उपासना की जीवनशैली
जब मैं एक मसीही सम्मेलन केंद्र में नाश्ते की बुफे लाइन में इंतजार कर रही थी, महिलाओं का एक समूह भोजन कक्ष में प्रवेश किया । मैंने मुस्कुराते हुए एक महिला को नमस्ते कहा, जो मेरी पीछे वाली पंक्ति में कदम रखी । मेरा अभिवादन वापस करते हुए उसने कहा, “मैं आपको जानती हूँ ।“ हमने अपनी प्लेटों में अंडे की भुज्जी ली और यह पता लगाने की कोशिश की कि हम कहाँ पर मिले थे । लेकिन मुझे काफी यकीन था कि उसने मुझे कोई और समझने की गलती की थी l
जब हम दोपहर के भोजन के लिए लौटे, तो उस महिला ने मुझसे संपर्क किया । “क्या आप एक सफेद कार चलाती हैं?”
मैंने कन्धा उचकाया । “मैं यह किया करती थी l कुछ साल पहले ।“
वह हँसी । “हम प्राथमिक विद्यालय के निकट लगभग हर सुबह एक ही ट्रैफिक लाइट पर रुकते थे,” उसने कहा । "आप हमेशा खुशी से गाते हुए अपने हाथों को उठाती थी l मुझे लगा कि आप ईश्वर की आराधना करती होंगी l वह मुझ में आपके साथ शामिल होने की इच्छा जागृत की, कठिन दिनों में भी l”
परमेश्वर की प्रशंसा करते हुए, हमने एक साथ प्रार्थना की, गले मिले, और दोपहर के भोजन का आनंद लिया ।
मेरे नए मित्र ने पुष्टि की कि लोग नोटिस करते हैं कि यीशु के अनुयायी कैसे व्यवहार करते हैं, उस समय भी जब हम सोचते हैं कि कोई नहीं देख रहा है । जब हम आनंदित उपासना की जीवन शैली को अपनाते हैं, हम अपने सृष्टिकर्ता के समक्ष कभी भी और कहीं भी आ सकते हैं । उसके धीरजवंत प्रेम और विश्वासयोग्यता की प्रशंसा करते हुए, हम उसके साथ अंतरंग संवाद का आनंद ले सकते हैं और उसकी अनवरत देखभाल (भजन 100) के लिए उसका धन्यवाद कर सकते हैं । चाहे हम अपनी कारों में भजन गाते हों, सार्वजनिक रूप से प्रार्थना करते हों, या ईश्वर के प्रेम का प्रचार करते हों, हम दूसरों को "उसके नाम को धन्य” कहने के लिए प्रेरित कर सकते हैं (पद.4) । परमेश्वर की उपासना करना रविवार की सुबह की घटना से अधिक है ।
तड़क-भड़क नहीं, केवल महिमा/प्रताप
वर्षों से मेरे बेटे, ज़ेवियर, के हाथ से बनायी गयी क्रिसमस की सजावट और दादी द्वारा उसे भेजे गए वार्षिक बेमेल खिलौने और सस्ती भड़कीली वस्तुओं को देखते हुए मैं समझ नहीं पा रही थी कि मैं क्यों अपनी सजावट से संतुष्ट नहीं थी l मैंने हमेशा प्रत्येक सजावट की रचनात्मकता और स्मृति को बहुमूल्य मानी थी जिसका हर एक सजावट प्रतिक था l तो, क्यों खुदरा दुकानों की छुट्टी का प्रदर्शन/डिस्प्ले पूरी तरह से मेल खाने वाले बल्बों, झिलमिलाती सजावटें और साटन रिबन के साथ सजी एक पेड़ को पाने की इच्छा मुझमें उत्पन्न कर रहा था?
जब मैं खुद को अपनी सादगीपूर्ण सजावट से दूर करना शुरू किया, मैंने एक लाल, दिल के आकार की सजावट को एक सरल वाक्यांश के साथ चित्रित देखा, जिस पर लिखा था - यीशु, मेरा उद्धारकर्ता । मैं यह कैसे भूल सकती थी कि मेरा परिवार और मसीह में मेरी आशाएं ही क्रिसमस मनाने के कारण हैं? हमारा साधारण ट्री स्टोर के सामने सजे पेड़ों के समान नहीं था, लेकिन हर सजावट के पीछे के प्यार ने इसे सुंदर बना दिया ।
हमारे साधारण ट्री की तरह, उद्धारकर्ता/Messiah संसार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर रहा था (यशायाह 53:2) । यीशु “जाना [गया] और त्यागा [गया]” (पद.3) l फिर भी, प्यार के एक अद्भुत प्रदर्शन में, वह “हमारे अपराधों के कारण घायल किया गया” (पद.5) l हम शांति का आनंद ले सकें इसी कारण उस पर ताड़ना पड़ी (पद.5) l इससे अधिक खूबसूरत कुछ भी नहीं है ।
हमारी अपूर्ण सजावट और हमारे आदर्श उद्धारकर्ता के लिए नयी कृतज्ञता के साथ, मैंने तड़क-भड़क की लालसा बंद कर दी और परमेश्वर की महिमामय प्रेम के लिए उसकी प्रशंसा की । जगमगाती सजावट कभी भी उसके बलिदानी उपहार – यीशु - की सुंदरता से मेल नहीं खा सकते थे l
एक ही दल में
गंभीर चोट से ठीक होने के बाद वापस फुटबॉल के मैदान में लौटते समय, टीम का एक साथी जो कि उसी स्थिति/position को खेलता है, धैर्यपूर्वक बेंच पर लौट गया l हालाँकि यह फुटबॉल खिलाड़ी भी उसी स्थिति/position के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहा था, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे का समर्थन करने का फैसला किया और अपनी भूमिकाओं में आश्वस्त रहे । एक रिपोर्टर ने देखा कि दोनों एथलीटों का "मसीह में अपने विश्वास में अनोखा रिश्ता" है जो एक-दूसरे के लिए चल रही प्रार्थनाओं के द्वारा दिखाया गया । जब अन्य लोग देख रहे थे, वे यह याद करके कि वे एक ही टीम में थे - केवल खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि यीशु में विश्वासियों के रूप में उसका प्रतिनिधि होकर - उन्होंने परमेश्वर को आदर दिया l
प्रेरित पौलुस विश्वासियों को "ज्योति की संतान” के रूप में जीने की याद दिलाता है जो यीशु की वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं (1 थिस्सलुनीकियों 5:5–6) । मसीह द्वारा दिए गए उद्धार में हमारी सुरक्षित आशा के साथ, हम ईर्ष्या, असुरक्षा, भय, या डाह से बाहर निकलने के लिए किसी भी प्रलोभन से बच सकते हैं । इसके बजाय, हम "एक दूसरे को शांति [दे सकते हैं] और एक दूसरे की उन्नति का कारण [बन सकते हैं]” (पद.11) l हम आध्यात्मिक अगुओं का सम्मान कर सकते हैं जो परमेश्वर का आदर करते हैं और "मेलमिलाप से [रह सकते हैं]” जब हम अपने साझा लक्ष्य को पूरा करने के लिए सेवा करते हैं - लोगों को सुसमाचार के बारे में बताते हुए और दूसरों को यीशु के लिए जीने के लिए प्रोत्साहित करते हुए (पद.12–15) ।
जब हम एक ही टीम में सेवा करते हैं, तो हम पौलुस की आज्ञा को ध्यान में रख सकते हैं : “सदा आनंदित रहो l निरंतर प्रार्थना में लगे रहो l हर बात में धन्यवाद करो; क्योंकि तुम्हारे लिए मसीह यीशु में परमेश्वर की यही इच्छा है” (पद.16-18) l
अपना सर्वोत्तम देना
जैसे ही हमने एक स्थानीय बेघर लोगों के आश्रय में प्रवेश किया, हमने दान किए गए जूतों के ढेर को देखा । निर्देशक ने हमारे युवा समूह को इस्तेमाल किए गए जूते के ढेर को छांटने के लिए आमंत्रित किया था । हमने सुबह का समय जूतों की जोड़ी मिलाने और उनको फर्श पर सिलेवार से पंक्तियों में लगाने में बिताया l दिन के अंत में, हमने आधे से अधिक जूते फेंक दिए क्योंकि वे ख़राब थे और दूसरों के उपयोग के लायक नहीं थे । हालांकि आश्रय लोगों को खराब गुणवत्ता वाली वस्तुओं को देने से रोक नहीं सकता था, लेकिन उन्होंने उन जूतों को वितरित करने से इनकार कर दिया जो खराब स्थिति में थे ।
इस्राएलियों ने भी परमेश्वर को अपने क्षतिग्रस्त माल देने के साथ संघर्ष किया । जब उसने नबी मलाकी के द्वारा बात की, तो उसने अंधे, लंगड़े, या रोगग्रस्त पशुओं की बलि देने के लिए इस्राएलियों को फटकार लगाई जब उनके पास बलि देने के लिए मजबूत जानवर थे (मलाकी 1:6–8) । उसने अपनी नाराजगी जतायी (पद.10), अपनी योग्यता/पात्रता की पुष्टि की, और इस्राएलियों को अपने लिए सबसे अच्छा रखने के लिए फटकार लगाई (पद.14) । लेकिन परमेश्वर ने उद्धारकर्ता(Messiah) भेजने का वादा किया, जिसका प्यार और अनुग्रह उनके हृदयों को रूपांतरित और उन्हें भेंट लाने की उनकी इच्छा को प्रज्वलित करने वाला था जो उसे सुखदायक लगनेवाला था (3:1-4) ।
कई बार, यह परमेश्वर को अपना बचा हुआ(leftovers) देने का प्रलोभन हो सकता है । हम उसकी प्रशंसा करते हैं और उससे अपेक्षा करते हैं कि वह हमें अपना सब कुछ दे, फिर भी हम उसे हमारे टुकड़ों की पेशकश करते हैं । जब हम सब कुछ पर विचार करते हैं जो परमेश्वर ने किया है, तो हम उसकी योग्यता/काबिलियत का जश्न मनाने और उसे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए आनन्दित हों l
कोई असंभव बाधा नहीं
एक शिक्षक के रूप में, मैंने विद्यार्थियों को एडवेंचर पार्क(adventure park) ले जाने के लिए एक अध्ययन यात्रा की व्यवस्था की l हमने छात्रों को सुरक्षा साज को अपनाते हुए आठ फीट की दीवार चढ़ने का निर्देश दिया । पहले चढ़ने वालों ने हर एक आरोही को साज-सज्जा पर भरोसा रखते हुए बिना नीचे देखे आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया l हमारे विद्यार्थियों में से एक ने बाधा को घूरते हुए देखा कि हम उसकी कमर के चारों ओर बेल्ट और बकल लगा रहे थे l “मैं किसी भी प्रकार से यह नहीं कर सकती हूँ,” वह बोली l उसके साज-सज्जा की ताकत की पुष्टि करते हुए, हमने उसे प्रोत्साहित किया और जब वह दीवार पर चढ़ गयी और ऊँचे मंच पर कदम रखी तो उसकी प्रशंसा की l
जब हम उन समस्याओं का सामना करते हैं जिसे जीतना असंभव लगता है, तो भय और असुरक्षा संदेह पैदा कर सकती है । परमेश्वर की अपरिवर्तनीय शक्ति, भलाई, और विश्वासयोग्यता का आश्वासन, भरोसा का एक मजबूत साज-सज्जा(harness) बनाता है । इस भरोसेमंद आश्वासन ने पुराने नियम के संतों के साहस को बढ़ाया, जिन्होंने यह प्रदर्शित किया कि विश्वास परमेश्वर की योजना के हर एक विवरण को जानने की हमारी आवश्यकता से बढ़ कर होता है (इब्रानियों 11:1-13, 39) । दृढ़ विश्वास के साथ, हम परमेश्वर को ईमानदारी से चाहते हैं, और अक्सर जब हम उस पर भरोसा करते हैं तो अकेले खड़े होते हैं । हम अपनी परिस्थितियों को एक शाश्वत दृष्टिकोण के साथ देखते हुए अपनी चुनौतियों के तरीके को समायोजित कर सकते हैं - यह जानते हुए कि हमारी आजमाइशें केवल अस्थायी हैं (पद.13-16) ।
जीवन में कठिन रास्तों और खड़ी चढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना हमें यह विश्वास करने से रोक सकता है कि परमेश्वर हमें पार ले जाएगा l लेकिन यह जानकार कि वह हमारे साथ है, हम विश्वास से अपनी अनिश्चितताओं को दूर कर सकते हैं क्योंकि हम परमेश्वर पर भरोसा करते हैं जो हमें एक बार असंभव लगने वाली बाधाओं को दूर करने में मदद करता है l
समुद्र तट पर प्रार्थना
अपनी पच्चीसवीं वर्षगांठ मनाने के लिए एक यात्रा के दौरान, मेरे पति और मैंने समुद्र तट पर अपने बाइबल पढ़े l जब विक्रेता हमारे पास से गुज़रे और अपने माल की कीमतें बतायीं, हमने प्रत्येक को धन्यवाद दिया, लेकिन कुछ भी नहीं खरीदा । एक विक्रेता, फर्नांडो, मेरी अस्वीकृति पर व्यापक रूप से मुस्कुराया और जोर देकर कहा कि हम दोस्तों के लिए उपहार खरीदने पर विचार करें । जब मैंने उनके निमंत्रण को अस्वीकार कर दिया, तो फर्नांडो अपने सामान को लपेट कर दूर जाने लगा . . . जो अभी भी मुस्कुरा रहा था l “मैं परमेश्वर से प्रार्थना करती हूँ की तुम्हारा दिन धन्य हो,” मैंने कहा l
फर्नांडो ने मेरी ओर देखा और कहा, “उसके पास है! यीशु ने मेरे जीवन को बदल दिया l” फर्नांडो ने हमारी कुर्सियों के बीच घुटने टेक दिए । “मैंने उसकी उपस्थिति महसूस की l” फिर उसने साझा किया कि कैसे परमेश्वर ने उसे चौदह साल पहले नशीली दवाओं और शराब के दुरुपयोग से बचाया था ।
मेरे आंसू बह निकले जब उसने भजन की पुस्तक से पूरी कविताएँ सुनायीं और हमारे लिए प्रार्थना की । साथ में, हमने परमेश्वर की स्तुति की और उसकी उपस्थिति में आनन्दित हुए ।
भजन 148 स्तुति की प्रार्थना है । भजनकार ने सारी सृष्टि को “यहोवा के नाम की स्तुति” करने के लिए उत्साहित किया “क्योंकि उसी ने आज्ञा दी और यह सिरजे गए” (पद.5), “क्योंकि केवल उसी का नाम महान् है; उसका ऐश्वर्य पृथ्वी और आकाश के ऊपर है” (पद.13) l
यद्यपि परमेश्वर हमें अपनी आवश्यकताओं को उसके सामने लाने के लिए आमंत्रित करता है और भरोसा करने के लिए कि वह हमारी बात सुनता है और हमारी परवाह करता है, वह कृतज्ञ प्रशंसा की प्रार्थना में भी आनंदित होता है हम जहाँ भी हैं l यहां तक कि समुद्र तट पर भी ।
एक साथ उन्नतिशील
मेरे पति एलन, गगन चुम्बी लाईटों के नीचे क्रिकेट मैदान में खड़े होकर उसे रौशन कर रहे थे, जब विरोधी टीम के एक सदस्य ने एक गेंद को हवा में मारा । गेंद पर निगाह रखने के साथ, एलन ने मैदान के सबसे गहरे कोने की ओर पूरी गति से दौड़ लगाई - और बाड़े में जा घुसा l
उस रात, मैंने उसे एक आइस(बर्फ) पैक दिया। "क्या तुम ठीक महसूस कर रहे हो?" मैंने पूछा । उसने अपना कंधा रगड़ा । फिर वह बोला, “मुझे अच्छा लगता अगर मेरे दोस्त मुझे चेतावनी देते कि मैं बाड़े के पास पहुंच रहा हूं ।“
जब टीमें एक साथ काम करती हैं तो सर्वोत्तम काम करती हैं । एलन को चोट नहीं लगती, यदि उसका एक साथी भी चेतावनी दे देता जब वह बाड़े के पास निकट पहुँच रहा था l
पवित्रशास्त्र हमें याद दिलाता है कि चर्च के सदस्यों को एक साथ काम करने और एक टीम की तरह एक दूसरे का ध्यान रखने के लिए बनाया गया गया है l प्रेरित पौलुस हमें बताता है कि परमेश्वर इस बात की परवाह करता है कि हम एक-दूसरे के साथ कैसे बातचीत करते हैं, क्योंकि एक व्यक्ति का कार्य विश्वासियों के पूरे समुदाय पर प्रभाव डाल सकता है (कुलुस्सियों 3:13–14) । जब हम सभी एक-दूसरे की सेवा करने के अवसरों को अपनाते हैं, तो पूरी तरह से एकता और शांति के लिए समर्पित, चर्च पनपता है (पद.15) ।
पौलुस ने अपने पाठकों को निर्देश दिया कि “मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो, और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ और चिताओं, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिए भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाए” (पद.16) l इस तरह हम एक-दूसरे को प्यार और ईमानदार रिश्तों के द्वारा प्रेरित और सुरक्षित कर सकते हैं, कृतज्ञ हृदयों के साथ परमेश्वर का आज्ञापालन और प्रशंसा कर सकते हैं - एक साथ उन्नतशील l
परमेश्वर द्वारा प्रशस्त सृमितियाँ
जब मेरे बड़े बेटे को एक कठिन स्थिति का सामना करना पड़ा, तो मैंने उसे अपने पिता की बेरोजगारी के वर्ष के दौरान परमेश्वर की निरंतर देखभाल और प्रावधान के बारे में याद दिलाया । मैंने उस समय को याद किया जब परमेश्वर ने हमारे परिवार को मजबूत किया और हमें शांति दी, जबकि मेरी माँ अधिश्वेतरक्तता/ल्युकेमिया(leukemia) से अपनी लड़ाई हार गई । पवित्रशास्त्र में परमेश्वर की विश्वासयोग्यता की कहानियों को उजागर करते हुए, मैंने पुष्टि की कि वह अपना वचन रखने में भला था । मैं अपने बेटे को हमारे परिवार की ईश्वर-प्रशस्त स्मृति पथ पर ले गयी, उसे उन तरीकों के बारे में याद दिलाती रही, जब वह हमारे घाटी और पर्वतीय क्षणों में विश्वसयोग्य रहा l चाहे हम संघर्ष कर रहे थे या जश्न मना रहे थे, परमेश्वर की उपस्थिति, प्यार और अनुग्रह पर्याप्त साबित हुए ।
हालाँकि मैं इस विश्वास को मजबूत करने की रणनीति को मेरा होने का दावा करना चाहता हूं, लेकिन परमेश्वर ने भविष्य की पीढ़ियों के विश्वास को प्रेरित करने के लिए कहानियों को साझा करने की आदत को अभिकल्पित किया है । जैसा कि इस्राएलियों को याद था कि उन्होंने अतीत में परमेश्वर को करते देखा था, उसने भरोसे के रास्ते के पत्थरों को उनकी दिव्य स्मृति वाली गलियों में लगाया l
इस्राएलियों ने परमेश्वर को उसके वादों के प्रति सच्चा देखा था जब उन्होंने उसका पालन किया था (व्यवस्थाविवरण 4:3–6) । उसने हमेशा उनकी प्रार्थनाओं को सुना और उत्तर दिया (पद.7) । युवा पीढ़ियों के साथ आनन्द और स्मरण करते हुए (पद.9), इस्राएलियों ने एकमात्र सच्चे परमेश्वर द्वारा उच्चारित एवं संरक्षित पवित्र शब्दों को साझा किया (पद.10) l
जब हम अपने महान ईश्वर की महिमा, दया, और अंतरंग प्रेम के बारे में बताते हैं, हमारे दृढ़ विश्वास और दूसरों का विश्वास उसकी स्थायी विश्वसनीयता की पुष्टि से मजबूत किया जा सकता है ।
परमेश्वर समझता है
हाल ही में एक बदलाव के बाद, माधुरी के सात वर्षीय बेटे, रोहित ने परेशान किया, जब वह अपने नए स्कूल में अतिरिक्त कक्षाओं में भाग लेने के लिए तैयारी कर रहा था l माधुरी ने उसे प्रोत्साहित किया, उसे आश्वस्त करते हुए कि वह समझती है कि बदलाव कठिन था l लेकिन एक सुबह, रोहित का चारित्रिक रवैया का रूखापन अत्यधिक महसूस हुआ l करुणा के साथ, माधुरी ने पूछा, “बेटा, तुम्हें कौन सी बात परेशान कर रही है?”
खिड़की से बाहर झांकते हुए रोहित ने अपने कंधे सिकोड़े l “माँ, मैं नहीं जानता l मेरे अन्दर बहुत सारी भावनाएँ हैं l”
रोहित को ढाढ़स देते हुए माधुरी का दिल दुखा l उसकी मदद करने के लिए बेताब, उसने साझा किया कि उसके लिए भी वह कदम उठाना कठिन था l उसने रोहित को विश्वास दिलाया कि परमेश्वर उसके करीब रहेगा, वह सब कुछ जानता है, तब भी जब वे अपनी कुंठाओं को समझ नहीं सकते या आवाज़ नहीं दे सकते l “आओ स्कूल शुरू होने से पहले तुम्हारे मित्रों के साथ एक मुलाकात करें,” उसने कहा l उन्होंने योजनाएँ बनाईं, आभारी होते हुए कि परमेश्वर समझता है उस समय भी जब उसके बच्चों में “बहुत अधिक भावनाएं” होती हैं l
भजन 147 के लेखक ने अपनी विश्वास यात्रा में भावनाओं का अत्यधिक अनुभव किया और सर्वज्ञानी सृष्टिकर्ता और सभी का संभालनेवाला, शारीरिक और भावनात्मक घावों को चंगा करनेवाला की प्रशंसा करने के लाभों को मान्यता दी (पद.1-6) l वह परमेश्वर के प्रबंध करने के तरीकों के लिए उसकी प्रशंसा करता है और “जो उसकी करुणा की आशा लगाए रहते हैं” उनसे प्रसन्न होता है (पद.11) l
जब हम अपनी बदलती भावनाओं को सार्थक बनाने के लिए संघर्ष कर रहे होते हैं, तो हमें अकेला या हतोत्साहित नहीं होना चाहिये l हम अपने न बदलने वाले परमेश्वर के शर्तहीन प्यार और असीमित समझ में आराम कर सकते हैं l