एक विशिष्ट रोना
जब कोई बच्चा रोता है, तो यह संकेत है कि वह थका हुआ है या भूखा है, है ना! ब्राउन यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों के अनुसार, नवजात शिशु के रोने में हल्का सा अंतर भी अन्य समस्याओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। डॉक्टरों ने एक कंप्यूटर प्रोग्राम तैयार किया है जो रोने के कारकों जैसे पिच (उतार चढ़ाव), तीव्रता, और रोने की आवाज में स्पष्टता को मापता है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि बच्चे के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र ( central nervous system) में कुछ गड़बड़ है या नहीं।
यशायाह ने भविष्यवाणी करी कि परमेश्वर अपने लोगों की स्पष्ट पुकार सुनेंगे, उनके दिलों की हालत समझेंगे, और अनुग्रह के साथ जवाब देंगे। यहूदा ने, परमेश्वर से परामर्श करने के बजाय, उसके भविष्यवक्ता की उपेक्षा की थी और मिस्र के साथ गठबंधन में मदद मांगी थी (यशायाह 30:1–7)। परमेश्वर ने उनसे कहा कि यदि उन्होंने अपना विद्रोह जारी रखा, तो वह उनके सामने उनकी हार और अपमान लाएगा। हालाँकि वह उन पर “अनुग्रह करने की भी और उन पर दया दिखाने की इच्छा रखता था” (पद 18)। बचाव आएगा, लेकिन केवल उनके पश्चाताप और विश्वास के रोने से। यदि परमेश्वर के लोग उसे पुकारते, तो वह उनके पापों को क्षमा कर देता और उनकी आत्मिक शक्ति और जीवन शक्ति को नया कर देता (पद 8–26)।
यही बात आज यीशु में विश्वास करने वालों के लिए भी सच है। जब पश्चाताप और विश्वास की हमारी स्पष्ट पुकारें (दोहाई) हमारे स्वर्गीय पिता के कानों तक पहुँचती हैं, तो वह उन्हें सुनता है, हमें क्षमा करता है, और उसमें हमारे आनंद और आशा को नया करता है।
मार्विन विलियम्स
HI-Roshira Subscription
अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे इस बदलती दुनिया में इधर-उधर भटक रहे हैं, तो समय आ गया है कि आप उनकी नज़रें हमारे कभी न बदलने वाले परमेश्वर की ओर मोड़ें।
आवर डेली ब्रेड मिनिस्ट्रीज़ इंडिया में, हमारा मानना है कि अगली पीढ़ी का मार्गदर्शन करने की यह बड़ी चुनौती बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए, हमने 'किडलेट' नामक एक…

डर का कारण
जब मैं छोटा लड़का था, तो स्कूल का मैदान वह जगह थी जहां दबंग लड़के अपना दबदबा रखते थे और मेरे जैसे बच्चों को कम से कम विरोध के साथ उस दादागिरी का सामना करना पड़ता था। जब हम अपने सताने वालों के सामने डर के मारे झुकते थे तब कुछ और भी बुरा होता था – उनके ताने कि “क्या तुम डर गये हो? तुम मुझसे डरते हो? है ना? यहाँ तुम्हें मुझसे बचाने वाला कोई नहीं है।”
वास्तव में उस समय मैं ज्यादातर ड़रा हुआ होता था। और इसका एक कारण था। अतीत में उसके मुक्के खाने के बाद, मुझे पता था कि मैं दोबारा ऐसा अनुभव नहीं करना चाहता। मैं डर का शिकार था, मैं क्या कर सकता था और किस पर भरोसा कर सकता था? जब आप केवल आठ साल के होते हैं और आपको आपसे आयु में बड़े विशालकाय और शक्तिशाली बच्चे द्वारा परेशान किया जाता है तो डरना जायज़ है।
जब दाउद को हमले का सामना करना पड़ा, तो उसने डर के बजाय आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, क्योंकि वह जानता था कि वह अकेले उन खतरों का सामना नहीं करेगा। उसने लिखा, “यहोवा मेरी ओर है मैं न डरू्रगा; मनुष्य मेरा क्या कर सकते हैं?” (भजन 118:6) एक लड़के के रूप में, मुझे यकीन नहीं था कि मैं दाउद के आत्मविश्वास के स्तर को समझ पाऊंगा। लेकिन एक वयस्क के रूप में, मैंने मसीह के साथ वर्षों तक चलने के द्वारा सीखा है कि वह किसी भी डर पैदा करने वाले खतरे से बड़ा है।
जीवन में हम जिन खतरों का सामना करते हैं वे वास्तविक हैं। फिर भी हमें डरने की जरूरत नहीं है, संसार का बनाने वाला हमारे साथ है और वह पर्याप्त से भी कही अधिक है।
-बिल क्राउडर

कार्य में करुणा
बेंच बनाना जेम्स वॉरेन का काम नहीं है। हालांकि जब से उन्होंने डेनवर में एक महिला को बस के इंतज़ार में गंदगी में बैठे हुए देखा तब से उन्होंने बेंच बनाना शुरू किया था । उस औरत को देखकर वह चिेतित हो गये थे और उन्होंने सोचा कि यह अपमानजनक है। तो, इस अट्ठाईस वर्षीय कर्मचारी सलाहकार को कुछ बेकार (स्क्रैप) लकड़ी मिली, उसने एक बेंच बनाई और उसे बस स्टॉप पर रख दिया। जल्दी ही लोगों ने इसका उपयोग करना शुरू कर दिया। यह महसूस करते हुए कि उनके शहर के नौ हजार बस स्टॉपों में से कई में बैठने की जगह की कमी है,उसने एक और बेंच बनाई, फिर कई और बेंचें बनाईं, और प्रत्येक पर “दयालु बनें” लिखा। वॉरेन ने कहा, “उसका लक्ष्य किसी भी तरह से लोगों के जीवन को थोड़ा सा बेहतर बनाना है ।”
ऐसे काम का वर्णन करने का एक और तरीका है — वह है करुणा । जैसा कि यीशु किया करते थे, करुणा एक भावना है जो इतनी शक्तिशाली है कि यह हमें दूसरे की ज़रूरत को पूरा करने के लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करती है। जब निराश लोगों की भीड़ ने यीशु का पीछा किया तो उसे उन पर दया आई, क्योंकि वे उन भेड़ों के समान थे जिनका कोई रखवाला न हो (मरकुस 6:34)। उसने उनके बीमारों को चंगा करके उस करुणा को कार्य में बदल दिया (मत्ती 14:14)। हमें भी अपने “आप को करुणा से ढक लेना चाहिए” पौलुस ने आग्रह किया (कुलुस्सियों 3:12)। इसका क्या लाभ है ? जैसा कि वॉरेन कहते हैं, “यह टायरों में हवा के समान है; यह मुझे भर देता है (मुझे संतुष्टि देता है) ।”
हमारे चारों ओर जरूरतें हैं, और परमेश्वर उनकी तरफ हमारा ध्यान खीचेंगे । वे ज़रूरतें हमें अपनी करुणा को क्रियान्वित (कार्य में लाने) करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं, और वे कार्य दूसरों को प्रोत्साहित करेंगे क्योंकि हम उन्हें मसीह का प्रेम दिखाएंगे।
-पेट्रीशिया रेबोन

सभी उत्तर
डेल अर्नहार्ड्ट जूनियर उस भयानक क्षण का वर्णन करते हैं जब उन्हें एहसास हुआ कि उनके पिता चले गए हैं। मोटर रेसिंग के दिग्गज डेल अर्नहार्ड सीनियर की डेटोना 500 के अंत में एक भयानक दुर्घटना में मौत हो गई थी - एक दौड़ जिसमें डेल जूनियर ने भी भाग लिया था। युवा अर्नहार्ड्ट ने कहा, मुझ में से ऐसा शोर आ रहा है कि मैं यह नहीं कर सकता। यह सदमे दुःख और भय की आवाज है। और फिर एकाकी सत्य यह है कि: “अब मुझे यह स्वयं ही करना होगा।” अर्नहार्ड्ट जूनियर ने बताया कि पिताजी का होना एक सहायक पत्र (cheat sheet) जैसा था। पिताजी का होना सभी उत्तरों को जानने जैसा था।
यीशु के शिष्यों ने सभी उत्तरों के लिए उसकी सहायता लेना सीख लिया था। सूली पर चढ़ाये जाने की पूर्व संध्या पर उसने उन्हें आश्वासन दिया कि वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा। यीशु ने कहा, “मैं पिता से विनती करूंगा, और वह तुम्हें एक और सहायक देगा जो तुम्हारी सहायता करेगा और सदैव तुम्हारे साथ रहेगा – सत्य का आत्मा” (यूहन्ना 14:16–17)। यीशु ने वह सांत्वना उन सभी को दी जो उस पर विश्वास करेंगे। उन्होंने कहा, “यदि कोई मुझ से प्रेम रखे तो वह मेरे वचन को मानेगा, और मेरा पिता उस से प्रेम रखेगा, और हम उसके पास आएंगे, और उसके साथ वास करेंगे।” (पद 23)।
जो लोग मसीह का अनुसरण करना चुनते हैं उनके भीतर आत्मा है जो उन्हें सभी चीजें सिखाता है और उन्हें यीशु द्वारा सिखाई गई हर चीज की याद दिलाता है (पद 26)। हमारे पास सभी उत्तर नहीं हैं, लेकिन हमारे पास उसकी आत्मा है जो यह सब करता है।।
—टिम गुस्टाफ़सन
