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आशा का वस्त्र

एक विश्वविद्यालय में कपड़ा उद्योग के छात्रों ने टी-शर्ट का एक दिलचस्प संग्रह बनाया, जिस पर दक्षिण गुजरात की पारंपरिक रोगन कला(Rogan Art) का उपयोग करके सकारात्मक उद्धरण लिखे गए थे। ये कलाकार तेल और वनस्पति रंगों से बने पेंट का उपयोग करते हैं, और एक स्टाइलस(stylus-कलम) के साथ जटिल पैटर्न पेंट करते हैं। उपचार/चंगाई पर आधारित, आधुनिक टी-शर्ट के इस संग्रह में इस प्राचीन कला का उपयोग विशेष रूप से उन लोगों के लिए किया गया है जो चिंता, तनाव या मानसिक आघात से गुजर रहे हैं। उम्मीद थी कि उन्हें पहनने वाले अपनी निराशा के बीच आशा पाएंगे।

परमेश्वर ने भी आदम और हव्वा के पतन के बाद उनकी निराशाजनक स्थिति का जवाब सबसे पहले उनकी नग्नता को कपड़े पहनाकर दिया। सांप द्वारा बहकाए जाने के कारण, उन्होंने निषिद्ध फल खाने के लिए इच्छा महसूस की (पद.6)। परिणाम विनाशकारी थे। इसने उनकी आँखें खोल दीं और उन्हें अपने पाप के बारे में सचेत कर दिया। पहली बार डर, अपराध और शर्म की भावनाओं के संपर्क में आने के कारण, वे अंजीर के पत्तों के कपड़ों से अपनी नग्नता को पर्याप्त रूप से “ढँकने” में असमर्थ थे (पद.7)। इसलिए, परमेश्वर ने अपने अनुग्रह से उनके पहनने के लिए “चमड़े के वस्त्र” तैयार किए (पद.21)। उन्होंने उनकी तत्काल आवश्यकता के समय उनकी मदद की l

यह इस बात का प्रतीक है कि परमेश्वर ने हम सभी के लिए क्या किया। जब हमारे पाप उजागर हुए, तो परमेश्वर ने अपने अनुग्रह से हमें अपने पुत्र, यीशु को भेजा, ताकि वह हमें अपने “उद्धार के वस्त्र” और “धार्मिकता के वस्त्र” से ढक दे (यशायाह 61:10)। जब भय, शोक, अपराध, शर्म या टूटन की भावनाएँ हम पर हावी हो जाती हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि परमेश्वर ने हमारे लिए पहले से क्या किया है। हम उसके बलिदान से ढके हुए हैं। इसलिए, हम यह जानकर आशा पा सकते हैं कि उसने हमें वस्त्र पहनाए हैं और हम उसमें सम्पूर्ण किये गए हैं l कैरल मैकवॉन

 

पिछली सीट पर बाइबल

एंड्रू की वोक्सवैगेन कार रुक गयी, और सुरक्षा गार्ड सामने आ गए l उन्होंने प्रार्थना की जैसे उन्होंने अतीत में कई बार की थी: हे परमेश्वर जब आप पृथ्वी पर थे, तो आपने अंधी आँखों को देखने लायक बना दिया l अब, कृपया देखने वाली आँखों को अँधा कर दें l गार्डों ने कार की तलाशी ली और सामान में बाइबल के बारे में कुछ नहीं कहा l एंड्रू ने सीमा पार की और सामान लेकर उन तक पहुंचे जो बाइबल प्राप्त नहीं कर सकते थे l

एंड्रू वैन डेर बिज्ल, या ब्रदर एंड्रू, उस असंभव कार्य के लिए परमेश्वर की सामर्थ्य पर भरोसा करते थे जिसके लिए परमेश्वर ने उन्हें बुलाया था—पवित्रशास्त्र को उन देशों में ले जाना जहाँ मसीहियत गैरकानूनी था l उन्होंने अपनी सीमित शिक्षा और धन की कमी पर जोर देते हुए कहा, “मैं एक साधारण व्यक्ति हूँ l” “मैंने जो किया, कोई भी कर सकता है l” आज उनकी संस्था, ओपन डोर्स इंटरनेशनल, पूरे संसार में यीशु में सताए गए विश्वासियों की सेवा करती है l

जब यहूदा के राज्यपाल जरूब्बाबेल को यहूदियों के निर्वासन से लौटने के बाद मंदिर के पुनर्निर्माण के असंभव कार्य का सामना करना पड़ा, तो वह निराश हो गया l लेकिन परमेश्वर ने उसे याद दिलाया कि वह मानवीय शक्ति या ताकत पर नहीं, बल्कि उसकी आत्मा पर भरोसा करे(जकर्याह 4:6) l उसने उसे नबी जकर्याह को निकट के जैतून के पेड़ों से तेल से आपूर्ति किये गए दीवट के एक दर्शन के द्वारा उत्साहित किया(पद.2-3) l जिस प्रकार तेल की लगातार आपूर्ति के कारण दीपक जल सकते थे, उसी प्रकार जरूब्बाबेल और इस्राएली उसकी सामर्थ्य की निरंतर आपूर्ति पर भरोसा करके परमेश्वर का कार्य कर सकते थे l

जब हम परमेश्वर पर निर्भर रहते हैं, आइये हम उस पर भरोसा करें और वही करें जो वह हमें करने के लिए कहता है l केरेन हुआंग

 

आशाहीन से आशान्वित

बहुत मुश्किल से, एक मेडिकल छात्रा, कृपा ने एक गाँव की एक बूढ़ी महिला को मेडिकल कैंप में आने के लिए मनाया, जिसकी उँगलियाँ विकृत थीं। वहाँ एक वरिष्ठ डॉक्टर ने उसे देखा, कुछ दवाइयाँ लिखीं और उसे भेज दिया। फिर उसने कृपा को एक तरफ़ बुलाया और कहा, “उसकी विकृतियाँ इतनी गंभीर हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते। कृपया लोगों को उम्मीद देने से पहले यह निश्चित कर लें कि कुछ किया जा सकता है।” कृपा ने कठिन तरीके से सीखा कि हमेशा दवा से ही ठीक होने की उम्मीद नहीं होती। लेकिन इस निराशा के बीच भी, परमेश्वर के अनुग्रह में अभी भी आशा है जो चीज़ों के प्राकृतिक व्यवस्था से परे है।

आमोस ने इस्राएल के लिए भविष्यवाणी की जब वह आध्यात्मिक बीमारी की निराशाजनक स्थिति में था। उसने कहा कि इस्राएल नष्ट हो जाएगा और लोग दासत्व में चले जाएंगे क्योंकि उन्होंने निर्दोषों पर अत्याचार किया, रिश्वत ली और न्याय से इनकार किया (पद.12)। आमोस की भविष्यवाणी 722 ईसा पूर्व में पूरी हुई जब इस्राएल के लोग असीरिया में निर्वासित कर दिए गए (2 राजा 17:6)। हालाँकि, जब आमोस ने विनाश की भविष्यवाणी की, उसने आशा भी दी। उसने कहा, “यहोवा की खोज करो, तब जीवित रहोगे” (पद.6) l यह समझाते हुए कैसे, वह आगे कहता है, “बुराई से बैर और भलाई से प्रीति रखो, और फाटक में न्याय को स्थिर करो” (पद.15)। अगर वे ऐसा करते, तो आमोस ने कहा, वे जीवित रहेंगे, उनके साथ परमेश्वर की उपस्थिति होगी और वे परमेश्वर की दया का अनुभव करेंगे (पद.15-16)।

जैसा कि आमोस इस्राएल के लोगों से कहता है, आइए हम भी परमेश्वर पर भरोसा करें, उसकी खोज करें और जो अच्छा है वह करें ताकि हम भी उसकी भलाई का अनुभव कर सकें। जब हम उसकी आज्ञा मानते हैं और अच्छा करते हैं, तो वह हमारी सबसे निराशाजनक परिस्थितियों को भी कुछ खूबसूरत में बदल सकता है (उत्पत्ति 50:20)। आपके जीवन में जो भी चल रहा हो, याद रखें: परमेश्वर में अभी भी आशा है। ऍन हरिकीर्तन

 

परमेश्वर हमारी कहानियों का उपयोग करता है

मैंने मेमोरी बॉक्स खोली और एक छोटा, चांदी का ब्रोच निकाली, जो दस सप्ताह के अजन्मे बच्चे के पैरों के बिलकुल नाप और आकार का था l दस नन्हे पैर की उँगलियों को सहलाते हुए, मुझे अपनी पहली गर्भावस्था के नुकसान की याद आई और जो लोग कहते थे कि मैं “भाग्यशाली” थी, मैं “आशा से परे” थी l मुझे दुःख हुआ था, यह जानकार कि मेरे बच्चे के पैर उतने ही असली थे जितना कि एक समय मेरे गर्भ में धड़कने वाला हृदय l मैंने परमेश्वर को मुझे निराशा से मुक्त करने और अपनी कहानी का उपयोग उन लोगों को सांत्वना देने के लिए किया जो एक बच्चे को खोने के बाद दुखी थे l मेरे गर्भपात के दो दशक से भी अधिक समय बाद, मेरे पति और मैंने उस खोए हुए बच्चे का नाम काई(Kai) रखा, जिसका कुछ भाषाओं में अर्थ है “आनंदित होना l” यद्यपि मैं अभी भी अपने नुकसान से दुखी हूँ, मैं अपने दिल को ठीक करने और दूसरों की मदद करने के लिए अपनी कहानी का उपयोग करने के लिए परमेश्वर को धन्यवाद देती हूँ l

भजन संहिता 107 का लेखक परमेश्वर के स्थायी चरित्र पर आनंदित हुआ और उसने गाया: “यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि वह भला है; और उसकी करुणा सदा की है!”(पद.1) l उसने “यहोवा के छुड़ाए [हुओं]” से “ऐसा ही (अपनी कहानी कहने)” का निवेदन करता है, “उन कर्मों के कारण, जो वह मनुष्यों के लिए करता है, उसका धन्यवाद” करने को कहता है(पद.8) l उसने इस प्रतिज्ञा के साथ आशा की पेशकश की कि केवल परमेश्वर ही “अभिलाषी जीव को संतुष्ट करता है, और भूखे को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है” (पद.9) l

कोई भी दुःख या कष्ट से बच नहीं सकता, यहाँ तक कि वे भी जिन्हें क्रूस पर मसीह के बलिदान के द्वारा छुटकारा मिला है l हम परमेश्वर की दया का अनुभव कर सकते हैं जब वह हमारी कहानियों का उपयोग दूसरों को अपने उद्धारक प्रेम की ओर इशारा करने के लिए करता है l सोचितल डिक्सॉन