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Articles by सोचितल डिक्सॉन

आपसी प्रोत्साहन

अधिक चिकित्सा असफलताओं से मारे जाने के, एक और सप्ताह के बाद, मैं सोफे पर गिर पड़ा । मैं किसी चीज के बारे में सोचना नहीं चाहता था। मैं किसी से बात करना नहीं चाहता था। मैं प्रार्थना तक नहीं कर पा रहा था। जैसे ही मैंने टीवी ऑन किया निराशा और शंका ने मुझे भारी कर दिया। मैंने एक विज्ञापन देखना शुरू किया जो एक लड़की को अपने छोट्टे भाई से बात करते हुए दिखा रहा था। “तुम एक चैंपियन हो,” जैसे-जैसे वह इसे दृढ़ता के साथ कहती रही, उसकी और साथ में मेरी मुस्कराहट बढ़ गई।

परमेश्वर के लोगों ने हमेशा निराशा और संदेह से संघर्ष किया है। भजन 95 को उद्धृत करते हुए, जो यह पुष्टि करता है कि परमेश्वर की आवाज पवित्र आत्मा के द्वारा सुनी जा सकती है, इब्रानियों के लेखक ने यीशु में विश्वासियों को इस्राएलियों द्वारा की गई उन गलतियों से बचने के लिए आगाह किया जो उन्होंने जंगल में घूमते समय करी थी (इब्रानियों 3:7-11)। “ भाइयो, चौकस रहो कि तुम में ऐसा बुरा और अविश्‍वासी मन न हो, जो तुम्हें जीवते परमेश्‍वर से दूर हटा ले जाए।” उसने लिखा “हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो,” (12-13)। 

मसीह में सुरक्षित हमारे आशा की जीवन रेखा के साथ, हम ऊर्जा से भरपूर ईंधन अनुभव कर सकते हैं जिसे हमें बनाए रखने की आवश्यकता है: विश्वासियों की संगति में आपसी प्रोत्साहन (v.13)। जब एक विश्वासी संदेह करता है, दूसरे विश्वासी प्रतिज्ञान और जवाबदेही की पेशकश कर सकते हैं। जैसे-जैसे परमेश्वर हमें सामर्थी बनाते हैं, उसके लोग, हम एक दूसरे को आपसी प्रोत्साहन की सामर्थ प्रदान कर सकते हैं।

स्थायी आशा

डॉक्टरों ने चार वर्षीय सोलोमन का ड्यूकेन मस्क्युलर डिस्ट्रॉफी (Duchenne Muscular Dystrophy) मांशपेशियों का कमज़ोर व पतली होने की बीमारी के साथ निदान किया l एक साल बाद, डॉक्टरों ने परिवार के साथ व्हीलचेयर के सम्बन्ध में चर्चा की l लेकिन सोलोमन ने विरोध किया कि उसे इसकी ज़रूरत नही पड़ेगी l परिवार और मित्रों ने उसके लिए प्रार्थना की और एक पेशवर प्रशिक्षित सेवा कुत्ते (प्रोफेशनलली ट्रेन्ड सर्विस डॉग/ professionally trained service dog) के लिए धन जुटाया ताकि यथासंभव लम्बे समय तक सोलोमन को व्हीलचेयर से बाहर रखने में सहायता मिल सके l टेल्स of लाइफ(Tails of Life) संगठन, जिसने मेरे कुत्ते कैली को प्रशिक्षित किया था वर्तमान में एक और कुत्ते को सोलोमन की सेवा करने के लिए तैयार कर रहा है l 

यद्यपि सोलोमन अपने इलाज को स्वीकार करता है, अक्सर परमेश्वर की प्रशंसा में एक गीत गाता है, कुछ दिन कठिन भी होते हैं l उन कठिन दिनों में से एक में, सोलोमन ने अपनी माँ को गले लगाकर बोला, “मुझे ख़ुशी है कि स्वर्ग में कोई ड्यूकेन बीमारी नहीं है l”

बीमारी के अपक्षयी प्रभाव अनंतकाल के इस पक्ष के सभी लोगों को प्रभावित करते हैं l लेकिन, सोलोमन की तरह, हमारे पास एक स्थायी आशा है जो उन अपरिहार्य कठिन दिनों में हमारे संकल्प को मजबूत कर सकती है l परमेश्वर हमें “नया आकाश और नयी पृथ्वी” की प्रतिज्ञा देता है (प्रकाशितवाक्य 21:1) l हमारा सृष्टिकर्ता हमारे साथ अपना घर बनाकर हमारे बीच में “निवास” करेगा (पद.3) l वह हमारी आँखों से “सब आँसू पोंछ डालेगा; और इसके बाद मृत्यु न रहेगी, और न शोक, न विलाप, न पीड़ा रहेगी” (पद.4) l जब प्रतीक्षा “बहुत कठिन” या “बहुत लम्बी” लगती हो हम शांति का अनुभव कर सकते हैं क्यंकि परमेश्वर की प्रतिज्ञा पूरी होगी l 

एक साथ बेहतर

मेरी, एक अकेली कामकाजी माँ, शायद ही कभी चर्च या बाइबल अध्ययन से चूकती थी l प्रत्येक सप्ताह, वह अपने पांच बच्चों के साथ बस से चर्च आना- जाना करती थी और वहां तैयारी में और सफाई करने में सहायता करती थीI

एक रविवार, पास्टर ने मेरी से कहा कि चर्च के कुछ सदस्यों ने उसके परिवार के लिए उदार उपहार दिए हैं l एक पति-पत्नी ने उस परिवार को कम किराये पर एक घर उपलब्ध कराया l एक और जोड़े ने अपनी कॉफ़ी की दूकान में उसे लाभदायक नौकरी दी l एक युवक ने उसे मरम्मत की हुयी अपनी एक पुरानी कार दी और व्यक्तिगत मैकेनिक के रूप में सेवा देने के लिए प्रतिज्ञा की l मेरी ने परमेश्वर और परस्पर सेवा में समर्पित समुदाय में रहने के आनंद के लिए परमेश्वर को धन्यवाद दिया l 

यद्यपि हम मेरी के चर्च परिवार की तरह उदारता से देने में सक्षम न हों, परन्तु, परमेश्वर के लोगों को परस्पर मदद करने के लिए बनाया गया है l सुसमाचार लेखक लूका यीशु में विश्वासियों का “प्रेरितों से शिक्षा पाने, संगति रखने में . . . लौलीन” रहने का वर्णन करता है (प्रेरितों 2:42) l जब हम सहायता करने के साथ साथ अपने संसाधनों को भी जोड़ देते हैं, तब हम यीशु में होकर, आरंभिक विश्वासियों की तरह ज़रूरतमंदों की सहायता कर सकते हैं (पद.44-45) l जब हम परमेश्वर और एक दूसरे के साथ की निकटता में बढ़ते है, तब हम एक दूसरे की देखभाल कर सकते हैं l परमेश्वर के लोगों के कार्यों द्वारा उसके प्रेम की साक्षी का प्रदर्शन दूसरों को यीशु तक पहुंचा सकता I(46-47) l 

हम एक मुस्कराहट और दयालु कार्य द्वारा दूसरों की सेवा कर सकते हैं l हम वित्तीय उपहार(गिफ्ट मनी) या प्रार्थना की पेशकश कर सकते हैं l जब परमेश्वर हमारे भीतर और हमारे द्वारा कार्य करता है, तो हम सरलता से एक साथ बेहतर होते हैं l 

आनन्दित होने के कारण

जब मिस ग्लेंडा चर्च सभा क्षेत्र में आईं, तो उनके संक्रामक आनंद ने कमरे को भर दिया। वह अभी एक कठिन चिकित्सा प्रक्रिया से उबरी थी। जैसे ही चर्च सभा समाप्त होने के बाद सामान्य अभिवादन के लिए वह मेरी तरफ आयी, मैंने परमेश्वर को धन्यवाद दिया इतने वर्षों में उन सभी समयों के लिए जब वह मेरे साथ रोती, मुझे कोमलता से सुधारती और मुझे प्रोत्साहन देती। उन्होंने मुझसे माफी भी मांगी है जब उन्हें लगा कि उन्होंने मेरी भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। कैसी भी परिस्थिति हो, उन्होंने हमेशा मुझे अपने संघर्षों को ईमानदारी से साझा करने के लिए आमंत्रित करती है और मुझे याद दिलाती है कि हमारे पास परमेश्वर की स्तुति करने के कई कारण हैं।

मामा ग्लेंडा, जैसे की वह मुझे उन्हें बुलाने देती है, उन्होंने मुझे कोमलता से अपने गले लगा लिया। "हाय, बेबी," उन्होंने कहा। हमने एक छोटी बातचीत का आनंद लिया और एक साथ प्रार्थना की। फिर वह चली गई - हमेशा की तरह गुनगुनाती और गाती हुई, किसी और को आशीष देने की तलाश में।

भजन संहिता 64 में, दाऊद अपनी शिकायतों और चिंताओं के साथ साहसपूर्वक परमेश्वर के पास पहुँचा (पद 1)। उसने अपने आस-पास में हो रही दुष्टता से निराश होकर आवाज़ उठाई (पद 2-6)। उसने परमेश्वर की शक्ति या उसके वादों की विश्वसनीयता में विश्वास नहीं खोया (पद 7-9)। वह जानता था कि एक दिन धर्मी लोग यहोवा के कारण आनन्दित होंगे, और उसकी शरण लेंगे; सब सीधे मन के लोग उस की बड़ाई करेंगे!” (पद 10 )।

यीशु की वापसी की प्रतीक्षा करते हुए, हम कठिन समय का सामना करेंगे। लेकिन हमारे पास हमेशा परमेश्वर द्वारा बनाए गए प्रत्येक दिन में आनन्दित होने के कारण होंगे।

दुखी और आभारी

मेरी माँ की मृत्यु के बाद, उनके एक साथी कैंसर रोगी ने मुझसे संपर्क किया। "तुम्हारी माँ मुझ पर बहुत दयालु थी," उन्होंने रोते हुए कहा। "मुझे दुःख है कि मेरे बजाय ...वो मर गयी।"

"मेरी माँ आपसे बहुत प्रेम करती थी" मैंने कहा। "हमने प्रार्थना किया था  कि परमेश्वर आपको अपने लड़कों को बड़े होते हुए देखने दे" उनका हाथ पकड़कर मैं उनके साथ रोया और परमेश्वर से उनके लिए सहायता मांगी कि वह शांति के साथ दुःख सह पाए। मैंने उनकी क्षमा के लिए भी धन्यवाद दिया जिसके द्वारा वह अपने पति और दो बढ़ते बच्चों से प्यार करना जारी रख पायी।

बाइबल दुःख की जटिलता को प्रकट करती है जब अय्यूब ने लगभग सब कुछ खो दिया, जिसमें उसके सभी बच्चे भी शामिल थे। अय्यूब शोकित हुआ और "भूमि पर गिर पड़ा और दण्डवत् करके" (अय्यूब 1:20)। एक टूटा –हृदय आशावादी कार्य समर्पण और कृतज्ञता की अभिव्यक्ति के साथ, उसने कहा, "यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है” (पद 21)। जबकि अय्यूब को आगे अपने शोक और परमेश्वर द्वारा अपने जीवन के पुनर्निर्माण के लिए अत्यंत संघर्ष करना था, किन्तु इस क्षण में उसने अच्छी और बुरी परिस्थितियों पर परमेश्वर के अधिकार को स्वीकार किया और आनन्दित भी हुआ।

परमेश्वर उन कई तरीकों को समझता है जिन्हें हम भावनाओं में दर्शाते और संघर्ष करते हैं। वह हमें ईमानदारी और ये यह स्वीकारते हुए कि हम कमज़ोर है शोक करने के लिए आमंत्रित करता है। यहां तक ​​कि जब दुख अंतहीन और असहनीय लगता है, तब भी परमेश्वर दृढ़तापूर्वक कहते हैं की वह न बदला है और न बदलेगा। इस वादे के साथ, परमेश्वर हमें शांति देता है और हमें उसकी उपस्थिति के लिए आभारी होने के लिए सशक्त बनाता है।

एक स्वर्गीय पुनर्मिलन

मेरी माँ का मृत्यु-लेख लिखते समय, मृत शब्द स्वर्ग में हमारे वादा किए गए पुनर्मिलन में मुझे जो आशा थी, उसके लिए बहुत अंतिम लग रहा था। इसलिए, मैंने लिखा: “यीशु की बाहों में उसका स्वागत किया गया।” अभी भी जब मैं कुछ दिन बहुत अधिक वर्तमान पारिवारिक तस्वीरों को देखते हुए दुखी होता हूँ जिसमें मेरी माँ शामिल नहीं। हालाँकि, हाल ही में मैंने एक चित्रकार की खोज की जो जिन्हें हम खोए हैं उन्हें शामिल करने के लिए पारिवारिक चित्र बनाता है। जो हमसे पहले गए हैं, परिवार की तस्वीर में उन्हें चित्रित करने के लिए कलाकार उन प्रियजनों की तस्वीरों का उपयोग करता है। तूलिका के झोंकों से, यह चित्रकार परमेश्वर के स्वर्गीय पुनर्मिलन के वायदे को दर्शाता है। मेरी माँ को मेरे पास फिर से मुस्कुराते हुए देख के मैं इस सोच पर बहुत आंसू बहाया।

प्रेरित पौलुस पुष्टि करता है की यीशु में विश्वासियों को “दूसरों के समान” शोकित नहीं होना है (1 थिस्सलुनीकियों 4:13)। “क्योंकि यदि हम विश्‍वास करते हैं कि यीशु मरा और जी भी उठा, तो वैसे ही परमेश्वर उन्हें भी जो यीशु में सो गए हैं, उसी के साथ ले आएगा। ” (14)। पौलुस यीशु के दूसरे आगमन को मानता है और दावा करता है की सारे विश्वासी यीशु के साथ फिर मिलेंगे (17)। 

 जब हम किसी प्रियजन जिसने यीशु पर भरोसा किया था के जाने का शोक मनाते हैं  तो स्वर्गीय पुनर्मिलन के लिए परमेश्वर का वायदा हमें सांत्वना दे सकता है। जब हम अपनी अमरता का सामना करते हैं, जीवित राजा के साथ हमारे भविष्य का वादा अनंत आशा प्रदान करता है जब तक यीशु वापस न आए या हमें घर न बुलाएं।

प्रेम में निहित

मैं कैंसर केयर सेंटर में पहुंची, जहाँ मैं अपनी माँ की लिव-इन केयरगिवर के रूप में सेवा करूंगी, अकेला और भयभीत महसूस करते हुए पहुंची, मैंने अपने परिवार और मित्रों को 1200 कि.मी. से अधिक पीछे छोड़ दिया था। मैं अपना समान छूती इससे पहले, एक बड़ी मुस्कराहट के साथ एक आदमी फ्रैंक, ने मदद की पेशकश की। जब तक हम 6वीं  मंजिल पहुंचें, मैंने उसके पत्नी, लोरी, से मिलने की योजनायें बनाई, जो उसके इलाज के दौरान उसका देख-भाल की। जैसे हम परमेश्वर और एक दूसरे पर आश्रित हुए वह जोड़ा जल्द ही परिवार की तरह बन गये। हमने एक साथ हंसा, बांटा, रोया, और प्रार्थना की। भले ही हम सब वीरान महसूस कर रहे थे, जैसे हम एक दूसरे को सहयोग किए परमेश्वर और एक दूसरे के साथ हमारा सम्बन्ध ने हमें प्रेम में निहित रखा।

जब रुत ने अपनी सास नाओमी, की देखभाल के लिए समर्पित हुई, उसने परिचित की सुरक्षे को पीछे छोड़ दीया। रुत “जाकर एक खेत में लवनेवालों के पीछे बीनने लगी”(रुत 2:3)। सेवकों ने खेत के मालिक, बोअज से कहा, की रुत “आई, और भोर से अब तक यहीं है, केवल थोड़ी देर तक घर में रही थी।” (7)। रुत ने लोगों के साथ एक सुरक्षित जगह पाया जो उसकी देखभाल करने को इच्छुक थे जैसे उसने नाओमी का देखभाल किया (8-9)। और परमेश्वर ने रुत और नाओमी के लिए बोअज़ के उदारता के द्वारा प्रदान किया (14-16)     

जिन्दगी के परिस्थितियाँ हमारे आराम क्षेत्र से परे अनपेक्षित जगहों के लिए रास्ते प्रदान कर सकता है। जैसे हम परमेश्वर और एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। जैसे हम एक दूसरे का सहयोग करते है वह हमें अपने प्रेम में  निहित रखेगा।

उज्ज्वलित भटकने वाले

२०२० के वसंत में रात के आसमान के नीचे, सर्फर सैन डिएगो के तट पर बायोलुमिनसेंट तरंगों की सवारी करते हैं। ये लाइटशो सूक्ष्म जीवों के कारण होते हैं जिन्हें फाइटोप्लांकटन कहा जाता है, जो एक ग्रीक शब्द से लिया गया नाम है जिसका अर्थ है "भटकने वाला" या "ड्रिफ्टर।" दिन के दौरान, जीवित जीव लाल ज्वार पैदा करते हैं और सूर्य के प्रकाश को पकड़ लेते हैं जो रासायनिक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाता है। जब वे अंधेरे में छेड़े जाते हैं, तो वे बिजली की नीली रोशनी पैदा करते हैं।

यीशु में विश्वास करने वाले स्वर्ग के नागरिक हैं, जो बहुत हद तक लाल ज्वार के शैवाल की तरह, पृथ्वी पर भटकने वाले या घूमने वालों की तरह रहते हैं। जब कठिन परिस्थितियाँ हमारी सुव्यवस्थित योजनाओं को बाधित करती हैं, तो पवित्र आत्मा हमें यीशु की तरह प्रतिउत्तर देने के लिए शक्ति प्रदान करता है - संसार की ज्योति - ताकि हम अंधेरे में उनके उज्ज्वल चरित्र को प्रतिबिंबित कर सकें। प्रेरित पौलुस के अनुसार, मसीह के साथ हमारी घनिष्ठता और उस धार्मिकता से अधिक मूल्यवान कुछ नहीं है जो उस पर हमारे विश्वास के द्वारा आती है (फिलिप्पियों ३:८-९ )। उसके जीवन ने साबित कर दिया कि यीशु और उसके पुनरुत्थान की शक्ति को जानना हमें बदल देता है, और प्रभावित करता है कि हम किस प्रकार से जीते हैं और किस प्रकार से हम प्रतिउत्तर देते है जब परीक्षाएँ हमारे जीवन को बाधित करती हैं (पद १०-१६)।

जब हम प्रतिदिन परमेश्वर के पुत्र के साथ समय बिताते हैं, तो पवित्र आत्मा हमें उस सत्य से सुसज्जित करता है जिसकी हमें आवश्यकता होती है —उस तरह हमें इस पृथ्वी पर हर चुनौती का सामना करने के लिए सक्षम बनाता है जो कि मसीह के चरित्र को दर्शाता है (पद १७-२१)। हम परमेश्वर के प्रेम और आशा के प्रकाशस्तंभ बन सकते हैं, जब तक वह हमें घर नहीं बुलाता या फिर वापस नहीं आता, अंधकार को काटते हुए।

भण्डारीपन का विशेषाधिकार

छुट्टी के दौरान, मैं और मेरे पति इलियट समुद्र तट पर चल रहे थे, जब हमने कछुए के अंडों की टोकरियाँ देखीं। एक युवक ने समझाया कि उसने स्वयंसेवकों की एक टीम के साथ काम किया जो चेन्नई समुद्र तटों पर रात की सैर का आयोजन करती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ओलिव रिडले कछुओं का अंडे सेना सुचारू रूप से हो। एक बार जब अंडे से बच्चा निकलने लगता है, तो जानवरों और मनुष्यों दोनों की उपस्थिति उनके लिए ख़तरा और उनके जीवित रहने की संभावना को कम कर देती है। "हमारे सभी प्रयासों के बावजूद," उन्होंने कहा, "वैज्ञानिकों का अनुमान है कि प्रत्येक हजार में से केवल एक ही वयस्कता तक पहुंचता है।" फिर भी , इन धूमिल संख्याओं ने इस युवक को हतोत्साहित नहीं किया। निःस्वार्थ रूप से अंडे में से निकलते बच्चों की सेवा करने के उसके जुनून ने समुद्री कछुओं का सम्मान करने और उनकी रक्षा करने की मेरी इच्छा को गहरा कर दिया। अब मैं एक समुद्री कछुआ पेंडेंट पहनता हूं जो परमेश्वर द्वारा दी गयी मेरी जिम्मेदारी को याद दिलाता है कि मैं उसके बनाए गए जीवों की देखभाल करुँ।

जब परमेश्वर ने संसार की रचना की, तो उसने एक ऐसा आवास प्रदान किया जिसमें प्रत्येक प्राणी रह सके और फल-फूल सके (उत्पत्ति १:२०-२५)। जब उसने अपने प्रतिरूपों को बनाया, तो परमेश्वर ने हमारे लिए यह इच्छा रखी थी हम "समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और पशुओं, और सब जंगली जानवरों, और भूमि पर रेंगनेवाले सब प्राणियों पर अधिकार रखे(पद. २६)। वह हमारी सहायता करता है कि हम उसकी सेवा एक विश्वासयोग्य भण्डारी के रूप में कर सके उसकी विशाल रचना की चिंता करने के द्वारा जिन पर हमने उससे अधिकार पाया है।