सब की पहुँच में
एलयूथेरा के छोटे कैरिबियन द्वीप पर एक मानव निर्मित पुल से, आगंतुक अटलांटिक के उत्तेजित गहरे नीले जल और कैरिबियन सागर के शांत फिरोजी जल के बीच के स्पष्ट अंतर का आनंद ले सकते हैं l समय के बीतने के साथ, तूफ़ान ने धरती के मूल भूभाग को मिटा दिया जो किसी समय पत्थर का प्राकृतिक मेहराब था l ग्लास विंडो ब्रिज(Glass Window Bridge) जो एलयूथेरा पर पर्यटकों का आकर्षण है “धरती पर “सबसे संकीर्ण जगह” के रूप में जाना जाता है l
बाइबल अनंत जीवन की ओर जाने वाले मार्ग का वर्णन संकरा “और थोड़े हैं जो उसे पाते हैं” के रूप में करती है (मत्ती 7:14) l फाटक छोटा है क्योंकि परमेश्वर का पुत्र ही एकमात्र पुल है जो पतित मानव और परमेश्वर का मेल पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से करा सकता है (पद.13-14 यूहन्ना 10:7-9; 16:13 देखें) l हालाँकि, पवित्रशास्त्र यह भी कहता है कि हरेक जाति, राष्ट्र और समाजीय दर्जा के लोग स्वर्ग में प्रवेश कर सकते हैं और राजाओं के राजा को दण्डवत करेंगे और उसके सिंहासन के चारों ओर उपासना करेंगे (प्रकाशितवाक्य 5:9) l विरोध और एकता की यह अद्भुत छवि में परमेश्वर के सब भिन्न-भिन्न खूबसूरत लोग शामिल हैं l
यद्यपि हम अपने पापों के कारण परमेश्वर से अलग हैं, परमेश्वर द्वारा सृष्ट हर व्यक्ति मसीह के साथ व्यक्तिगत सम्बन्ध के द्वारा मेल के इस संकरे पथ पर चलकर स्वर्ग में अनंतता में प्रवेश करने के लिए आमंत्रित हैं l क्रूस पर उसके बलिदान, कब्र से पुनरुथान, और स्वर्ग में आरोहण ही वह सुसमाचार है जो सब के पहुँच में है और जो आज और हर दिन साझा करने के योग्य है l
मसीह में अनमोल जीवन
मेरी खोई हुई सगाई की अंगूठी को पागल की तरह खोजने के दौरान मेरे गालों से आंसू बह निकले l सोफे के तकियों को उठाने और हमारे घर का हर एक कोना और दरार की सफाई के एक घंटे बाद, एलेन बोला, “मैं माफ़ी चाहता हूँ । हम दूसरा ले लेंगे l”
“धन्यवाद,” मैंने उत्तर दिया l “लेकिन इसका भावनात्मक मूल्य इसकी सामग्री मूल्य से अधिक है l दूसरी अंगूठी उसकी जगह नहीं ले सकती है l” प्रार्थना करते हुए, मैं उस आभूषण की खोज जारी रखा । “परमेश्वर, कृपया, मुझे ढूंढने में मेरी मदद करें l”
बाद में, सप्ताह के शुरुआत में पहने हुए अपने स्वेटर के जेब में हाथ डालने पर, मुझे वह कीमती आभूषण मिल गया l “धन्यवाद, यीशु!” मैंने कहा । जब मैं और मेरा पति आनंदित हुए, मैंने वह अंगूठी पहन ली और उस उस स्त्री के दृष्टान्त को याद किया जिसने एक सिक्का खोया था (लुका 15:8-10) । उस स्त्री की तरह जिसने अपने खोये हुए चांदी के सिक्के को खोजने का यत्न किया था, मैं खोयी हुयी चीज़ के मूल्य को जान गयी थी l हम में से कोई भी अपने मूल्यवान चीज को पाने के लिए गलत नहीं थे । यीशु ने केवल उस कहानी का उपयोग अपने द्वारा बनाए गए प्रत्येक व्यक्ति को बचाने की अपनी इच्छा पर जोर देने के लिए किया l एक पापी के पश्चाताप का परिणाम स्वर्ग में उत्सव है l
ऐसा व्यक्ति बनना कितना बड़ा उपहार होगा जो दूसरों के लिए उतनी ही लगन से प्रार्थना करता है जितना हम खोए हुए खजाने को पाने के लिए प्रार्थना करते हैं l यह मनाना क्या ही सौभाग्य है जब कोई पश्चाताप करता और अपना जीवन मसीह को समर्पित कर देता है, तो उसका जश्न मनाना क्या ही विशेषाधिकार है l अगर हमने यीशु पर अपना भरोसा रखा है, तो हम आभारी हो सकते हैं कि हमने किसी ऐसे व्यक्ति से प्यार किये जाने की ख़ुशी का अनुभव किया है जिसने कभी हार नहीं मानी क्योंकि उसने सोचा कि हम खोजने लायक हैं l
सत्य के साथ झूठ
मैंने अपनी बाइबल मंच पर रखी और प्रतीक्षा कर रहे उत्सुक चेहरों को आँखें गड़ाकर देखा जो उपदेश सुनने के लिए मेरा इंतज़ार कर रहे थे l मैंने प्रार्थना करके तैयारी की थी l मैं क्यों नहीं बोल पा रहा था?
तुम बेकार हो । तुम्हें कभी भी कोई नहीं सुनेगा, खासकर यदि उनको तुम्हारा अतीत पता है । और परमेश्वर कभी तुम्हें उपयोग नहीं करेगा । मेरे हृदय और मन में बैठे हुए, मेरे जीवन पर विभिन्न तरीकों से बोले गए इन शब्दों ने झूठ के खिलाफ एक दशक लंबे युद्ध को सुलगा दिया था जो मैंने आसानी से विश्वास किया था । हालाँकि मुझे पता था कि यह शब्द सही नहीं थे, मैं अपनी असुरक्षा और भय से बच नहीं पा रहा था । तो मैंने अपनी बाइबल खोली l
नीतिवचन 30:5 की ओर मुड़ते हुए, जोर से पढ़ने से पहले मैंने धीरे से साँस अन्दर खींची और छोड़ी l “परमेश्वर का एक एक वचन ताया हुआ है, ”मैंने पढ़ा, “वह अपने शरणागतों की ढाल ठहरा है ।” मैंने अपनी आँखें बंद की जब शांति ने मुझे अभिभूत किया, और मैंने भीड़ के साथ अपनी गवाही बाँटना शुरू किया ।
हम में से कई लोगों ने नकारात्मक शब्दों या विचारों की पंगु करने वाली शक्ति का अनुभव किया है । हालाँकि, परमेश्वर का शब्द “ताया हुआ,” सिद्ध और बिल्कुल सही है । जब हम अपने मूल्य या परमेश्वर के बच्चों के रूप में अपने उद्देश्य के बारे में आत्मा को कुचलने वाले विचारों पर विश्वास करने के लिए ललचाते हैं, तो परमेश्वर का स्थायी और अचूक सत्य हमारे दिमाग और हमारे दिलों की रक्षा करता है l हम भजनकार के साथ गूंज सकते है, जिसने लिखा : “हे यहोवा, मैं ने तेरे प्राचीन नियमों को स्मरण करके शान्ति पाई है” (भजन 119:52) l
हम नकारात्मक-बोल के स्थान पर बाइबल से झूठ का मुकाबला करें जो हमने परमेश्वर, अपने, और दूसरों के विषय स्वीकार किया है l
दयालुता की विरासत
मार्था ने एक प्राथमिक स्कूल में एक सहायक शिक्षिका के रूप में 30 साल से ज्यादा सेवा की । हर साल, वह जरुरतमन्द बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदने के लिए पैसे बचाती थी l उसके ल्यूकेमिया(leukemia) से लड़ाई हारने के बाद, हम ने जीवन सेवा का एक उत्सव आयोजित किया । फूलों की जगह, लोगों ने उन छात्रों को जिन से वह प्यार करती और दशकों से जिनकी सेवा करती थी सौ से अधिक एकदम नए कपड़े दान किए । कई लोग उन के बारे में कहानियाँ बतायीं कि कैसे अनगिनत तरीकों से मार्था ने दूसरों को दयालु शब्दों और विचारशील कार्यों द्वारा प्रोत्साहित किया था l अनंतकाल के इस तरफ उसकी जिन्दगी खत्म होने के बाद उसके साथी शिक्षकों ने तीन वर्षों तक वार्षिक वस्त्र मुहिम चलाकर उसके स्मरण को सम्मानित किया l उसकी भलाई की विरासत आज भी उदारता से जरुरतमंदों की सेवा करने के लिए प्रेरित करती है l
प्रेरितों 9 में, प्रेरित लूका दोरकास की कहानी साझा करता है, एक महिला जो “बहुत से भले-भले काम और दान किया करती थी” (पद.36) l बीमार होकर मरने के बाद, उस शोकित समुदाय ने पतरस को आने के लिए आग्रह किया । सारी विधवाओं ने पतरस को दिखाया कि दोरकास किस तरह सेवा करने के लिए जीती थी (पद.39) । दया के एक आश्चर्यकर्म में, पतरस ने दोरकास को जीवित किया । दोरकास के जीवित होने की खबर फैली, और “बहुतेरों ने प्रभु पर विश्वास किया” (पद.42) । पर यह दोरकास का व्यावहारिक तरीकों से सेवा करने की प्रतिबद्धता थी जो उसके समुदाय में हृदयों को छूआ और उदार प्रेम की सामर्थ्य को प्रकट किया ।
आशा में इंतजार करना
हमारे एक वेटर के रूप में रोगेलिओ ने हमारे सप्ताह भर की छुट्टी के दौरान हमारी सेवा की l एक बातचीत में, उसने आशीष के रूप में मजबूत विश्वास वाली दयालु पत्नी, केली के लिए यीशु को श्रेय दिया l उनके पहले बच्चे के बाद, परमेश्वर ने उनको उनकी भांजी की देखभाल करने का मौका दिया जिसे बौद्धिक विकलांगता(Down syndrome) थी l जल्द ही, रोगेलिओ की सास को वहीँ रहकर देखभाल की ज़रूरत थी l
रोगेलिओ आनंद के साथ काम करता है, अक्सर दो-पारियों में, यह निश्चित करने के लिए कि उसकी पत्नी घर पर रहकर उन लोगों की देखभाल कर सकेगी जिन्हें परमेश्वर ने उनको सौंपा है l जब मैंने साझा किया कि कैसे उन दोनों ने अपने परिवार के सदस्यों की सेवा करने के लिए अपने हृदय और घर को खोलने के तरीके से मुझे बेहतर प्यार करने के लिए प्रेरित किया, तो उसने कहा, “उनकी सेवा करना . . . और आपकी मेरे लिए आनंद की बात है l”
रोगेलिओ का जीवन हमें उदारता के साथ जीना और परमेश्वर पर प्रबंध करने के लिए भरोसा को दृढ़ करता है जब हम निस्वार्थ भाव से परस्पर सेवा करते हैं l प्रेरित पौलुस ने परमेश्वर के लोगों से “प्रेम . . . आशा में आनंदित . . . क्लेश में स्थिर [रहने और] प्रार्थना में नित्य लगे” रहने का आग्रह किया जब हम “पवित्र लोगों को जो कुछ आवश्यक हो, उसमें उनकी सहायता [करते हुए] पहुनाई करने में लगे [हैं]” (रोमियों 12:10-13) l
हमारे जीवन पल भर में बदल सकते हैं, और हमें या हमारे प्रियों को ऐसी परिशितियों में डाल सकते हैं जो असहनीय महसूस होते हैं l लेकिन जब हम परमेश्वर का इंतज़ार करते हुए सब कुछ जो उसने दिया है साझा करने को तैयार हो जाते हैं, तो हम मिलकर उसके स्थायी प्यार में जुड़ सकते हैं l
गुप्त दाता
शारीरिक रूप से अक्षम वयोवृद्ध क्रिस्टोफर के लिए, रोजमर्रा की गतिविधियाँ अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई थीं, उन्हें खत्म करने में अधिक समय लगने लगा था, और उसके दर्द में वृद्धि होती थी l फिर भी, उसने अपनी पत्नी और बच्चे की सेवा करने की पूरी कोशिश की l राहगीर उसे हर सप्ताह अपने बगीचे में कड़ी मेहनत करते हुए देखते थे l
एक दिन, क्रिस्टोफर को एक अनाम दाता से एक पत्र मिला─और उसके बगीचे में उसकी मदद करने के लिए एक महंगी मशीन l गुप्त दाता की संतुष्टि किसी की ज़रूरत में मदद करने के विशेषाधिकार के द्वारा आई l
यीशु ने यह नहीं कहा कि हमारा सम्पूर्ण दान गुप्त होना चाहिए, लेकिन जब हम देते हैं तो वह हमारे उद्देश्यों की जांच करने के लिए हमें याद दिलाता है (मत्ती 6:1) l उसने यह भी कहा : “इसलिए जब तू दान करे, तो अपने आगे तुरही न बजवा, जैसे कपटी, सभाओं और गलियों में करते हैं, ताकि लोग उन की बड़ाई करें” (पद.2) l जबकि परमेश्वर हमसे खुले हाथों से देनेवाला बनने की आशा करता है वह हमसे लोगों के सामने विशेष मान्यता या सराहना प्राप्त करने के उद्देश्य से दूर रहने के लिए उत्साहित करता है (पद.3) l
जब हम अहसास करते हैं कि सब कुछ परमेश्वर की ओर से मिलता है, हम गुप्त दाता बन सकते हैं जिन्हें अपनी पीठ थपथपाने या दूसरों की प्रशंसा हासिल करने की जरूरत नहीं है l हमारा सभी अच्छी चीजों का सर्वज्ञानी दाता अपने लोगों के वास्तविक उदारता में प्रसन्न होता है l कुछ भी उसकी मंजूरी के उपहार को पराजित नहीं करता है l
दयालुता की विरासत
मार्था ने एक प्राथमिक स्कूल में एक सहायक शिक्षिका के रूप में 30 साल से ज्यादा सेवा की । हर साल, वह जरुरतमन्द बच्चों के लिए नए कपड़े खरीदने के लिए पैसे बचाती थी l उसके ल्यूकेमिया(leukemia) से लड़ाई हारने के बाद, हम ने जीवन सेवा का एक उत्सव आयोजित किया । फूलों की जगह, लोगों ने उन छात्रों को जिन से वह प्यार करती और दशकों से जिनकी सेवा करती थी सौ से अधिक एकदम नए कपड़े दान किए । कई लोग उन के बारे में कहानियाँ बतायीं कि कैसे अनगिनत तरीकों से मार्था ने दूसरों को दयालु शब्दों और विचारशील कार्यों द्वारा प्रोत्साहित किया था l अनंतकाल के इस तरफ उसकी जिन्दगी खत्म होने के बाद उसके साथी शिक्षकों ने तीन वर्षों तक वार्षिक वस्त्र मुहिम चलाकर उसके स्मरण को सम्मानित किया l उसकी भलाई की विरासत आज भी उदारता से जरुरतमंदों की सेवा करने के लिए प्रेरित करती है l
प्रेरितों 9 में, प्रेरित लूका दोरकास की कहानी साझा करता है, एक महिला जो “बहुत से भले-भले काम और दान किया करती थी” (पद.36) l बीमार होकर मरने के बाद, उस शोकित समुदाय ने पतरस को आने के लिए आग्रह किया । सारी विधवाओं ने पतरस को दिखाया कि दोरकास किस तरह सेवा करने के लिए जीती थी (पद.39) । दया के एक आश्चर्यकर्म में, पतरस ने दोरकास को जीवित किया । दोरकास के जीवित होने की खबर फैली, और “बहुतेरों ने प्रभु पर विश्वास किया” (पद.42) । पर यह दोरकास का व्यावहारिक तरीकों से सेवा करने की प्रतिबद्धता थी जो उसके समुदाय में हृदयों को छूआ और उदार प्रेम की सामर्थ्य को प्रकट किया ।
नवीकृत दर्शन
मेरी बाईं आंख में एक दर्दनाक मामूली सर्जरी के बाद, मेरे डॉक्टर ने दृष्टि परीक्षण की सिफारिश की l आत्मविश्वास के साथ, मैंने अपनी दाहिनी आंख को ढक लिया और चार्ट पर प्रत्येक पंक्ति को आसानी से पढ़ा l अपनी बाईं आंख को ढँकने पर, मैं धक से रह गयी l मैं कैसे महसूस नहीं कर सकी कि मैं इतनी अंधी थी?
नए चश्मे और नवीनीकृत दृष्टि के साथ तालमेल बिठाते हुए, मैंने सोचा कि कैसे दैनिक अभ्यास मुझे अक्सर आध्यात्मिक निकट दृष्टि वाली बना दी l केवल उसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करना, जिसे मैं अति निकट देख सकती थी—मेरे दर्द और हमेशा बदलती परिस्थितियाँ —मैं अपने शाश्वत और अपरिवर्तनीय परमेश्वर की ईमानदारी के प्रति अंधी हो गयी l इस तरह के सीमित परिप्रेक्ष्य के साथ, आशा एक अप्राप्य धुंधलापन बन गया l
पहला शमूएल 1 एक अन्य महिला की कहानी बताता है जो अपनी वर्तमान पीड़ा, अनिश्चितता और नुकसान पर ध्यान केंद्रित करते हुए परमेश्वर की विश्वसनीयता को पहचानने में विफल रही l सालों तक, हन्ना ने अपने पति एलकाना की दूसरी पत्नी पन्निना से संतानहीनता और अंतहीन पीड़ा को सहन किया l हन्ना के पति ने उसे स्वीकार किया, लेकिन संतोष उससे दूर रहा l एक दिन, उसने अत्यधिक ईमानदारी के साथ प्रार्थना की l जब एली याजक ने उससे पूछा, तो उसने अपनी स्थिति बताई l जब वह चली गई, तो उसने प्रार्थना की कि परमेश्वर उसके अनुरोध को स्वीकार करे (1 शमूएल 1:17) l हालाँकि हन्ना की स्थिति में तुरंत बदलाव नहीं आया, लेकिन वह आत्मविश्वास की उम्मीद के साथ वापस गयी (पद.18) l
1 शमूएल 2:1-2 में हन्ना की प्रार्थना उसके ध्यान में बदलाव दर्शाती है l उसकी परिस्थितियों में सुधार होने से पहले, हन्ना के नए दर्शन ने उसके दृष्टिकोण और उसके व्यवहार को बदल दिया l वह परमेश्वर की निरंतर उपस्थिति में आनन्दित थी─उसकी चट्टान और और हमेशा की आशा l
मिलकर काम करना
जो(Joe) ने दिन में बारह घंटे से ज्यादा काम किया, अक्सर बिना अवकाश के l एक धर्मार्थ व्यवसाय के आरम्भ ने इतने समय और ऊर्जा की मांग की कि जब वह घर पहुँचा तो उसके पास उसकी पत्नी और बच्चों के लिए बहुत कम समय बचा था l जीर्ण तनाव की सजा ने जब जो को अस्पताल में पहुंचाया, तो एक दोस्त ने उसकी मदद करने के लिए एक टीम का आयोजन करने की पेशकश की l हालांकि वह नियंत्रण छोड़ने में डर रहा था, जो जानता था कि वह अपनी वर्तमान गति को बनाए नहीं रख सकता l वह अपने दोस्त पर─और ईश्वर पर─भरोसा करने के लिए तैयार हो गया, जब उसने उन लोगों के समूह को जिम्मेदारियाँ सौंपीं जिन्हें उन्होंने एक साथ मिलकर चुना था l एक साल बाद, जो ने स्वीकार किया कि दान और उसका परिवार कभी समृद्ध नहीं हो सकता है यदि उसने उस मदद को अस्वीकार किया होता जिसे परमेश्वर ने उसको भेजा था l
परमेश्वर ने एक प्यार करने वाले समुदाय के समर्थन के बिना लोगों को अभिकल्पित नहीं किया l निर्गमन 18 में, मूसा ने जंगल के रास्ते से इस्राएलियों का नेतृत्व किया l उसने अपने बल पर एक शिक्षक, एक परामर्शदाता, और एक न्यायी के रूप में परमेश्वर के लोगों की सेवा करने की कोशिश की l जब उसके ससुर ने उससे मुलाकात की, तो उन्होंने मूसा को सलाह दी : “इससे तू क्या, वरन् ये लोग भी जो तेरे संग हैं निश्चय थक जाएँगे, क्योंकि यह काम तेरे लिए बहुत भारी है,” यित्रो ने कहा (निर्गमन 18:18) l उसने मूसा को वफादार लोगों के साथ काम का बोझ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया l मूसा ने मदद स्वीकार की और पूरे समुदाय को फायदा हुआ l
जब हम भरोसा करते हैं कि परमेश्वर अपने सभी लोगों के साथ और उनके द्वारा काम करता है, जब हम एक साथ काम करते हैं, तो हम वास्तविक आराम पा सकते हैं l