यीशु जो डाली/शाखा है
लाल पहाड़ों के बीच से दिखाई देता हुआ होली क्रोस का खूबसूरत चैपल(चर्च) है l छोटे चैपल में प्रवेश करते हुए, मैं तुरंत क्रूस पर यीशु की एक असामान्य मूर्तिकला(sculpture) की ओर आकर्षित हुयी l पारंपरिक क्रूस के बजाय, यीश दो डालियों वाले एक पेड़ की शाखाओं पर क्रूस पर चढ़ा हुआ दिखाया गया है l क्षैतिज/horizontal रूप से, एक कटा हुआ, मृत डाल पुराने नियम में इस्राएल के गोत्रों का प्रतिनिधित्व करता है जिन्होंने परमेश्वर को अस्वीकार कर दिया था l दूसरी डाल ऊपर की ओर बढ़ती है और शाखाएं निकलकर यहूदा की समृद्ध गोत्र और राजा दाऊद की पारिवारिक वंशावली का प्रतीक है l
प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण कला पुराने नियम में यीशु के बारे में एक महत्वपूर्ण भविष्वाणी की ओर इशारा करती है l यद्यपि यहूदा का गोत्र दासत्व में रह रहा था, नबी यिर्मयाह ने परमेश्वर की ओर से एक आशापूर्ण सन्देश दिया : “जो वचन मैं ने इस्राएल और यहूदा के घरानों के विषय में कहा है, उसे पूरा करूँगा”(यिर्मयाह 33:14) ताकि एक बचानेवाला दिया जा सके जो “इस देश में न्याय और धर्म के काम करेगा”(पद.15) l लोगों को बचानेवाले की पहचान जानने का एक तरीका यह था कि वह “दाऊद के वंश” से उत्पन्न होगा(पद.15), जिसका अर्थ है कि बचानेवाला राजा दाऊद का शारीरिक वंशज होगा l
मूर्तिकला(sculpture) कुशलतापूर्वक एक महत्वपूर्ण सत्य को अधिकार में कर लेता है कि यीशु के पारिवारिक वंश के विवरण में, परमेश्वर वह सब करने में विश्वासयोग्य था जिसकी उसने प्रतिज्ञा की थी l इससे भी अधिक, यह एक ताकीद है कि अतीत में उसकी विश्वासयोग्यता निश्चित करती है कि वह भविष्य में हमसे की गयी अपनी प्रतिज्ञाओं को पूरा करने के लिए विश्वासयोग्य रहेगा l

भुगतान
1921 में, कलाकार सैम रोडिया(Sam Rodia) ने अपने वाट्स टावर्स(Watts Towers) का निर्माण शुरू किया l तैतीस साल बाद, सत्रह मूर्तिकला लॉस एंजेल्स(Los Angeles) के ऊपर तीस मीटर तक ऊंची हो गयीं l संगीतकार जेरी गार्सिया(Jerry Garcia) रोडिया के जीवन-कार्य को ख़ारिज कर रहे थे l गार्सिया ने कहा, “यही भुगतान/परिणाम/ईनाम है l” “वह चीज़ जो आपके मरने के बाद भी मौजूद रहती है l” फिर उन्होंने कहा, “वाह, यह मुझे पसंद नहीं है l’
तो उसके लिए भुगतान क्या था? उनके सहयोगी बॉब वियर(Bob Wier) ने उनके दर्शन को संक्षेप में बताया : “अनंत काल में कुछ भी याद नहीं किया जाएगा l तो क्यों न केवल आनंद लिया जाए?”
एक धनी, बुद्धिमान व्यक्ति ने एक बार वह सब कुछ करके जो वह संभवतः कर सकता था “भुगतान/ईनाम(payoff)” खोजने की कोशिश की l उसने लिखा, “चल, मैं तुझ को आनंद के द्वारा जाचूँगा”(सभोपदेशक 2:1) l लेकिन उसने कहा, “न तो बुद्धिमान का और न मूर्ख का स्मरण सर्वदा बना रहेगा”(पद.16) l उसने निष्कर्ष निकला, “जो काम संसार में किया जाता है मुझे बुरा मालूम हुआ”(पद.17) l
यीशु का जीवन और सन्देश ऐसे अदूरदर्शी जीवन(shortsighted living) का मौलिक रूप से विरोध करता है l यीशु हमें “बहुतायत का जीवन” देने के लिए आया (यूहन्ना 10:10) और हमें आनेवाले जीवन को ध्यान में रखते हुए इस जीवन को जीना सिखाया l उसने कहा, “पृथ्वी पर धन इकट्ठा न करो” “परन्तु अपने लिए स्वर्ग में धन इकट्टा करो”(मत्ती 6:19-20) l फिर उसने निचोड़/रहस्य बताया : “पहले तुम परमेश्वर के राज्य और धर्म की खोज करो तो ये सब वस्तुएं भी तुम्हें मिल जाएँगी”(पद.33) l
यही भुगतान है—सूर्य के नीचे और उसके पार भी l

एक दर्शक
काइल स्पेलर को चैंपियनशिप बास्केटबॉल खेलों के दौरान अपने ज़ोरदार सार्वजनिक संबोधन की घोषणा(rip-roaring) के लिए जाना जाता है l “आओ चलें!” वह माइक पर गरजता है, और हज़ारों प्रशंसक, साथ ही एक्शन देखने वाले लाखों लोग उस आवाज़ पर प्रतिक्रिया करते हैं जिसने काइल को 2022 के सर्वश्रेष्ठ कमेंटेटर पुरस्कार के रूप में नामांकन दिलाया l वह कहते हैं, “मुझे पता है कि भीड़ को कैसे महसूस करना है और घरेलु कोर्ट/खेल का मैदान(home court) का माहौल कैसा है l” फिर भी, उनकी आवाज़ की कलात्मकता(artistry)का हर शब्द—टीवी और रेडियो विज्ञापनों में भी दिखाया गया है—परमेश्वर की महिमा करने के लिए है l काइल कहते हैं, उनका काम “एक दर्शक(परमेश्वर) के लिए सब कुछ करना है l”
प्रेरित पौलुस ने कुलुस्से के चर्च के समान नैतिकता पर जोर दिया, जिसके सदस्यों ने मसीह की दिव्यता और संप्रभुता के बारे में संदेह को अपने व्यवहारिक जीवन में भी आने दिया l इसके बजाय, पौलुस ने लिखा, “वचन में या काम में जो कुछ भी करो सब प्रभु यीशु के नाम से करो, और उसके द्वारा परमेश्वर पिता का धन्यवाद करो”(कुलुस्सियों 3:17) l
पौलुस ने आगे कहा, “जो कुछ तुम करते हो, तन मन से करो, यह समझकर कि मनुष्यों के लिए नहीं परन्तु प्रभु के लिए करते हो”(पद.23) l काइल स्पेलर के लिए, इसमें एक पास्टर(chaplain) के रूप में उनकी भूमिका शामिल है, जिसके बारे में वे कहते हैं, “यहाँ मेरा यही उद्देश्य है . . . और घोषणा करना सोने पर सुहागा(icing on the cake) है l” परमेश्वर के लिए हमारा अपना कार्य हमारे एक दर्शक के लिए उतना ही मधुर हो सकता है l

खुरचा हुआ मक्खन
जे.आर.आर. टॉकिंस की पुस्तक द फेलोशिप ऑफ़ द रिंग्स(The Fellowship of the Rings) में, बिल्बो बैग्गिंस ने छह दशकों तक, अँधेरे शक्तियों वाली एक जादुई अंगूठी वहन करने का प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया l धीरे-धीरे उसकी संक्षारक(corrosive) प्रकृति/स्वभाव से परेशान होकर, वह जादूगर गंडाल्फ़ से कहता है, “क्यों, मैं बिलकुल दुबला, फैला हुआ महसूस करता हूँ, यदि आप जानते हैं कि मेरा क्या मतलब है : मक्खन की तरह जिसे रोटी पर बहुत अधिक खुरच दिया गया है l” वह आराम की खोज में अपना घर छोड़ने का फैसला करता है, कहीं “शांति और सुकून में, जहाँ आसपास बहुत सारे सम्बन्धी/रिश्तेदार न हों l”
टॉकिन की कहानी का यह पहलु मुझे पुराने नियम के एक नबी के अनुभव की याद दिलाता है l इज़ेबेल से भागते समय और झूठे नबियों के साथ युद्ध के बाद थके हुए एलिय्याह को कुछ आराम की सख्त ज़रूरत थी l कमजोर महसूस करते हुए, उसने परमेश्वर से उसे मरने देने की प्रार्थना करते हुए कहा, " हे यहोवा, बस है”(1 राजा 19:4) l उसके सो जाने के बाद, परमेश्वर के दूत ने उसे जगाया ताकि वह खा-पी सके l वह फिर सो गया, और बाद में स्वर्गदूत द्वारा दिया गया भोजन अधिक खा लिया l पुनः ऊर्जा प्राप्त करने के बाद, उसके पास परमेश्वर के पर्वत तक चालीस दिन की पैदल यात्रा के लिए पर्याप्त शक्ति थी l
जब हम थके हुए महसूस करते हैं, तो हम भी सच्ची ताज़गी के लिए परमेश्वर की ओर देख सकते हैं l हमें अपने शरीर की देखभाल करने की आवश्यकता हो सकती है, साथ ही हम उससे उसकी आशा, शांति और विश्राम से भरने के लिए भी प्रार्थना करते हैं l यहाँ तक कि जैसे स्वर्गदूत ने एलिय्याह की देखभाल की, हम भरोसा कर सकते हैं कि परमेश्वर हम पर अपनी ताज़गी भरी उपस्थिति प्रदान करेगा (मत्ती 11:28 देखें) l

परमेश्वर का प्रबंध
जून 2023 में जब एक से तेरह साल की उम्र के चार भाई-बहन कोलोम्बिया के अमेज़न जंगल में जीवित पाए गए तो संसार आश्चर्यचकित रह गया l एक विमान दुर्घटना के बाद भाई-बहन चालीस दिनों तक जंगल में जीवित रहे, जिसमें उनकी माँ की मृत्यु हो गयी थी l बच्चे, जो जंगल के कठोर इलाके से परिचित थे, जंगली जानवरों से पेड़ों के तनों में छिपते थे, झरनों और बारिश से पानी बोतलों में इकठ्ठा करते थे, और मलबे से कसावा/tapioca(एक प्रकार का जड़) का आटा खाते थे l वे यह भी जानते थे कि कौन से जंगली फल और बीज खाने के लिए सुरक्षित हैं l
परमेश्वर ने भाई-बहनों को सहारा दिया l
उनकी अविश्वसनीय कहानी मुझे याद दिलाती है कि कैसे परमेश्वर ने चालीस वर्षों तक मरुभूमि में इस्राएलियों को चमत्कारिक ढंग से जीवित रखा था, जो कि निर्गमन और गिनती की पुस्तकों में अंकित है और पूरे बाइबल में उल्लेख किया गया है l उसने उनके प्राणों की रक्षा की ताकि वे जानें कि वह उनका परमेश्वर है l
परमेश्वर ने कड़वे झरने के पानी को पीने योग्य बना दिया, चट्टान से दो बार पानी उपलब्ध कराया, और दिन में बादल के खम्भे और रात में आग के खम्भे में अपने लोगों का मार्गदर्शन किया l उसने उनके लिए मन्ना भी उपलब्ध कराया l “मूसा ने उनसे कहा, ‘यह वही भोजन वस्तु है जिसे यहोवा तुम्हें खाने के लिए देता है l जो आज्ञा यहोवा ने दी है वह यह है : तुम उसमें से अपनी आवश्यकता के अनुसार खाने के लिए बटोरा करना’”(निर्गमन 16:15-16) l
वही परमेश्वर हमें “हमारी प्रतिदिन की रोटी” देता है(मत्ती 6:11) l हम उस पर भरोसा कर सकते हैं कि वह “उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है, तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा”(फिलिप्पियों 4:19) l हम कितने सामर्थी परमेश्वर के उपासक हैं!