अकेली माँ पांच वर्ष से अधिक समय तक वृद्ध सज्जन के पड़ोस में रहती थी l एक दिन, उनका कुशल क्षेम जानने के लिए, उन्होंने उनके दरवाजे की घंटी बजाई l उन्होंने कहा, “मैंने आपको लगभग एक सप्ताह से नहीं देखा है l मैं बस यह जानने का प्रयास कर रही थी कि आप ठीक हैं या नहीं l” अपने पड़ोसी की खरियत/हालचाल जानने से उन्हें भी प्रोत्साहन और तसल्ली मिली l कम उम्र में अपने पिता को खोने के बाद, वह उस दयालु व्यक्ति की सराहना करती थी जो उनका और उनके परिवार का ख्याल रखता था l
जब मुफ्त में देने और पाने में अनमो दयालुता का उपहार सिर्फ अच्छा होने से आगे बढ़ जाता है, तो हम दूसरों के साथ मसीह का प्यार साझा करके उनकी सेवा कर रहे होते हैं l इब्रानियों के लेखक ने कहा कि यीशु में विश्वास करने वालों “स्तुति रूपी बलिदान , अर्थात् उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर को सर्वदा चढ़ाया करें” (इब्रानियों 13:15) l फिर, लेखक ने उन्हें अपने विश्वास को जीने की आज्ञा देते हुए कहा, “भलाई करना और उदारता दिखाना न भूलो, क्योंकि परमेश्वर ऐसे बलिदानों से प्रसन्न होता है” (पद.16) l
यीशु के नाम का दावा करके यीशु की उपासना करना एक ख़ुशी और विशेषाधिकार है l लेकिन जब हम यीशु की तरह प्रेम करते हैं तो हम परमेश्वर की तरह सच्चा प्रेम व्यक्त करते हैं l हम पवित्र आत्मा से हमें अवसरों के बारे में जागरूक करने और हमें अपने परिवार के भीतर और बाहर दूसरों से अच्छे से प्यार करने के लिए सशक्त बनाने के लिए कह सकते हैं l उन सेवकाई के क्षणों के द्वारा, हम क्रिया/व्यवहार में प्रेम के शक्तिशाली सन्देश के द्वारा यीशु को साझा कर सकेंगे l सोची डिक्सन
आप यीशु के प्रेम को किसी के साथ सरल और व्यवहारिक तरीके से कैसे
साझा कर सकते हैं? आप अपने दयालु विचारों को लगातार क्रियान्वित
करने के बारे में अधिक साभिप्राय कैसे हो सकते हैं?
प्रिय यीशु, कृपया जो बातें मैं कहता हूँ और प्रतिदिन करता हूँ, उनके द्वारा दूसरों
के प्रति प्रेम व्यक्त करके आपकी उपासना करने में मेरी सहायता करें l
