क्या मैं अपनी दिवंगत माँ का घर बेच दूँ? मेरी प्यारी, विधवा माँ के निधन के बाद उस फैसले ने मेरे हृदय को बोझिल किया l भावुकता ने मेरे अहसासों को प्रेरित किया l फिर भी, मेरी बहन और मैंने ने उनके खाली घर की सफाई और मरम्मत में दो साल बिताएं, और उसे बेचना चाहा l यह 2008 की बात है, और सांसारिक मंदी के कारण हमारे पास कोई खरीददार नहीं था l हम कीमत कम करते रहे लेकिन कोई खरीदार नहीं मिला l फिर, एक सुबह अपनी बाइबल पढ़ते समय इस अंश पर मेरी नज़र पड़ी: “जहाँ बैल नहीं, वहाँ गौशाला स्वच्छ तो रहता है, परन्तु बैल के बल से अनाज की बढ़ती होती है”(नीतिवचन 14:4) l
कहावत में खेती की बात की गयी थी, लेकिन मैं इसके सन्देश से चकित थी l एक खाली स्टॉल साफ़-सुथरा रहता है, लेकिन केवल निवासियों के रहने से ही फसल की पैदावार हो सकती है l या, हमारे लिए, उपयोगिता और पारिवारिक विरासत की फसल l मैंने अपनी बहन को फोन करके पूछा, “अगर हम माँ का घर रखेंगे तो कैसा रहेगा? हम इसे किराए पर दे सकते हैं l”
चुनाव ने हमें आश्चर्यचकित कर दिया l माँ के घर को निवेश में बदलने की हमारी कोई योजना नहीं थी l लेकिन बाइबल, एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में व्यवहारिक बुद्धिमत्ता भी देती है l जैसा कि दाऊद ने प्रार्थना की, “हे यहोवा, अपने मार्ग मुझ को दिखला; अपना पथ मुझे बता दे”(भजन संहिता संहिता 25:4) l
हमारे चुनाव से, मुझे और मेरी बहन को कई प्यारे परिवारों को माँ का घर किराये पर देने का सौभाग्य मिला है l हमने यह जीवन बदल देनेवाला सत्य भी सीखा: “पवित्रशास्त्र हमारे निर्णयों का मार्गदर्शन करने में मदद करता है l भजन संहिताकार ने लिखा, “तेरा वचन मेरे पावों के लिए दीपक है, और मेरे मार्ग के लिए उजियाला है”(भजन संहिता सहिंता 119:105) l पैटरिसीए रेबॉन
आप किन कठिन विकल्पों का सामना कर रहे हैं?
पवित्रशास्त्र कैसे उत्तर दे सकता है?
प्रिय परमेश्वर, जैसे ही मैं निर्णय लेता हूँ,
पवित्रशास्त्र के प्रकाश से मेरा मार्गदर्शन करें l
