जैसे ही हम कैलिफोर्निया में मोंटेरी बे एक्वेरियम में दाखिल हुए, तो उत्साह से मेरे तीन साल के बेटे ज़ेवियर ने मेरा हाथ दबा दिया। छत से लटकी हंपबैक व्हेल की आदमकद मूर्ति की ओर इशारा करते हुए उसने कहा, “बहुत बड़ा!” जब हमने प्रत्येक प्रदर्शनी का अवलोकन किया तो उसकी बड़ी-बड़ी आँखों वाली खुशी जारी रही। भोजन के समय ऊदबिलाव को पानी की छींटे उड़ाते देख कर हम हँस पड़े। हम एक बड़ी कांच की एक्वेरियम खिड़की के सामने चुपचाप खड़े थे, चमकीले हल्के नीले पानी में नाचती सुनहरी-भूरी जेलिफ़िश को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। “परमेश्वर ने समुद्र में हर प्राणी को बनाया,” मैंने कहा, “ठीक वैसे ही जैसे उसने तुम्हें और मुझे बनाया है।” ज़ेवियर फुसफुसाया, “वाह।”
भजन संहिता संहिता 104 में, भजन संहिताकार ने परमेश्वर की भरपूर सृष्टि को स्वीकार किया और गाया, “इन सब वस्तुओं को तू ने बुद्धि से बनाया है; पृथ्वी तेरी सम्पत्ति से परिपूर्ण हैI”(पद-24) । “इसी प्रकार समुद्र बड़ा और बहुत ही चौड़ा है, और उस में अनगिनित जलचरी जीव- जन्तु, क्या छोटे, क्या बड़े भरे पड़े हैं।” (पद-25) । उसने परमेश्वर के द्वारा बनाई गई सभी चीज़ों के लिए परमेश्वर की उदारता और संतोषजनक प्रावधान की प्रशंसा की (पद 27-28)। उसने यह भी पुष्टि की कि परमेश्वर ने प्रत्येक के अस्तित्व के दिन निर्धारित किए हैं (पद- 29-30)।
हम अराधना की इस घोषणा को गाने में भजन संहिताकार के साथ शामिल हो सकते हैं: “मैं जीवन भर यहोवा का गीत गाता रहूंगा; जब तक मैं बना रहूँगा तब तक अपने परमेश्वर का भजन संहिता गाता रहूंगा” (पद 33)। प्रत्येक प्राणी जो अस्तित्व में है, बड़े से लेकर छोटे तक, सभी हमें प्रशंसा की ओर ले जा सकते है क्योंकि परमेश्वर ने उन सभी को बनाया है । सोचिल डिक्सन
परमेश्वर द्वारा बनाई गई अद्भुत दुनिया की खोज ने आपको कब उसकी स्तुति
करने के लिए प्रेरित किया है? परमेश्वर ने अपनी शक्ति और प्रावधान में
आपके विश्वास को गहरा करने के लिए अपनी रचना का उपयोग कैसे किया है?
सर्वशक्तिमान सृष्टिकर्ता और सबके पालनकर्ता, आप मेरी समस्त स्तुति के योग्य हैं!
