मैं एक साथी लेखिका को फॉलो कर रही हूँ और उसके लिए प्रार्थना कर रही हूँ जो अपनी कैंसर यात्रा के बारे में ऑनलाइन पोस्ट कर रही है l वह बारी-बारी से अपने शारीरिक दर्द और चुनौतियों के बारे में अपडेट साझा करती है और पवित्रशास्त्र और परमेश्वर की स्तुति के साथ प्रार्थना अनुरोध साझा करती है l उसकी साहसी मुस्कान देखना सुन्दर है चाहे वह अस्पताल में इलाज का इंतजार कर रही हो या घर पर बनडाना पहनी हुए हो क्योंकि उसके बाल झड़ रहे हैं l प्रत्येक चुनौती के साथ, वह दूसरों को आजमाइशों के दौरान परमेश्वर पर भरोसा करने के लिए प्रोत्साहित करने से कभी नहीं चूकती l

जब हम कठिनाइयों से गुज़र रहे होते हैं, तो आभारी होने और परमेश्वर की स्तुति करने का कारण ढूढ़ना चुनौतीपूर्ण हो सकता है l हालाँकि, भजन संहिता सहिंता 100 हमें हमारी परिस्थितियों के बावजूद खुश होने और परमेश्वर की स्तुति करने का कारण देता है l भजन संहिताकार कहता है: “निश्चय जानो कि यहोवा ही परमेश्वर है ! उसी ने हम को बनाया, और हम उसी के हैं; हम उसकी प्रजा, और उसकी चराई की भेड़ें हैं”(पद.3) l वह आगे कहता है, “क्योंकि यहोवा भला है, उसकी करुणा सदा के लिए, और उसकी सच्चाई पीढ़ी पीढ़ी तक बनी रहती है”(पद.5) l

हमारी आजमाइश चाहे जो भी हो, हम यह जानकार आराम पा सकते हैं कि परमेश्वर हमारे टूटे हुए हृदयों के निकट है(34:18) l जितना अधिक समय हम परमेश्वर के साथ प्रार्थना और बाइबल पढ़ने में बिताएंगे, उतना ही अधिक हम “फाटकों से धन्यवाद, और उसके आँगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश [कर सकेंगे]” और “उसका धन्यवाद कर सकेंगे, और उसके नाम को धन्य कह सकेंगे”(100:4) l हम “यहोवा का जयजयकार” कर सकते हैं(पद.1) यहाँ तक कि और शायद विशेष रूप से तब जब हम किसी कठिन समय में हों क्योंकि हमारा परमेश्वर विश्वासयोग्य है l नैंसी गैविलेन्स