खुले दिल से उदारता
यह कहते हुए कभी कोई नहीं मरा, “मैं आत्म-केन्द्रित, स्वयंसेवी, एवं आत्म-रक्षक जीवन जीकर बहुत खुश हूँ,” लेखक पार्कर पामर ने एक आरंभिक संबोधन में कहते हुए, स्नातकों से “खुले हृदय से उदारता के साथ [खुद को] संसार की सेवा में पेश करने” का आग्रह किया l
लेकिन, पार्कर ने जारी रखा, इस तरह जीने का अर्थ सीखना भी होगा कि “आप कितना कम जानते हैं और असफल होना कितना सरल है l” खुद को संसार की सेवा में पेश करने के लिए “शुरू करनेवाले मस्तिष्क” विकसित करने की ज़रूरत हैं जो “सीधे अपने अनजाने में चले, और बार-बार असफल होने का जोखिम उठाए—उसके बाद सीखने के लिए बार-बार उठ खड़ा हो l”
जब हमारा जीवन अनुग्रह की नींव पर निर्मित होगा तब ही “खुले दिल की उदारता” के ऐसे जीवन को चुनने का साहस पा सकते हैं l जैसा कि पौलुस ने अपने शिष्य तीमुथियुस को समझाया, हम आत्मविश्वास से “प्रज्वलित कर” सकते हैं (2 तीमुथियुस 1:6) और परमेश्वर के उपहार पर जीवित रह सकते हैं जब हम याद करते हैं कि यह परमेश्वर का अनुग्रह है जो हमें बचाता है और हमें एक उद्देश्यपूर्ण जीवन के लिए बुलाता है (पद. 9) l यह उसकी शक्ति है जो हमें आत्मा की “सामर्थ्य और प्रेम और संयम” (पद.7) के बदले कायर जीवन जीने के प्रलोभन का विरोध करने का साहस देती है l और यह उसका अनुग्रह है जो हमें तब उठाता है जब हम गिरते हैं, ताकि अपने जीवन को उसके प्रेम में स्थापित करने की आजीवन यात्रा जारी रख सकें (पद.13-14) l

गवाह
अपनी कविता “द विट्नेसेस(The Witnesses)” में हेनरी वड्सवर्थ लॉन्गफेलो (1807-1882) एक डूबे हुए गुलाम जहाज का वर्णन किया है l “जंजीरों में कंकाल” के बारे में लिखते हुए, लॉन्गफेलो ने दासत्व के अनगिनित अज्ञात पीड़ितों का शोक मनाया l अंतिम पद ऐसा है, “ये दासों का दुःख है,/ वे रसातल से चमकते हैं,/ वे अज्ञात कब्रों से रोते हैं,/ हम गवाह हैं!”
लेकिन ये गवाह किससे बात करते हैं? क्या ऐसी मूक गवाही व्यर्थ नहीं है?
एक साक्षी है जो यह सब देखता है l जब कैन ने हाबिल को घात किया, तो उसने दिखावा किया कि कुछ नहीं हुआ था l “क्या मैं अपने भाई का रखवाला हूँ?” उसने खारिज करते हुए ईश्वर से कहा l परन्तु परमेश्वर ने कहा, “तेरे भाई का लहू भूमि से मेरी ओर चिल्लाकर मेरी दोहाई दे रहा है! इसलिए अब भूमि जिसने तेरे भाई का लहू तेरे हाथ से पीने के लिए अपना मुँह खोला है, उसकी ओर से तू शापित है” (उत्पत्ति 4:9-10)
कैन चेतावनी के रूप में जीवित है l “दुष्ट कैन के समान न बनें, और जिसने अपने भाई को घात किया, चेला यूहन्ना ने चेतावनी दी (1 यूहन्ना 3:12) l हबील जीवित है, लेकिन अलग तरीके से l इब्रानियों के लेखक ने कहा, “विश्वास ही से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिए चढ़ाया l” और “अब तक बातें करता है” (इब्रानियों 11:4) l
हबील अभी भी बोलता है! तो उन भूले-बिसरे गुलामों की हड्डियां भी l हमें ऐसे सभी पीड़ितों को याद रखना चाहिए और हर जगह उत्पीड़न का विरोध करना चाहिए l ईश्वर यह सब देखता है l उसके न्याय की जीत होगी l