Month: दिसम्बर 2025

परीक्षाओं पर विजय पाना

 

ऐनी गरीबी और दुःख में पली बढ़ी। उसके दो भाई-बहनों की मृत्यु बचपन में ही हो गयी। पाँच साल की उम्र में, एक नेत्र रोग के कारण वह आंशिक रूप से अंधी हो गई और पढ़ने या लिखने में असमर्थ हो गई। जब ऐनी आठ वर्ष की थी, तब उसकी माँ की मृत्यु टी.बी. से हो गई। कुछ ही समय बाद, उसके दुर्व्यवहारी पिता ने अपने तीन जीवित बच्चों को छोड़ दिया। सबसे छोटे को रिश्तेदारों के साथ रहने के लिए भेजा गया, लेकिन ऐनी और उसका भाई, जिम्मी, सरकार द्वारा संचालित टेवक्सबरी अल्म्सहाउस में चले गए, जो एक जीर्ण-शीर्ण (पुराना), भीड़भाड़ वाला अनाथालय था; कुछ महीनों बाद जिम्मी की मृत्यु हो गई।

चौदह वर्ष की उम्र में ऐनी की परिस्थितियाँ बेहतर हो गईं । उसे अंधे लोगों के स्कूल में भेजा गया, जहाँ उसने अपनी दृष्टि सुधारने के लिए सर्जरी करवाई और पढ़ना-लिखना सीखा। हालाँकि उसे फिट होने में संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उसने शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और स्नातक की उपाधि प्राप्त की। आज हम उसे हेलेन केलर की शिक्षिका और साथी ऐनी सुलिवन के रूप में सबसे अच्छी तरह से जानते हैं। प्रयास, धैर्य और प्रेम के माध्यम से, ऐनी ने अंधी और बहरी हेलेन को बोलना, ब्रेल पढ़ना और कॉलेज से स्नातक होना सिखाया।

यूसुफ को भी कठिन परीक्षा जीतना पड़ा : सत्रह साल की उम्र में, उसके ईर्ष्यालु भाइयों ने उसे गुलामी में  बेच दिया और बाद में वह ग़लत तरीके से कैद हुआ (उत्पत्ति 37; 39-41)। फिर भी परमेश्वर ने मिस्र और उसके परिवार को अकाल से बचाने के लिए उसका उपयोग किया (50:20)।

हम सब परीक्षाओं और परेशानियों का सामना करते हैं। लेकिन जिस तरह परमेश्वर ने युसूफ और ऐनी को दूसरों के जीवन पर काबू पाने और गहरा प्रभाव डालने में मदद किया, वह हमारी सहायता और उपयोग कर सकते हैं। मदद और मार्गदर्शन के लिए उससे पूछें। वह देखता है और सुनता है।

—एलिसन कीडा

परमेश्वर पर निर्भर हों

कुछ दोस्तों के साथ एक वाटर पार्क में, हमने हवा से भरे हुए प्लेटफॉर्म से बने एक तैरते हुए बाधा मार्ग(obstacle course) को पार करने का प्रयास किया। उछलता हुआ, फिसलन भरे प्लेटफॉर्म ने सीधे चलना लगभग असंभव बना दिया। जब हम रैंप (ढलवाँ मार्ग), चट्टानों और पुलों पर लड़खड़ाते हुए आगे बढ़े, तो हम पानी में गिर गए और हम चीखने लगे। एक कोर्स पूरा करने के बाद, मेरी दोस्त, पूरी तरह से थक गई, सांस लेने के लिए एक “टावर” पर झुक गई। लगभग तुरंत, उसके वजन के कारण टावर पानी में गिर गया ।

वाटर पार्क में मौजूद कमजोर मीनारों के विपरीत, बाइबल के समय में, टावर, रक्षा और सुरक्षा के लिए एक गढ़ था। न्यायियों 9:50-51 में बताया गया है कि कैसे थेबेज़ के लोग अपने शहर पर अबीमेलेक के हमले से बचने के लिए “एक मजबूत गुम्मट” की ओर भाग गए। नीतिवचन 18:10 में, लेखक ने एक मजबूत मीनार की छवि का उपयोग यह वर्णन करने के लिए किया कि परमेश्वर कौन है - वह जो उन लोगों को बचाता है जो उस पर भरोसा करते हैं 

हालाँकि, कभी-कभी, जब हम थक जाते हैं या हार जाते हैं तो परमेश्वर की मजबूत मीनार पर झुकने की बजाय, हम सुरक्षा और समर्थन के लिए अन्य चीज़ें तलाशते हैं—करियर(जीविका), रिश्ते, या सांसारिक सुख-सुविधाएँ। हम उस अमीर व्यक्ति से भिन्न नहीं जो अपने धन में ताकत तलाशता था (पद.11)। लेकिन जिस तरह हवा से भरा टावर(मीनार) मेरी सहेली की मदद नहीं कर सका, उसी तरह ये चीज़ें हमें वो नहीं दे सकतीं जिसकी हमें  ज़रूरत है। परमेश्वर  - जो सर्वशक्तिमान है और सभी स्थितियों पर नियंत्रण रखता है - सच्चा आराम और सुरक्षा प्रदान करता है।

—    जैसमीन गो

एक साधारण अनुरोध

"सोने जाने से पहले कृपया सामने का कमरा साफ कर देना", मैंने अपनी एक बेटी से कहा। तुरंत उत्तर आया, "वह क्यों नहीं करती है?"

जब हमारी बेटियाँ छोटी थीं तब हमारे घर में ऐसा हल्का विरोध अक्सर होता था। मेरी प्रतिक्रिया हमेशा एक ही थी : "अपनी बहनों के बारे में चिंता मत करो; मैंने तुम से कहा है।"

यूहन्ना 21 में, हम शिष्यों के बीच इस मानवीय प्रवृत्ति को चित्रित होते हुए देखते हैं। पतरस द्वारा तीन बार उसका इन्कार किये जाने के बाद यीशु ने पतरस को बहाल कर दिया था (यूहन्ना 18:15-18, 25-27 देखें)। अब यीशु ने पतरस से कहा, मेरे पीछे हो ले! (21:19)—एक सरल लेकिन कठिन आदेश । यीशु ने समझाया कि पतरस मृत्यु तक उसका अनुसरण करेगा (पद.18-19)।

पतरस के पास यीशु के शब्दों को समझने का समय ही नहीं था, इससे पहले उसने उसके पीछे आते शिष्य के बारे में पूछा : "हे प्रभु, इस का क्या?" (पद.21) l यीशु ने उत्तर दिया, "यदि मैं चाहूँ कि वह मेरे आने तक ठहरा रहे, तो तुझे क्या?" फिर उसने कहा, "तू मेरे पीछे हो ले।" (पद.22)।

कितनी बार हम पतरस की तरह होते हैं! हम दूसरों की विश्वास यात्राओं के बारे में सोचते हैं न कि परमेश्वर हमारे साथ क्या कर रहा है उसके बारे में । अपने जीवन के अंत में, जब यूहन्ना 21 में यीशु की मृत्यु की भविष्यवाणी बहुत करीब थी, पतरस ने मसीह के सरल आदेश को विस्तार से बताया : "आज्ञाकारी बालकों के समान अपनी अज्ञानता के समय की पुरानी अभिलाषाओं के सदृश न बनो । पर जैसा तुम्हारा बुलानेवाला पवित्र है, वैसे ही तुम भी अपने सारे चाल चलन में पवित्र बनो।"(1 पतरस 1:14-15)। यह हममें से प्रत्येक को यीशु पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए पर्याप्त है, न कि हमारे आस-पास के लोगों पर। 

- मैट लूकस

परमेश्वर पर्याप्त से कहीं अधिक है

एलेन का बजट बहुत सीमित था, इसलिए उसे क्रिसमस बोनस मिलने की खुशी थी। वह काफी होता, लेकिन जब उसने पैसे जमा किए, तो उसे एक और आश्चर्य मिला। टेलर (बैंक में रुपया लेने या देने वाला) ने कहा कि क्रिसमस के उपहार के रूप में बैंक ने उसके जनवरी के बंधक भुगतान को उसके

चालू खाते में जमा कर दिया था। अब वह और ट्रे अन्य बिलों का भुगतान कर सकते हैं और किसी और को क्रिसमस का उपहार दे सकते थे!  

परमेश्वर के पास हमें हमारी उम्मीद से कहीं ज़्यादा आशीष देने का तरीका है। नाओमी  अपने पति और बेटों की मौत से दुखी और टूट गई थी ( रूत 1:20–21)। उसकी निराशाजनक स्थिति से बोअज़ ने बचाया, जो एक रिश्तेदार था  जिसने उसकी बहू रूत से शादी की और उसके और नाओमी के लिए एक घर प्रदान कराया (4:10)।   

शायद नाओमी यही उम्मीद कर सकती थी। लेकिन फिर परमेश्वर ने रूत और बोअज़ को एक पुत्र का आशीर्वाद दिया। अब नाओमी के पास एक पोता था जो उसके “जी में जी ले आनेवाला और [उसके] बुढ़ापे में पालनेवाला हो” (पद.15) । इतना ही काफ़ी होता। जैसा कि बैतलहम की महिलाओं ने कहा,  "नाओमी के एक बेटा उत्‍पन्‍न हुआ है” (पद.17) l फिर छोटा ओबेद बड़ा हुआ—और “यिशै  का पिता और दाऊद का दादा हुआ” (पद.17)। नाओमी का परिवार इस्राएल के शाही वंश से था, जो इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण राजवंश था! इतना ही काफ़ी होता। परन्तु दाऊद, यीश का पूर्वज बना।                     

यदि हम मसीह में विश्वास करते हैं, तो हम नाओमी के समान स्थिति में हैं। जब तक उन्होंने हमें छुटकारा नहीं दिलाया हमारे पास कुछ नहीं था। अब हम अपने पिता द्वारा पूरी रीती से स्वीकार किए गये हैं, जो हमें दूसरों को आशीष देने के लिए आशीष देते हैं। यह पर्याप्त से कहीं अधिक है।

—माइक विटमर

परमेश्वर आपको नहीं भूलेगा

बचपन में, मैं डाक टिकटें इकट्ठा करता था। जब मेरे अंगकोंग (फुकिएनीज़ में "दादा" के लिए) ने मेरे शौक के बारे में सुना, तो उन्होंने हर दिन अपने कार्यालय के मेल से टिकटें सहेजना शुरू कर दिया। जब भी मैं अपने दादा-दादी से मिलने जाता, अंगकोंग मुझे कई तरह के खूबसूरत टिकटों से भरा एक लिफ़ाफ़ा देता। एक बार उसने मुझसे कहा, "भले ही मैं हमेशा व्यस्त रहता हूँ, लेकिन मैं तुम्हें नहीं भूलूँगा।"

अंगकोंग को खुलेआम स्नेह दिखाने की आदत नहीं थी, लेकिन मैंने उसके प्यार को गहराई से महसूस किया। असीम रूप से गहरे तरीके से, परमेश्वर ने इस्राएल के प्रति अपने प्यार का प्रदर्शन किया जब उसने घोषणा की, "मैं तुम्हें नहीं भूलूँगा!" (यशायाह 49:15)। बीते दिनों में मूर्तिपूजा और अवज्ञा के कारण बेबीलोन में पीड़ित, उसके लोगों ने विलाप किया, "प्रभु ने मुझे भूल गया है" ( पद 14)। लेकिन अपने लोगों के लिए परमेश्वर का प्यार नहीं बदला था। उसने उन्हें क्षमा और पुनर्स्थापना का वादा किया (पद 8-13)।

परमेश्वर ने इस्राएल से कहा, “मैंने तेरा चित्र अपनी हथेलियों पर खोदकर बनाया है” जैसा कि वह आज हमसे भी कहता है (पद.16)। जब मैं उसके आश्वासन के शब्दों पर विचार करता हूं, यह मुझे गहराई से यीशु के कीलों से दागे हाथों की याद दिलाता है—जो हमारे लिए और हमारे उद्धार के लिए प्रेम में फैला हुआ था (यूहन्ना 20:24-27)। यह मुझे यीशु के कीलों से जख्मी हाथों का बहुत गहराई से याद दिलाता है- जो हमारे लिए और हमारे उद्धार के लिए प्रेम में फैला हुआ है (यूहन्ना 20:24-27)। मेरे दादाजी के टिकटों और उनके स्नेहपूर्ण शब्दों के तरह, परमेश्वर अपने प्रेम के अनन्त प्रतीक के रूप में अपना क्षमाशील हाथ बढ़ाता है। आइए हम उसके प्रेम—एक अपरिवर्तनीय प्रेम के लिए उन्हें धन्यवाद दें। वह हमें कभी नहीं भूलेगा।

—केरेन हुआंग