हमारा परिवार पहाड़ की तलहटी के पास स्थित एक छोटा सा बांध देखने के लिए उत्साहित था। वहाँ पहुँचने पर, हमें नदी में पानी नहीं मिला, केवल चिलचिलाती धूप में सूखी भूमि थी। जैसे ही हमने सोचा कि हमारी यात्रा व्यर्थ हो गई, हमने दो स्थानीय लोगों से बातचीत शुरू की। उनमें से एक ने पूछा, “यीशु को क्रूस पर क्यों चढ़ाया गया?” वहाँ से शुरू करके, हमने उनके साथ यीशु के बारे में साझा करने के अवसर का लाभ उठाया।
परमेश्वर की आत्मा की अगुवाई में, फिलिप्पुस ने स्वयं को “यरूशलेम से गाजा तक जाने वाले रेगिस्तानी मार्ग पर दक्षिण की ओर” यात्रा करते हुए पाया (पद.26)। अपने रास्ते में, वह एक इथियोपियाई खोजे से मिला (पद.27)। जब यह व्यक्ति अपने घर लौट रहा था, तो फिलिप्पुस को आत्मा ने “निकट जाकर [उस] रथ के साथ हो लेने” के लिए प्रेरित किया(पद.29) l इसलिए, फिलिप्पुस रथ के पास गया और उसे “यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक पढ़ते हुए सुना”(पद.30)। खोजे ने फिलिप्पुस से पूछा, “भविष्यद्वक्ता यह किसके बारे में कहता है?” (पद.34)। इस प्रश्न से शुरू करते हुए, फिलिप्पुस को यीशु के बारे में बताने का अवसर मिला (पद.35)।
बहुत से लोग सत्य को खोज रहे हैं, किसी ऐसे व्यक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं जो उन्हें यीशु के बारे में बताए। परमेश्वर के मार्गदर्शन से, जहाँ भी अवसर मिले, हम बातचीत के द्वारा उनसे यीशु के बारे में बात कर सकते हैं: काम पर, जिम में, कैफ़े में, स्कूल में या यात्रा करते समय। हम नहीं जानते कि कब कोई ऐसा प्रश्न पूछ सकता है जो यीशु के बारे में बातचीत का मार्ग प्रशस्त करता है। लेकिन, जैसा कि पौलुस कहता है, हमें “अवसर को बहुमूल्य [समझना होगा]” और [हमें] सदा अनुग्रह सहित उत्तर देना है(कुलुस्सियों 4:6)। यदि आप अनुमति देंगे तो परमेश्वर आपके द्वारा अपना प्रेम प्रदर्शित कर सकता है। ऐसे व्यक्ति बनें जिसके पास वे लोग भी आ सकें जिनके पास रेगिस्तान में प्रश्न हो l कैरोल मैकवॉन
ऐसे कौन से स्थान जहाँ आप दूसरों से यीशु के बारे में बात कर सकते हैं?
परमेश्वर आपको दूसरों की ओर कैसे निर्देशित कर सकता है?
प्रिय यीशु, मुझे कोई ऐसा व्यक्ति दिखाएँ जिसे आज आपके बारे में सुसमाचार की ज़रूरत है। मुझे अपनी आत्मा की प्रेरणा के प्रति संवेदनशील बनाए रखें।
