दूसरों से प्रेम करके परमेश्वर से प्रेम करना
अल्बा परिवार ने केवल तेरह महीने के अंतर पर एक जैसे जुड़वां बच्चों के दो जोड़े को जन्म देने की दुर्लभ घटना का अनुभव किया । उन्होंने अपनी माता-पिता की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी नौकरी को कैसे निभाया? उनके दोस्तों और परिवार के समुदाय ने आगे बढ़कर उनकी मदद की। दोनों तरफ से नाना–नानी और दादा-दादी दिन के दौरान जुड़वा बच्चों की एक जोड़ी ले जाते थे ताकि बच्चों के माता-पिता काम कर सकें और स्वास्थ्य बीमा के लिए भुगतान कर सकें। एक कंपनी ने डायपर की एक साल की आपूर्ति दी। दंपत्ति के सहकर्मियों ने अपने निजी बीमारी की छुट्टियों का दान दिया। दंपत्ति ने सहमती में कहा “हम अपने समुदाय के बिना यह नहीं कर सकते थे,”। वास्तव में, एक लाइव इंटरव्यू (साक्षात्कार) के दौरान, सह-मेजबान ने अपना माइक हटा दिया और भटकते हुए उनके एक नन्हे बच्चे को पकड़ने के लिए उसके पीछे भागी और इस प्रकार उसने भी अपना सामुदायिक योगदान दिया!
मत्ती 25:31-46 में, यीशु इस बात को स्पष्ट करने के लिए एक दृष्टांत बताते हैं कि जब हम दूसरों की सेवा करते हैं, तो हम परमेश्वर की सेवा करते हैं। सेवा के कार्यों को सूचीबद्ध करने के बाद, जिसमें भूखे को भोजन देना, प्यासे को पानी देना, बेघरों को घर देना, नग्न लोगों को कपड़े देना और बीमारों का इलाज करना शामिल है (पद- 35-36), यीशु ने दृष्टांत इस तरह पूरा किया, “मैं तुम से सच कहता हूं, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से किसी एक के साथ किया,वह मेरे ही साथ किया” (पद 40)।
हमारी दयालुता के अंतिम प्राप्तकर्ता के रूप में यीशु की कल्पना करना हमारे पड़ोस, परिवारों, चर्चों और दुनिया में सेवा करने के लिए सच्ची प्रेरणा है। जब वे हमें दूसरों की जरूरतों में त्यागपूर्वक योगदान देने के लिए प्रेरित करते है, तब हम उनकी सेवा करते हैं। जब हम दूसरों से प्रेम करते हैं, तब हम परमेश्वर से प्रेम करते हैं। एलिसा मॉर्गन
परमेश्वर की बाँहों में
ड्रिल की आवाज से पांच साल की सारा घबरा गई। वह दंत चिकित्सक की कुर्सी से उछल पड़ी और वापस बैठने से इन्कार कर दिया। दंत चिकित्सक ने समझदारी से सिर हिलाते हुए उसके पिता से कहा, “पिताजी, कुर्सी पर बैठ जाइए।” जेसन ने सोचा कि वह अपनी बेटी को यह दिखाना चाहता था कि यह कितना आसान है। लेकिन तभी दंत चिकित्सक छोटी लड़की की ओर मुड़ा और कहा, “अब, ऊपर चढ़ो और पिताजी की गोद में बैठो।” अब उसके पिता ने उसे अपनी आश्वस्त करने वाली बाहों में भर लिया, सारा पूरी तरह से शांत हो गई, और दंत चिकित्सक अपना काम जारी रखने में सक्षम हो गया।
उस दिन, जेसन ने अपने स्वर्गीय पिता की उपस्थिति से मिलने वाले आश्वासन और शांति के बारे में एक बड़ा सबक सीखा। उन्होंने कहा, “कभी-कभी, परमेश्वर हमें जिस चीज़ से गुजरना पड़ता है, उसे अपने ऊपर नहीं ले लेता।” “लेकिन परमेश्वर मुझे दिखा रहे थे, ‘मैं वहां तुम्हारे साथ रहूंगा।’”
भजन संहिता संहिता 91 परमेश्वर की शांति देने वाली उपस्थिति और शक्ति की बात करता है जो हमें अपने परीक्षाओं का सामना करने की शक्ति देता है। यह जान कर कि हम उसकी शक्तिशाली भुजाओं में आराम कर सकते हैं, हमें बहुत आश्वासन देता है, जैसा कि उससे प्यार करने वालों से उसका वादा है: “जब वह मुझ को पुकारे, तब मैं उसकी सुनुंगा; संकट में मैं उसके संग रहूँगा।” (पद् 15)।
जीवन में कई अपरिहार्य चुनौतियाँ और परीक्षाएं हैं, और हमें अनिवार्य रूप से दर्द और पीड़ा से गुजरना होगा। लेकिन हमारे चारों ओर परमेश्वर की आश्वस्त भुजाओं के साथ, हम अपने संकटों और परिस्थितियों को सहन करने में सक्षम होंगे, और जैसे-जैसे हम उनके माध्यम से आगे बढ़ेंगे, वह हमारे विश्वास को मजबूत करेगा। लेस्ली कोह
आवश्यकता से अधिक प्रेम
फ्लाइट (उड़ान) में मेरी सह यात्री ने मुझे बताया कि वह नास्तिक थी और एक ऐसे शहर में आकर बस गई थी जहाँ कई मासीहियो के घर थे । जब उसने बताया कि उसके अधिकांश पड़ोसी चर्च जाते हैं, तो मैंने उसके अनुभव के बारे में पूछा। उसने कहा कि वह उनकी उदारता का बदला कभी नहीं चुका सकती। जब वह अपने विकलांग पिता को अपने नए देश में लेकर आई, तो उसके पड़ोसियों ने उसके घर तक एक रैंप बनाया और एक अस्पताल का बिस्तर और चिकित्सा का सामान दान किया। उन्होंने कहा, “अगर मसीही होना किसी को इतना दयालु बनाता है, तो हर किसी को मसीही होना चाहिए।”
बिल्कुल वही जो यीशु को आशा थी कि वह कहेगी! उन्होंने अपने शिष्यों से कहा, “तुम्हारा उजियाला मनुष्यों के साम्हने चमके कि वे तुम्हारे भले कामों को देखकर तुम्हारे पिता की, जो स्वर्ग में बढाई करें I” (मत्ती 5:16) पतरस ने मसीह की आज्ञा सुनी और उसे आगे बढ़ाया : “अन्यजातियों में तुम्हारा चालचलन भला हो; इसलिए कि जिन जिन बातों में वह तुम्हें कुकर्मी जान कर बदनाम करते हैं; वे तुम्हारे भले कामों को देख कर; उन्हीं के कारण कृपा दृष्टि के दिन परमेश्वर की महिमा करें ।” (1 पतरस 2:12)
हमारे पड़ोसी जिन्हें यीशु पर विश्वास नहीं है, वे यह नहीं समझ सकते कि हम क्या विश्वास करते हैं और हम उस पर क्यों विश्वास करते हैं। परेशान मत होइए, जब तक कि वे एक और चीज़ को समझ नहीं लेते हैं : वह है हमारा आवश्यकता से अधिक प्रेम। मेरी सहयात्री को आश्चर्य हुआ कि उसके मसीही पड़ोसी उसकी देखभाल करना जारी रखते हैं, भले ही वह, उसके शब्दों में, “उनमें से एक” नहीं है। वह जानती है कि यीशु के कारण प्रेम किया गया है, और वह परमेश्वर को धन्यवाद देती है। हो सकता है कि वह अभी भी उस पर विश्वास न करती हो, लेकिन वह आभारी है कि दूसरे ऐसा करते हैं। माइक विट्मर
प्रेम का अगला कदम
एक प्रतियोगी की मदद करने के लिए किसी के लिए क्या कारण हो सकता है? विस्कॉन्सिन में एडोल्फ़ो नाम के एक रेस्तरां मालिक के लिए, यह अन्य संघर्ष करने वाले स्थानीय रेस्तरां मालिकों को कोविड नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने का अवसर था। एडोल्फ़ो को महामारी के दौरान व्यवसाय चलाने की चुनौतियों का प्रत्यक्ष ज्ञान था। एक अन्य स्थानीय व्यवसाय की उदारता से प्रोत्साहित होकर, एडोल्फ़ो ने अपने समुदाय के लोगों के लिए अपने खुद के पैसों से दो हज़ार डॉलर से अधिक के गिफ्ट कार्ड ख़रीदे ताकि वे दूसरे रेस्तरां में उपयोग कर सकें। यह प्यार की अभिव्यक्ति है जो सिर्फ शब्द द्वारा नहीं बल्कि कार्यों के द्वारा है।
मानवता के लिए अपना जीवन बलिदान करने की यीशु की इच्छा द्वारा प्रदर्शित प्रेम की अंतिम अभिव्यक्ति के आधार पर, (1 यहुन्ना 3:16), यहुन्ना ने अपने पाठकों को अगला कदम उठाने और प्रेम को कार्य में लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। यहुन्ना के लिए, “अपने भाइयों और बहनों के लिए अपना प्राण देना” (पद 16) का अर्थ उसी प्रकार के प्रेम का प्रदर्शन करना था जिसका उदाहरण यीशु द्वारा दिया गया था—वह जो अक्सर रोजमर्रा की, व्यावहारिक कामों का रूप लेगा, जैसे कि सांसारिक संपत्ति साझा करना I शब्दों से प्रेम करना पर्याप्त नहीं था; प्रेम के लिए ईमानदार, सार्थक कामों की आवश्यकता होती है (पद- 18)।
प्रेम को अमल (व्यवहार) में लाना कठिन हो सकता है क्योंकि इसके लिए अक्सर व्यक्तिगत बलिदान या किसी दूसरे व्यक्ति के लिए अपने आपको नुकसान पहुँचाना पड़ सकता है। परमेश्वर की आत्मा से सक्षम होकर और हमारे प्रति उनके उदार प्रेम को याद करके, हम प्रेम का अगला कदम उठा सकते हैं। लीसा एम. सामरा
मदद करना जैसे परमेश्वर हमारी मदद करता है
न्यूजीलैंड के ओले कासो को साइकिल चलाना बहुत पसंद था। एक सुबह, जब उसने पार्क में एक बुजुर्ग व्यक्ति को अपने वॉकर(walker) के साथ अकेले बैठे देखा, तो ओले को एक सरल विचार से प्रेरणा मिली: क्यों न बुजुर्ग लोगों को बाइक की सवारी का आनंद और स्वतंत्रता प्रदान की जाए। इसलिए, एक दिन जब धूप निकली थी, वह किराए की ट्राइशॉ (पैडल वाला हल्का तिपहिया वाहन) लेकर एक नर्सिंग होम में रुका और वहाँ लोगों को सवारी की पेशकश की। उन्हें ख़ुशी हुई जब एक स्टाफ सदस्य और एक बुजुर्ग निवासी “साइकिलिंग विदआउट ऐज के पहले सवार बने।
अब, बीस साल से अधिक समय के बाद, साइकिल चलाने से चूकने वालों की मदद करने के ओले के सपने ने लगभग 575,000 बुजुर्गों को 2.5 मिलियन (2.5 लाख) सवारी कराके उन्हें आशीषित किया है । कहाँ? किसी मित्र से मिलने के लिए, आइसक्रीम कोन का आनंद ले कर , और “अपने बालों में हवा को महसूस कर के ।” प्रतिभागियों का कहना है कि वे बेहतर सोते हैं, बेहतर खाते हैं और कम अकेलापन महसूस करते हैं।
ऐसा उपहार यशायाह 58:10-11 में अपने लोगों के लिए परमेश्वर के सुंदर शब्दों को जीवन से भर देता है। उन्होंने उनसे कहा, “मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करो, तब अंधियारे में तुम्हारा प्रकाश चमकेगा। और तेरा घोर अन्धकार दोपहर का सा उजियाला हो जाएगा।” परमेश्वर ने वादा किया, “और यहोवा तुझे लगातार लिए चलेगा, और काल के समय तुझे तृप्त और तेरी हडि्डयों को हरी भरी करेगा; और तू सींची हुई बारी और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता।”।
परमेश्वर ने अपने लोगों से कहा, “तेरे वंश के लोग बहुत काल के उजड़े हुए स्थानों को फिर बसाएंगे;” (पद- 12)। वह हमारे द्वारा क्या कर सकता है? जैसे वह हमारी मदद करता है, हम हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहें। पैट्रिशिया रेबॉन
सुखद विश्वास
दया मृत्यु( मानवीय तरीके से मारना) दिए जाने से कुछ दिन पहले एक महिला ने रूडी को एनिमल शेल्टर (पशु आश्रय स्थल) से बचाया; और कुत्ता उसका साथी बन गया। दस साल तक, रूडी लिंडा के बिस्तर के पास शांति से सोया, लेकिन फिर वह अचानक उसके बगल में कूदने लगा और उसका चेहरा चाटने लगा। लिंडा ने उसे डांटा, लेकिन हर रात रूडी ने वही व्यवहार दोहराया। लिंडा ने कहा, “जैसे ही मैं बैठती थी वह मेरे चेहरे को चाटने के लिए मेरी गोद में कूदने लगता था।”
जब वह रूडी को ओबेडीइएंस (आज्ञापालन) स्कूल में ले जाने की योजना बना रही थी, तभी उसने विचार करना शुरू किया कि रूडी कितना जिद्दी था और कैसे वह हमेशा उसके जबड़े पर एक ही स्थान पर उसे चाटता था। थोड़ी झेंपते हुए, लिंडा एक डॉक्टर के पास गई जिसने उसे बताया कि उसे उसकी जाँच में माइक्रोस्कोपिक ट्यूमर (हड्डी का कैंसर) मिला। डॉक्टर ने लिंडा से कहा कि अगर वह अधिक देर तक इंतजार करती तो शायद उसकी मौत हो जाती। लिंडा ने रूडी की स्वाभाविक प्रवृत्ति पर भरोसा किया था और वह खुश थी कि उसने ऐसा किया ।
पवित्र शास्त्र हमें बार-बार बताता हैं कि परमेश्वर पर भरोसा करने से जीवन और आनंद मिलता है। भजन संहिताकार कहता है, ‘’क्या ही धन्य है वह पुरुष जो यहोवा पर भरोसा करता है।’’ (40:4)। कुछ अनुवाद इस बात को और भी स्पष्ट करते हैं: “खुश हैं वे जो प्रभु पर भरोसा करते हैं” (पद 4)। भजन संहिता संहिता में खुशी बहुतायत के बारे में बताती है—एक भड़कने वाली, उत्साहपूर्ण खुशी है ।
जब हम परमेश्वर पर भरोसा करते हैं, तो अंतिम परिणाम गहरी, वास्तविक खुशी होती है। यह विश्वास आसानी से नहीं आ सकता है, और परिणाम वह नहीं होंगे जो हम कल्पना करते हैं। फिर भी हम बहुत खुश होंगे की हमने परमेश्वर पर भरोसा किया । विन्न कोल्लियर
स्वर्ग में स्वामी
सिंगापुर के मिनिस्ट्री ऑफ मैनपावर (जनशक्ति मंत्रालय) ने 2022 में घोषणा की कि सभी प्रवासी घरेलू मज़दूरों को छुट्टी देने के बजाय महीने में कम से कम एक दिन का विश्राम दिया जाना चाहिए, जिसका मुआवज़ा मालिक उन्हें नहीं दे सकते। हालाँकि, मालिक चिंतित थे कि उन दिनों उनके प्रियजनों की देखभाल के लिए उनके पास कोई नहीं होगा। जबकि देखभाल की संचालन व्यवस्था का वैकल्पिक प्रबंध करके हल किया जा सकता था, लेकिन विश्राम की आवश्यकता को न देखने के उनके रवैये को हल करना उतना आसान नहीं था।
दूसरों के साथ विचारपूर्वक व्यवहार करना कोई नया मुद्दा नहीं है। प्रेरित पौलुस जिस समय में रहते थे तब नौकरों को उनके मालिकों की संपत्ति के रूप में देखा जाता था। फिर भी, मसीह–समान घरों को कैसे संचालित करना चाहिए, इस पर कलीसिया को अपने निर्देशों की अंतिम पंक्ति में, वह कहते हैं कि स्वामियों को अपने सेवकों के साथ “न्यायपूर्वक” व्यवहार करना चाहिए (कुलुस्सियों 4:1)। एक अन्य अनुवाद कहता है, “उनके साथ निष्पक्ष रहें”।
जैसे पौलुस सेवकों को कहते है “जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो,यह समझकर कि मनुष्यों के लिए नहीं परन्तु प्रभु के लिए करते हो” (3:23), वह स्वामियों को भी उनके ऊपर यीशु के अधिकार की याद दिलाते है : “स्वर्ग में तुम्हारा भी एक स्वामी है” (4:1)I उनका उद्देश्य कुलुस्से के विश्वासियों को उन लोगों के रूप में जीने के लिए प्रोत्साहित करना था जिनका अंतिम अधिकारी मसीह है। दूसरों के साथ हमारे आपसी व्यवहार में - चाहे एक मालिक, कर्मचारी के रूप में, हमारे घरों या समुदायों में - हम परमेश्वर से “सही और निष्पक्ष” काम करने में मदद करने के लिए कह सकते हैं (पद- 1)। जैस्मिन गोह
“मैं हूँ”
दर्शनशास्त्र और साहित्य के प्रोफेसर जैक का दिमाग बहुत तेज़ था। उन्होंने पंद्रह साल की उम्र में खुद को नास्तिक घोषित कर दिया था और युवा अवस्था में अपने “नास्तिक विश्वास” का दृढ़तापूर्वक समर्थन किया । मसीही मित्रों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। जैसा कि जैक ने कहा, “सभी लोग और सभी चीज़ें दूसरे पक्ष में शामिल हो गई थी।” लेकिन उन्हें यह स्वीकार करना पड़ा कि बाइबल अन्य साहित्य और काल्पनिककथा (मिथकों) से अलग है। सुसमाचार के बारे में उन्होंने लिखा : “यदि कभी कोई मिथक तथ्य बन जाता, अवतार लेता, तो वह इसी तरह होता।”
बाइबल का एक अंश जैक के लिए सबसे प्रभावशाली बन गया—निर्गमन 3। परमेश्वर इस्राएलियों को मिस्र से बाहर निकालने के लिए मूसा को बुला रहा था। मूसा ने परमेश्वर से पूछा, “मैं कौन हूं कि फिरौन के पास जाऊं?” (पद- 11)I परमेश्वर ने उत्तर दिया, “मैं जो हूँ सो हूँ” (पद- 14)। हालाँकि इस अंश में शब्दों और नामों पर जटिलता और अस्पष्टता दिखती है लेकिन यह शुरुआत से ही परमेश्वर की शाश्वत उपस्थिति को दर्शाता है। दिलचस्प बात यह है कि बाद में यीशु ने भी यही बात दोहराई जब उन्होंने कहा, “कि पहले इसके कि अब्राहम उत्पन्न हुआ, मैं हूँ!” (यूहन्ना 8:58)
जैक, जिसे सी.एस. ल्युईस के नाम से बेहतर जाना जाता है, इस अंश से गहराई से प्रभावित हुआ। यह वह सब था जो एक सच्चे परमेश्वर को कहने की आवश्यकता थी - बस यह कि वह “मैं हूँ।” जीवन बदलने वाले एक क्षण में, ल्युईस ने “हार मान ली और स्वीकार किया कि परमेश्वर ही परमेश्वर है।” यह ल्युईस के लिए यीशु को स्वीकार करने की यात्रा की शुरुआत थी। शायद हम विश्वास के साथ संघर्ष करते हैं, जैसा कि ल्युईस ने किया, या शायद “उदासीन” विश्वास के साथ। हम स्वयं से पूछ सकते हैं कि क्या परमेश्वर वास्तव में हमारे जीवन में “मैं हूँ” है। केनेथ पीटरसन
राज्य-विचारशील नेतृत्व
जब मैं मसीही बच्चों के पुस्तक लेखकों के एक समूह में शामिल हुई, जो एक-दूसरे के लिए प्रार्थना करते थे और एक-दूसरे की किताबों के बारे में प्रचार करने में मदद करते थे, तो कुछ लोगों ने कहा कि हम “मूर्ख थे जो प्रतियोगियों के साथ काम करते थे।” लेकिन हमारा समूह प्रतियोगिता के लिए नहीं, बल्कि परमेश्वर के राज्य के लिए नेतृत्व करने और समुदाय को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध था। हमारा लक्ष्य एक ही था—सुसमाचार फैलाना। हमने एक ही राजा-यीशु की सेवा की। साथ मिलकर, हम मसीह के लिए अपनी गवाही के साथ अधिक लोगों तक पहुंच रहे हैं।
जब परमेश्वर ने मूसा से नेतृत्व के अनुभव वाले सत्तर पुरनियों को चुनने के लिए कहा तो उसने कहा, “तब मैं उतारकर तुझ से वहाँ बातें करूँगा; और जो आत्मा तुझ में हैं उस में से कुछ ले कर उन में समवाऊंगा; और वे इन लोगों का भार तेरे संग उठाए रहेंगे, और तुझे उसको अकेले उठाना न पड़ेगा ” (गिनती 11:16-17)। बाद में, यहोशू ने दो पुरनियो को भविष्यवाणी करते देखा और मूसा से उन्हें रोकने को कहा। मूसा ने उससे कहा, “क्या तू मेरे कारण जलता है? भला होता कि यहोवा की सारी प्रजा के लोग नबी होते, और यहोवा अपना आत्मा उन सभो में समवा देता!” (पद- 29)I
जब भी हम प्रतियोगिता या तुलनाओं पर ध्यान केंद्रित करते हैं जो हम दूसरों के साथ काम करने में बाधा डालते हैं, तो पवित्र आत्मा हमें उस प्रलोभन से बचने के लिए सशक्त कर सकता है। जब हम परमेश्वर से हमारे अंदर राज्य-विचारशील नेतृत्व का पोषण करने के लिए सोचिल, तो वह दुनिया भर में सुसमाचार फैलाता है और जब हम एक साथ उसकी सेवा करते हैं तो हमारा बोझ भी हल्का हो सकता है। सोचिल डिक्सन