हमारी प्रतिदिन की रोटी

दाता को न भूलें

यह क्रिसमस से ठीक पहले था, और उसके बच्चों को कृतज्ञता(gratitude) को समझना मुश्किल लग रह था l वह जानती थी कि उस तरह की सोच में फिसलना कितना आसान था, लेकिन वह यह भी जानती थी कि वह अपने बच्चों के दिलों के लिए कुछ बेहतर चाहती थी l इसलिए उसने घर में घूमकर लाइट की स्विच, रसोई-भण्डार, रेफ्रीजरेटर का दरवाजा, वाशिंग मशीन और ड्रायर(कपड़े सुखाने की मशीन), और पानी की टोंटी पर रिबन(bow/ribbon) लगा दिए l प्रत्येक रिबन के साथ एक हाथ से लिखित नोट था : “कुछ एक उपहार जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें अनदेखा करना आसान है, इसलिए मैंने उन पर रिबन लगा दिए हैं l वह हमारे परिवार के लिए बहुत अच्छा है l यह न भूलें कि उपहार कहाँ से आए हैं l”

व्यवस्थाविवरण 6 में, हम देखते हैं कि इस्राएल राष्ट्र के भविष्य में मौजूदा स्थानों पर विजय शामिल था l इस प्रकार वे बड़े फलते-फूलते शहरों में जाकर रहते जो उन्होंने नहीं बनाए थे (पद.10), अच्छे-अच्छे पदार्थों से भरे हुए घरों में रहते जो उन्होंने नहीं भरे थे, और खुदे हुए कुँए, जो उन्होंने नहीं खोदे थे और दाख की बारियाँ और जैतून के वृक्ष, जो उन्होंने नहीं लगाए थे का लाभ प्राप्त करते (पद.11) l इन सभी आशीषों को सरलता से एक ही श्रोत पर वापस ले जाया जा सकता था – “[तुम्हारा] परमेश्वर यहोवा” (पद.10) l और जब परमेश्वर ने प्रेम से इन चीजों को दिया और उससे भी अधिक, मूसा यह सुनिश्चित करना चाहता था कि लोग सावधान रहें और न भूलें (पद.12) l

जीवन के कुछ कालों में भूलना आसान है l लेकिन परमेश्वर की अच्छाई, हमारे आशीषों के श्रोत को आँखों से ओझल न होने दें l

एक पुरानी कहानी के अनुसार, निकोलस नाम के एक व्यक्ति ने एक पिता के बारे में सुना जो इतना गरीब था कि वह अपनी तीन बेटियों को नहीं खिला सकता था, भविष्य में उनके विवाह के लिए नहीं के बराबर प्रबंध कर सकता था l उस पिता की सहायता करने की इच्छा से, लेकिन उसे गुप्त रखने की आशा से, निकोलस ने एक खुली खिड़की से सोने से भरी एक थैली फेंकी, जो एक मोज़े या जूती पर गिरी जो एक सिगड़ी पर सूखने के लिए रखी हुयी थी l वह व्यक्ति संत निकोलस के रूप में जाना गया जो आगे चलकर सांता क्लॉज़ के लिए प्रेरणा बन गया l

जब मैंने ऊपर से नीचे आने वाले एक उपहार की कहानी सुनी, तो मैंने परमेश्वर को पिता के रूप में देखा, जिसने प्रेम और करुणा से धरती पर सबसे महान उपहार, अपने बेटे को एक अद्भुत जन्म के द्वारा भेजा l मत्ती के सुसमाचार के अनुसार, यीशु ने पुराने नियम की नबूवत को पूरा किया कि एक कुँवारी गर्भवती होगी और एक पुत्र को जन्म देगी जिसे वे इम्मानुएल पुकारेंगे, अर्थात् “परमेश्वर हमारे साथ” (1:23) l

निकोलस का उपहार जितना प्यारा था, यीशु का उपहार उससे भी अधिक अद्भुत है l वह मनुष्य बनने के लिए स्वर्ग को छोड़ा, मर गया और पुनः जीवित हुआ, और परमेश्वर है जो हमारे साथ निवास करता है l वह हमें तब उत्साहित करता है जब हम निराश होते हैं; वह हमें सच्चाई बताता है जब हम धोखा खा सकते हैं l

सोचीसमझी दयालुता

अपने बच्चों के साथ अकेले विमान में सवार होकर, एक युवा माँ अपने तीन साल की बेटी को शांत करने की कोशिश करने में लगी थी जो परेशान कर रही थी और रो रही थी l फिर उसका चार महीने का बेटा जो भूखा था ऊंची आवाज़ में रोने लगा l

उसके बगल में बैठे एक यात्री ने जल्दी से छोटे बच्चे को पकड़ने की पेशकश की, जबकि जेसिका ने अपनी बेटी को संभाला l तब यात्री ने अपने खुद के दिनों को एक युवा पिता के रूप में याद करते हुए – उस तीन साल की बेटी के साथ रंग भरना शुरू कर दिया, जबकि जेसिका ने अपने शिशु को दूध पिलाया l और अगली कनेक्टिंग फ्लाइट पर, उसी व्यक्ति ने ज़रूरत पड़ने पर फिर से सहायता करने की पेशकश की l

जेसिका ने याद किया, “मैं इस घटना में परमेश्वर की दया से चकित रह गयी l हमें किसी भी व्यक्ति के बगल में सीट दी जा सकती थी, लेकिन हमें एक सबसे अच्छे पुरुष के बगल में सीट मिली जिनसे मैं कभी मिली हो l”

2 शमूएल 9 में, हम एक और उदाहरण के बारे में पढ़ते हैं जिसे मैं सोचीसमझी दयालुता कहती हूँ l राजा शाऊल और उसके बेटे योनातान के मारे जाने के बाद, कुछ लोगों ने आशा की कि दाऊद सिंहासन के अपने दावे में किसी भी प्रतिद्वंदिता को कुचल देगा l इसके बजाय, उसने पूछा, “क्या शाऊल के घराने में से कोई अब तक बचा है, जिसको मैं परमेश्वर  की सी प्रीति दिखाऊँ?” (पद.3) l तब योनातान के पुत्र मपिबोशेत को दाऊद के पास लाया गया जिसने उसकी विरासत को बहाल किया और उसके बाद गर्मजोशी से उसे अपने खाने की मेज को साझा करने दिया – मानो वह उसका अपना पुत्र हो (पद.11) l

परमेश्वर की असीम दयालुता के लाभार्थियों के रूप में, हम दूसरों के प्रति जानबूझकर दया दिखाने के अवसरों की तलाश कर सकते हैं (गलातियों 6:10) l





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