मैं 2023 में थोड़े समय के लिए बेंगलुरु आया था। लेकिन मेरा प्रवास अप्रत्याशित रूप से लंबा हो गया। जब मेरे लिए रात का खाना लाने वाला परिवार मेरी और मदद नहीं कर पाया, तो मैंने अपना खाना बाहर से मंगवाना शुरू कर दिया। इससे मेरे स्वास्थ्य पर असर पड़ा। शुक्र है कि एक परिवार जिससे मैं थोड़े समय से परिचित था, आगे आकर कहा कि वे मेरे लिए भोजन लाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “परमेश्वर ने हमें दूसरों की मदद करने और उनकी सेवा करने की शक्ति दी है और हमें विश्वासयोग्य भण्डारी बनना चाहिए।”

परमेश्वर का वचन विभिन्न संदर्भों में भण्डारी कार्य के बारे में बात करता है और हमसे “विश्वासयोग्य भण्डारी” बनने की अपेक्षा करता है (लूका 12:42-48)। परमेश्वर ने हमें कई वरदान दिए हैं और वह चाहता है कि हम उनका ईमानदारी से उपयोग करें (1 पतरस 4:10)। इन वरदानों का उपयोग करते हुए, हमें दूसरों की सेवा करने की उत्सुकता के साथ प्रेमपूर्ण और अतिथि सत्कार करनेवाला बनने के लिए प्रेरित किया जाता है (पद.8-10)। एक विश्वासयोग्य भण्डारी समझता है कि हमारे पास जो कुछ है वह केवल हमारे लिए नहीं बल्कि दूसरों के लाभ के लिए भी है। बेंगलुरु के परिवार ने मेरे लिए यही किया। उन्होंने अपनी ताकत को पहचाना और उसके अनुसार विश्वासयोग्य भण्डारी के रूप में काम किया।

आइए हम याद रखें कि हमारे पास जो भी क्षमता है, वह परमेश्वर की ओर से है (पद.10)। उसने हमें हमारे वरदान और संसाधन दिए हैं ताकि हम दूसरों के प्रति विश्वासयोग्य भण्डारी बन सकें। इसलिए, आइए हम स्वेच्छा से एक-दूसरे की मदद करें, यह जानते हुए कि परमेश्वर चाहता है कि हम ऐसा करें। आइए हम याद रखें कि हमें जो वरदान दिए गए हैं, और हम जिस अद्वितीय व्यक्ति के रूप में बने हैं, उसका उद्देश्य न केवल हमें बल्कि ज़रूरतमंदों को भी लाभ पहुँचाना है। जब हम परमेश्वर द्वारा दिए गए अपने अनुग्रह और उपहारों के अनुसार दूसरों के लिए अच्छा करते हैं, तो हम उनके विश्वासयोग्य भण्डारी बन जाते हैं। —रवि एस. रात्रे