एक विश्वविद्यालय में कपड़ा उद्योग के छात्रों ने टी-शर्ट का एक दिलचस्प संग्रह बनाया, जिस पर दक्षिण गुजरात की पारंपरिक रोगन कला(Rogan Art) का उपयोग करके सकारात्मक उद्धरण लिखे गए थे। ये कलाकार तेल और वनस्पति रंगों से बने पेंट का उपयोग करते हैं, और एक स्टाइलस(stylus-कलम) के साथ जटिल पैटर्न पेंट करते हैं। उपचार/चंगाई पर आधारित, आधुनिक टी-शर्ट के इस संग्रह में इस प्राचीन कला का उपयोग विशेष रूप से उन लोगों के लिए किया गया है जो चिंता, तनाव या मानसिक आघात से गुजर रहे हैं। उम्मीद थी कि उन्हें पहनने वाले अपनी निराशा के बीच आशा पाएंगे।
परमेश्वर ने भी आदम और हव्वा के पतन के बाद उनकी निराशाजनक स्थिति का जवाब सबसे पहले उनकी नग्नता को कपड़े पहनाकर दिया। सांप द्वारा बहकाए जाने के कारण, उन्होंने निषिद्ध फल खाने के लिए इच्छा महसूस की (पद.6)। परिणाम विनाशकारी थे। इसने उनकी आँखें खोल दीं और उन्हें अपने पाप के बारे में सचेत कर दिया। पहली बार डर, अपराध और शर्म की भावनाओं के संपर्क में आने के कारण, वे अंजीर के पत्तों के कपड़ों से अपनी नग्नता को पर्याप्त रूप से “ढँकने” में असमर्थ थे (पद.7)। इसलिए, परमेश्वर ने अपने अनुग्रह से उनके पहनने के लिए “चमड़े के वस्त्र” तैयार किए (पद.21)। उन्होंने उनकी तत्काल आवश्यकता के समय उनकी मदद की l
यह इस बात का प्रतीक है कि परमेश्वर ने हम सभी के लिए क्या किया। जब हमारे पाप उजागर हुए, तो परमेश्वर ने अपने अनुग्रह से हमें अपने पुत्र, यीशु को भेजा, ताकि वह हमें अपने “उद्धार के वस्त्र” और “धार्मिकता के वस्त्र” से ढक दे (यशायाह 61:10)। जब भय, शोक, अपराध, शर्म या टूटन की भावनाएँ हम पर हावी हो जाती हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि परमेश्वर ने हमारे लिए पहले से क्या किया है। हम उसके बलिदान से ढके हुए हैं। इसलिए, हम यह जानकर आशा पा सकते हैं कि उसने हमें वस्त्र पहनाए हैं और हम उसमें सम्पूर्ण किये गए हैं l कैरल मैकवॉन
आपकी निराशा के बीच आशा पाने में परमेश्वर आपकी कैसे मदद कर सकता है?
यीशु के द्वारा परमेश्वर की धार्मिकता से ढके होने का क्या अर्थ है?
प्रिय प्रभु, जब मैं पाप द्वारा परीक्षा में पड़ता हूँ या दुखी और चिंतित होता हूँ,
तो कृपया मुझे अपनी आशा से ढक दें ।
