Our Authors

सब कुछ देखें

Articles by सोचितल डिक्सॉन

भण्डारीपन का विशेषाधिकार

छुट्टी के दौरान, मैं और मेरे पति इलियट समुद्र तट पर चल रहे थे, जब हमने कछुए के अंडों की टोकरियाँ देखीं। एक युवक ने समझाया कि उसने स्वयंसेवकों की एक टीम के साथ काम किया जो चेन्नई समुद्र तटों पर रात की सैर का आयोजन करती है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ओलिव रिडले कछुओं का अंडे सेना सुचारू रूप से हो। एक बार जब अंडे से बच्चा निकलने लगता है, तो जानवरों और मनुष्यों दोनों की उपस्थिति उनके लिए ख़तरा और उनके जीवित रहने की संभावना को कम कर देती है। "हमारे सभी प्रयासों के बावजूद," उन्होंने कहा, "वैज्ञानिकों का अनुमान है कि प्रत्येक हजार में से केवल एक ही वयस्कता तक पहुंचता है।" फिर भी , इन धूमिल संख्याओं ने इस युवक को हतोत्साहित नहीं किया। निःस्वार्थ रूप से अंडे में से निकलते बच्चों की सेवा करने के उसके जुनून ने समुद्री कछुओं का सम्मान करने और उनकी रक्षा करने की मेरी इच्छा को गहरा कर दिया। अब मैं एक समुद्री कछुआ पेंडेंट पहनता हूं जो परमेश्वर द्वारा दी गयी मेरी जिम्मेदारी को याद दिलाता है कि मैं उसके बनाए गए जीवों की देखभाल करुँ।

जब परमेश्वर ने संसार की रचना की, तो उसने एक ऐसा आवास प्रदान किया जिसमें प्रत्येक प्राणी रह सके और फल-फूल सके (उत्पत्ति १:२०-२५)। जब उसने अपने प्रतिरूपों को बनाया, तो परमेश्वर ने हमारे लिए यह इच्छा रखी थी हम "समुद्र की मछलियों, और आकाश के पक्षियों, और पशुओं, और सब जंगली जानवरों, और भूमि पर रेंगनेवाले सब प्राणियों पर अधिकार रखे(पद. २६)। वह हमारी सहायता करता है कि हम उसकी सेवा एक विश्वासयोग्य भण्डारी के रूप में कर सके उसकी विशाल रचना की चिंता करने के द्वारा जिन पर हमने उससे अधिकार पाया है।

विश्वास की मांसपेशियों को फैलाना

चिड़ियाघर की यात्रा के दौरान, मैं स्लॉथ (Sloth)  (दक्षिण व मध्य अमेरिका में पाया जाने वाला  एक आलसी जानवर जो पेड़ों में रहता है), के पास आराम करने के लिए रुक गया। वह जीव उल्टा लटका हुआ था । ऐसा लग रहा था कि वह संन्तुष्ट है क्योंकि वह पूरी तरह से (शांत)  स्थिर था । मैंने आह भरी। अपने स्वास्थ्य के मुद्दों के कारण, मैं स्थिरता से संघर्ष कर रहा था और कुछ भी करने के लिए मैं निराशा से भर कर आगे बढ़ना चाहता था। अपनी बाधाओं पर कुढ़ते हुये, मैं इतना कमजोर महसूस करना बंद करना चाहता था। लेकिन स्लॉथ  को मैंने देखा कि कैसे उसने अपना एक हाथ बढ़ाया, पास की एक शाखा को पकड़ लिया, और फिर रुक गया। स्थिर  होने में भी शक्ति की आवश्यकता है। अगर मैं धीमी गति से चलने या स्लॉथ की तरह स्थिर रहना चाहता था, तो मुझे अविश्वसनीय मांसपेशियों की शक्ति से अधिक की आवश्यकता थी। अपने जीवन के हर खींचे जाने वाले क्षण में ईश्वर पर भरोसा करने के लिए मुझे अलौकिक शक्ति की आवश्यकता थी।

भजन संहिता 46 में, लेखक घोषणा करता है कि परमेश्वर हमें केवल शक्ति ही नहीं देता, वह हमारी शक्ति है (पद 1)। हमारे आसपास कुछ भी हो उससे  कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि, सर्वशक्तिमान प्रभु हमारे साथ है (पद 7)। भजनकार इस सत्य को विश्वास के साथ दोहराता है (पद 11)।

स्लॉथ की तरह  हमारे दिन–प्रतिदिन के कामों के लिए अक्सर धीमे कदमों और असंभव प्रतीत होने वाली स्थिरता की लंबी अवधि की आवश्यकता होती है। जब हम परमेश्वर के अपरिवर्तनीय चरित्र पर भरोसा करते हैं, तो हम उसकी शक्ति पर निर्भर हो सकते हैं, चाहे वह हमारे लिए कोई भी योजना और गति निर्धारित करे जो सही हो।

यद्यपि हम कष्टों से लड़ना जारी रख सकते हैं या प्रतीक्षा के साथ संघर्ष कर सकते हैं, परमेश्वर विश्वासपूर्वक उपस्थित रहता है। यहां तक कि जब हम बलशाली महसूस नहीं करते हैं, तब भी वह हमारे विश्वास की मांसपेशियों को फैलाने में हमारी मदद करेगा।

स्वर्गीय प्रभु–भोज

जब अपोलो 11 के ईगल लूनर मॉड्यूल ने पहली बार 20 जुलाई 1969 को मनुष्यों को चंद्रमा पर उतारा, तो अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर कदम रखने से पहले अपनी उड़ान से उबरने में समय लगा। अंतरिक्ष यात्री बज़ एल्ड्रिन को रोटी और वाइन (दाखरस) लाने की अनुमति मिली थी ताकि वह प्रभु भोज ले सके। पवित्रशास्त्र को पढ़ने के बाद उन्होंने चंद्रमा पर सबसे पहले खाए जाने वाले खाद्य पदार्थों का स्वाद चखा। बाद में उन्होने लिखा, “मैंने उस प्याले में दाखरस डाला जो हमारे चर्च ने मुझे दिया था। चंद्रमा के एक छटवें भाग के गुरुत्वाकर्षण के कारण वाइन धीरे–धीरे और सुंदर रूप से कप के किनारे पर आ गई।” जैसे ही एल्ड्रिन ने इस स्वर्गीय भोज का आनंद लिया, उसके कार्यों ने क्रूस पर मसीह के बलिदान में उसके विश्वास को और उसके दूसरे आगमन की गारंटी की घोषणा की।
प्रेरित पौलुस हमें यह याद करने के लिए प्रोत्साहित करता है कि “जिस रात वह पकड़वाया गया” कैसे यीशु अपने शिष्यों के साथ बैठा था (1 कुरिन्थियों 11:23) । मसीह ने अपने शीघ्र ही बलिदान किए जाने वाले देह की तुलना रोटी से की (पद 24)। उसने दाखरस को “नई वाचा” के प्रतीक के रूप में घोषित किया जिसने क्रूस पर बहाए उसके लहू के द्वारा हमारी क्षमा और उद्धार को सुरक्षित किया (पद 25)। जब भी और जहाँ भी हम प्रभु भोज लेते हम यीशु के बलिदान की वास्तविकता और प्रतिज्ञा किये गये उसके दूसरे आगमन में अपनी आशा में अपने विश्वास की घोषणा करते हैं(पद 26)।
कोई फर्क नहीं पड़ता कि हम कहीं भी हैं — हम एक, और जी उठे, और आने वाले उद्धारकर्ता यीशु मसीह में विश्वास के साथ अपने विश्वास का जश्न मना सकते हैं।

परमेश्वर के प्रावधान

भोजन की सेवा के ट्रक से किराने का सामान उतारने में मदद करने के लिए तीन वर्षीय बडडी और उसकी माँ प्रति सप्ताह चर्च जाते थे। जब बडडी ने अपनी माँ को अपनी दादी से यह कहते हुए सुना कि डिलीवरी ट्रक खराब हो गया है, तो उसने कहा, "अरे, नहीं। वे अब भोजन की सेवा कैसे करेंगे?” उसकी माँ ने समझाया कि चर्च को एक नया ट्रक खरीदने के लिए धन जुटाना होगा। बडडी मुस्कुराया। "मेरे पास पैसे हैं," उसने कमरे से बाहर निकलते हुए कहा। वह रंगीन स्टिकर से सजाए गए प्लास्टिक के गुल्लक के साथ लौटा जो सिक्कों से भरा हुआ था, जिसमें कीमत 38 डॉलर (लगभग 2500 रुपये) थी। हालाँकि बडडी के पास बहुत कुछ नहीं था, फिर भी परमेश्वर ने एक नया रेफ्रिजरेटेड (प्रशीतेत) ट्रक प्रदान करने के लिए उसके द्वारा दी गई की भेट को दूसरों के उपहारों के साथ जोड़ा, ताकि चर्च उनके समुदाय की सेवा करना जारी रख सके।

उदारतापूर्वक अर्पित की गई एक छोटी राशि हमेशा पर्याप्त से अधिक होती है जब इसे परमेश्वर के हाथों में रखा जाता है। 2 राजा 4 में, एक गरीब विधवा ने भविष्यद्वक्ता एलीशा से आर्थिक सहायता मांगी। उसने उसे उसके स्वयं के संसाधनों से वस्तुंए लेने, मदद के लिए अपने पड़ोसियों तक पहुंचने, फिर उसके निर्देशों का पालन करने के लिए कहा (पद 1-4)। प्रावधान के एक चमत्कारी दृश्य में, परमेश्वर ने विधवा के तेल की थोड़ी सी मात्रा का उपयोग उसके पड़ोसियों से एकत्र किए गए सभी घड़ों (पात्रों) को भरने के लिए किया (पद 5-6)। एलीशा ने उससे कहा, “तेल बेचो और अपना कर्ज चुकाओ। जो कुछ बचा है उस पर तू और तेरे पुत्र जीवित रह सकते हैं" (पद 7)।

जब हम उस पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो हमारे पास नहीं है, तो हम यह देखने से चूक जाते हैं कि हमारे पास जो कुछ है उसके साथ परमेश्वर क्या महान काम करते हैं।

आशा के मेघधनुष देखना

अक्टूबर की छुट्टी के दौरान, फिर से मेरे लम्बे समय से चल रहे दर्द ने मुझे शुरू के कुछ दिन कमरे में रहकर विश्राम करने के लिए मजबूर कर दिया। मेरी मनोदशा काले बादलों से भरे आकाश की तरह थी। जब मैं अंत में अपने पति के साथ पास के एक लाइटहाउस में दर्शनीय स्थलों की यात्रा का आनंद लेने के लिए निकली, तो घने बादलों ने हमारे अधिकांश दृश्य को छुपा दिया। फिर भी, मैंने छायादार पहाड़ों और धुन्धले क्षितिज की कुछ तस्वीरें खींचीं।

बाद में, हम निराश हुए क्योंकि वर्षा के कारण हम बाहर नहीं जा सके, मैंने सरसरी नज़र से अपनी डिजिटल तस्वीरें देखी। हांफते हुए मैंने अपने पति को कैमरा थमाया। "एक मेघधनुष!" क्योंकि मेरा ध्यान पहले की उदासी पर केंद्रित था, मैं आशा की उस झलक को देखने से चूक गयी जिसके द्वारा परमेश्वर मेरी थकी हुई आत्मा को ताज़ा करना चाहते थे (उत्पत्ति 9:13-16)।

शारीरिक या भावनात्मक पीड़ा अक्सर हमें निराशा की गहराई में खींच सकती है। ताज़गी के लिए बेताब, हम परमेश्वर की निरंतर उपस्थिति और अनंत शक्ति की याद दिलाए जाने के लिए प्यासे होते है (भजन 42:1-3)। जब हम याद करते है कि कैसे अतीत में अनगिनित बार परमेश्वर हमारे लिए और दूसरों के लिए आया, हम भरोसा कर सकते हैं कि हमारी आशा उस में सुरक्षित है, चाहे हम उस पल में कितना भी निराश महसूस करें (पद 4-6)।

जब बुरी मनोवृत्ति या कठिन परिस्थितियाँ हमारी दृष्टि को मंद कर देती हैं, तो परमेश्वर हमें उसे पुकारने, बाइबल पढ़ने, और उसकी विश्वासयोग्यता पर भरोसा करने के लिए आमंत्रित करता है (पद 7-11)। जब हम परमेश्वर को खोजते हैं, तब हम उस पर निर्भर रह सकते है कि हमारे सबसे अन्धकारमय दिनों में भी वह हमें आशा के मेघधनुष देखने में सहायता करेगा।

तूफान के बीच से आशा आती है

2021 के वसंत में, कई तूफान–पीछा करने वालों ने वीडियो रिकॉर्ड किए और टेक्सास में एक बवंडर के बाद में एक इंद्रधनुष की तस्वीरें लीं। एक वीडियो में, एक खेत में गेहूं के लंबे डंठल हवा के झोंकों की शक्ति में झुक गए। धूसर आकाश में एक सुन्दर इंद्रधनुष दिखाई देने लगा। एक अन्य वीडियो में लोग सड़क के किनारे खड़े होकर आशा के प्रतीक को देख रहे थे।

भजन 107 में, भजनकार आशा प्रदान करता है और हमें कठिन समय के दौरान परमेश्वर की ओर मुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। वह कुछ ऐसे लोगों का वर्णन करता है जो एक तूफान के बीच में थे, “उनकी सारी बुद्धि मारी गई” (पद 27)। तब “उन्होंने अपने संकट में यहोवा की दोहाई दी और उसने उन्हें उनके संकट से छुड़ाया”  (पद 28)।

परमेश्वर समझता है कि उसके बच्चे कभी कभी जब जीवन एक तूफान की तरह महसूस करेगा आशावान महसूस करने के लिए संघर्ष करेंगे । हमें उसकी विश्वासयोग्यता की याद दिलाने की आवश्यकता है, खासकर जब क्षितिज अंधकारमय और अशांत दिखता है।

चाहे हमारे तूफान हमारे जीवन में महत्वपूर्ण बाधाओं के रूप में आते हों, भावनात्मक उथल पुथल के रूप में, या मानसिक तनाव के रूप में, परमेश्वर अभी भी हमारे तूफानों को शान्त कर सकता है  और हमें शरण की जगह की ओर ले जा सकता है (पद 29–30)। यद्यपि हम अपने पसंदीदा तरीके या समय में राहत का अनुभव नहीं कर सकते हैं, हम पवित्रशास्त्र में दिए गए वादों को पूरा करने के लिए परमेश्वर पर भरोसा कर सकते हैं। उसकी चिरस्थायी आशा किसी भी तूफान को काट देगी।

हमेशा बाँटने योग्य

यीशु में विश्वासी होने के बाद मैंने अपने माँ के साथ सुसमाचार बाँटा। यीशु पर भरोसा करने का निर्णय लेने के बदले, जैसा मैंने सोचा था, उसने  मुझ से एक साल तक बात करना बंद कर दी। यीशु का अनुसरण करने का दावा करने वाले लोगों के साथ उसके बुरे अनुभवों ने उसे मसीह में अविश्वासी बना दिया। मैंने उसके लिए प्रार्थना की और सप्ताह में एक बार मैं उनके पास जाता था। पवित्र आत्मा ने मुझे दिलासा दी और मेरे दिल पर काम करना जारी रखा क्योंकि मेरी माँ ने चुप्पी साध ली थी। जब उसने आखिरकार मेरे फोन कॉल का जवाब दिया, तो मुझे जब भी मौका मिलता उसे उसके लिये अपने प्रेम के लिये प्रतिबद्धता दिखाता और  परमेश्वर की सच्चाई के बारे में  बताता। हमारे सुलह के महीनों बाद, उसने कहा कि मैं बदल गई हूँ। लगभग एक साल बाद उसने यीशु को अपने उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण किया, और इसके परिणामस्वरूपए हमारा रिश्ता गहरा हुआ।   

यीशु में विश्वासियों को मानवता को दिए गए सबसे महान उपहार तक पहुंच है और वह उपहार है मसीह। प्रेरित पौलुस कहता है कि “में उसके ज्ञान की सुगन्ध हर जगह फैलानी है” (2कुरिन्थियों 2रू14)। वह उन लोगों को संदर्भित करता है जो सुसमाचार को मसीह की सुखद सुगंध के रूप में साझा करते हैं, जो विश्वास करते हैं, लेकिन मानते हैं कि जो यीशु को अस्वीकार करते हैं उनके लिये मृत्यु की गन्ध हैं। (पद् 15.16)

जब हम मसीह को अपने उद्धारकर्ता के रूप में ग्रहण करते हैं, तो हमें पृथ्वी पर अपने सीमित समय का उपयोग दूसरों से प्रेम करते हुए उसके जीवन–परिवर्तनकारी सत्य को फैलाने के लिए सौभाग्य प्राप्त होता है। हमारे सबसे कठिन और अकेले क्षणों में भी हम भरोसा कर सकते हैं कि वह हमें वह प्रदान करेगा जिसकी हमें आवश्यकता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि व्यक्तिगत कीमत क्या है, परमेश्वर का सुसमाचार हमेशा साझा करने लायक है।

प्रेम जोखिम के लायक है

जब मेरे एक मित्र ने हमारी दस साल पुरानी दोस्ती बिना कोई कारण बताएं तोड़ दी, तो मैं लोगों से दूरी बनाने की अपनी पुरानी आदत में पुनः लौट गया l अपने दुख से संघर्ष करते हुए, मैंने अपनी अलमारी से सी.एस.लिउईस की लिखी किताब द फोर लव्ज़(The Four Loves) निकाली l लिउईस ध्यान देता है कि प्रेम अतिसंवेदनशीलता की मांग करता है l वह कहता है कि जब कोई प्रेम करने का जोखिम उठाता है तो “कोई सुरक्षित निवेश नहीं” होता है l वह सलाह देता है कि “किसी चीज़ से” प्रेम करने का “[भावी परिणाम] हृदय का अत्यधिक दुखित होना/निचोड़ा जाना और संभवतः टूटना है l” उन शब्दों को पढ़ने से उस वृतांत को पढ़ने का मेरा दृष्टिकोण बदल गया कि किस प्रकार पतरस का यीशु का एक बार नहीं बल्कि तीन बार इनकार करने के बाद, यीशु अपने पुनरुत्थान के बाद अपने शिष्यों के समक्ष एक बार नहीं बल्कि तीन बार प्रकट होता है (यूहन्ना 21:1-14) l

यीशु ने कहा “हे शमौन, यूहन्ना के पुत्र, क्या तू इन से बढ़कर मुझसे प्रेम रखता है?” (21:15)।

धोखा और अस्वीकृति के डंक के अनुभव के बाद, यीशु ने पतरस से भय के जगह साहस, निर्बलता की जगह सामर्थ्य, निराशा की जगह निःस्वार्थता से बात की l अपने प्रेम करने की इच्छा की पुष्टि के द्वारा उसने क्रोध की जगह करुणा को प्रदर्शित किया।

पवित्रशास्त्र प्रगट करता कि पतरस आहत हुआ क्योंकि यीशु ने उससे तीसरी बार पूछा, “क्या तू मुझसे प्रीति रखता है?” (पद.17) l लेकिन जब यीशु ने पतरस से दूसरों से प्रेम(पद. 15-17)   एवं उसका अनुसरण करके (पद.19) अपना प्रेम प्रमाणित करने को कहा, तो उसने अपने सभी शिष्यों से बिना किसी शर्त के प्रेम का जोखिम उठाने को आमंत्रित किया l हममें से प्रत्येक को उत्तर देना होगा जब यीशु पूछेगा, “क्या तुम मुझसे प्रीति रखते हो?” हमारा उत्तर असर डालेगा कि हम दूसरों से किस तरह प्रेम करते हैं l

परमेश्वर का महान प्रेम

जब मेरे एक मित्र ने मुझसे पवित्रता को प्रोत्साहित करने वाले एक कार्यशाला में किशोरावस्था की लड़कियों को संबोधित करने को कहा, तो मैंने मना कर दिया‌। एक भाग खड़े हुए किशोर के रूप में, मैंने संघर्ष किया था और मेरी अनैतिकता के कारण दशकों तक के घाव के निशान थे l  शादी के बाद अपने पहले बच्चे को गर्भपात के कारण खो देने के कारण मैंने सोचा कि परमेश्वर मेरे बीते हुए पापों के कारण मुझे दंड दे रहा है। अनन्तः जब मैंने 30 वर्ष की आयु में अपना जीवन मसीह को समर्पित कर दिया, मैंने अपने पापों का अंगीकार किया और पश्चाताप किया . . . बार-बार l अभी भी, दोष भावना और शर्मिंदगी मुझे खाए जा रही थी। मैं परमेश्वर के अनुग्रह के विषय कैसे बता सकता था जब कि मैंने उसके उस महान अनुग्रह के दान को पूरी तरह अपने जीवन में अनुभव नहीं किया था? धन्यवाद हो, समय के साथ, अपने पापों से मन फिराने से पूर्व जो मैं था परमेश्वर ने उन झूठों को समाप्त कर दिया जो मुझे जकड़े हुए थे l उसके अनुग्रह से, अंततः मैंने परमेश्वर के क्षमा को प्राप्त किया जो वह मुझे प्रारंभ से देना चाहता था।

परमेश्वर हमारी परेशानियों से उत्पन्न विलापों और हमारे बीते पापों के परिणाम को समझता है। हालाँकि, वह अपने लोगों को निराशा पर विजय पाने, अपने पापों से मन फिराने, और उसके महान “प्रेम,” “तरस,” और “विश्वासयोग्यता” (विलापगीत 3:19-23) की आशा में ऊपर उठने की शक्ति देता है l परमेश्वर का वचन कहता है कि परमेश्वर स्वयं हमारा “भाग है”─हमारी आशा और उद्धार है─और हम उसकी अच्छाइयों पर भरोसा रखना सीख सकते हैं (पद 24-26)।

हमारा करुणामय पिता उसकी प्रतिज्ञाओं पर भरोसा करने में हमारी सहायता करता है l जब हम उसके महान प्रेम को अपने लिए भरपुरी के साथ स्वीकारते हैं तब हम उसके अनुग्रह का सुसमाचार फैला सकते हैं l