश और धूप, में बदल चुका था। 
खिड़की के पास खड़े होकर, मैंने अपने भरोसे के स्तर पर विचार किया जब मैं जीवन में केवल कोहरा ही देख सकती हूँ। मैंने अपने पति से पूछा, "क्या मैं केवल उसी चीज़ के लिए परमेश्वर पर भरोसा करती हूँ जिसे मैं पहले से देख सकती हूँ?" 
जब राजा उज्जिय्याह की मृत्यु हो गई और यहूदा में कुछ भ्रष्ट शासक सत्ता में आए, तो यशायाह ने भी ऐसा ही प्रश्न पूछा। हम किस पर भरोसा कर सकते हैं? परमेश्वर ने यशायाह को इतना अद्भुत दर्शन देकर प्रतिक्रिया व्यक्त की कि इससे भविष्यवक्ता को विश्वास हो गया कि आने वाले बेहतर दिनों के लिए वर्तमान में उस पर भरोसा किया जा सकता है। जैसा कि यशायाह ने प्रशंसा की, "जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए है, उसकी तू पूर्ण शांति के साथ रक्षा करता है" (यशायाह 26:3)। भविष्यवक्ता ने आगे कहा, "यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु, यहोवा, सनातन चट्टान है" (पद. 4)। 
जब हमारा मन परमेश्वर पर केंद्रित होता है, तो हम धुंधले और भ्रमित करने वाले समय में भी उस पर भरोसा कर सकते हैं। हम अभी स्पष्ट रूप से नहीं देख सकते हैं, लेकिन अगर हम परमेश्वर पर भरोसा करते हैं, तो हम आश्वस्त हो सकते हैं कि उसकी मदद आने वाली है। 
-पैट्रिशिया रेबोन 

कार्य में करुणा

बेंच बनाना जेम्स वॉरेन का काम नहीं है। हालांकि जब से उन्होंने डेनवर में एक महिला को बस के इंतज़ार में गंदगी में बैठे हुए देखा तब से उन्होंने बेंच बनाना शुरू किया था । उस औरत को देखकर वह चिेतित हो गये थे और उन्होंने सोचा कि यह अपमानजनक है। तो, इस अट्ठाईस वर्षीय कर्मचारी सलाहकार को कुछ बेकार (स्क्रैप) लकड़ी मिली, उसने एक बेंच बनाई और उसे बस स्टॉप पर रख दिया। जल्दी ही लोगों ने इसका उपयोग करना शुरू कर दिया। यह महसूस करते हुए कि उनके शहर के नौ हजार बस स्टॉपों में से कई में बैठने की जगह की कमी है,उसने एक और बेंच बनाई, फिर कई और बेंचें बनाईं, और प्रत्येक पर “दयालु बनें” लिखा। वॉरेन ने कहा, “उसका लक्ष्य किसी भी तरह से लोगों के जीवन को थोड़ा सा बेहतर बनाना है ।” 
ऐसे काम का वर्णन करने का एक और तरीका है — वह है करुणा । जैसा कि यीशु किया करते थे, करुणा एक भावना है जो इतनी शक्तिशाली है कि यह हमें दूसरे की ज़रूरत को पूरा करने के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करती है। जब निराश लोगों की भीड़ ने यीशु का पीछा किया तो उसे उन पर दया आई, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान थे जिनका कोई रखवाला न हो (मरकुस 6:34)। उसने उनके बीमारों को चंगा करके उस करुणा को कार्य में बदल दिया (मत्ती 14:14)। हमें भी अपने “आप को करुणा से ढक लेना चाहिए” पौलुस ने आग्रह किया (कुलुस्सियों 3:12)। इसका क्या लाभ है ? जैसा कि वॉरेन कहते हैं, “यह टायरों में हवा के समान है; यह मुझे भर देता है (मुझे संतुष्टि देता है) ।” 
हमारे चारों ओर जरूरतें हैं, और परमेश्वर उनकी तरफ हमारा ध्यान खीचेंगे । वे ज़रूरतें हमें अपनी करुणा को क्रियान्वित (कार्य में लाने) करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं, और वे कार्य दूसरों को प्रोत्साहित करेंगे क्योंकि हम उन्हें मसीह का प्रेम दिखाएंगे। 
-पेट्रीशिया रेबोन 

परमेश्वर की अनंत कलीसिया

“क्या आराधना सभा ख़त्म हो गई  है?” जैसे ही रविवारीय सभा समाप्त हो रही थी, एक युवा माँ ने दो बच्चों के साथ हमारे चर्च में आते समय कहा l एक स्वागतकर्ता ने उसे बताया कि निकट के एक चर्च में दो रविवारीय आराधना होती है और दूसरी जल्द ही शुरू होनेवाली है l क्या वह वहां जाना चाहेगी? वह युवा माँ ने हाँ कहा और कुछ दूरी पर उस चर्च में जाने के लिए आभारी थी l बाद में विचार करते हुए, स्वागतकर्ता इस परिणाम पर पहुंचा : “क्या आराधना सभा (चर्च) ख़त्म हो गया है? कभी नहीं l परमेश्वर की आराधना सभा सर्वदा चलती रहती है l”    
चर्च एक “नाजुक” इमारत नहीं है l पौलुस लिखता है, "इसलिये तुम अब विदेशी और मुसाफिर नहीं रहे, परन्तु पवित्र लोगों के संगी स्वदेशी और परमेश्वर के घराने के हो गए। और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिस के कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्र मन्दिर बनती जाती है। जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवासस्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।”   (इफिसियों 2:19-22) l  
यीशु ने स्वयं ही अपनी कलीसिया को अनंतकाल के लिए स्थापित किया l उसने घोषणा की कि चुनौतियों या मुसीबतों के बावजूद जिसका सामना कलीसिया करती है, “अधोलोक की फाटक उस पर प्रबल न होंगे” (मत्ती 16:18) l इस सशक्त लेंस के माध्यम से, हम अपने स्थानीय चर्चों को - हम सभी को - परमेश्वर की विश्वव्यापी कलीसिया के एक हिस्से के रूप में देख सकते हैं, जो "मसीह यीशु में सभी पीढ़ियों में, हमेशा और हमेशा के लिए" बनाया जा रहा है!  (इफिसियों 3:21) l  
—पेट्रीशिया रेबॉन 

दृढ़ता की सामर्थ्य

1917 में, एक युवा सीमस्ट्रेस (सीनेवाली) न्यूयॉर्क शहर के सबसे प्रसिद्ध फैशन डिज़ाइन स्कूलों में से एक में दाखिला पाकर खुश थी। लेकिन जब एन लो कोन फ्लोरिडा से कक्षाओं के लिए पंजीकरण कराने आई, तो स्कूल के निदेशक ने उसे बताया कि उसका स्वागत नहीं है। "सीधे शब्दों में कहें तो, श्रीमती कोन, हमें नहीं पता था कि आप एक नीग्रो हैं," उन्होंने कहा। जाने से इनकार करते हुए, उसने फुसफुसाते हुए प्रार्थना की: कृपया मुझे यहाँ रहने दें। उसकी दृढ़ता को देखते हुए, निदेशक ने एन को रहने दिया, लेकिन उसे केवल गोरों के लिए कक्षा से अलग कर दिया और पीछे का दरवाज़ा खुला छोड़ दिया ताकि वह सुन सके।  
निस्संदेह प्रतिभाशाली, एन ने छह महीने पहले ही स्नातक की उपाधि प्राप्त की और उच्च समाज के ग्राहकों को आकर्षित किया, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला जैकलीन कैनेडी भी शामिल थीं, जिनकी विश्व प्रसिद्ध शादी की पोशाक उन्होंने डिज़ाइन की थी। उसके सिलाई स्टूडियो के ऊपर एक पाइप फट गया, जिससे पहली पोशाक बर्बाद होने के बाद, उसने ईश्वर की मदद माँगते हुए गाउन को दो बार बनाया । 
इस तरह की दृढ़ता शक्तिशाली है, खासकर प्रार्थना में। यीशु के दृढ़ विधवा के दृष्टांत में, एक विधवा भ्रष्ट न्यायाधीश से न्याय के लिए बार-बार विनती करती है। पहले तो उसने उसे मना कर दिया, लेकिन "क्योंकि यह विधवा मुझे परेशान करती रहती है, इसलिए मैं उसका न्याय सुनिश्चित करूँगा" (लूका 18:5)। बहुत अधिक प्रेम के साथ, "क्या परमेश्वर अपने चुने हुओं के लिए न्याय नहीं लाएगा, जो दिन-रात उसकी दुहाई देते हैं?" (पद 7)। वह करेगा, यीशु ने कहा ( पद 8)। जैसा कि वह हमें प्रेरित करता है, आइए हम लगातार प्रार्थना करने और कभी हार न मानने का प्रयास करें। अपने समय और सही तरीके से, परमेश्वर उत्तर देगा  
—पेट्रीशिया रेबॉन