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Articles by जेनिफ़र बेन्सन शुल्ट्ज

लापरवाह शब्द

मैं लगभग आधे घण्टे से गाड़ी चला रहा था जब अचानक मेरी बेटी रोने-चिल्लाने लगी। मैंने पूछा, “क्या हुआ?“ उसने कहा उसके भाई ने उसकी बाँहें पकड़ ली थी। भाई ने कहा उसने उसको चुटकी भरी थी। उसने कहा कि उसने चुटकी भरी क्योंकि उसने कुछ बुरा बोला था।

दुर्भाग्यवश, बच्चों के मध्य सामान्य नमूना, वयस्क सम्बन्धों में भी दिखता…

दर्शन की घाटी

नैतिकवादियों की प्रार्थना “दर्शन की घाटी” पापी और पवित्र परमेश्वर के बीच की दूरी बताती है । मनुष्य परमेश्वर से कहता है, “आप मुझे पाप के पहाड़ों से घिरे दर्शन की घाटी में ले आए हैं ....; जहाँ से मैं आपकी महिमा देखता हूँ ।” अपनी गलतियों से अवगत्, मनुष्य आशावादी है । वह आगे कहता है, “गहरे कूँओं से…

एक मक्खी से ताकीद

जिस छोटे दफ्तर को मैंने किराये पर लिया, वहाँ केवल कुछ निरुदेश्य मक्खियाँ रहती थीं । कुछ मक्खियाँ मर गईं थीं और चारों ओर दीवारों एवं खिड़कियों पर बिखरीं हुईं थीं । मैं एक को सामने छोड़कर बाकी हटा दिए ।

यह मृत मक्खी मुझे अच्छे से प्रतिदिन व्यतीत करना सिखाती है । मृत्यु जीवन की एक सर्वोत्तम ताकीद है,…