अन्तरंग विवरण
सृष्टि आश्चर्यजनक ढंग से भव्य है l इस समय चन्द्रमा हमारे चारों ओर 2,300 मील प्रति घंटे की गति से और पृथ्वी सूर्य के चारों ओर 66,000 मील प्रति घंटे की गति से घूम रही है l हमारा सूर्य असंख्य दूसरे तारों और ग्रहों के तारा समूह में एक है, और वह तारा समूह घूमते हुए असंख्य दूसरे तारा समूहों में एक है l चौंकानेवाला!
इस विस्तृत कायनात की तुलना में, हमारी पृथ्वी एक कंकड़ से बड़ी नहीं है, और हमारे जीवन रेत कण समान हैं l फिर भी वचनानुसार, इन तारों के समूह का परमेश्वर हममें से प्रत्येक सूक्ष्म प्राणी का अन्तरंग जानकारी रखता है l हमारे अस्तित्व से पूर्व उसने हमें देखा (भजन 139:13-16); वह हमारे दिनचर्या को जानता और हर विचार सुनता है (पद. 1-6) l
कभी-कभी यह अविश्वसनीय लगता है l इस छोटे “कंकड़” में युद्ध और अकाल जैसी बड़ी समस्याएँ हैं और हम व्यक्तिगत दुःख में परमेश्वर की देखभाल पर प्रश्न उठा सकते हैं l किन्तु भजन 139 लिखते समय राजा दाऊद स्वयं संकट में था (पद.19-20)l और जब यीशु ने कहा कि परमेश्वर हमारे सिर का एक-एक बाल गिनता है (मत्ती 10:30), वह क्रूसीकरण के युग में था l परमेश्वर की देखभाल से सम्बंधित बाइबिल के विचार मूर्ख अभिलाषा नहीं वास्तविक संसार की सच्चाई है l
जगत को चलानेवाला हमें निकटता से जानता है l यह कठिन समय में हमारी सहायता कर सकता है l
बढ़ने का समय
पिछले बसंत में मैं अपने घर के पीछे. दरवाजे के निकट गुलाब के पौधे को काट डालना चाहा l पिछले तीन वर्षों तक वह खिला नहीं था और उसकी बदसूरत फलहीन टहनियाँ चारों ओर फ़ैल रहीं थीं l
जीवन की व्यस्तता में बागवानी विलंबित हो गई l कुछ सप्ताह बाद गुलाब का वह पौधा फूलों से भर गया l सैकड़ों बड़े-बड़े सफ़ेद खुशबुदार गुलाब, मेरे दरवाजे के ऊपर लटके हुए थे, और मेरे आँगन में खुबसूरत पंखुड़ियां बिखरी हुई थीं l
मेरे गुलाब के पौधे के पुनर्जीवन ने लूका 13:6-9 में अंजीर के पेड़ के विषय यीशु का दृष्टान्त याद दिलाया l इस्राएली अंजीर के पेड़ को फल उत्पन्न करने के लिए तीन वर्ष देते थे l फलहीन होने पर उन्हें काट दिया जाता था कि भूमि का उपयोग हो सके l यीशु की कहानी में, माली ने स्वामी से एक ख़ास पेड़ के फलवंत होने के लिए चौथा वर्ष माँगा l सन्दर्भ में, (पद.1-5), अर्थ यह है : इस्राएलियों ने गलत जीवन जीया था, और परमेश्वर उनका न्याय कर सकता था l किन्तु परमेश्वर ने धीरज रखकर उनको उसकी ओर मुड़कर, क्षमा प्राप्त करने और फलने का अतिरिक्त समय दिया l
परमेश्वर चाहता है कि सब फलवंत हों और उसने अतिरिक्त समय दिया है l चाहे हम अभी भी विश्वास की ओर बढ़ रहें हैं अथबा अविश्वासी परिजनों और मित्रों के लिए प्रार्थना कर रहें हैं, उसका धीरज हम सब के लिए शुभसमाचार है l
मधुर सुगंध
लेखिका रीटा स्नोडेन डोवर, इंग्लैंड की अपनी यात्रा की एक दिलचस्प कहानी बताती है l एक दोपहर कॉफ़ी-हाउस में कॉफ़ी का आनंद लेते हुए, उसे मधुर सुगंध का बोध हुआ l रीटा के वेटर से पूछने पर उसे बताया गया कि आने-जाने वाले लोगों से आ रही है l गाँव के अधिकतर लोग निकट के एक सुगंध कारखाना में काम करते थे l घर जाते समय, वे अपने कपड़ों में तर उस सुगंध को सड़कों तक बिखेरते जाते थे l
मसीही जीवन की कितनी सुन्दर तस्वीर? प्रेरित पौलुस अनुसार, हम मसीह की सुगंध हैं, जो हम सभी जगह फैलाते हैं (2 कुरिं. 2:15) l पौलुस युद्ध से लौटते हुए एक राजा की तस्वीर उपयोग करता है, जिसमें उसकी सेना और बंदी उसके पीछे चलते हुए, वातावरण में विजय की सुगंध फैलाते हुए, राजा की महानता घोषित कर रहे होते हैं (पद.14) l
पौलुस अनुसार हम मसीह की सुगंध दो तरीकों से फैलाते हैं l प्रथम, खुबसूरत यीशु के विषय दूसरों को बताकर l द्वितीय, अपने जीवनों से : मसीह की तरह बलिदानी कार्यों द्वारा (इफि. 5:1-2) l यद्यपि हमारे द्वारा फैलाई जा रही उस दिव्य सुगंध को सब स्वीकार नहीं करेंगे, वह बहुतों को जीवन देगा l
रीटा स्नोडेन को महक लगी और वह उसका उद्गम जानना चाही l यीशु का अनुसरण करने पर हम भी उसके सुगंध से तर होकर, उसे अपने शब्दों और कार्यों द्वारा सभी जगह फैलाते हैं l
तस्वीर प्रबंधन
विंस्टन चर्चिल के 80 वें जन्मदिन पर, ब्रिटिश सरकार ने कलाकार ग्रैहम सदरलैंड से सुप्रसिद्ध राजनेता का तस्वीर बनवाया l आप मेरी तस्वीर कैसे बनाओगे? चुर्चिल ने पूछा : “स्वर्गदूत अथवा बुल डॉग?” चुर्चिल ये दो लोकप्रिय अनुभूतियाँ पसंद करता था l हालाँकि, सदरलैंड, ने जो देखा वही बनाया l
चुर्चिल परिणाम से नाखुश था l सदरलैंड की तस्वीर में चुर्चिल कुर्सी पर अपनी ट्रेडमार्क त्यौरियाँ चढ़ाए हुए बैठा दिखा-जो सच था l आधिकारिक अनावरण पश्चात, चुर्चिल ने तस्वीर को अपने तहखाने में छिपा दिया जो बाद में गुप्त रूप से नष्ट कर दिया गया l
चर्चिल की तरह, हममें से अनेक दूसरों के समक्ष अपनी सफलता, भक्ति, सुन्दरता, अथवा शक्ति की अच्छी छवि दिखाना चाहते हैं l शायद डर से हम अपने “कुरूप” हिस्से छिपाना चाहते हैं कि वास्तविकता प्रगट होने पर हम प्रेम नहीं किये जाएंगे l
इस्राएलियों के साथ बेबीलोन के दासत्व में, सर्वाधिक बुरा हुआ l उनके पापों के कारण, परमेश्वर ने उन्हें अपने शत्रुओं से पराजित होने दिया किन्तु डरने से मना किया l वह उनको नाम से जानकर समस्त अपमानजनक स्थिति में उनके साथ था (यशा. 43:1-2) l वे उसके हाथों में सुरक्षित थे (पद.13) और “अनमोल” थे (पद.4) l उनकी कुरूपता के बावजूद, परमेश्वर उनसे प्रेम करता था l
इस सच्चाई के हमारे अन्दर समा जाने से हम दूसरों का अनुमोदन कम चाहेंगे l परमेश्वर हमें जानता है और अभी भी हमसे असीमित प्रेम करता है (इफि.3:18) l
लहरों का शासक
11वीं शताब्दी में राजा कैन्युट संसार का सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में एक था l वर्तमान में प्रसिद्ध किस्सा अनुसार, उसने उठते लहरों के किनारे एक कुर्सी रखने की आज्ञा दी l “उसने समुद्र से कहा, “तुम मेरे आधीन हो l “इसलिए मेरा आदेश है कि मेरी भूमि में मत उठो, न ही अपने मालिक के कपड़े या अंगों को भिगाओ l” किन्तु लहर ने उठकर राजा के पैर भिगो दिए l
यह कहानी अक्सर कैन्युट का घमंड दर्शाने हेतु बतायी जाती है l वास्तव में यह विनम्रता की कहानी है l कैन्युट आगे कहता है, “समस्त संसार जान ले कि राजाओं की सामर्थ्य शून्य है, उसको छोड़कर जिसकी आज्ञा स्वर्ग, पृथ्वी, और समुद्र मानते हैं l” कैन्युट की कथा एक बात कहती है : केवल परमेश्वर शक्तिशाली है l
अय्यूब ने भी यही पाया l पृथ्वी की नींव रखनेवाले की तुलना में (अय्यूब 38:4-7), जो सुबह होने की और रात ख़त्म होने की आज्ञा देता है (पद.12-13), जिसके पास हिम भण्डार है, और जो तारों को आदेश देता है (पद. 22,31-33), हम छोटे हैं l लहरों का शासक एक ही है, और वह हम नहीं हैं (पद.11; मत्ती 8:23-27) l
अपने घमंड और चतुराई के समय कैन्युट की कहानी दोहराना अच्छा है l समुद्र तट पर लहरों को शांत और सूर्य को एक ओर जाने को कहें l कौन वास्तव में सर्वोच्च है हम जल्द ही याद करके अपने जीवन शासक को धन्यवाद देंगे l