हमारी प्रतिदिन की रोटी

वह कौन है?

अपना सुहागरात(honeymoon) मनाने के बाद अपने घर लौटते समय, हम दोनों पति-पत्नी एअरपोर्ट पर अपना सामान चेक-इन करने के लिए इंतज़ार करने लगे l मैंने उसे कुहनी से थोड़ा धक्का मारकर थोड़ी दूर खड़े एक व्यक्ति की ओर इशारा किया l

मेरे पति ने कनखी मार कर कहा l “वह कौन है?”

मैंने उत्तेजित होकर जोर से उस अभिनेता की सबसे अधिक उल्लेखनीय भूमिका बतायी, तब उनके निकट जाकर उनसे हमारे साथ एक तस्वीर खिंचवाने का आग्रह किया l बीस साल के बाद भी, मैं उस दिन की कहानी साझा करना चाहती हूँ कि मैं एक फ़िल्म अभिनेता से मिली थी l

एक लोकप्रिय अभिनेता को मान्यता देना एक बात है, परन्तु एक और अधिक विशेष है जिसे मैं व्यक्तिगत रूप से जानकार धन्यवादित हूँ l “वह प्रतापी राजा कौन है?” (भजन 24:8) l भजनकार दाऊद सर्वशक्तिमान प्रभु को सृष्टिकर्ता, संभालनेवाला, और सभी पर राज्य करनेवाला दर्शाता है, “पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है, जगत और उस में निवास करनेवाले भी l क्योंकि उसी ने उसकी नींव समुद्रों के ऊपर दृढ़ करके रखी, और महानदों के ऊपर स्थिर किया है” (पद.1-2) l विस्मयाभिभूत आश्चर्य में, दाऊद परमेश्वर के सभी के ऊपर, फिर भी घनिष्टता से सुलभ घोषित करता है (पद.3-4) l हम उसे जान सकते हैं, उसके द्वारा सशक्त किये जाते हैं, और जब हम उसके लिए जीवन जीते हैं, हमारे पक्ष में लड़ने के लिए उसपर भरोसा कर सकते हैं (पद.8) l

परमेश्वर हमें उसे एकमात्र उत्कृष्ट दूसरों के साथ साझा करने योग्य घोषित करने के सुअवसर देता है l जब हम उसके चरित्र को प्रतिबिंबित करते हैं, जो उसे नहीं पहचानते हैं के पास पूछने के और भी कारण है , “वह कौन है?” दाऊद की तरह, हम भी विस्मयाभिभूत आश्चर्य के साथ प्रभु की ओर इशारा करके उसकी कहानी बता सकते है!

बुद्धिमान सहायता

जैसे ही मैंने लाल बत्ती पर अपनी कार रोकी, मैंने फिर से उसी व्यक्ति को सड़क के किनारे खड़ा देखा l वह गत्ते का एक साइनबोर्ड लिए हुए था : भोजन के लिए पैसे चाहिए l कोई भी सहायक हो सकता है l मैं अपना मूंह फेरकर गहरी सांस ली l क्या मैं ज़रुरात्मंदों की उपेक्षा करनेवाला व्यक्ति हूँ?

कुछ लोग ज़रूरतमंद होने का बहाना बनाते हैं परन्तु वास्तव में ठग होते हैं l दूसरों के पास वास्तविक ज़रूरतें होती हैं परन्तु विनाशकारी आदतों पर काबू पाने में कठिनाई महसूस करते हैं l सामाजिक कार्यकर्ता हमें बताते हैं कि अपने शहर की सहायता सेवाओं को धन देना बेहतर है l मैंने कठिनाई से इसे ग्रहण किया और गाड़ी तेज़ चलायी l मैंने अच्छा महसूस नहीं किया, परन्तु बुद्धिमानी से कार्य कर सकता था l

परमेश्वर हमें “आलसियों को चेतावनी [देने] भीरुओं को सांत्वना [देने] दुर्बलों को [सँभालने]’ की आज्ञा देता हैं (1 थिस्सलुनीकियों 5:14 HindiCL-BSI)) l इसे भलीभांति करने के लिए हमें जानना है कि कौन किस श्रेणी में आता है l यदि हम दुर्बलों अथवा कायरों को चेतावनी देते हैं, हम उनकी आत्मा को चूर-चूर कर देंगे; यदि हम आलसी की सहायता करेंगे, हम आलस को बढ़ावा देंगे l फलस्वरूप, हम निकट से पूरी मदद कर सकते हैं, जब हम प्रयाप्त रूप से व्यक्ति और उसकी ज़रूरतों को जान जाते हैं l

क्या परमेश्वर ने किसी की सहायता करने के लिए आपके हृदय पर बोझ डाला है? उत्कृष्ट! अब कार्य आरम्भ होता है l यह न समझें आप उस व्यक्ति की ज़रूरतें जानते हैं l उसे अपनी कहानी बताने को कहें, और आप सुनें l प्रार्थनापूर्वक बुद्धिमानी से मदद करें और केवल अच्छा महसूस करने के लिए नहीं l जब हम वास्तव में “सब से . . . भलाई ही की चेष्टा [करेंगे],” हम अधिक तत्परता से उस समय भी जब वे गिरेंगे “सब की ओर सहनशीलता [दिखा सकेंगे] (पद.14-15) l

विजय जुलूस

2016 में जब शिकागो कब्स बेसबॉल टीम ने एक शताब्दी से अधिक समय में पहली बार विषय सीरीज जीत ली, चैंपियनशिप का जश्न मानाने के लिए पचास लाख लोग शहर के मध्य जुलूस में शामिल हुए l

विजय जुलूस कोई आधुनिक अविष्कार नहीं हैं l रोमी की जीत एक लोकप्रिय प्राचीन जुलूस थी, जिसमें विजयी सेनापति भीड़ वाले मार्गों में अपनी सेना और युद्धबंदियों के जुलूस की अगुवाई करते थे l

कदाचित इस प्रकार की जुलूस का चित्र पौलुस के मन में था जब उसने कुरिन्थुस की कलीसिया को लिखते हुए परमेश्वर के विश्वासियों को “जय के उत्सव में लिए [फिरने]” के लिए धन्यवाद दिया (2 कुरिन्थियों 2:14) l यह मुझे चित्ताकर्षक लगता है कि इस चित्र में, मसीह के अनुयायी बंदी हैं l हालाँकि, विश्वासी के रूप में हम भागदारी करने के लिए विवश नहीं हैं, परन्तु इच्छुक “बंदी,” जो स्वेच्छापूर्वक विजयी, पुनरुत्थित मसीह की जुलूस का भाग हैं l मसीही के रूप में, हम जश्न मानते हैं कि मसीह की विजय द्वारा, वह अपना राज्य बना रहा है और अधोलोक की फाटकें उसपर प्रबल नहीं होंगी (मत्ती 16:18) l

जब हम क्रूस पर यीशु की विजय और स्वतंत्रता के विषय बात करते हैं जो वह विश्वासियों को देता है, हम “[उसके] ज्ञान की सुगन्ध” हर जगह फैलाते हैं (2 कुरिन्थियों 2:14) l और चाहे लोग सुगंध को उद्धार के आश्वासन के रूप में ग्रहण करें या अपनी हार की गंध माने, यह अदृश्य किन्तु शक्तिशाली सुगंध हर जगह उपस्थित है जहां हम जाते हैं l

जब हम मसीह का अनुसरण करते हैं, हम उसके पुनरुत्थान के विजय की घोषणा करते हैं, वह विजय जो संसार के लिए उद्धार को उपलब्ध करता है l





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