विश्वास से देखना
गवाही का समय हमारी चर्च आराधना का वह समय था जब लोग साझा करते थे कि परमेश्वर उनके जीवन में क्या काम कर रहे थे। आंटी - या सिस्टर लैंगफ़ोर्ड, जैसा कि हमारे चर्च परिवार में अन्य लोग उन्हें जानते थे - अपनी गवाही में बहुत सारी प्रशंसाएँ भरने के लिए जानी जाती थीं। ऐसे अवसरों पर जब उसने अपनी व्यक्तिगत उद्धार की कहानी साझा की, तो कोई उम्मीद कर सकता था की आराधना का ज्यादा समय लेंगी। उसका हृदय परमेश्वर की स्तुति से गूँज उठा जिसने दयालुता पूर्वक उसका जीवन बदल दिया!
इसी प्रकार, भजन संहिता 66 के लेखक की गवाही प्रशंसा से भरी हुई है क्योंकि वह इस बात की गवाही देता है कि परमेश्वर ने अपने लोगों के लिए क्या किया है। "आओ परमेश्वर के कामों को देखो; वह अपने कार्यों के कारण मनुष्यों को भययोग्य देख पड़ता है।"(पद 5) उनके कार्यों में चमत्कारी बचाव(पद 6), सुरक्षा (पद 9), और परीक्षण और अनुशासन भी शामिल था जिसके परिणामस्वरूप उनके लोगों को एक बेहतर स्थान पर लाया गया (पद 10-12)। जबकि ऐसे ईश्वर-अनुभव हैं जो यीशु में अन्य विश्वासियों के साथ हमारे समान हैं,लेकिन हमारी व्यक्तिगत यात्राओं के लिए कुछ अनोखी चीज़ें भी हैं। क्या आपके जीवन में ऐसे समय आए हैं जब परमेश्वर ने स्वयं को विशेष रूप से आपके सामने प्रकट किया है? वे दूसरों के साथ साझा करने लायक हैं जिन्हें यह सुनने की ज़रूरत है कि उसने आपके जीवन में कैसे काम किया है। "हे परमेश्वर के सब डरवैयो, आकर सुनो, मैं बताऊँगा कि उसने मेरे लिये क्या क्या किया है।"(पद 16)
— आर्थर जैक्सन

सारी प्रशंसा के योग्य
कई लोग फेरेंटे और टायकर को अब तक की सबसे महान पियानो युगल टीम मानते हैं। उनकी सहयोगी प्रस्तुतियाँ इतनी सटीक थीं कि उनकी शैली को चार हाथ लेकिन केवल एक दिमाग के रूप में वर्णित किया गया था। उनके संगीत को सुनकर, कोई भी यह समझना शुरू कर सकता है कि उनके शिल्प (कारीगरी) को पूर्ण करने के लिए कितनी मेहनत की आवश्यकता है।
लेकिन और भी बहुत कुछ है। उन्हें जो करना पसंद था, वह उन्हें पसंद था। वास्तव में, 1989 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी, फेरेंटे और टायकर कभी-कभी एक स्थानीय पियानो स्टोर पर अचानक संगीत कार्यक्रम बजाने के लिए आते थे। उन्हें बस संगीत बनाना पसंद था।
दाऊद को संगीत बनाना भी पसंद था - लेकिन उसने अपने गीत को एक उच्च उद्देश्य देने के लिए परमेश्वर के साथ मिलकर काम किया। उसके भजन उसके संघर्ष से भरे जीवन और परमेश्वर पर गहरी निर्भरता में जीने की उसकी इच्छा की पुष्टि करते हैं। फिर भी, अपनी व्यक्तिगत असफलताओं और अपूर्णताओं के बीच, उसकी प्रशंसा ने एक तरह की आत्मिक "परफेक्ट पिच (श्रेष्ठ स्वर) " व्यक्त की, जो सबसे अंधेरे समय में भी परमेश्वर की महानता और भलाई को स्वीकार करती है। दाऊद की प्रशंसा के पीछे का मन भजन संहिता 18:1 में सरलता से बताया गया है, जिसमें लिखा है, "हे परमेश्वर, हे मेरे बल, मैं तुझ से प्रेम करता हूँ।"
दाऊद ने आगे कहा, " मैं यहोवा को, जो स्तुति के योग्य है, पुकारूँगा " (पद 3) और "अपने संकट में" उसकी ओर मुड़ा (पद 6)। हमारी स्थिति चाहे जो भी हो, आइए हम भी इसी तरह अपने परमेश्वर की स्तुति और आराधना करने के लिए अपने हृदय को ऊपर उठाएं। वह सारी प्रशंसा के पात्र हैं!
—बिल क्राउडर

एक थैंक्सगिविंग आशीष
2016 में, वांडा डेंच ने अपने पोते को थैंक्सगिविंग भोज (धन्यवाद देने के लिए भोज) के लिए आमंत्रित करते हुए एक संदेश भेजा, यह नहीं जानते हुए कि उसने हाल ही में अपना फोन नंबर बदल दिया है। इसके बजाय संदेश एक अजनबी जमाल के पास चला गया। जमाल की कोई योजना नहीं थी, और इसलिए, यह स्पष्ट करने के बाद कि वह कौन है, पूछा कि क्या वह अभी भी भोज पर आ सकता है। वांडा ने कहा, "बेशक आप आ सकते हैं।" जमाल उस पारिवारिक भोज में शामिल हुआ जो तब से उसके लिए एक वार्षिक परंपरा बन गई है। एक ग़लत निमंत्रण वार्षिक आशीष बन गई ।
एक अजनबी को भोज पर आमंत्रित करने में वांडा की दयालुता मुझे लूका के सुसमाचार में यीशु के प्रोत्साहन की याद दिलाती है। एक "प्रमुख" फ़रीसी के घर पर भोज के दौरान(लूका 14:1) यीशु ने देखा कि किसे आमंत्रित किया गया है और मेहमानों ने मुख्य जगह के लिए किस प्रकार धक्का-मुक्की की (पद 7) यीशु ने उसकी मेजबानी करने वाले व्यक्ति को कहा कि केवल व्यक्तिगत लाभ (पद 12) के लिए दूसरों को आमंत्रित करने से आशीर्वाद सीमित हो जाएगा। इसके बजाय, यीशु ने मेज़बान से कहा कि जिन लोगों के पास उसे चुकाने के लिए संसाधन नहीं हैं, उनका आतिथ्य सत्कार करने से और भी अधिक प्रतिफल मिलेगा (पद 14)।
वांडा के लिए, जमाल को थैंक्सगिविंग भोज के लिए अपने परिवार में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने के परिणामस्वरूप एक स्थायी दोस्ती का अप्रत्याशित आशीर्वाद मिला जो उसके पति की मृत्यु के बाद उसके लिए एक बड़ा प्रोत्साहन था। जब हम दूसरों तक पहुंचते हैं, इसलिए नहीं कि हमें कुछ मिल सकता है, बल्कि इसलिए कि परमेश्वर का प्रेम हमारे भीतर बह रहा है, तो हमें कहीं अधिक बड़ा आशीर्वाद और प्रोत्साहन मिलता है।
—लिजा. एम. सामरा
चमकते सितारे
शहर के बारे में सबसे पहली चीज़ जो मैंने देखी, वह थी इसके जुए के अड्डे। इसके बाद, इसकी भांग की दुकानें, "वयस्क" स्टोर, और दूसरों के दुर्भाग्य से पैसे कमाने वाले अवसरवादी वकीलों के विशाल विज्ञापन (बिलबोर्ड)। हालाँकि मैंने पहले भी कई अवैध और अनैतिकता से भरे शहरों का दौरा किया था, लेकिन यह एक नए निम्न स्तर पर पहुँच गया। हालाँकि, जब मैंने अगली सुबह एक टैक्सी ड्राइवर से बात की, तो मेरा मूड ठीक हो गया। "मैं हर दिन परमेश्वर से उन लोगों को भेजने के लिए प्रार्थना करता हूं जिन्हें वह चाहते है कि मैं मदद करूँ।" उसने कहा। "जुआ खेलने वाले, वेश्याएँ, टूटे-फूटे घरों के लोग मुझे आँसू बहाते हुए अपनी समस्याएँ बताते हैं। मैं कार रोक देता हूँ। मैं सुनता हूँ। मैं उनके लिए प्रार्थना करता हूँ। यह मेरी सेवकाई है।"
यीशु के हमारे पतित संसार में उतरने का वर्णन करने के बाद (फिलिप्पियों 2:5–8), प्रेरित पौलुस मसीह में विश्वासियों को एक आह्वान देता है। जब हम परमेश्वर की इच्छा का अनुसरण करते हैं ( पद 13) और “जीवन के वचन”—सुसमाचार (वचन 16) को थामे रहते हैं—तो हम “टेढ़े और हठीले लोगों के बीच परमेश्वर के निष्कलंक सन्तान ” होंगे जो “आकाश में तारों की तरह चमकेंगे” ( पद 15)। उस टैक्सी ड्राइवर की तरह, हमें यीशु के प्रकाश को अंधकार में लाना है।
इतिहासकार क्रिस्टोफर डॉसन ने कहा कि मसीह में विश्वास करने वाले को दुनिया को बदलने के लिए केवल ईमानदारी से जीना है, क्योंकि जीने के उसी कार्य में “ईश्वरीय जीवन का सारा रहस्य समाहित है।” आइए हम परमेश्वर की आत्मा से प्रार्थना करें कि वह हमें यीशु के लोगों के रूप में ईमानदारी से जीने के लिए सशक्त बनाए, दुनिया के सबसे अंधेरे स्थानों में उसका प्रकाश चमकाए।
—-शेरिडन वोयसी

परमेश्वर के लिए अनमोल
एक लड़के के रूप में, मिंग को अपने पिता कठोर और दूर-दूर के लगते थे। यहाँ तक कि जब मिंग बीमार था और उसे बाल रोग विशेषज्ञ के पास जाना था, तब भी उसके पिता ने शिकायत की कि यह परेशानी भरा है। एक बार, उसने एक झगड़े की आवाज़ सुनी और उसे उसे पता चला कि जब वह अपनी माता के गर्भ में था तो उसके पिता उसकी मां का गर्भपात करवाना चाहते थे। एक अनचाहा बच्चे होने का एहसास उसके वयस्क होने तक उसके साथ रहा। जब मिंग यीशु में विश्वास करने लगा, तो उसे पिता के रूप में परमेश्वर से संबंध बनाना मुश्किल लगा, हालाँकि वह उसे अपने जीवन का स्वामी मानता था।
अगर, मिंग की तरह, हमें अपने सांसारिक पिताओं से प्यार नहीं मिला है, तो हमें परमेश्वर के साथ अपने रिश्ते में इसी तरह की शंकाओं का सामना करना पड़ सकता है। हम सोच सकते हैं, क्या मैं उसके लिए बोझ हूँ? क्या उसे मेरी परवाह है? लेकिन जब हमारे सांसारिक पिता चुप और दूर रहे होंगे, तब हमारा स्वर्गीय पिता परमेश्वर करीब आता है और कहता है, "मैं तुमसे प्यार करता हूँ" (यशायाह 43:4)।
यशायाह 43 में, परमेश्वर हमारे सृष्टिकर्ता और पिता के रूप में बोलते हैं। यदि आप सोच रहे हैं कि क्या वह चाहता है कि आप उसके परिवार के हिस्से के रूप में उसकी देखभाल में रहें, तो सुनें कि उसने अपने लोगों से क्या कहा: " मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी के छोर से ले आओ " ( पद 6)। यदि आप सोच रहे हैं कि आप उसके लिए कितने मूल्यवान हैं, तो उसकी पुष्टि सुनें: " मेरी दृष्टि में तू अनमोल और प्रतिष्ठित ठहरा है। " ( पद 4)। परमेश्वर हमसे इतना प्यार करता है कि उसने यीशु को पाप का दंड चुकाने के लिए भेजा ताकि हम जो उस पर विश्वास करते हैं, हमेशा उसके साथ रह सकें (यूहन्ना 3:16)। उसने जो कहा और जो उसने हमारे लिए किया है, उसके कारण हम पूरा भरोसा रख सकते हैं कि वह हमें चाहता है और हमसे प्यार करता है।
— जैस्मिन गोह