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Articles by जेनिफ़र बेन्सन शुल्ट्ज

चमकते तारे

मैं अपनी आँखें बंद कर सकता हूं और अतीत में उस घर में जा सकता हूँ जहाँ में बड़ा हुआ था l मुझे अपने पिता के साथ तारों को निहारना याद है l हम बारी बारी उनकी दूरबीन से अधखुली आँखों से, प्रज्वलित बिन्दुओं पर ध्यान केन्द्रित करने का प्रयास करते थे जो टिमटिमाते थे ओर चमकते थे l ऊष्मा और अग्नि से उत्पन्न प्रकाश की ये सूक्ष्म बिन्दुएँ, साफ़ और स्याह से काले आकाश में स्पष्ट दिखाई दे रहे थे l 

क्या आप खुद को एक चमकता तारा मानते हैं?  मैं मानव उपलब्धि की ऊंचाइयों तक पहुंचने के बारे में बात नहीं कर रहा हूँ,  लेकिन टूटेपन और बुराई की एक अंधेरे पृष्ठभूमि के खिलाफ स्पष्ट खड़ा होने के बारे में l प्रेरित पौलुस ने फिलिप्पियों के विश्वासियों को बताया कि परमेश्वर उनमें होकर और उनके द्वारा चमकेगा जब वे “जीवन का वचन लिए [रहेंगे]” और न कुड़कुड़ाएंगे और न बहस करेंगे (फिलिप्पियों 2:14–16) l

अन्य विश्वासियों के साथ हमारी एकता और ईश्वर के प्रति हमारी विश्वासयोग्यता हमें संसार  से अलग कर सकती हैं l समस्या यह है कि ये चीजें स्वाभाविक रूप से नहीं आती हैं l हम लगातार आजमाइशों को दूर करने का प्रयास करते हैं ताकि हम ईश्वर के साथ एक करीबी रिश्ता बनाए रख सकें l हम अपने आध्यात्मिक भाइयों और बहनों के साथ सद्भाव रखने के लिए स्वार्थ के खिलाफ कुश्ती करते हैं l

लेकिन फिर भी,  आशा है l प्रत्येक विश्वासी में जीवित रहनेवाला  परमेश्वर का आत्मा हमें आत्म-नियंत्रित,  दयालु, और विश्वासयोग्य रहने के लिए समर्थ करता है (गलतियों 5:22–23) l  जिस तरह हमें अपनी स्वाभाविक क्षमता से परे रहने के लिए कहा गया है,  ईश्वर की अलौकिक मदद यह संभव बनाती है (फिलिप्पियों 2:13) l  यदि प्रत्येक विश्वासी आत्मा की शक्ति के द्वारा एक “एक "चमकता हुआ तारा” बन जाए,  तो जरा सोचिए कि ईश्वर का प्रकाश हमारे साथ अंधेरे को कैसे दूर भगाएगा!

अपूर्ण योजनाएँ

मैं एक नए सामुदायिक केंद्र के निचले तल पर एक पुस्तकालय में घूम रहा था जब एक ऊपरी धमाका ने अचानक कमरे को हिला दिया l कुछ मिनट बाद यह फिर से हुआ,  और फिर l एक क्षुब्ध लाइब्रेरियन ने आखिरकार बताया कि एक वेट-लिफ्टिंग क्षेत्र सीधे पुस्तकालय के ऊपर स्थित किया गया था, और हर बार यह आवाज़ होती थी जब कोई वजन गिराता है l वास्तुविद् (architect) और अभिकल्पकों (designer) ने इस अत्याधुनिक सुविधा के कई पहलुओं की सावधानीपूर्वक योजना बनाई थी, फिर भी कोई लाइब्रेरी को इन सभी क्रिया से दूर स्थापित करना  भूल गया था l

जीवन में भी,  हमारी योजनाएँ अक्सर दोषपूर्ण होती हैं l हम महत्वपूर्ण विचारों की अनदेखी करते हैं l हमारी योजनाएं हमेशा दुर्घटनाओं या आश्चर्यों का कारण नहीं होती हैं l यद्यपि योजना बनाने से हमें वित्तीय घाटा, समय की कमी, और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचने में मदद मिलती है,  यहां तक ​​कि सबसे गहन रणनीति भी हमारे जीवनों से सभी समस्याओं को समाप्त नहीं कर सकती हैं l हम अदन के बाद वाले संसार में रहते हैं l

परमेश्वर की मदद से,  हम भविष्य के बारे में विवेकपूर्ण रूप से विचार करते हुए संतुलन पा सकते हैं (नीतिवचन 6:6–8) और कठिनाइयों का जवाब दे सकते हैं l परमेश्वर अक्सर हमारे जीवन में अनुमत परेशानी के लिए एक उद्देश्य रखता है l वह इसका उपयोग हममें धैर्य विकसित करने के लिए,  हमारे विश्वास को बढ़ाने के लिए, या केवल हमें उसके करीब लाने के लिए कर सकता है l बाइबल हमें याद दिलाती है, “मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएँ होती हैं, परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है” (नीतिवचन 19:21) l जब हम भविष्य के लिए अपने लक्ष्य और उम्मीदें यीशु को सौंप देते हैं, तो वह हमें वह दिखाएगा कि वह हममें और हमारे द्वारा क्या पूरा करना चाहता है l

कुछ ज्यादा ही बड़ा

इंग्लैंड के साउथेम्पटन में, अक्टूबर बुक्स(October Books), जो एक बुकस्टोर है, दो सौ से अधिक स्वयंसेवकों ने उनका स्टॉक थोड़ी आगे सड़क पर स्थानांतरित करने में सहायता की l सहायकों ने फुटपाथ पर लाइन लगाई और किताबों को “मानव वाहक पट्टा(human conveyor belt)” से गुजारा l स्वयंसेवकों को कार्य करते हुए देखकर, स्टोर के एक कर्मचारी ने कहा, “यह . . . लोगों को [मदद] करते हुए देखने का एक वास्तविक मार्मिक अनुभव था . . . वे कुछ ज्यादा ही बड़े का हिस्सा बनना चाहते थे l”
हम भी खुद की अपेक्षा बहुत बड़ी चीज का हिस्सा हो सकते हैं l परमेश्‍वर हमें अपने प्रेम के संदेश के साथ संसार तक पहुँचने के लिए उपयोग करता है l क्योंकि किसी ने हमारे साथ संदेश साझा किया है, हम किसी अन्य व्यक्ति की ओर मुड़कर इसे आगे बढ़ा सकते हैं l पौलुस ने इसकी तुलना की─परमेश्वर के राज्य का निर्माण से─एक बगीचे को बढाने से l हममें से कुछ लोग बीज बोते हैं जबकि हममें से कुछ लोग बीज को पानी देते हैं l जैसा कि पौलुस ने कहा, हम “परमेश्वर के सहकर्मी” हैं (1 कुरिन्थियों 3:9) l
प्रत्येक कार्य महत्वपूर्ण है, फिर भी सब परमेश्वर की आत्मा की सामर्थ्य में किए जाते हैं l अपनी आत्मा के द्वारा, परमेश्वर लोगों को आध्यात्मिक रूप से पनपने में सक्षम बनाता है जब वे सुनते हैं कि वह उनसे प्यार करता है और अपने पुत्र को उनके स्थान पर मरने के लिए भेजा है ताकि वे अपने पाप से मुक्त हो सकें (यूहन्ना 3:16) l
परमेश्वर आप और मेरे जैसे “स्वयंसेवकों” के द्वारा पृथ्वी पर अपना काम करता है l हालाँकि हम एक समुदाय का हिस्सा हैं जो हमारे द्वारा किए गए किसी भी योगदान से बहुत बड़ा है, हम संसार के साथ उसके प्यार को साझा करने के लिए एक साथ काम करके इसे बढ़ने में मदद कर सकते हैं l

कुछ नया

ताजे पानी की कमी वाले क्षेत्रों में खेती मुश्किल है l इस समस्या को हल करने में मदद करने के लिए सीवॉटर ग्रीनहाउस कंपनी ने सोमालीलैंड, अफ्रीका और इसी तरह के जलवायु वाले अन्य देशों में कुछ नया बनाया है : “कूलिंग हाउस l” कुलिंग हाउस नालीदार कार्डबोर्ड से बने दीवारों पर खारा पानी को टपकाने के लिए सौर पंप का उपयोग करते हैं l जैसे ही पानी प्रत्येक पैनल के नीचे जाता है, वह अपना नमक पीछे छोड़ देता है l शेष बचा हुआ ज्यादादर ताजा पानी संरचना के अंदर वाष्पित हो जाता है, जो नमी वाली जगह बन जाती है जहां फल और सब्जी विकसित हो सकती हैं l
यशायाह नबी के द्वारा, परमेश्वर ने “नई बात” करने की प्रतिज्ञा की जब उसने प्राचीन इस्राएल के लिए “निर्जल देश में नदियाँ” [बहायीं] (यशायाह 43:19) l इस नई चीज़ ने पुरानी चीज़ के साथ फर्क दिखाया जो उसने अपने लोगों को मिस्र की सेना से बचाने के लिए किया था l लाल समुद्र की घटना याद है? परमेश्वर चाहता था कि उसके लोग अतीत को याद करें लेकिन उनके जीवनों में उसके वर्तमान भागीदारी को फीका न होने दें (पद.18) l उसने कहा, “देखो, मैं एक नई बात करता हूँ; वह अभी प्रगट होगी, क्या तुम उससे अनजान रहोगे? मैं जंगल में एक मार्ग बनाऊँगा” (पद.19) l
जबकि अतीत को देखना परमेश्वर के प्रबंध में हमारे विश्वास को सहारा देता है, अतीत में रहना वर्तमान में ईश्वर की आत्मा के सभी नए कार्यों के प्रति हमें अंधा बना सकता है l हम परमेश्वर को यह दिखाने के लिए कह सकते हैं कि वह वर्तमान में कैसे बढ़ रहा है - अपने लोगों की मदद करके, फिर से बनाकर, और थामकर l यह जागरूकता हमें दूसरों के साथ निकट और दूर की जरूरतों को पूरा करने के लिए उसके साथ भागीदार बनाए l

कागज़ के मुकुट

मेरे घर पर जन्मदिन की पार्टी के बाद,  सभी ने मिठाई,  छोटे खिलौने और कंफेटी से भरे रिटर्न गिफ्ट(वापसी उपहार) खोले । लेकिन इन उपहारों में कुछ और भी था - हममें से प्रत्येक के लिए कागज़ का एक मुकुट l जैसे ही हम मेज के चारों ओर बैठे,  हम उनको पहनने से खुद को रोक न सके, और हम एक दूसरे को देखकर मुस्कुराए l सिर्फ एक पल के लिए,  हम राजा और रानी थे,  यद्यपि हमारा राज्य एक भोजन कक्ष था जिसमें हमारे रात्री भोजन के अवशेष फैले हुए थे l  

इससे बाइबल के एक वादे की याद आती है जिसके बारे में मैं अक्सर नहीं सोचती l अगले जीवन में,  सभी विश्वासी यीशु के साथ राज्य करने का अधिकार प्राप्त करेंगे l पौलुस 1 कुरिन्थियों 6 में इसका उल्लेख करता है जहां वह पूछता है, “क्या तुम नहीं जानते कि पवित्र लोग जगत का न्याय करेंगे?” (पद.2) l पौलुस ने भविष्य के इस विशेषाधिकार का उल्लेख किया क्योंकि वह विश्वासियों को पृथ्वी पर शांति से विवादों को निपटाने के लिए प्रेरित करना चाहता था l वे एक-दूसरे पर मुकदमा कर रहे थे और परिणामस्वरूप अपने समुदाय में अन्य विश्वासियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे थे l

हम संघर्ष को सुलझाने में बेहतर हो जाते हैं जब पवित्र आत्मा हमारे भीतर आत्म-नियंत्रण, सौम्यता और धैर्य पैदा करता है l यीशु जिस समय पृथ्वी पर लौटेगा और हमारे जीवनों में आत्मा के कार्य को पूरा करेगा (1 यूहन्ना 3:2–3),  हम “हमारे परमेश्वर के लिए एक राज्य और याजक . . . “और . . .  पृथ्वी पर राज्य” करने के लिए अपनी अंतिम भूमिका के रूप में तैयार होंगे l (प्रकाशितवाक्य 5:10) l आइए इस प्रतिज्ञा को थामे रहें जो पवित्रशास्त्र में सोने के मुकुट में हीरे की तरह चमकता है l

सुबह की धुंध

एक सुबह मैं अपने घर के पास एक तालाब पर गयी l मैं एक पलटी हुई नाव पर बैठ गयी, सोचती हुई और एक कोमल पश्चिम हवा को पानी की सतह पर धुंध की एक परत का पीछा करते हुए देख रही थी । कोहरे की लड़ी चक्कर मार रहे थे और भँवर में घूम रहे थे l छोटे-छोटे "बवंडर" उठे और फिर खुद ही शांत हो गए l जल्द ही,  बादलों के बीच से सूरज की रोशनी दिखाई दी और धुंध गायब हो गई ।

इस दृश्य ने मुझे सुकून दिया क्योंकि मैंने इसे एक पद के साथ जोड़ा जिसे मैंने अभी पढ़ा था : "मैंने तेरे अपराधों को काली घटा के समान और तेरे पापों को बादल के समान मिटा दिया है” (यशायाह 44:22) । मैं उन पापपूर्ण विचारों की एक श्रृंखला से खुद का ध्यान हटाने के लिए जिसमें मैं कई दिनों से फंसी हुई थी, उस स्थान पर गयी थी l हालाँकि मैं उन्हें कबूल कर रही थी,  लेकिन मुझे आश्चर्य होने लगा कि क्या परमेश्वर मुझे माफ कर देगा जब मैंने उसी पाप को दोहराउंगी l  

उस सुबह,  मुझे पता था कि जवाब हां था । अपने भविष्यवक्ता यशायाह के माध्यम से, परमेश्वर ने इस्राएलियों पर अनुग्रह दिखाया जब वे मूर्ति पूजा की अविरत समस्या से जूझ रहे थे । यद्यपि उसने झूठे देवताओं का पीछा करना बंद करने के लिए कहा था,  परमेश्वर ने खुद ही उन्हें वापस भी आमंत्रित किया, और कहा, “तू मेरा दास है, मैं ने तुझे रचा है . . . मैं तुझ को न भूलूंगा” (पद.21) l

मैं इस तरह क्षमा को पूरी तरह समझ नहीं सकती, लेकिन मैं समझती हूँ कि परमेश्वर का अनुग्रह ही एकमात्र ऐसी चीज है जो हमारे पाप को पूरी तरह से ख़त्म कर सकता है हमें उससे चंगा कर सकता है l मैं आभारी हूं कि उसका अनुग्रह उसी के समान अनंत और दिव्य है, जब भी हमें इसकी आवश्यकता होती है वह उपलब्ध है ।

कोई भी और हर कोई

अल सल्वाडोर के देश ने अपनी राजधानी शहर के केंद्र में यीशु की एक मूर्ति रखकर उसे सम्मानित किया है । हालाँकि यह स्मारक व्यस्त यातायात परिपथ के बीच में है, लेकिन इसकी ऊँचाई इसे देखना आसान कर देता है, और इसका नाम- द डिवाइन सेवियर ऑफ द वर्ल्ड(The Divine Saviour of the World) - उसकी अलौकिक स्थिति के प्रति सम्मान का संचार करता है ।

स्मारक का नाम पुष्टि करता है कि बाइबिल यीशु के बारे में क्या कहती है (1 यूहन्ना 4:14) । वह ही है जो सभी को उद्धार देता है । यीशु सांस्कृतिक सीमाओं को पार करता है और किसी भी ईमानदार व्यक्ति को स्वीकार करता है जो उसे जानना चाहता है, उम्र, शिक्षा, जातीयता, पिछले पाप या सामाजिक स्थिति की परवाह किए बिना ।

प्रेरित पौलुस ने प्राचीन दुनिया की यात्रा करते हुए लोगों को यीशु के जीवन, मृत्यु और पुनरुत्थान के बारे में बताया । उसने इस अच्छी खबर को राजनीतिक और धार्मिक अधिकारियों, सैनिकों, यहूदियों, गैरयहूदियों, पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के साथ साझा किया । पौलुस ने समझाया कि कोई भी व्यक्ति “यीशु प्रभु है” की घोषणा करके मसीह के साथ एक सम्बन्ध स्थापित कर सकता है और यह विश्वास करते हुए कि परमेश्वर ने वास्तव में उसे मृतकों से जिलाया है (रोमियों 10: 9) । उसने कहा, ”जो कोई उस पर विश्वास करेगा वह लज्जित न होगा . . . [और] जो कोई प्रभु का नाम लेगा, वह उद्धार पाएगा” (पद.11,13) l  

यीशु आदर पाने के लिए दूर की छवि नहीं है; हमारे पास विश्वास के द्वारा व्यक्ति-से-व्यक्ति का संबंध होना चाहिए । हम उसके द्वारा प्रदान किए गए उद्धार के मूल्य को देख सकते हैं और आज उसके साथ एक आध्यात्मिक रिश्ते में आगे बढ़ सकते हैं ।

आग में

स्पेन में एक जंगल की आग ने, लगभग 50,000 एकड़ वनप्रदेश को झुलसा दिया । हालांकि, तबाही के बीच, लगभग 1,000 उज्ज्वल हरे सरू के पेड़ों(cypress trees) का एक समूह खड़ा रहा । पानी को धारण करने की पेड़ों की क्षमता ने उन्हें सुरक्षित रूप से आग को सहन करने दी थी ।

बाबुल/बेबीलोन में राजा नबूकदनेस्सर के शासनकाल के दौरान, दोस्तों का एक छोटा समूह राजा के क्रोध की ज्वाला से बच गया । शद्रक, मेशक और अबेदनगो ने नबूकदनेस्सर द्वारा बनाई गई एक मूर्ति की पूजा करने से इनकार कर दिया, और उससे कहा, “हमारा परमेश्वर, जिसकी हम उपासना करते हैं वह हम को उस धधकते हुए भट्ठे की आग से बचाने की शक्ति रखता है” (दानिय्येल 3:17) । क्रोध से भरकर, राजा ने भट्ठे को सातगुणा अधिक धधका दिया (पद.19) l

राजा के आदेशों को मानने वाले और मित्रों को आग में झोंकने वाले सैनिक सब जल गए, फिर भी दर्शकों ने शद्रक, मेशक और एबेदनगो को आग की लपटों के बीच “खुले हुए [टहलते] देखा l” कोई और भी भट्ठे में था - एक चौथा आदमी जो "ईश्वर पुत्र के सदृश” था (पद.25) l अनेक विद्वानों का यह मानना है कि वह यीशु का देहधारण से पूर्व का एक प्रगटन था ।

जब हम भय और आजमाईशों का सामना करते हैं तो यीशु हमारे साथ है । जिन क्षणों में हम दबाव में आकर हार मानने लगते हैं, हमें डरने की ज़रूरत नहीं है । हम हमेशा यह नहीं जान सकते कि परमेश्वर हमारी सहायता कैसे या कब करेगा, लेकिन हम जानते हैं कि वह हमारे साथ है । वह हमें हर उस "आग" के द्वारा जिसमें होकर हम जाते हैं हमें अपने प्रति वफादार रहने की शक्ति देता है ।

आप उसे पुनः देखेंगे

जब मैंने जैकी के बिस्तर के पास एक कुर्सी खींची, कमरे में कम रौशनी थी और कमरा शांत था l कैंसर के साथ तीन साल की लड़ाई से पहले, मेरी सहेली एक फुरतीली व्यक्ति थी l मैं अब भी उसे हंसती हुई देख सकती हूँ – जीवन से भरी आँखें, मुस्कराहट से चमकता हुआ उसका चेहरा l  अब वह निःशब्द और शांत थी, और मैं एक विशेष देखभाल सुविधा केंद्र में उससे मिलने आई थी l 

नहीं जानते हुए कि बोलना है, मैंने पवित्रशास्त्र के कुछ भाग पढ़ने का फैसला किया l मैंने अपने पर्स से अपनी बाइबल निकाली और 1 कुरिन्थियों से एक संदर्भ निकालकर पढ़ने लगी l

उससे मुलाकात के बाद अपनी खड़ी कार में अकेले में, मेरे मन में एक विचार आया जिसने मेरी आँखों के आँसू कम कर दिए : तुम उसे फिर देखोगी l अपने दुःख के बीच, मैं भूल गयी थी कि विश्वासियों के लिए मृत्यु केवल अस्थायी है (1 कुरिन्थियों 15:21-22) l मुझे पता था कि मैं फिर से जैकी को देखूँगी क्योंकि हम दोनों ने हमारे पापों की क्षमा के लिए यीशु की मृत्यु और पुनरुत्थान पर भरोसा किया था (पद.3-4) l जब यीशु अपने क्रूसीकरण के बाद जीवित हुआ, तो मृत्यु ने विश्वासियों को एक दूसरे से और परमेश्वर से अलग करने की अपनी अंतिम शक्ति खो दी l हमारे मरने के बाद, हम परमेश्वर के साथ पुनः स्वर्ग में रहेंगे और हमारे सभी आत्मिक भाई और बहन भी - हमेशा के लिए l 

क्योंकि यीशु आज जीवित है, उसके विश्वासियों के पास नुक्सान और दुःख के समय में आशा है l जय ने मृत्यु को निगल लिया (पद.54) l