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Articles by पैटरिसीए रेबॉन

परिवर्तन का खेल

हाथ मिलाने ने बहुत कुछ कह दियाl1963 में मार्च की एक रात को, कॉलेज के दो बास्केटबॉल खिलाड़ियों ने—एक अश्वेत, एक श्वेत—अलगाववादियों की नफरत को झुठलाया और हाथ मिलाकर, मिसिसिपी राज्य के इतिहास में पहली बार चिन्हित किया कि इसकी सभी श्वेत पुरुषों की टीम एक एकीकृत(integrated) टीम के खिलाफ खेलीl एक राष्ट्रीय टूर्नामेंट में लोयोला यूनिवर्सिटी शिकागो के खिलाफ “परिवर्तन के खेल/game of change” में प्रतिस्पर्धा करने के लिए,मिसिसिपी राज्य टुकड़ी(squad) ने अपने राज्य को छोड़ने के लिए नकली खिलाड़ियों का उपयोग करके उन्हें रोकने के लिए निषेधाज्ञा से परहेज किया l इस बीच, लोयोला के अश्वेत खिलाड़ियों ने, पॉपकॉर्न और बर्फ की मार, और यात्रा के दौरान बंद दरवाजों का सामना करते हुए, पूरे सीजन(उप्युक्त् काल/ अवधि) में नस्लीय अपमान सहा था l

इसके बावजूद युवक खेलते रहे l “लोयोला रैम्बलर्स” ने “मिसिसिपी स्टेट बुलडॉग” को 61-51 से पराजित किया, और लोयोला ने आख़िरकार राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीत ली l लेकिन उस रात वास्तव में किसकी जीत हुयी? नफरत से प्यार की ओर एक कदम l जैसा कि यीशु ने सिखाया, “अपने शत्रुओं से प्रेम रखो, जो तुम से बैर करें, उनका भला करो” (लूका 6:27)

परमेश्वर का निर्देश जीवन बदलने वाली अवधारणा थी l अपने शत्रुओं से प्रेम करने के लिए जैसा कि मसीह ने सिखाया है, हमें परिवर्तन के उनके क्रांतिकारी आदेश का पालन करना चाहिए l जैसा कि पौलुस ने लिखा, “यदि कोई मसीह में है, तो वह नयी सृष्टि है : पुरानी बातें बीत गयी हैं; देखो, सब बातें नयी हो गयी हैं” (2 कुरिन्थियों 5:17) लेकिन हमारे भीतर उसका नया तरीका पुराने को कैसे पराजित करता है? प्रेम से l फिर, एक दूसरे में, हम अंततः उसे देख सकते हैं l 

उसके प्रकाश को प्रतिबिम्बित करना

ऑइल पेंटिंग में परावर्तक प्रकाश(reflecting light) की सुंदरता को पकड़ने के लिए, चित्रकार आर्मंड कैबरेरा एक प्रमुख कलात्मक सिद्धांत के साथ काम करते हैं: "प्रतिबिंबित प्रकाश कभी भी अपने स्रोत प्रकाश जितना मजबूत नहीं होता है।" वह देखते है कि नौसिखिए चित्रकार परावर्तित प्रकाश को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। वह कहते हैं, "प्रतिबिंबित प्रकाश छाया से संबंधित है और इस तरह इसे समर्थन देना चाहिए, आपकी पेंटिंग के रोशनी वाले क्षेत्रों से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी चाहिए।"

हम बाइबल में "सारी मानवजाति की ज्योति" के रूप में यीशु के बारे में इसी तरह की अंतर्दृष्टि सुनते हैं (यूहन्ना 1:4)यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला "गवाह बनकर आया कि उस ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा उस पर  विश्वास करें" (पद. 7) सुसमाचार लेखक हमें बताता है, “वह स्वयं [यूहन्ना] ज्योति नहीं था; वह तो केवल ज्योति का गवाह बनकर आया” (पद. 8)

जैसा यूहन्ना के साथ हुआ था, वैसे ही हम परमेश्वर के द्वारा एक अविश्वासी संसार की छाया में रहने वालों के लिए मसीह की ज्योति को प्रतिबिंबित करने के लिए चुने गए हैं। यह हमारी भूमिका है, जैसा कि एक स्रोत कहता है, "शायद इसलिए कि अविश्वासी उसकी ज्योति की पूर्ण प्रज्वलित महिमा को प्रत्यक्ष रूप से सहन करने में सक्षम नहीं हैं।"

कैबरेरा अपने कला छात्रों (आर्ट स्टूडेंट्स) को सिखाते है कि "किसी भी दृश्य में प्रत्यक्ष प्रकाश पड़ने वाली कोई भी चीज़ स्वयं प्रकाश का स्रोत बन जाती है।" इसी तरह, यीशु भी  "सच्ची ज्योति है जो सभी को उजियाला प्रदान करता है" (पद. 9) हम भी गवाहों के रूप में चमक सकते हैं जब हम उसे प्रतिबिम्बित करते हैं, काश दुनिया उसकी महिमा को हमारे माध्यम से चमकते हुए देखकर चकित हो जाए।

कभी देरी नहीं

एक छोटे से पश्चिम अफ्रीकी शहर के आगंतुक के रूप में, मेरे अमेरिकी पादरी ने रविवार की सुबह 10 बजे की आराधना के लिए समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया; हालाँकि, उन्होने  कमरा खाली पाया  तो उन्होने  इंतजार किया। एक घंटा। दो घंटे। अंत में, लगभग 12:30 बजे, जब स्थानीय पादरी  एक लंबी दूरी तय करने के बाद वहां पहुंचे, उनके बाद  कुछ गाना गानेवाले और शहर के मित्रवत लोगों का एक समूह आया — आराधना  समय की परिपूर्णता में शुरू हुई, जैसा कि मेरे पादरी ने बाद में कहा था “आत्मा ने हमारा स्वागत किया, और परमेश्वर को देर नहीं हुई।” मेरे पादरी समझ गए थे कि यहां की संस्कृति अपने कुछ अच्छे कारणों से अलग है।

समय तुलनाल्मक लगता है, लेकिन परमेश्वर के सिद्ध, समय पूर्वक स्वभाव की पुष्टि पूरे पवित्रशास्त्र में की गई है। लाजर के बीमार होने और मरने के बाद, यीशु चार दिन बाद आया, लाजर की बहनों ने पूछा,  “क्यों हे प्रभु? मार्था ने यीशु से कहा, “यदि तुम यहाँ होते, तो मेरा भाई न मरता” (यूहन्ना 11:21)। हम भी ऐसा ही सोच सकते हैं, यह सोचकर कि परमेश्वर हमारी समस्याओं को ठीक करने के लिए जल्दी क्यों नहीं करते। इसके बजाय उसके उत्तरों और शक्ति के लिए विश्वास से प्रतीक्षा करना बेहतर है।

जैसा कि धर्मशास्त्री हॉवर्ड थुरमन ने लिखा है, “हम प्रतीक्षा करते हैं, हमारे पिता, जब तक कि आपकी ताकत का कुछ हमारी ताकत नहीं बन जाता, आपके दिल का कुछ हमारा दिल नहीं बन जाता है, आपकी क्षमा का कुछ हमारी क्षमा नहीं बन जाता है। हम प्रतीक्षा करते हैं, हे परमेश्वर4 हम प्रतीक्षा करते हैं।” फिर, जैसा कि लाजर के साथ हुआ जब परमेश्वर जवाब देता है, तो हम चमत्कारिक रूप से उस चीज़ से आशीषित होते हैं जो आखिरकार देरी नहीं थी।

बड़ी अपेक्षाएं

अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों की संस्कृतियों का जश्न मनाने के लिए हमारे चर्च में आयोजित क्रिसमस रात्रिभोज में, जब एक बैंड पारंपरिक मध्य पूर्व कैरोल “लैलात अल-मिलाद” बजाया तो मैंने द्र्बुका(एक प्रकार का ड्रम) और उद(गिटार जैसा एक वाद्य यंत्र) की ध्वनि पर ख़ुशी से ताली बजायी l बैंड के गायक ने बताया कि शीर्षक का अर्थ है “यीशु के जन्म की रात(Navivity Night) l” गीत श्रोताओं को स्मरण दिलाते हैं कि क्रिसमस की भावना दूसरों की सेवा करने में पायी जाती है, जैसे किसी प्यासे व्यक्ति को पानी पिलाना या रोते हुए किसी को सांत्वना देना l 

यह कैरोल(carol) संभवतः एक दृष्टान्त से लिया गया है जहाँ यीशु अपने अनुयायियों की उन कार्यों के लिए सराहना करते हैं जो उन्होंने उसके लिए किये थे : जब वह भूखा था तो भोजन प्रदान करना, जब वह प्यासा था तो पीना, और जब वह बीमार और अकेला था तो सहचारिता और देखभाल करना (मत्ती 25:34-36) l केवल यीशु की प्रशंसा को स्वीकार करने के बजाय, दृष्टान्त में लोग आश्चर्यचकित हैं—यह सोचकर कि उन्होंने वास्तव में मसीह के लिए ये काम नहीं किये हैं l उन्होंने उत्तर दिया, “तुमने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों [और बहनों] में से किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया”(पद.40) l 

छुट्टियों के मौसम के दौरान, क्रिसमस की भावना में सम्मिलित होने का प्रोत्साहन अक्सर उत्सव के दृष्टिकोण को व्यक्त करने के लिए प्रेरित होता है l “लैलात अल-मिलाद” हमें याद दिलाता है कि हम दूसरों की देखभाल करके सच्ची क्रिसमस भावना को व्यवहार में ला सकते हैं l और आश्चर्यजनक रूप से, जब हम ऐसा करते हैं, तो हम न केवल दूसरों की बल्कि यीशु की भी सेवा करते हैं l 

बुद्धिमान चुनाव करना

क्या मैं अपनी दिवंगत माँ का घर बेच दूँ? मेरी प्यारी, विधवा माँ के निधन के बाद उस फैसले ने मेरे हृदय को बोझिल किया l भावुकता ने मेरे अहसासों को प्रेरित किया l फिर भी, मेरी बहन और मैंने ने उनके खाली घर की सफाई और मरम्मत में दो साल बिताएं, और उसे बेचना चाहा l यह 2008 की बात है, और विश्विक मंदी(global recession) के कारण हमारे पास कोई खरीददार नहीं था l हम कीमत कम करते रहे लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला l फिर, एक सुबह अपनी बाइबल पढ़ते समय इस अंश पर मेरी नज़र पड़ी : “जहाँ बैल नहीं, वहाँ गौशाला स्वच्छ तो रहता है, परन्तु बैल के बल से अनाज की बढ़ती होती है”(नीतिवचन 14:4) l 

कहावत में खेती की बात की गयी थी, लेकिन मैं इसके सन्देश से चकित थी l एक खाली स्टॉल साफ़-सुथरा रहता है, लेकिन केवल निवासियों के रहने से ही फसल की पैदावार हो सकती है l या, हमारे लिए, उपयोगिता और पारिवारिक विरासत की फसल l मैंने अपनी बहन को फोन करके पूछा, “अगर हम माँ का घर रखेंगे तो कैसा रहेगा? हम इसे किराए पर दे सकते हैं l”

चुनाव ने हमें आश्चर्यचकित कर दिया l माँ के घर को निवेश में बदलने की हमारी कोई योजना नहीं थी l लेकिन बाइबल, एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में व्यवहारिक बुद्धिमत्ता भी देती है l जैसा कि दाऊद ने प्रार्थना की, “हे यहोवा, अपने मार्ग मुझ को दिखला; अपना पथ मुझे बता दे”(भजन संहिता 25:4) l 

हमारे चुनाव से, मुझे और मेरी बहन को कई प्यारे परिवारों को माँ का घर किराये पर देने का सौभाग्य मिला है l हमने यह जीवन बदल देनेवाला सत्य भी सीखा : “पवित्रशास्त्र हमारे निर्णयों का मार्गदर्शन करने में मदद करता है l भजनकार ने लिखा, “तेरा वचन मेरे पावों के लिए दीपक है, और मेरे मार्ग के लिए उजियाला है”(भजन सहिंता 119:105) l 

एक दर्शक

काइल स्पेलर को चैंपियनशिप बास्केटबॉल खेलों के दौरान अपने ज़ोरदार सार्वजनिक संबोधन की घोषणा(rip-roaring) के लिए जाना जाता है l “आओ चलें!” वह माइक पर गरजता है, और हज़ारों प्रशंसक, साथ ही एक्शन देखने वाले लाखों लोग उस आवाज़ पर प्रतिक्रिया करते हैं जिसने काइल को 2022 के सर्वश्रेष्ठ कमेंटेटर पुरस्कार के रूप में नामांकन दिलाया l वह कहते हैं, “मुझे पता है कि भीड़ को कैसे महसूस करना है और घरेलु कोर्ट/खेल का मैदान(home court) का माहौल कैसा है l” फिर भी, उनकी आवाज़ की कलात्मकता(artistry)का हर शब्द—टीवी और रेडियो विज्ञापनों में भी दिखाया गया है—परमेश्वर की महिमा करने के लिए है l काइल कहते हैं, उनका काम “एक दर्शक(परमेश्वर) के लिए सब कुछ करना है l” 

प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के चर्च के समान नैतिकता पर जोर दिया, जिसके सदस्यों ने मसीह की दिव्यता और संप्रभुता के बारे में संदेह को अपने व्यवहारिक जीवन में भी आने दिया l इसके बजाय, पौलुस ने लिखा, “वचन में या काम में जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो”(कुलुस्सियों 3:17) l 

पौलुस ने आगे कहा, “जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझकर कि मनुष्यों के लिए नहीं परन्तु प्रभु के लिए करते हो”(पद.23) l काइल स्पेलर के लिए, इसमें एक पास्टर(chaplain) के रूप में उनकी भूमिका शामिल है, जिसके बारे में वे कहते हैं, “यहाँ मेरा यही उद्देश्य है . . . और घोषणा करना सोने पर सुहागा(icing on the cake) है l” परमेश्वर के लिए हमारा अपना कार्य हमारे एक दर्शक के लिए उतना ही मधुर हो सकता है l 

कैसा दोस्त है

मेरी माँ और हमारी पड़ोसी, घर के पीछे के आंगन के एक दूसरे के पसंदीदा पड़ोसी थे। दोनों मित्रतापूर्ण प्रतिद्वन्द्वी भी बन गये । दोनों हर सोमवार को अपने घर के बाहर कपड़े की तार पर अपने ताजे धुले कपड़े टांगने वाले पहले व्यक्ति बनने के लिए प्रतिस्पर्धा करते थे।  "उसने मुझे फिर हरा दिया !" मेरी माँ कहती। लेकिन अगले सप्ताह, माँ शायद प्रथम आ जाती —दोनों अपनी दोस्ताना साप्ताहिक प्रतियोगिता का आनंद लेतीं। दस वर्षों तक घर के पीछे के आंगन की गली साझा करने के दौरान, दोनों ने एक-दूसरे की बुद्धि, कहानियाँ और आशा को भी साझा किया। 

 

बाइबल ऐसी मित्रता के गुण के बारे में बड़ी गर्मजोशी (उत्साह) से बात करती है। सुलैमान ने कहा “मित्र सब समयों में प्रेम रखता है” (नीतिवचन 17:17)। उसने यह भी कहा, "मित्र के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है" (27:9)।  हमारा महान मित्र निश्चित रूप से यीशु है। अपने शिष्यों से प्रेमपूर्ण मित्रता का आग्रह करते हुए, उन्होंने  उन्हें सिखाया, "इससे बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे।" (यूहन्ना 15:13)। अगले ही दिन, वह क्रूस पर वैसा ही करने वाले थे। उन्होंने उनसे यह भी कहा, "मैं ने तुम्हें मित्र कहा है, क्योंकि मैं ने जो बातें अपने पिता से सुनीं, वे सब तुम्हें बता दीं" (पद 15)। फिर उन्होंने कहा, "यह मेरी आज्ञा है: एक दूसरे से प्रेम रखो" (पद 17)।

ऐसे शब्दों से, यीशु "अपने सुनने वालों को उन्नत कर रहे हैं," जैसा कि दार्शनिक निकोलस वॉल्टरस्टॉर्फ ने कहा, उन्हें निम्न मनुष्यों से अपना साथी और विश्वास पात्र में बदल कर। मसीह में, हम दूसरों से मित्रता करना सीखते हैं। कैसा दोस्त है जो हमें ऐसा प्रेम सिखाता है!

बुद्धिमान आनंद ढूँढना

महामारी जीत रही है — कोविड के मरीजों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध एक बड़े अस्पताल के आपातकालीन कक्ष के डॉक्टर को ऐसा ही लग रहा था। वह अपना सर्वश्रेष्ठ कैसे दे?  छुट्टी के घंटों के दौरान, वह किसी छोटी चीज़ की बड़ी तस्वीरें लेकर आराम करते थे  -व्यक्तिगत बर्फ के टुकड़े।   डॉक्टर कहते है, ''यह सुनने में पागलपन जैसा लगता है।'' लेकिन कुछ छोटी लेकिन खूबसूरत चीजों में खुशी ढूंढना "मेरे सृष्टिकर्ता के साथ जुड़ने और दुनिया को इस तरह से देखने का एक अवसर है कि बहुत कम लोग इस पर ध्यान देने के लिए समय निकालते हैं।" 

डॉक्टर ने कहा, बुद्धिमानी से ऐसे आनंद की तलाश करना - तनाव कम करने और प्रतिरोधक्षमता बनाने के लिए - चिकित्सा पेशे में एक उत्तम बात है। लेकिन बाकी सब के लिए, उनकी यह सलाह है: “आपको सांस लेनी होगी। आपको सांस लेने और जीवन का आनंद लेने का एक तरीका ढूंढना होगा।

भजनकार   दाऊद ने यह विचार भजन 16 में व्यक्त किया जब उसने परमेश्वर में आनंद पाने की एक बुद्धिमान बात कही। उसने लिखा, “यहोवा मेरा भाग और मेरे कटोरे का हिस्सा है।” “इस कारण मेरा हृदय आनन्दित और मेरी आत्मा मगन हुई; मेरा शरीर भी चैन से रहेगा।” (पद 5, 9)।

दबाव को कम करने की कोशिश में लोग कई मूर्खतापूर्ण काम करते हैं। लेकिन इस डॉक्टर को बुद्धिमानी भरा रास्ता मिल गया - जिसने उसे सृष्टिकर्ता की ओर इशारा किया, जो हमें अपनी उपस्थिति का आनंद प्रदान करता है। । “तू मुझे जीवन का रास्ता दिखाएगा; तेरे निकट आनन्द की भरपूरी है, तेरे दाहिने हाथ में सुख सर्वदा बना रहता है” (पद 11)। उसमें, हम सदैव आनंद पाते हैं।

नये सिरे से चलना

जब स्कूल के शीर्ष छात्रों को शैक्षिक उपलब्धि के लिए श्रेष्ठता प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ तो तालियाँ गूंज उठीं l लेकिन कार्यक्रम समाप्त नहीं हुआ था l अगले पुरस्कार में उन छात्रों को सम्मानित किया गया जो स्कूल के “सर्वश्रेष्ठ” नहीं थे, बल्कि उनमें सबसे अधिक सुधार हुआ था l उन्होंने असफल ग्रेड बढ़ाने, विघटनकारी व्यवहार को सुधारने, या बेहतर उपस्थिति के लिए प्रतिबद्ध होने के लिए कड़ी मेहनत की थी l उनके माता-पिता मुस्कराए और तालियाँ बजायीं, यह स्वीकार करते हुए कि उनके बच्चे उच्च पथ की ओर बढ़ रहे हैं—अपनी पिछली कमियों पर नहीं बल्कि एक नए रास्ते पर चल रहे हैं l 

हृदय को छू लेने वाला दृश्य इस बात की एक छोटी सी तस्वीर पेश करता है कि हमारे स्वर्गिक पिता हमें कैसे देखते हैं—हमारे पुराने जीवन में नहीं बल्कि अब, मसीह में, अपने बच्चों के रूप में l यूहन्ना ने लिखा, “परन्तु जितनों ने उसे ग्रहण किया, उसने उन्हें परमेश्वर की संतान होने का अधिकार दिया” (यूहन्ना 1:12) l 

कितना प्रेमपूर्ण दृष्टिकोण है! इसलिए पौलुस ने नए विश्वासियों को याद दिलाया कि एक समय “[तुम] अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे”(इफिसियों 2:1) l लेकिन वास्तव में, “हम उसके बनाए हुए है, और मसीह यीशु में उन भले कामों के लिए सृजे गए जिन्हें परमेश्वर ने पहले से हमारे करने के लिए तैयार किया [है]” (पद.10) l 

इस प्रकार, पतरस ने लिखा, हम “एक चुना हुआ वंश, और राज-पदधारी याजकों का समाज, और पवित्र लोग, और (परमेश्वर की) निज प्रजा [हैं], इसलिए कि जिसने [हमें] अंधकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट [करें]”(1 पतरस 2:9-10) l  परमेश्वर की दृष्टि में, हमारे पुराने मार्ग का हम पर कोई दावा नहीं है l आइये स्वयं को परमेश्वर की दृष्टिकोण से देखें—और नए सिरे से चले l