व्यवसायिक दौरे से मेरे पति के घर लौटने से एक दिन पूर्व मेरे बेटे ने कहा, “माँ! मेरी इच्छा है पापा घर लौट आएँ l” पापा द्वारा लाये जानेवाले उपहार की आशा या उनका उसके साथ बॉल खेलना याद करना की आशा से मैंने कारण पूछा l वह गंभीरता से बोला, “मेरी इच्छा है वह घर लौट आएँ, मैं उनसे प्रेम करता हूँ !”

उसके उत्तर ने मुझे हमारे प्रभु और उसकी वापसी की प्रतिज्ञा के विषय सोचने को विवश किया l “यीशु ने कहा, “मैं शीघ्र आनेवाला हूँ” (प्रका. 22:10) l मैं उसकी वापसी की बाट जोह रही हूँ, लेकिन क्यों? इसलिए कि मैं उसकी उपस्थिति में रहूंगी, बीमारी और मृत्यु से दूर? इसलिए कि इस कठिन संसार में रहते हुए थक गई हूँ? अथवा इसलिए कि आपने अपने जीवन में उसको बहुत प्यार किया है, जब उसने आपके दुःख और हँसी को बांटा है, जब वह सबसे वास्तविक रहा है, आप उसके साथ सदा रहना चाहते हैं?

मैं आनंदित हूँ कि मेरा बेटा अपने पापा के बाहर रहने पर उनको याद करता है l उनकी वापसी की चिंता नहीं करने अथवा पिता द्वारा उसकी योजना को बाधा पहुंचाने की सोच भयंकर होती l आप प्रभु की वापसी के विषय क्या सोचते हैं? उस दिन के लिए भाव प्रवणता से इंतज़ार करें और उत्सुकता से कहें, “प्रभु वापस आएँ! हम आप से प्रेम करते हैं l”