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Articles by टिम गस्टफसन

लोबान का अर्थ

आज एपिफेनी (अवतरण-दिवस—गैर-मसीहियों के लिए मसीह का प्रकटन)है, वह दिन जो गीत "हम तीन राजा पूरब की शान" में वर्णित घटना की याद दिलाता है, जब गैर-यहूदी बुद्धिमान लोग बालक यीशु से मुलाकात किये थे l फिर भी वे राजा नहीं थे, वे सुदूर पूर्व से नहीं थे (जैसा कि पूरब) का पहले मतलब था), और इसकी संभावना भी नहीं है कि वे तीन थे।

हालाँकि, उपहार तीन थे, और गीत प्रत्येक को मानता है। जब मजूसी बैतलहम पहुंचे, "[उन्होंने] अपना-अपना थैला खोलकर [यीशु को] सोना, लोबान और गन्धरस की भेंट चढ़ाई" (मत्ती 2:11)। उपहार यीशु के मिशन(कार्य) का प्रतीक हैं। सोना राजा के रूप में उसकी भूमिका का प्रतिनिधित्व करता है। पवित्र-स्थान में जलाए गए धूप के साथ मिश्रित लोबान, उनके परमेश्वरत्व को दर्शाता है l गन्धरस, जिसका उपयोग शवों पर लेप लगाने के लिए किया जाता है, हमें ठहराव देता है।

गीत का चौथा पद कहता है, "मुर्र मैं लाया, मौत का निशान/ होगा वह, ग़मगीन परेशान/दुःख उठाके, खून बहा के, होगा वह कुर्बान।" हम कहानी में ऐसा कोई दृश्य नहीं लिखे होते, लेकिन परमेश्वर ने ऐसा किया। यीशु की मृत्यु हमारे उद्धार का केंद्र है। हेरोदेस ने यीशु को तब मारने का भी प्रयास किया जब वह बच्चा था (पद.13)।

गीत का अंतिम पद तीन विषयों को एक साथ जोड़ता है: "शाह खुदा क़ुरबानी वह भी/ शौकत, कुदरत, उल्फत उसकी l" यह क्रिसमस की कहानी को पूरा करता है, हमारी प्रतिक्रिया को प्रेरित करता है : "कुल जहां में, और आसमान में ज़ाहिर हो जायेगीl" टिम गस्टफसन

पुत्र भी उदित होता है

अर्नेस्ट हेमिंग्वे के पहले समपूर्ण उपन्यास में अत्यधिक शराब पीने वाले दोस्तों को दिखाया गया है, जिन्होंने हाल ही में प्रथम विश्व युद्ध को झेला है। उनमें युद्ध की तबाही के शाब्दिक और लाक्षणिक रूप से घावों के निशान हैं जिसे वे सहन करते हैं और पार्टियों, भव्य साहसिक कार्यों और आसपास सोने के द्वारा इसका सामना करने की कोशिश करते हैं। दर्द के असर को कम करने के लिए हमेशा शराब होती है। कोई भी खुश नहीं है।

हेमिंग्वे की पुस्तक द सन आल्सो राइजेज का शीर्षक सीधे सभोपदेशक 1:5 से आता है। सभोपदेशक में, राजा सुलैमान स्वयं को "शिक्षक" (पद.1) के रूप में संदर्भित करता है। वह देखता है, "सब कुछ व्यर्थ है" (पद. 2) और पूछता है, "उन सब परिशम से जिसे मनुष्य धरती पर करता है, उसको क्या लाभ प्राप्त होता है?” (पद.3) l सुलैमान ने देखा कि सूर्य कैसे उगता और डूबता है, हवा इधर-उधर बहती है, नदियाँ कभी संतुष्ट न होने वाले समुद्र में बहती रहती हैं (पद.5-7)। अंततः, सब कुछ भुला दिया जाता है (पद.11)।

हेमिंग्वे और सभोपदेशक दोनों ही हमें केवल इस जीवन के लिए जीने की व्यर्थता से सामना कराते हैं। हालाँकि, सुलैमान ने अपनी पुस्तक में दिव्य के उज्ज्वल संकेत बुने हैं। वहाँ स्थिरता है—और वास्तविक आशा है। सभोपदेशक हमें वैसे ही दिखाता है जैसे हम वास्तव में हैं, लेकिन यह परमेश्व को भी वैसा ही दिखाता है जैसा वह है। सुलैमान ने कहा, "जो कुछ परमेश्वर करता है वह सदा स्थिर रहेगा" (3:14) और इसमें हमारी बड़ी आशा है। क्योंकि परमेश्वर ने हमें अपने पुत्र, यीशु का उपहार दिया है।

परमेश्वर के बिना, हम एक अंतहीन, कभी संतुष्ट न होने वाले समुद्र में बह रहे हैं। उसके उदित पुत्र, यीशु के द्वारा, हमारा उसके साथ मेल हो गया है, और हमें अपना अर्थ, मूल्य और उद्देश्य पता चलता है।

टिम गुस्ताफसन

यीशु को समर्पित करना

1951 में, जोसेफ स्टालिन के डॉक्टर ने उन्हें अपने स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए अपने काम का बोझ कम करने की सलाह दी। सोवियत संघ के शासक ने चिकित्सक पर जासूसी करने का आरोप लगाया और उसे गिरफ्तार करवा दिया। जिस अत्याचारी ने झूठ बोलकर इतने लोगों पर अत्याचार किया था, वह सच का सामना नहीं कर सका और - जैसा कि उसने कई बार किया था - उसने उस व्यक्ति को हटा दिया जिसने उसे तथ्य बताए थे। फिर भी सत्य की जीत हुई। 1953 में स्टालिन की मृत्यु हो गई। 

यिर्मयाह भविष्यवक्ता, जिसे अपने भयानक भविष्यवाणियों के लिए गिरफ्तार किया गया और जंजीरों में रखा गया (यिर्मयाह 38:1–6; 40:1), यहूदा के राजा को ठीक-ठीक बताया कि यरूशलेम का क्या होगा। उसने राजा सिदकिय्याह से कहा, “जो कुछ मैं तुझसे कहता हूँ उसे यहोवा की बात समझकर मान ले” (38:20)। शहर के आसपास की सेना के सामने आत्मसमर्पण करने में विफल रहने से स्थिति और भी बदतर हो जाएगी। “तेरी सब स्त्रियाँ और बाल-बच्चे कसदियों के पास निकाल कर पहुँचाए जाएँगे,” यिर्मयाह ने चिताया “और तू भी कसदियों के हाथ से न बचेगा” (पद 23)। सिदकिय्याह उस सत्य पर कार्य करने में असफल रहा। आखिरकार बेबीलोनियों ने राजा को पकड़ लिया, उसके सभी बेटों को मार डाला, और शहर को जला दिया (अध्याय 39)।

एक मायने में, हर इंसान सिदकिय्याह की दुविधा का सामना करता है। हम पाप और घटिया विकल्पों के अपने स्वयं के जीवन की दीवारों में फँसे हुए हैं। अक्सर, हम उन लोगों से बचकर काम को बदतर बना देते हैं जो हमें हमारे बारे में सच्चाई बताते हैं  । हमें केवल उसकी इच्छा के प्रति समर्पण करने की आवश्यकता है जिसने कहा, "मार्ग और सत्य और जीवन मैं ही हूँ; बिना मेरे द्वारा कोई पिता के पास नहीं पहुँच सकता।" (यूहन्ना 14:6)।

—टिम गुस्ताफसन

 

भाग्यशाली जूते

 
बहुत देर हो चुकी थी, टॉम ने अपने लड़ाकू जूतों के नीचे ठंडी “क्लिक” महसूस की। अचानक से वह बहुत तेजी से छलांग मार कर दूर हट गया। जमीन के नीचे छिपा हुआ घातक यन्त्र फटा नहीं। बाद में, विस्फोटक आयुध निपटान दल ने मौके से अस्सी पाउंड उच्च विस्फोटक बरामद किए। टॉम ने उन जूतों को तब तक पहना जब तक वे टूट नहीं गए। “मेरे भाग्यशाली जूते,” वह उन्हें “मेरे भाग्यशाली जूते,” बुलाता है।  
 
टॉम ने शायद उन जूतों को सिर्फ़ अपने बाल-बाल बचने को याद करने के लिए उन जूतों पकड़ा होगा। लेकिन लोग अक्सर वस्तुओं को “भाग्यशाली” मानने या उन्हें अधिक आत्मिक लेबल “धन्य” देने के लिए प्रलोभित होते हैं।  खतरा तब आता है जब हम किसी वस्तु को - यहाँ तक कि किसी प्रतीक को भी - परमेश्वर के आशीर्वाद के स्रोत के रूप में श्रेय देते हैं। 
  
इस्राएलियों ने इसे कठिन तरीके से सीखा। पलिश्ती सेना ने उन्हें युद्ध में हरा दिया था। किसी ने "यहोवा की वाचा का संदूक" लेकर दोबारा लड़ने के बारे में सोचा (1 शमूएल 4:3)।  यह एक अच्छा विचार प्रतीत हुआ (पद 6–9) आख़िरकार, वाचा का सन्दूक एक पवित्र वस्तु थी। 
 
परन्तु इस्राएलियों का दृष्टिकोण गलत था। अपने आप में, सन्दूक उनके लिए कुछ भी नहीं ला सकता था। एक सच्चे परमेश्वर की उपस्थिति के बजाय किसी वस्तु में अपना विश्वास रखने से, इस्राएलियों को और भी बुरी हार का सामना करना पड़ा, और शत्रु ने सन्दूक पर कब्ज़ा कर लिया (पद 10–11)। 
 
स्मृति चिन्ह जो हमें प्रार्थना करने या परमेश्वर की भलाई के लिए धन्यवाद देने की याद दिलाते हैं, ठीक हैं।  लेकिन वे कभी आशीर्वाद का स्रोत नहीं है। वह परमेश्वर है - और केवल परमेश्वर ही है। 
 
— टिम गुस्ताफसन 
 

यीशु अनुकरण करने के योग्य है

 
रोनित एक धार्मिक लेकिन गैर मसीही परिवार से आती है। उनकी आत्मिक चर्चाएं बड़ी ही नीरस व सैद्धान्तिक होती थी। उसने बाइबल का अध्ययन करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे, लगातार, वह यीशु में मसीहा के रूप में विश्वास की ओर बढ़ती गई। रोनित उस निर्णायक क्षण का वर्णन करते हैं: "मैंने अपने दिल में एक स्पष्ट आवाज़ सुनी, जो कह रही थी 'तुमने बहुत कुछ सुन लिया है। तुमने बहुत कुछ देख लिया है। अब बस विश्वास करने का समय है।'" लेकिन रोनित को एक समस्या का सामना करना पड़ा: उसके पिता। "मेरे पिता ने इस तरह प्रतिक्रिया व्यक्त की जैसे माउंट वेसुवियस फट गया हो," वह याद करती हैं 
 
जब यीशु इस पृथ्वी पर चलते थे तो उनके पीछे भीड़ चलती थी (लूका 14:25) हमें स्पष्ट रूप से पता नहीं है कि भीड़ क्या ढूंढ रही थी, परंतु यीशु चेलों की तलाश में था । और उसके लिए कीमत चुकानी पड़ती है । “यदि कोई मेरे पास आए, और अपने पिता और माता और पत्नी और बच्‍चों और भाइयों और बहिनों वरन् अपने प्राण को भी अप्रिय न जाने, तो वह मेरा चेला नहीं हो सकता", यीशु ने कहा (पद 26)। उसने एक गढ़ बनाने के विषय कहानी कही । "पहले बैठकर खर्च न जोड़े....? उसने पूछा (पद 28)। यीशु का मतलब अपने परिवार से घृणा करना नहीं था परंतु यह कहना चाह रहे थे कि इन सबसे बढ़कर हमें उसका चुनाव करना है । उन्होंने कहा, "तुम में से जो कोई अपना सब कुछ त्याग न दे, वह मेरा चेला नहीं हो सकता"(पद 33)। 
 
रोनित अपने परिवार को बहुत प्रेम करती हैं फिर भी उसने कहा चाहे कितनी भी कीमत क्यों ना हो मैंने जान लिया है कि वह योग्य है। यीशु आपका मार्गदर्शन कर रहे हैं तो उनका अनुसरण करने के लिए आपको क्या त्यागने की आवश्यकता हो सकती है? 
- टिम गुस्ताफ़सन  
 

मैं कौन हूँ?

किज़ोम्बो बैठा कैम्प फयर(camp fire) देख रहा था और अपने जीवन के बहुत बड़े प्रश्नों पर विचार कर रहा था। मैंने क्या हासिल किया है? उसने सोचा। और बहुत ही जल्दी उसे उत्तर मिला: वास्तव में बहुत ज्यादा नहीं। वह अपनी जन्म भूमि पर वापस आ गया था, उस स्कूल में सेवा कर रहा था जिसे उसके पिता ने वर्षावन (rain forest) में शुरू किया था। वह अपने पिता की दो गृहयुद्धों से बचने की सशक्त कहानी भी लिखने की कोशिश कर रहा था। मैं यह सब करने की कोशिश करने वाला कौन होता हूं? 
किज़ोम्बो की शंकाएँ मूसा की तरह लगती हैं। परमेश्वर ने हाल में मूसा को एक मिशन दिया था: "इसलिए मैं तुझे फ़िरौन के पास भेजता हूँ कि तू मेरी इसराएली प्रजा को मिस्र से निकल ले आए" (निर्गमन 3:10)। मूसा ने उत्तर दिया, "मैं कौन हूँ?" (पद-11) मूसा के कुछ कमजोर बहाने के बाद, परमेश्वर ने उससे पूछा, "तेरे हाथ में वह क्या है?" वह एक लाठी थी (4:2) परमेश्वर के निर्देश पर, मूसा ने उसे ज़मीन पर फेंक दिया। लाठी सांप बन गया. अपनी स्वाभाविक प्रवृत्ति के विरुद्ध, मूसा ने उसे उठाया। और फिर से, वह एक लाठी बन गयी (पद- 4)। परमेश्वर की शक्ति में, मूसा फिरौन का सामना कर सकता था। उसके हाथ में वस्तुतः मिस्र के "देवताओं" में से एक - एक साँप-था। मिस्र के देवता एक सच्चे परमेश्वर के लिए कोई ख़तरा नहीं थे।  
किज़ोम्बो ने मूसा के बारे में सोचा, और उसे परमेश्वर का उत्तर महसूस हुआ: तुम्हारे पास मैं और मेरा वचन है। उसने उन दोस्तों के बारे में भी सोचा जिन्होंने उसे अपने पिता की कहानी लिखने के लिए प्रोत्साहित किया ताकि अन्य लोग उसके जीवन में परमेश्वर की शक्ति के बारे में जान सकें। वह अकेला नहीं था। अपने आप में, हमारा सर्वोत्तम प्रयास भी अपर्याप्त हैं। लेकिन हम उस परमेश्वर की सेवा करते हैं जो कहता है, “निश्चय मैं तेरे संग रहूंगा।" (3:12)। 
-टिम  गुस्ताफसन 

सभी उत्तर

डेल अर्नहार्ड्ट जूनियर उस भयानक क्षण का वर्णन करते हैं जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके पिता चले गए हैं। मोटर रेसिंग के दिग्गज डेल अर्नहार्ड सीनियर की डेटोना 500 के अंत में एक भयानक दुर्घटना में मौत हो गई थी - एक दौड़ जिसमें डेल जूनियर ने भी भाग लिया था। युवा अर्नहार्ड्ट ने कहा, मुझ में से ऐसा शोर आ रहा है कि मैं यह नहीं कर सकता। यह सदमे दुःख और भय की आवाज है। और फिर एकाकी सत्य यह है कि: “अब मुझे यह स्वयं ही करना होगा।” अर्नहार्ड्ट जूनियर ने बताया कि पिताजी का होना एक सहायक पत्र (cheat sheet) जैसा था। पिताजी का होना सभी उत्तरों को जानने जैसा था। 
यीशु के शिष्यों ने सभी उत्तरों के लिए उसकी सहायता लेना सीख लिया था। सूली पर चढ़ाये जाने की पूर्व संध्या पर उसने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा। यीशु ने कहा, “मैं पिता से विनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा जो तुम्हारी सहायता करेगा और सदैव तुम्हारे साथ रहेगा – सत्य का आत्मा” (यूहन्ना 14:16–17)। यीशु ने वह सांत्वना उन सभी को दी जो उस पर विश्वास करेंगे। उन्होंने कहा, “यदि कोई मुझ से प्रेम रखे तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।” (पद 23)। 
जो लोग मसीह का अनुसरण करना चुनते हैं उनके भीतर आत्मा है जो उन्हें सभी चीजें सिखाता है और उन्हें यीशु द्वारा सिखाई गई हर चीज की याद दिलाता है (पद 26)। हमारे पास सभी उत्तर नहीं हैं, लेकिन हमारे पास उसकी आत्मा है जो यह सब करता है।। 
 —टिम गुस्टाफ़सन 

सब कुछ खोना

समय इससे बुरा नहीं हो सकता था। पुल, स्मारक और बड़ी इमारतों की इंजीनियरिंग करके थोड़ा-बहुत पैसा कमाने के बाद, सीज़र के मन में एक नया काम शुरू करने की इच्छा थी। इसलिए उसने अपना पहला व्यवसाय बेच दिया और पैसे बैंक में जमा कर दिए, और जल्द ही उसे फिर से निवेश करने की योजना बनाई। उस छोटी सी अवधि के दौरान, उसकी सरकार ने निजी बैंक खातों में रखी सभी संपत्तियों को जब्त कर लिया। एक पल में, सीज़र की जीवन भर की बचत खत्म हो गई। अन्याय को शिकायत का कारण न मानते हुए, सीज़र ने परमेश्वर से आगे का रास्ता दिखाने के लिए कहा। और फिर—उसने बस फिर से शुरुआत की 
एक भयानक पल में, अय्यूब ने अपनी संपत्ति से कहीं अधिक खो दिया l उसने अपने अधिकाँश सेवकों और अपने सभी बच्चों को खो दिया (अय्यूब 1:13-22) l फिर उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया (2:7-8) l अय्यूब की प्रतिक्रिया अय्यूब की प्रतिक्रिया हमारे लिए एक चिरस्थायी उदाहरण बनी हुई है। l उसने प्रार्थना की, “मैं अपनी माँ के पेट से नंगा निकला और वहीं नंगा लौट जाऊँगा; यहोवा ने दिया और यहोवा ही ने लिया; यहोवा का नाम धन्य है” (1:21) l अध्याय समाप्त होता है, “इन सब बातों में भी अय्यूब ने न तो पाप किया, और न परमेश्वर पर मुर्खता से दोष लगाया” (पद.22) l   
अय्यूब की तरह, सीज़र ने परमेश्वर पर भरोसा करके कुछ ही वर्षों में अधिक सफल व्यवसाय खड़ा कर लिया l उसकी कहानी अय्यूब के परिणाम के समान है (देखें अय्यूब 42) l लेकिन भले ही सीज़र कभी भी आर्थिक रूप से ठीक नहीं हुआ, वह जानता था कि उसका असली खज़ाना वैसे भी इस पृथ्वी पर नहीं था (मत्ती 6:19-20) l वह अभी भी ईश्वर पर भरोसा करता रहेगा l  
—टिम गुस्ताफ़सन 

आसानी से कमाया जाने वाला धन

 
1700वे शतक के अंत में, एक युवक ने कनाडा के नोवा स्कोटिया के ओक द्वीप पर एक रहस्यमय गडढ़े की खोज की। यह अनुमान लगाते हुए कि समुद्री लुटेरों ने — शायद कैप्टन किड ने भी — वहाँ खजाना गाड़ दिया होगा, उसने और कुछ साथियों ने वहां पर खुदाई शुरू की। पर उन्हें कभी कोई ख़ज़ाना नहीं मिला, लेकिन अफवाह सब जगह फैल गई। सदियों से, अन्य लोगों ने उस जगह पर खुदाई करना जारी रखा: इसमें बहुत अधिक समय और धन खर्च हुआ। गड्ढा अब सौ फुट (तीस मीटर) से अधिक गहरा है। 
इस तरह के जुनून मानव हृदय में खालीपन को प्रकट करते हैं। बाइबल की एक कहानी दिखाती है कि कैसे एक आदमी के व्यवहार से उसके दिल में ऐसी ही एक शून्यता प्रकट हुई। गेहजी लंबे समय से महान भविष्यद्वक्ता एलीशा का विश्वसनीय सेवक था। लेकिन जब एलीशा ने एक सेनापति के, जिसे परमेश्वर ने कुष्ठ रोग से चंगा किया था, भव्य उपहारों को अस्वीकार कर दिया, तो गेहजी ने लूट में से कुछ पाने के लिए एक कहानी गढ़ी (2 राजा 5:22)। जब गेहजी घर लौटा, तो उसने नबी से झूठ बोला (पद 25)। परन्तु एलीशा जानता था। उस ने उस से पूछा, “जब वह पुरूष तुझ से भेंट करने को अपके रथ पर से उतरा, तब क्या मेरा आत्मा तेरे साथ न था? (पद 26)। अंत में, गेहजी को वह मिल गया जो वह चाहता था, परन्तु जो महत्वपूर्ण था उसने उसे खो दिया (पद 27)। 
यीशु ने हमें इस दुनिया के खज़ाने का पीछा नहीं करने और इसके बजाय “स्वर्ग में धन इकट्ठा करने की शिक्षा दी।” (मत्ती 6:20)। अपने दिल की इच्छाओं के लिए किसी भी शॉर्टकट (जुगाड़) से सावधान रहें। यीशु का अनुसरण करना, खालीपन को किसी वास्तविक चीज़ से भरने का तरीका है।