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Articles by विन्न कॉलियर

शहर में आनंद

जब फ्रांस और अर्जेंटीना 2022 विश्व कप फाइनल में मैच खेले, तो यह एक अविश्वसनीय प्रतियोगिता थी जिसे कई लोगों ने “इतिहास का सबसे महान विश्व कप मैच” करार दिया। जैसे ही अतिरिक्त समय में अंतिम सेकंड समाप्त हुए, स्कोर 3-3 से बराबर हो गया, जिससे फुटबॉल टीमों को पेनल्टी किक का सामना करना पड़ा। अर्जेंटीना के विजयी गोल करने के बाद पूरा देश जश्न में डूब गया। दस लाख से अधिक अर्जेंटीनी लोगों ने ब्यूनस आयर्स शहर पर कब्ज़ा कर लिया। ड्रोन फ़ुटेज सोशल मीडिया पर फैल गया जिसमें यह कर्कश, आनंद भरा दृश्य दिखाई दे रहा है। बीबीसी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे शहर “आनंद के विस्फोट” से कांप उठा।

आनंद हमेशा एक अद्भुत उपहार है। हालाँकि, नीतिवचन में यह वर्णन किया गया है कि कैसे एक शहर, एक लोग, उस आनंद का अनुभव कर सकते हैं जो और भी गहरा होता है और लंबे समय तक रहता है। नीतिवचन कहता है, “जब धर्मियों का कल्याण होता है, तब नगर के लोग प्रसन्न होते है” (11:10)। जब जो लोग वास्तव में मानवता के लिए परमेश्वर की योजनाओं के अनुसार जीते हैं, वे किसी समुदाय को प्रभावित करना शुरू करते हैं, तो यह अच्छी खबर का संकेत देता है क्योंकि इसका मतलब है कि परमेश्वर का न्याय ज़ोर पकड़ रहा है। लालच कम हो जाता है, गरीबों को सहारा मिलता है, उत्पीड़ितों की रक्षा की जाती है। जब भी परमेश्वर के अनुसार जीवन जीने का सही तरीका फलता-फूलता है, तब वह शहर में आनंद और “आशीर्वाद” होता है (पद 11)।

यदि हम वास्तव में परमेश्वर के मार्गों पर चल रहे हैं, तो परिणाम सभी के लिए अच्छी खबर होगी। हम जिस तरह से रहेंगे वह हमारे आसपास के समुदाय को बेहतर और अधिक संपूर्ण बनाएगा। परमेश्वर हमें दुनिया को ठीक करने के अपने काम का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हैं। वह हमें शहर में आनंद लाने के लिए आमंत्रित करता है। विन्न कोलियर

 

बुनियादी बातों को भूलना

दशकों तक, मैकडॉनल्ड्स ने अपने क्वार्टर पाउंडर (एक चौथाई) बर्गर के साथ फास्ट फूड पर राज किया। 1980 के दशक में, एक प्रतिद्वंद्वी कंपनी ने मैकडॉनल्ड्स कंपनी को शिखर से हटाने का एक बेहतरीन उपाय सोचा। ने थर्ड पाउंड (एक तिहाई) बर्गर की पेशकश की – जो मैकडॉनल्ड्स से भी बड़ा था - और उसे उसी कीमत पर बेचा । इससे भी अधिक, बर्गर ने कई अंध-स्वाद वाले परीक्षण (एक उत्पाद नमूनाकरण विधि जिसमें लोगों को मूल्यांकन किए जा रहे ब्रांड के बारे में जानकारी नहीं होती है) भी जीते। लेकिन बर्गर बुरी तरह असफ़ल रहा उसे किसी ने भी नहीं खरीदा I आख़िरकार, उन्होंने इसे भोजनसूची(मेन्यु) से हटा दिया। खोज करने से पता चला कि उपभोक्ताओं ने हिसाब गलत लगाया और सोचा कि थर्ड पाउंड बर्गर क्वार्टर पाउंडर से छोटा है। एक बहुत ही शानदार विचार विफल हो गया क्योंकि लोग बुनियादी बातों से चूक गए।

यीशु ने चेतावनी दी कि बुनियादी बातों को भूल जाना कितना आसान है। धार्मिक नेताओं ने, जिस सप्ताह उन्हें क्रूस पर चढ़ाने की, और उन्हें फंसाने और बदनाम करने की योजना बनाई, एक महिला के बारे में एक अजीब, काल्पनिक दृश्य प्रस्तुत किया जो सात बार विधवा हो चुकी थी (मत्ती 22:23-28)। यीशु ने, इस बात पर जोर देते हुए उनसे कहा कि यह जटिल दुविधा कोई समस्या नहीं थी। बल्कि, उनकी समस्या यह थी कि वे "पवित्रशास्त्र और परमेश्वर की सामर्थ्य को नहीं जानते”( पद- 29)। यीशु ने ज़ोर देकर कहा कि धर्मग्रंथों का प्राथमिक उद्देश्य तार्किक या दर्शन-शास्‍त्र संबंधी पहेलियों का उत्तर देना नहीं है। बल्कि, उनका प्राथमिक उद्देश्य हमें यीशु को जानने और उनसे प्यार करने और उनमें "अनन्त जीवन पाने" के लिए प्रेरित करना है (यूहन्ना 5:39)। ये वे बुनियादी बातें हैं जिन्हें अगुवे भूल गए। हम भी अक्सर बुनियादी बातें भूल जाते हैं। बाइबल का मुख्य उद्देश्य जीवित यीशु से मुलाकात करना है। इससे चूकना दिल तोड़ देने वाला होगा।विन्न कोल्लियर

 

सुखद विश्वास

दया मृत्यु( मानवीय तरीके से मारना) दिए जाने से कुछ दिन पहले एक महिला ने रूडी को एनिमल शेल्टर (पशु आश्रय स्थल) से बचाया; और कुत्ता उसका साथी बन गया। दस साल तक, रूडी लिंडा के बिस्तर के पास शांति से सोया, लेकिन फिर वह अचानक उसके बगल में कूदने लगा और उसका चेहरा चाटने लगा। लिंडा ने उसे डांटा, लेकिन हर रात रूडी ने वही व्यवहार दोहराया। लिंडा ने कहा, “जैसे ही मैं बैठती थी वह मेरे चेहरे को चाटने के लिए मेरी गोद में कूदने लगता था।”

जब वह रूडी को ओबेडीइएंस (आज्ञापालन) स्कूल में ले जाने की योजना बना रही थी, तभी उसने विचार करना शुरू किया कि रूडी कितना जिद्दी था और कैसे वह हमेशा उसके जबड़े पर एक ही स्थान पर उसे चाटता था। थोड़ी झेंपते हुए, लिंडा एक डॉक्टर के पास गई जिसने उसे बताया कि उसे उसकी जाँच में माइक्रोस्कोपिक ट्यूमर (हड्डी का कैंसर) मिला। डॉक्टर ने लिंडा से कहा कि अगर वह अधिक देर तक इंतजार करती तो शायद उसकी मौत हो जाती। लिंडा ने रूडी की स्वाभाविक प्रवृत्ति पर भरोसा किया था और वह खुश थी कि उसने ऐसा किया ।

पवित्र शास्त्र हमें बार-बार बताता हैं कि परमेश्वर पर भरोसा करने से जीवन और आनंद मिलता है। भजन संहिताकार कहता है, ‘’क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा करता है।’’ (40:4)। कुछ अनुवाद इस बात को और भी स्पष्ट करते हैं: “खुश हैं वे जो प्रभु पर भरोसा करते हैं” (पद 4)। भजन संहिता संहिता में खुशी बहुतायत के बारे में बताती है—एक भड़कने वाली, उत्साहपूर्ण खुशी है ।

जब हम परमेश्वर पर भरोसा करते हैं, तो अंतिम परिणाम गहरी, वास्तविक खुशी होती है। यह विश्वास आसानी से नहीं आ सकता है, और परिणाम वह नहीं होंगे जो हम कल्पना करते हैं। फिर भी हम बहुत खुश होंगे की हमने परमेश्वर पर भरोसा किया । विन्न कोल्लियर

 

परमेश्वर जो दे उसका इस्तेमाल करना

ऑस्ट्रेलिया में ब्रिस्बेन सिटी हॉल 1920 के दशक की चकित कर देने वाला एक परियोजना थी। सफ़ेद सीढ़ियाँ उसी खदान के संगमरमर से बनी हैं जिसका उपयोग माइकल एंजेलो ने अपनी डेविड स्कल्पचर (दाउद मूर्ति) के लिए किया था। टावर (मीनार) वेनिस के सेंट मार्क बेसिलिका को प्रतिबिंबित करता था, और तांबे का गुंबद दक्षिणी गोलार्ध में सबसे बड़ा था। बिल्डरों का इरादा शिखर को सजाने के लिए एक विशाल शांति दूत बनाने का था; लेकिन इसमें एक समस्या थी: पैसे नहीं बचे। प्लम्बर फ्रेड जॉनसन बचाव के लिए आए। उन्होंने लगभग एक सौ वर्षों से टॉवर की शोभा बढ़ाने वाले प्रतिष्ठित गोले को तैयार करने के लिए एक टॉयलेट सिसर्न(टंकी), एक पुराने लैंप पोस्ट (बत्ती का खंभा) और स्क्रैप धातु (रद्दी सामान जिसमें प्रयुक्त माल से दोबारा कुछ बनाया जा सके) के टुकड़ों का उपयोग किया।

फ्रेड जॉनसन के पास जो कुछ भी था उन्होंने उसका उपयोग किया हम भी उन्ही की तरह, जो कुछ भी हमारे पास है - बड़ा या छोटा—उसके साथ परमेश्वर के काम में शामिल हो सकते हैं। जब परमेश्वर ने मूसा से इस्राएल को मिस्र से बाहर निकालने के लिए कहा, तो मूसा ने यह कह कर टालना चाहा कि : “यदि वे मेरा विश्वास नहीं करेंगे .......और न मेरी सुनेंगे?” (4:1) तब परमेश्वर ने एक सरल प्रश्न के साथ उत्तर दिया : “तेरे हाथ में वह क्या है?” (पद- 2)I मूसा के पास एक लाठी, एक साधारण लकड़ी थी। परमेश्वर ने उससे लाठी को ज़मीन पर फेंकने के लिए कहा, “तब वह सर्प बन गयी” (पद-3)। तब उन्होंने मूसा को सर्प को उठाने का आदेश दिया, और वह फिर से लाठी बन गयी। परमेश्वर ने मूसा को समझाया कि, उसे बस इतना ही करना था कि वह लाठी उठाए और बाकी काम करने के लिए उन पर भरोसा करे। वह उल्लेखनीय रूप से इस्राएल को मिस्रियों से बचाने के लिए मूसा के हाथ में मौजूद उस लाठी का उपयोग करेंगे (7:10–12; 17:5–7)।

हमारे पास जो कुछ है वह शायद हमें काफी न लगे, लेकिन परमेश्वर के लिए, हमारे पास जो कुछ भी है वह काफी होगा। वह हमारे सामान्य संसाधन लेता है और उन्हें अपने कार्य के लिए उपयोग करता है। विन्न कोल्लियर

साथ में बेहतर

एक फोटोग्राफर ने स्टारलिंग(गहरे रंग का एक छोटा पक्षी) और उनके मनमोहक दृश्य, जिसे गुनगुनाना कहा जता है, की तस्वीरें खींचने में कई साल बिताए, जहाँ हज़ारों स्टारलिंग आकाश में तरल गति से उड़ते हैं l एक नियोजित, घूमती हुए लहर या नमूना/पैटर्न के बहुरूपदर्शक में बहते हुए एक विशाल, गहरे ब्रुशस्ट्रोक के नीचे बैठने जैसा है l डेनमार्क में, वे इस अस्फुट भाषा/गुनगुनाने वाले अनुभव को ब्लैक सन कहते हैं l सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि कैसे स्टारलिंग पक्षी सहज रूप से अपने निकटतम साथी का अनुसरण करते हैं, इतने करीब उड़ते हैं कि अगर कोई चूक जाए, तो उन्हें बड़े पैमाने पर आपदा का सामना करना पड़ेगा l हालाँकि, स्टारलिंग एक दूसरे की रक्षा के लिए अस्फुट भाषा का उपयोग करते हैं l जब एक बाज़ नीचे आता है, तो ये छोटे जीव सामूहिक रूप से आगे बढ़ते हैं, शिकारी को पीछे छोड़ते हैं जो अकेले होने पर उन्हें आसानी से उठा ले जा सकता है l

हम अकेले होने की तुलना में एक साथ बेहतर हैं l सभोपदेशक कहता है, “एक से दो अच्छे हैं . . . क्योंकि यदि उनमें से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा . . फिर यदि दो एक संग सोएँ तो वे गर्म रहेंगे” (4:9-11) l अकेले, हम अलग-थलग हैं और आसान शिकार हैं l हम दूसरों के आश्वासन या सुरक्षा के बिना असुरक्षित हैं l

लेकिन साथियों के साथ हम मदद देते और लेते हैं l सभोपदेशक कहता हैं, “यदि कोई अकेले पर प्रबल हो तो हो, परन्तु दो उसका सामना कर सकेंगे l जो डोरी तीन तागे से बटी हो वह जल्दी नहीं टूटती” (पद.12) l हम एक साथ बेहतर हैं क्योंकि परमेश्वर हमारी अगुवाई करता है l विन कोलियर

 

बेकार चीज़ों से सुन्दरता

मेरी पत्नी मिस्का के पास इथियोपिया का एक हार और छल्लेदार बालियां हैं। उनकी सुन्दर सादगी वास्तविक कला को प्रकट करती है। हालाँकि, इनके बारे में सबसे आश्चर्यजनक बात उनकी कहानी है। दशकों के भीषण संघर्ष और गृह युद्ध के कारण, इथियोपिया का भूगोल बेकार हो चुके तोपखाने के गोलों और कारतूसों से भरा पड़ा है। इथियोपियाई लोग आशा के एक कार्य के रूप में, जली हुई धरती को साफ करना,और रद्दी माल/कूड़ा-कचरा साफ करते हैं। और कारीगर गोले और कारतूसों के बचे हुये हिस्सों से आभूषण बनाते हैं।

जब मैंने यह कहानी सुनी, तो मैंने मीका द्वारा परमेश्वर के वादे की साहसी घोषणा की गूँज सुनी। एक दिन, भविष्यवक्ता ने घोषणा की, लोग "अपनी तलवारें पीटकर हल के फाल, और अपने भालों से हंसिया बनाएंगे" (4:3)। मारने और अपंग करने के लिए बनाए गए उपकरण, परमेश्वर की शक्तिशाली कार्रवाई के कारण, जीवन का पोषण करने के लिए बनाए गए उपकरणों में बदल जाएंगे। परमेश्वर के आने वाले दिन में, भविष्यवक्ता ने जोर देकर कहा, "तब एक जाति दूसरी जाति के विरूद्ध तलवार फिर न चलाएगी और लोग आगे को युद्ध विद्या न सीखेंगे।" (पद.3)।

मीका की घोषणा की उसके समय में कल्पना करना हमारे समय से अधिक कठिन नहीं था। पुराने इस्राएल की तरह, हम हिंसा और युद्ध का सामना करते हैं, और यह असंभव लगता है कि दुनिया कभी भी बदल सकती है। लेकिन परमेश्वर ने हमसे वादा किया है कि उनकी दया और इलाज से, यह आश्चर्यजनक दिन आ रहा है। तो फिर, हम अब इस सत्य को जीना शुरू कर दें l परमेश्वर अब भी अपना काम करने में हमारी मदद करता है, बेकार चीज़ों को सुंदर चीज़ों में बदल कर l विन कोलियर

परमेश्वर पर केन्द्रित दृष्

उन्नीसवीं सदी के स्कॉटिश पास्टर थॉमस चामर् ने एक बार पहाड़ी क्षेत्र में घोड़ा गाड़ी में सवारी करने की कहानी सुनाई थी, जो एक डरावनी खड़ी चट्टान के साथ एक संकीर्ण पहाड़ी के कगार से जुड़ी हुई थी। दोनों घोड़ों में से एक घोड़ा चौंक गया था, गाड़ी हांकने वाले को यह डर था कि कहीं वे (घोड़े) घबरा कर गिरकर मर न जाएँ, वह बार-बार अपना चाबुक चलाता रहा। ख़तरे को पार कर लेने के बाद चामर् ने गाड़ी हांकने वाले से पूछा कि उसने इतने ज़ोर से चाबुक का इस्तेमाल क्यों किया। उसने कहा, "मुझे घोड़ों को सोचने के लिए कुछ और देने की ज़रूरत थी।" "मुझे उनका ध्यान अपनी ओर खींचने की ज़रूरत थी।"

हमारे चारों ओर आशंकाओं और खतरों से भरी दुनिया में, हम सभी को अपना ध्यान केन्द्रित करने के लिए किसी और चीज़ की आवश्यकता है। हालाँकि, हमें केवल मानसिक विकर्षण से कहीं अधिक की आवश्यकता है -- एक प्रकार की मनोवैज्ञानिक तरकीब। हमें जिस चीज़ की सबसे अधिक आवश्यकता है, वह यह है कि अपने दिमाग को अपने सभी प्रकार के भय से अधिक शक्तिशाली वास्तविकता पर केंद्रित करना। जैसा कि यशायाह ने यहूदिया में परमेश्वर के लोगों से कहा, हमें वास्तव में अपने मन को परमेश्वर पर केंद्रित करने की आवश्यकता है। यशायाह वादा करता है, उसकी तू पूर्ण शांति के साथ रक्षा करता है, क्योंकि वह तुझ पर भरोसा रखता है (यशायाह 26:3)। और हम प्रभु पर सदैव भरोसा रख सकते हैं, क्योंकि "प्रभु परमेश्वर सनातन चट्टान है" (पद-4)।

शांति—यह उन सभी के लिए उपहार है जो अपनी दृष्टी परमेश्वर पर केंद्रित करते हैं। और उनकी शांति हमारे बुरे विचारों को दूर रखने की एक तकनीक से कहीं अधिक प्रदान करती है। जो लोग अपने भविष्य, अपनी आशाओं और अपनी चिंताओं को त्याग देंगे, उनके लिए पवित्र आत्मा जीवन जीने का एक बिल्कुल नया तरीका संभव बनाता है। विन्न कोलियर

सेन्ट (संत) निक

स व्यक्ति को हम संत निकोलस (संत निक/Saint Nick) के नाम से जानते हैं उनका जन्म ई. सन् 270 के आसपास एक धनी यूनानी (प्राचीन ग्रीस से संबंधित) परिवार में हुआ था। दुर्भाग्य से, जब वह छोटा था तब ही उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई, और वह अपने चाचा के साथ रहता था जो उससे प्यार करते थे और परमेश्वर का अनुसरण करना सिखाते थे। जब निकोलस एक युवा व्यक्ति थे, तो कहते है कि उन्होंने तीन बहनों के बारे में सुना, जिनके पास शादी के लिए दहेज नहीं था और वे जल्द ही बेसहारा हो जाएँगी। जरूरतमंदों को देने के बारे में यीशु की शिक्षा का पालन करना चाहते हुए, उन्होंने अपनी विरासत ली और प्रत्येक बहन को सोने के सिक्कों से भरा एक बैग दिया। वर्षों से, निकोलस ने अपने बाकी पैसे गरीबों को खिलाने और दूसरों की देखभाल करने में खर्च कर दिए। आगामी शताब्दियों में, निकोलस को उनकी उदार उदारता के लिए सम्मानित किया गया, और उन्होंने एक चरित्र को प्रेरित किया जिसे हम सांता क्लॉज़ के रूप में जानते हैं। 
 
जबकि क्रिसमस के समय  की चकाचौंध और विज्ञापन हमारे उत्सवों को खतरे में डाल सकता हैं, उपहार देने की परंपरा निकोलस से जुड़ा है। और उसकी उदारता यीशु के प्रति उसके भक्ति पर आधारित थी। निकोलस को पता था कि मसीह ने अकल्पनीय उदारता प्रदर्शित करके, मन को अत्‍यधिक प्रभावित करने वाला उपहार लाया : परमेश्वर। यीशु “परमेश्‍वर हमारे साथ” है (मत्ती 1:23)। और उसने हमें जीवन का उपहार दिया। मृत्यु की दुनिया में, वह "अपने लोगों को उनके पापों से बचाता है" ( पद 21) जब हम यीशु पर विश्वास करते हैं, तो बलिदान की उदारता सामने आती है। हम दूसरों की ज़रूरतों को पूरा करते हैं, और हम खुशी-खुशी उनकी ज़रूरतें पूरी करते हैं, जैसे परमेश्वर हमारी ज़रूरतें पूरी करता है। यह संत निक की कहानी है; लेकिन इससे भी बढ़कर, यह परमेश्वर की कहानी है 
 
—विन कॉलियर

सेन्ट (संत) निक

जिस व्यक्ति को हम संत निकोलस (संत निक/Saint Nick) के नाम से जानते हैं उनका जन्म ई. सन् 270 के आसपास एक धनी यूनानी (प्राचीन ग्रीस से संबंधित) परिवार में हुआ था। दुर्भाग्य से, जब वह छोटा था तब ही उसके माता-पिता की मृत्यु हो गई, और वह अपने चाचा के साथ रहता था जो उससे प्यार करते थे और परमेश्वर का अनुसरण करना सिखाते थे। जब निकोलस एक युवा व्यक्ति थे, तो कहते है कि उन्होंने तीन बहनों के बारे में सुना, जिनके पास शादी के लिए दहेज नहीं था और वे जल्द ही बेसहारा हो जाएँगी। जरूरतमंदों को देने के बारे में यीशु की शिक्षा का पालन करना चाहते हुए, उन्होंने अपनी विरासत ली और प्रत्येक बहन को सोने के सिक्कों से भरा एक बैग दिया। वर्षों से, निकोलस ने अपने बाकी पैसे गरीबों को खिलाने और दूसरों की देखभाल करने में खर्च कर दिए। आगामी शताब्दियों में, निकोलस को उनकी उदार उदारता के लिए सम्मानित किया गया, और उन्होंने एक चरित्र को प्रेरित किया जिसे हम सांता क्लॉज़ के रूप में जानते हैं।

जबकि क्रिसमस के समय  की चकाचौंध और विज्ञापन हमारे उत्सवों को खतरे में डाल सकता हैं, उपहार देने की परंपरा निकोलस से जुड़ा है। और उसकी उदारता यीशु के प्रति उसके भक्ति पर आधारित थी। निकोलस को पता था कि मसीह ने अकल्पनीय उदारता प्रदर्शित करके, मन को अत्‍यधिक प्रभावित करने वाला उपहार लाया : परमेश्वर। यीशु “परमेश्‍वर हमारे साथ” है (मत्ती 1:23)। और उसने हमें जीवन का उपहार दिया। मृत्यु की दुनिया में, वह "अपने लोगों को उनके पापों से बचाता है" ( पद 21) जब हम यीशु पर विश्वास करते हैं, तो बलिदान की उदारता सामने आती है। हम दूसरों की ज़रूरतों को पूरा करते हैं, और हम खुशी-खुशी उनकी ज़रूरतें पूरी करते हैं, जैसे परमेश्वर हमारी ज़रूरतें पूरी करता है। यह संत निक की कहानी है; लेकिन इससे भी बढ़कर, यह परमेश्वर की कहानी है 

—विन कॉलियर