देर रात गाड़ी चलाते समय निकोलस ने देखा कि एक घर में आग लगी हुई है। उसने रास्ते में गाड़ी पार्क की, जलते हुए घर में घुस गया और चार बच्चों को सुरक्षित बाहर ले आया। जब बच्चों की किशोरी दाई को एहसास हुआ कि भाई-बहनों में से एक अभी भी अंदर है, तो उसने निकोलस को बताया। बिना किसी हिचकिचाहट के, वह आग में फिर से गया। छह साल की बच्ची के साथ दूसरी मंजिल पर फंसे निकोलस ने खिड़की तोड़ दी। जैसे ही आपातकालीन टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं, वह बच्चे को गोद में लेकर सुरक्षित स्थान पर कूद गया। खुद से ज्यादा दूसरों की चिंता करते हुए उसने सभी बच्चों को बचा लिया।
दूसरों की खातिर अपनी सुरक्षा का त्याग करने की इच्छा से निकोलस ने वीरता का प्रदर्शन किया। प्रेम का यह शक्तिशाली कार्य एक अन्य इच्छुक बचानेवाले—यीशु—द्वारा दिखाए गए त्यागपूर्ण प्रेम को दर्शाता है, जिसने हमें पाप और मृत्यु से बचाने के लिए अपना जीवन दे दिया। “क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा।” (रोमियों 5:6)। प्रेरित पौलुस ने इस बात पर जोर दिया कि यीशु—जो देह में पूर्ण रूप से परमेश्वर और पूर्ण रूप से मनुष्य है—ने अपना जीवन देकर हमारे पापों की कीमत चुकाने का चुनाव किया, एक ऐसी कीमत जिसे हम कभी भी अपने आप से नहीं चुका सकते थे। “परमेश्वर हम पर अपने प्रेम कि भलाई इस रीति से प्रगट करता है कि जब हम पापी हि थे तभी मसीह हमारे लिए मारा” (पद.8)।
जब हम अपने इच्छुक उद्धारकर्ता, यीशु को धन्यवाद देते हैं और उस पर भरोसा करते हैं, तो वह हमें अपने शब्दों और कार्यों से दूसरों से त्यागपूर्ण प्रेम करने के लिए सशक्त बना सकता है। सोचिल डिक्सन
आपको कैसा लगता है जब आप उस कीमत पर विचार करते हैं जो यीशु
ने स्वेच्छा से चुकाई क्योंकि वह आपसे प्यार करता है?
इस सप्ताह आप दूसरों की ज़रूरतों को अपने से पहले कैसे रख सकते हैं?
प्रिय यीशु, मुझे आपके प्रावधान पर भरोसा करने में मदद करें
जब मैं आज दूसरों को पहले स्थान पर रखता हूँ।
