
परमेश्वर से भागना
जूली और लिज़ हंपबैक व्हेल(humpback whale) की खोज में कैलिफ़ोर्निया के तट से दूर चली गयीं l हम्पबैक व्हेल सतह के निकट सक्रीय रहने के लिए जाने जाते हैं, जिससे उन्हें पहचानना आसान हो जाता है l दोनों महिलाओं को अपने जीवन का सबसे बड़ा आश्चर्य तब हुआ जब एक महिला सीधे उनके नीचे आ गयी l एक दर्शक ने उनके मुठभेड़ की फुटेज(footage) कैद कर लिए जिसमें व्हेल का बड़ा मुँह महिलाओं और उनकी कश्ती को बौना दिखाता हुआ दिख रहा था l थोड़ी देर पानी के अन्दर जाने के बाद, महिलाएं सुरक्षित बच गयीं l
उनका अनुभव नबी योना को एक “विशाल मच्छ” द्वारा निगल लिए जाने के बाइबल वर्णन पर दृष्टि प्रदान करता है(योना 1:17) l परमेश्वर ने उसे नीनवे के लोगों को उपदेश देने की आज्ञा दी थी, लेकिन इसलिए कि उन्होंने परमेश्वर को अस्वीकार कर दिया था, योना को नहीं लगा कि वे परमेश्वर की क्षमा के योग्य हैं l आज्ञा मानने के बजाय, वह भाग गया और एक जहाज पर यात्रा पर निकल पड़ा l परमेश्वर ने एक भयंकर आंधी भेजी, और वह पानी में फेंक दिया गया l
परमेश्वर ने योना को गहरे समुद्र में निश्चित मृत्यु से बचाने का एक मार्ग निकाला, और उसे उसके कार्यों के सबसे बुरे परिणामों से बचाया l योना ने “यहोवा को पुकारा” और परमेश्वर ने सुन ली(2:2) l जब योना ने अपने गलत काम को स्वीकार किया और परमेश्वर की भलाई के लिए अपनी प्रशंसा और स्वीकृति व्यक्त की, तो उसे—उसकी आज्ञा पर—मच्छ से “स्थल पर उगल दिया”(पद.10) l
परमेश्वर की कृपा से, जब हम अपने गलत कामों को स्वीकार करते हैं और यीशु के बलिदान में विश्वास व्यक्त करते हैं, तो हम उस आत्मिक मृत्यु से बच जाते हैं जिसके हम हकदार हैं और उसके द्वारा नए जीवन का अनुभव करते हैं l

भूखों के लिए भोजन
वर्षों से, हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका(Horn of Africa-Somalia, Djibouti, Ethiopia, Eritrea, Somaliland) भयंकर सूखे से पीड़ित है, जिसने फसलों को नष्ट कर दिया है, पधुधन को मार डाला है और लाखों लोगों को संकट में डाल दिया है l सबसे कमजोर लोगों में—जैसे कि केन्या के कहुमा शरणार्थी शिविर के लोग, जो युद्धों और उत्पीड़न से भागे हैं—यह और भी गम्भीर है l एक हालिया रिपोर्ट में एक युवा माँ अपने बच्चे को शिविर अधिकारियों के पास लाती है l शिशु गंभीर कुपोषण से पीड़ित था, जिससे उसके बाल और त्वचा निकल गए . . सूखा और नाज़ुक l” वह मुकुराती नहीं थी और खाना नहीं खाती थी l उसका अत्यंत छोटा शरीर काम करना बन्द कर रहा था l विशेषज्ञों ने तुरंत हस्तक्षेप किया l शुक्र है, भले ही ज़रूरतें अभी भी बहुत अधिक हैं, तत्काल, जीवन-या-मृत्यु सम्बन्धी आवश्यकताएं प्रदान करने के लिए एक बुनियादी ढांचा बनाया गया है l
ये निराशाजनक स्थान बिलकुल वही हैं जहां परमेश्वर के लोगों को उसके प्रकाश और प्रेम को चमकाने के लिए बुलाया जाता है(यशायाह 58:8) l जब लोग भूख से मर रहे हैं, बीमार हैं, या खतरे में हैं, तो परमेश्वर अपने लोगों को भोजन, दवा और सुरक्षा प्रदान करने के लिए सबसे पहले बुलाता है—सब यीश के नाम पर l यशायाह ने प्राचीन इस्राएल को यह सोचने के लिए फटकारा कि वे अपने उपवास और प्रार्थनाओं के प्रति विश्वासयोग्य थे, जबकि संकट के समय आवश्यक वास्तविक दयालु कार्य की अनदेखी कर रहे थे : “अपनी रोटी भूखों को बाँट देना,” “मारे-मारे फिरते हुओं को अपने घर ले आना” और “किसी को नंगा देखकर वस्त्र पहिनाना”(पद.7) l
परमेश्वर की इच्छा है कि भूखों को शारीरिक और आत्मिक दोनों तरह से भोजन मिले l और ज़रूरत को पूरा करते हुए वह हमारे अन्दर और हमारे द्वारा कार्य करता है l

पवित्र आत्मा उपस्थित है
एक घरेलू उड़ान के लिए उड़ान से पहले जांच करते समय, एक फ्लाइट अटेंडेंट ने देखा कि एक महिला यात्री उड़ान के बारे में बहुत ही व्याकुल और चिंतित दिख रही थी l अटेंडेंट गलियारे वाली सीट पर बैठ गया, और उसका हाथ पकड़ लिया, उड़ान प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को समझाया, और उसे निश्चित किया कि वह अच्छी रहेगी l उसने कहा, “जब आप विमान पर चढ़ते हैं, तो यह हमारे बारे में नहीं है, यह आपके बारे में है l” “और यदि आप अच्छा महसूस नहीं कर रही हैं, तो मैं यह कहने के लिए वहाँ रहना चाहता हूँ, ‘अरे, क्या परेशानी है? क्या ऐसा कुछ है जो मैं कर सकता हूँ?” उनकी देखभाल करने वाली उपस्थिति इस बात की एक तस्वीर हो सकती है कि यीशु ने क्या कहा था कि पवित्र आत्मा उसके विश्वासियों के लिए क्या करेगा l
मसीह की मृत्यु और पुनरुत्थान और स्वर्गारोहण लोगों को उनके पापों से बचाने के लिए आवश्यक और लाभदायक था, लेकिन यह शिष्यों के हृदयों में भावनात्मक अशांति और गहरा दुःख भी पैदा करने वाला था(यूहन्ना 14:1) l इसलिए उसने उन्हें निश्चित किया कि संसार में उसके मिशन/उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा l वह पवित्र आत्मा को उनके साथ रहने के लिए भेजने वाला था—“एक सलाहकार/पक्ष-समर्थक/advocate[उनकी] सहायता करने के लिए और हमेशा के लिए [उनके] साथ रहने के लिए एक वकील”(पद.16) l आत्मा यीशु के बारे में साक्षी देगा और उन्हें मसीह द्वारा किये और कहे गए सभी कार्यों की याद दिलाएगा(पद.26) l कठिन समय में उसके द्वारा उनकी “उन्नति” होगी(प्रेरितों 9:31) l
इस जीवन में, हर कोई—मसीह में विश्वासियों सहित—चिंता, भय और दुःख की अशांति का अनुभव करेगा l लेकिन उसने वादा किया है कि उसकी अनुपस्थिति में, पवित्र आत्मा हमें सांत्वना देने के लिए मौजूद है l

भीतर से रूपांतरित
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन की सबसे भीषण आवासीय आग में, आग ने पश्चिम लन्दन में चौबीस मंजिला ग्रेनफेल टावर(Grenfel Tower) इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें सत्तर लोग मारे गए l जांच से पता चला कि आग की लपटें इतनी तेजी से फैलने का प्राथमिक कारण नवीकरण(renovation) में उपयोग किया गया आवरण(cladding) था जो इमारत के बाहरी हिस्से को ढकता था l यह सामग्री बाहर से एलुमिनियम की थी लेकिन इसका भीतरी भाग(core) अत्यंत ज्वलनशील प्लास्टिक का था l
इतनी खतरनाक सामग्री को बेचने और लगाने की अनुमति कैसे दी गयी? उत्पाद के बिक्रेता खराब अग्नि सुरक्षा जाँच परिणामों का खुलासा करने में विफल रहे l और खरीदार, सामग्री की सस्ती कीमत से आकर्षित होकर, चेतावनी के संकेतों पर ध्यान देने में विफल रहे l चमकदार आवरण बाहर से अच्छा लग रहा था l
यीशु के कुछ कठोर शब्द धार्मिक शिक्षकों को संबोधित थे, उन्होंने अच्छा दिखने वाले बाहरी आवरण के पीछे भ्रष्टाचार को छिपाने का आरोप लगाया l उन्होंने कहा कि वे “चूना फिरी हुयी कब्रों” की तरह थे—“बाहर से सुन्दर” लेकिन अन्दर से मुर्दों की हड्डियों . . . से भरे”(मत्ती 23:27) l “न्याय और दया और विश्वास”(पद.23) का पीछा करने के बजाय, उनका ध्यान अच्छा दिखने पर केन्द्रित था—कटोरे को ऊपर ऊपर” साफ़ करते थे, लेकिन अन्दर के “अंधेर और असंयम” को नहीं(पद.25) l
अपने पाप और टूटेपन को ईमानदारी से ईश्वर के सामने लाने की तुलना में अच्छा दिखने पर ध्यान केन्द्रित करना सरल है l लेकिन एक अच्छा दिखने वाला बाहरी हिस्सा भ्रष्ट हृदय को कम खतरनाक नहीं बनाता है l परमेश्वर हमें आमंत्रित करता है कि वह हम सभी को अन्दर से बदल दे(1 यूहन्ना 1:9) l
