जेम्स मॉरिस को एक बार “एक अनपढ़ लेकिन दयालु साधारण आदमी” के रूप में वर्णित किया गया था, लेकिन परमेश्वर ने उनका उपयोग ऑगस्टस टॉपलेडी को यीशु मसीह में विश्वास लाने के लिए किया l अठारहवीं शताब्दी का पुराना न होने वाला भजन “अबदी चट्टान मुझे” के लेखक, टॉपलेडी, ने मॉरिस को उपदेश देते हुए सुना : “यह अजीब है कि मुझे . . . उन मुट्ठी भर लोगों के बीच में परमेश्वर के पास लाया गया जो एक खलिहान में एक ऐसे व्यक्ति की सेवकाई के अंतर्गत इकठ्ठा थे जो कठिनाई से अपना नाम उच्चारित कर सकता था और लिख सकता था l निश्चय ही यह परमेश्वर का काम है और अद्भुत है l” 

वास्तव में, परमेश्वर अप्रत्याशित स्थानों पर और उन लोगों के द्वारा अद्भुत चीजें करता है जिन्हें हम “अयोग्य” या साधारण मान सकते हैं। 1 कुरिन्थियों 1 में, पौलुस ने यीशु में विश्वासियों को याद दिलाया कि वे एक अप्रभावी समूह थे। “अपने बुलाए जाने को तो सोचों कि न शरीर के अनुसार बहुत ज्ञानवान, और न बहुत सामर्थी, और न बहुत कुलीन बुलाए गए” (पद 26)। यद्यपि कुरिन्थुस के विश्वासी काफी साधारण थे, लेकिन परमेश्वर के अनुग्रह से उनमें वरदान और उपयोगिता की कमी नहीं थी (देखें पद 7)। और परमेश्वर—जो घमंडियों को उनकी जगह पर रखना जानता है (पद 27-29)—उनके बीच और उनके द्वारा काम कर रहा था। 

क्या आप खुद को “सरल,” “साधारण” या “कमतर” मानते हैं? परेशान न हों। यदि आपके पास यीशु है और आप उसके द्वारा उपयोग किए जाने के लिए तैयार हैं, तो आपके पास पर्याप्त है। आपके हृदय की प्रार्थना हो, “हे परमेश्वर, मेरा उपयोग कर!l आर्थर जैक्सन