हर समय जब मैं गुलाब के पौधे के निकट या फूलों के गुलदस्ते के निकट जाता हूँ, फूल की खुशबू लेने की परीक्षा रहती है । मीठी खुशबू मेरे मन को आनन्दित कर मेरे अन्दर अच्छी भावनाओं का संचार करती है ।
शताब्दियों पूर्व कुरिन्थुस के मसीहियों को लिखते हुए, पौलुस कहता है कि चुकि हम मसीह के हैं, परमेश्वर “अपने ज्ञान की सुगन्ध हमारे द्वारा हर जगह फैलाता है”(2 कुरिं. 2:14) । उसके द्वारा हम विजयी जीवन जी सकते हैं, अपने स्वार्थ के बदले उसका प्रेम और उसकी कृपा प्राप्त करके उसके उद्धार की भलाई का प्रचार कर सकते हैं ।
तत्पश्चात् पौलुस मसीहियों को “मसीह की पत्रियाँ” कहता है(3:3) । हमारे जीवनों का पत्र साधारण स्याही से नहीं लिखा गया है, किन्तु परमेश्वर की आत्मा से । परमेश्वर हमारे हृदयों पर अपने वचन लिखकर हमें परिवर्तित करता है कि दूसरे इसे पढ़ें ।
दोनों ही शब्द चित्र हमें उत्साहित करते हैं कि हमारे द्वारा मसीह की खूबसूरती दिखाई दे कि हम दूसरों को उसकी ओर इंगित कर सकें । जैसे पौलुस ने इफिसियों 5:2 में लिखा, वह ही है जिसने हमसे “प्रेम किया, और हमारे लिये अपने को सुखदायक सुगन्ध के लिये परमेश्वर के आगे भेंट करके बलिदान कर दिया ।”
