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Articles by पैटरिसीए रेबॉन

परमेश्वर के खुले द्वार

एक बड़े शहर के पास मेरे नए स्कूल में, मार्गदर्शन परामर्शदाता ने मुझ पर एक नज़र डाली और मुझे सबसे कम प्रदर्शन करने वाली अंग्रेजी लेखन कक्षा में रखा l मैं अपने पिछले स्कूल से उत्कृष्ट इम्तहान प्राप्तांक, उत्कृष्ट अंक और यहाँ तक कि अपने लेखन के लिए श्रेष्ठ पुरस्कार के साथ पहुंची थी l मेरे नए स्कूल में “सर्वश्रेष्ठ” लेखन कक्षा का दरवाज़ा मेरे लिए बंद था, हालाँकि, जब परामर्शदाता ने निर्णय लिया कि मैं सही या तैयार नहीं थी l

प्राचीन फिलदिलफिया की कलीसिया को ऐसे मनमाने झटके समझ में आए होंगे l एक छोटा और साधारण कलीसिया, इसके शहर को हाल के वर्षों में भूकंप का सामना करना पड़ा जिससे स्थायी क्षति हुयी l इसके अतिरिक्त, उन्हें शैतानी विरोध का सामना करना पड़ा (प्रकाशितवाक्य 3:9) l इस तरह के उपेक्षित कलीसिया में “फिर भी थोड़ी ताकत थी,” जैसा कि पुनरुत्थित यीशु ने कहा, “तू ने मेरे वचन का पालन किया है और मेरे नाम का इनकार नहीं किया” (पद.8) l इसलिए, परमेश्वर ने उनके सामने “एक द्वार खोल रखा है, जिसे कोई बंद नहीं कर सकता” (पद.8) l वास्तव में, “[उसके] खोले हुए को कोई बंद नहीं कर सकता और बंद किये हुए को कोई खोल नहीं सकता” (पद.7) l

यह हमारी सेवा के प्रयासों के लिए सच है l कुछ दरवाजे नहीं खुलते l हालाँकि, परमेश्वर के लिए मेरे लेखन के साथ, उसने वास्तव में दरवाजे खोले हैं, जिससे इसे एक परामर्शदाता के बंद रवैये की परवाह किये बिना वैश्विक दर्शकों तक पहुँचने की अनुमति मिली है l बंद दरवाजे आपके लिए भी बाधा नहीं बनेंगे l “द्वार मैं हूँ,” यीशु ने कहा (यूहन्ना 10:9) l आइए उसके द्वारा खोले गए द्वारों में प्रवेश करें और उसका अनुसरण करें l पेट्रीशिया रेबॉन

ध्यान रखते हुए साझा करना

युवा पास्टर हर सुबह परमेश्वर से प्रार्थना करता था कि वह उस दिन किसी को आशीष देने के लिए उसका उपयोग करे। और अक्सर जब ऐसा होता था तो उसे खुशी होती थी। एक दिन अपनी दूसरी नौकरी से अन्तराल के दौरान, वह एक सहकर्मी के साथ धूप में बैठा था जिसने उससे यीशु के बारे में पूछा था। पास्टर ने दूसरे व्यक्ति के प्रश्नों का सरलतापूर्वक उत्तर दिया। कोई ऊंची और क्रोधित आवाज नहीं, कोई बहस नहीं, पास्टर ने टिप्पणी की कि पवित्र आत्मा द्वारा निर्देशित होने के कारण उन्होंने एक अनौपचारिक बातचीत की जो प्रभावी लेकिन प्रेमपूर्ण लगी। उसने एक नया दोस्त भी बनाया—कोई ऐसा व्यक्ति जो परमेश्वर के बारे में और अधिक जानने का इच्छुक हो।

पवित्र आत्मा को हमारा नेतृत्व करने देना दूसरों को यीशु के बारे में बताने का सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने अपने शिष्यों से कहा, "जब पवित्र आत्मा तुम पर आएगा तब तुम सामर्थ्य पाओगे; और पृथ्वी की छोर तक मेरे गवाह होगे।" (प्रेरितों1:8)।

आत्मा का फल "प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भला, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं" (गलातियों 5:22-23)। आत्मा के नियंत्रण में रहते हुए, उस युवा पास्टर ने पतरस के निर्देश पर अमल किया: "मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्र समझो l जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।" (1 पतरस 3:15)।

भले ही हम मसीह में विश्वास करने के लिए कष्ट सहते हैं, हमारे शब्द दुनिया को दिखा सकते हैं कि उसकी आत्मा हमारा मार्गदर्शन करती है। तब हमारा चलना दूसरों को उसकी ओर आकर्षित करेगा। पैट्रिशिया रेबॉन

परमेश्वर का सुरक्षात्मक प्रेम

एक गर्मी की रात, हमारे घर के पास पक्षी अचानक गड़बड़ी और शोर वाली आवाजें करने लगे। उनकी चीख.पुकार तेज हो गई जब गानेवाले पक्षियों ने पेड़ों से भेदने वाली आवाजें करीं । आख़िरकार हमें एहसास हुआ कि ऐसा क्यों हो रहा है। जैसे ही सूरज डूबा, एक बड़े बाज़ ने पेड़ की चोटी से झपट्टा मारा, जिससे पक्षी चीखते हुए तितर-बितर हो गए, और उड़ते हुए उन्होंने खतरे की चेतावनी भी दी।

हमारे जीवनों में, आत्मिक चेतावनियाँ पूरी बाइबल में सुनी जा सकती हैं—उदाहरण के लिए, झूठी शिक्षाओं के प्रति चेतावनियाँ। हमें संदेह हो सकता है कि हम यही सुन रहे हैं। हालाँकि, हमारे प्रति उसके प्रेम के कारण, हमारे स्वर्गीय पिता हमें ऐसे आत्मिक खतरों को स्पष्ट करने के लिए बाइबल की स्पष्टता प्रदान करते हैं।

यीशु ने सिखाया, "झूठे भविष्यद्वक्ताओं से सावधान रहो, जो भेड़ों के भेष में तुम्हारे पास आते हैं, परन्तु अन्दर में वे फाड़नेवाले भेड़िए हैं" (मत्ती7:15)। उसने आगे कहा, "उनके फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे . . . हर अच्छा पेड़ अच्छा फल लाता है, और निकम्मा पेड़ बुरा फल लाता है।" फिर उसने हमें चेतावनी दी, "उनके फलों से तुम उन्हें पहचान लोगे" (पद.16-17; 20)।

नीतिवचन 22:3 हमें याद दिलाता है, "चतुर मनुष्य विपत्ति को आते देखकर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़कर दण्ड भोगते हैं।" ऐसी चेतावनियों में परमेश्वर का सुरक्षात्मक प्रेम निहित है, जो हमारे लिए उसके शब्दों में प्रकट होता है।

जैसे पक्षियों ने एक-दूसरे को शारीरिक खतरे के बारे में चेतावनी दी, क्या हम आत्मिक खतरे से बचने और परमेश्वर की शरण में जाने के लिए बाइबल की चेतावनियों पर ध्यान दे सकते हैं। पैट्रिशिया रेबॉन

मसीह की तरह देना

जब अमेरिकी लेखक ओ हेनरी ने 1905 की अपनी प्रिय क्रिसमस कहानी "द गिफ्ट ऑफ द मागी (The Gift of the Magi)" लिखी, वह व्यक्तिगत परेशानियों से उबरने के लिए संघर्ष कर रहा था। फिर भी, उन्होंने एक प्रेरक कहानी लिखी जो एक सुंदर, मसीह-समान चरित्र विशेषता—बलिदान को उजागर करता है। कहानी में, एक गरीब पत्नी क्रिसमस के पूर्व संध्या पर अपने पति के लिए सोने की पॉकेट घड़ी का चेन खरीदने के लिए अपने सुंदर लम्बे बाल बेच देती है। उसे बाद में पता चलता है कि, उसके पति ने उसके खूबसूरत बालों के लिए कंघी का एक सेट खरीदने के लिए अपनी जेब घड़ी बेच दी थी; एक दूसरे को उनका सबसे बड़ा उपहार? बलिदान। दोनों ने अपने-अपने भावों से बहुत प्यार दिखाया। इस तरह, यह कहानी उन प्रेमपूर्ण उपहारों को दर्शाती है जो मैगी (बुद्धिमान पुरुषों) ने शिशु मसीह को उसके पवित्र जन्म के बाद दिए (देखें मत्ती 2:1, 11)। हालाँकि, उन उपहारों से बढ़कर, बालक यीशु बड़ा होगा और एक दिन पूरी दुनिया के लिए अपना जीवन दे देगा।

 हमारे दैनिक जीवन में, मसीह में विश्वास करने वाले लोग दूसरों के लिए अपने समय, धन और एक ऐसे स्वभाव का बलिदान देकर उनके महान उपहार को उजागर कर सकते हैं जो सभी प्रेम की बात करते हैं। जैसा कि प्रेरित पौलुस ने लिखा, “इसलिए हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्‍वर की दया स्मरण दिलाकर विनती करता हूँ, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्‍वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ” (रोमियों 12:1) l यीशु के प्रेम के द्वारा दूसरों के लिए बलिदान देने से बेहतर कोई उपहार नहीं है।

—पेट्रीशिया रेबॉन

मसीह की तरह देना

 

 

जब अमेरिकी लेखक ओ हेनरी ने 1905 की अपनी प्रिय क्रिसमस कहानी "द गिफ्ट ऑफ द मागी (The Gift of the Magi)" लिखी, वह व्यक्तिगत परेशानियों से उबरने के लिए संघर्ष कर रहा था। फिर भी, उन्होंने एक प्रेरक कहानी लिखी जो एक सुंदर, मसीह-समान चरित्र विशेषता—बलिदान को उजागर करता है। कहानी में, एक गरीब पत्नी क्रिसमस के पूर्व संध्या पर अपने पति के लिए सोने की पॉकेट घड़ी का चेन खरीदने के लिए अपने सुंदर लम्बे बाल बेच देती है। उसे बाद में पता चलता है कि, उसके पति ने उसके खूबसूरत बालों के लिए कंघी का एक सेट खरीदने के लिए अपनी जेब घड़ी बेच दी थी;  एक दूसरे को उनका सबसे बड़ा उपहार? बलिदान। दोनों ने अपने-अपने भावों से बहुत प्यार दिखाया। इस तरह, यह कहानी उन प्रेमपूर्ण उपहारों को दर्शाती है जो मैगी (बुद्धिमान पुरुषों) ने शिशु मसीह को उसके पवित्र जन्म के बाद दिए (देखें मत्ती 2:1, 11)। हालाँकि, उन उपहारों से बढ़कर, बालक यीशु बड़ा होगा और एक दिन पूरी दुनिया के लिए अपना जीवन दे देगा।

 

हमारे दैनिक जीवन में, मसीह में विश्वास करने वाले लोग दूसरों के लिए अपने समय, धन और एक ऐसे स्वभाव का बलिदान देकर उनके महान उपहार को उजागर कर सकते हैं जो सभी प्रेम की बात करते हैं। जैसा कि प्रेरित पौलुस ने लिखा, “इसलिए हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्‍वर की दया स्मरण दिलाकर विनती करता हूँ, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्‍वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ” (रोमियों 12:1) l यीशु के प्रेम के द्वारा दूसरों के लिए बलिदान देने से बेहतर कोई उपहार नहीं है।

 

—पेट्रीशिया रेबॉन

सब के लिए परमेश्वर का हृदय

 

नौ वर्षीय महेश अपने सबसे अच्छे दोस्त नीलेश के साथ अपने सहपाठी के बर्थडे पार्टी में पहुंचा। हालांकि, जब जन्मदिन के लड़के की मां ने महेश को देखा, तो उन्होंने उसे प्रवेश करने से मना कर दिया। उसने जोर देकर कहा, “पर्याप्त कुर्सियां ​​नहीं हैं l” नीलेश ने अपने दोस्त के लिए , जो अश्वेत  था, जगह बनाने के लिए फर्श पर बैठने की पेशकश की, लेकिन माँ ने मना कर दिया। निराश होकर, नीलेश ने उसके पास अपने उपहार छोड़ दिए और महेश के साथ घर लौट आया । इस अस्वीकृति की चोट ने उसके दिल को उसके दिल को बहुत पीड़ा पहुँचाई।   

अब, दशकों बाद, नीलेश एक शिक्षक हैं जो अपनी कक्षा में एक खाली कुर्सी रखते हैं। जब छात्र पूछते हैं क्यों, तो वह समझाते हैं कि यह उसका अनुस्मारक है कि "कक्षा में हमेशा किसी के लिए जगह हो।"

यीशु के आत्‍मीयता और मैत्रीपूर्ण जीवन में सभी लोगों के लिए एक हृदय देखा जा सकता है: "हे सब थके हुए और बोझ से दबे हुए लोगों, मेरे पास आओ, मैं तुम्हें विश्राम दूंगा" (मत्ती 11:28)। यह आमंत्रण यीशु की सेवकाई के "यहूदियों के लिए प्रथम" दायरे के विपरीत प्रतीत हो सकता है (रोमियों 1:16)। लेकिन उद्धार का उपहार उन सभी लोगों के लिए है जो यीशु में अपना विश्वास रखते हैं। "यह उन सभी के लिए सत्य है जो विश्वास करते हैं," पौलुस ने लिखा, "चाहे हम कोई भी हों (क्योंकि कुछ भेद नहीं)। " (3:22 ​​)।

हम तब मसीह के सभी के लिए मसीह के निमंत्रण पर आनन्दित होते हैं: "मेरा जूआ अपने ऊपर उठाओ और मुझसे सीखो, क्योंकि मैं नम्र और मन में दीन हूँ, और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे" (मत्ती 11:29)। जो लोग उसका विश्राम चाहते हैं, उनके लिए उसका खुला हृदय प्रतीक्षा कर रहा है।

—पेट्रीशिया रेबॉन

स्थायी पिज़्ज़ा

 
बारह साल की उम्र में, इब्राहिम पश्चिम अफ्रीका से इटली आया, वहां की भाषा  का एक शब्द भी नहीं जानता था, हकलाने की समस्या से जूझ रहा था, और अप्रवासी विरोधी अपमान का सामना करने के लिए मजबूर था। इनमें से किसी भी चीज़ ने मेहनती युवक को नहीं रोका, जिसने अपने बीसवें दशक में इटली के ट्रेंटो में एक पिज्जा की दुकान खोली। उनके छोटे से व्यवसाय ने संदेह करने वालों को जीत लिया और दुनिया के शीर्ष पचास पिज़्ज़ेरिया में से एक के रूप में सूचीबद्ध किया गया। 
 
उसके बाद उसकी आशा इतालवी सड़कों पर भूखे बच्चों को खाना खिलाने में मदद करने की थी। इसलिए उसने एक नेपल्स परंपरा का विस्तार करके एक “पिज़्ज़ा चैरिटी” शुरू की - जहाँ ग्राहक ज़रूरतमंदों के लिए एक अतिरिक्त कॉफ़ी (कैफ़े सोस्पेसो) या पिज़्ज़ा (पिज़्ज़ा सोस्पेसा) खरीदते हैं। वह अप्रवासी बच्चों से भी आग्रह करता है कि वे पक्षपात से परे देखें और हार न मानें। 
 
इस तरह की दृढ़ता हमें पौलुस द्वारा गलातियों को दिए गए सबक की याद दिलाती है कि हमें लगातार सभी के साथ अच्छा करना चाहिए। “हम भले काम करने में हियाव न छोड़े, क्योंकि यदि हम ढीले न हों तो ठीक समय पर कटनी काटेंगे। ” (गलातियों 6:9)। पौलुस ने आगे कहा, “इसलिए, जहां तक अवसर मिले हम सब के साथ भलाई करें; विशेष करके विश्वासी भाइयों के साथ। ” ( पद 10)।   
 
इब्राहिम, एक परदेसी था जिसने लोगों के तिरस्कार और भाषा न आने के तनाव के बावजूद भी भले काम करने का अवसर बनाया।। भोजन सहनशीलता और समझ की ओर ले जाने वाला "एक पुल" बन गया।। ऐसी दृढ़ता से प्रेरित होकर, हम भी अच्छा करने के अवसरों की तलाश कर सकते हैं। तब, प्रभु को महिमा मिलती है क्योंकि वह हमारे निरंतर प्रयास के माध्यम से कार्य करता है। 
-पेट्रिशिया रेबोन 
 

मसीह, हमारा सच्चा प्रकाश है

"रौशनी की ओर जाओ!" जब हम हाल ही में रविवार की दोपहर को एक बड़े शहर के अस्पताल से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे तो मेरे पति ने यही सलाह दी। हम एक दोस्त से मिलने गए थे, और जब हम लिफ्ट से बाहर निकले, तो सप्ताहांत के घंटों के दौरान हमें सामने के दरवाज़ों और कोलोराडो की शानदार धूप की ओर रास्ता दिखाने वाला  कोई नहीं मिला। आधे रौशनी वाले हॉलवे (गलियारा) में घूमते हुए, आखिरकार हमें एक आदमी मिला जिसने हमारी उलझन को देखा। "ये सभी हॉलवे एक जैसे दिखते हैं," उसने कहा। बाहर का रास्ता इस तरफ़ से है।" उसके निर्देशों से, हमें निकास द्वार मिले -जो वास्तव में, तेज धूप की ओर ले जाते थे। 
यीशु ने भ्रमित, खोए हुए अविश्वासियों को उनके आत्मिक अंधकार से बाहर निकलने के लिए आमंत्रित किया। “जगत की ज्योति मैं हूँ। जो मेरे पीछे हो लेगा, वह कभी अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा” (यूहन्ना 8:12)। उसकी ज्योति  में, हम बाधाओं, पाप और अस्पष्ट स्थानों को देख सकते हैं, उसे हमारे जीवन से ऐसे अंधकार को दूर करने की अनुमति दे सकते हैं  क्योंकि वह हमारे दिलों में और हमारे रास्ते पर अपनी रोशनी चमकाता है। आग के उस खम्भे की तरह जो इस्राएलियों की जंगल में अगुवाई करता था।मसीह का प्रकाश हमें परमेश्वर की उपस्थिति, सुरक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करता है। 
जैसा कि यहुन्ना ने समझाया, यीशु "सच्ची ज्योति" है (यूहन्ना 1:9) और "अंधकार ने उसे ग्रहण न किया"(पद-5) । जीवन में भटकने के बजाय, हम उससे मार्गदर्शन मांग सकते हैं क्योंकि वह हमें रास्ता दिखाता है। 
-पैट्रिशिया रेबोन 

विश्वास के प्रति समर्पण

एक सर्दियों की सुबह जब मैंने पर्दा खोला तो मुझे एक चौंकाने वाले दृश्य का सामना करना पड़ा — कोहरे की एक दीवार I मौसम पूर्वानुमानकर्ता ने इसे "जमने वाला कोहरा" बताया। हमारे स्थान के लिए यह असामान्य था , यह कोहरा और भी बड़े आश्चर्य के साथ आया: थोड़ी ही देर में "एक घंटे में" नीले आकाश और धूप के लिए एक और पूर्वानुमान आया I  "असंभव," मैंने अपने पति से कहा। "हम मुश्किल से एक फुट आगे देख सकते हैं।" परन्तु निश्चित रूप से, एक घंटे से भी कम समय में, कोहरा छंट गया था, और स्पष्ट नीले आकाश और धूप, में बदल चुका था। 
खिड़की के पास खड़े होकर, मैंने अपने भरोसे के स्तर पर विचार किया जब मैं जीवन में केवल कोहरा ही देख सकती हूँ। मैंने अपने पति से पूछा, "क्या मैं केवल उसी चीज़ के लिए परमेश्वर पर भरोसा करती हूँ जिसे मैं पहले से देख सकती हूँ?" 
जब राजा उज्जिय्याह की मृत्यु हो गई और यहूदा में कुछ भ्रष्ट शासक सत्ता में आए, तो यशायाह ने भी ऐसा ही प्रश्न पूछा। हम किस पर भरोसा कर सकते हैं? परमेश्वर ने यशायाह को इतना अद्भुत दर्शन देकर प्रतिक्रिया व्यक्त की कि इससे भविष्यवक्ता को विश्वास हो गया कि आने वाले बेहतर दिनों के लिए वर्तमान में उस पर भरोसा किया जा सकता है। जैसा कि यशायाह ने प्रशंसा की, "जिसका मन तुझ में धीरज धरे हुए है, उसकी तू पूर्ण शांति के साथ रक्षा करता है" (यशायाह 26:3)। भविष्यवक्ता ने आगे कहा, "यहोवा पर सदा भरोसा रख, क्योंकि प्रभु, यहोवा, सनातन चट्टान है" (पद. 4)। 
जब हमारा मन परमेश्वर पर केंद्रित होता है, तो हम धुंधले और भ्रमित करने वाले समय में भी उस पर भरोसा कर सकते हैं। हम अभी स्पष्ट रूप से नहीं देख सकते हैं, लेकिन अगर हम परमेश्वर पर भरोसा करते हैं, तो हम आश्वस्त हो सकते हैं कि उसकी मदद आने वाली है। 
-पैट्रिशिया रेबोन