श्रेणी  |  odb

मीठी नींद

सैल के दिमाग में बुरी यादें और आरोप लगाने वाले सन्देश भर गए l नींद उससे दूर थी क्योंकि उसके हृदय में डर भर गया था और उसकी त्वचा पर पसीना आ गया था l यह उसके बप्तिस्में से पहले की रात थी, और वह दुष्ट विचारों के आक्रमण को रोक नहीं सका l सैल को यीशु से मुक्ति मिल गयी थी और वह जानता था कि उसके पाप माफ़ कर दिए गए हैं, लेकिन आत्मिक लड़ाई जारी रही l तभी उसकी पत्नी ने उसका हाथ थाम लिया और उसके लिए प्रार्थना की l कुछ क्षण बाद, सैल के दिल में डर की जगह शांति ने ले ली l वह उठा और उसने वे शब्द लिखे जो वह बप्तिस्मा लेने से पहले साझा करेगा—कुछ ऐसा जो वह करने में सक्षम नहीं था l इसके बाद उसे मीठी नींद का अनुभव हुआ l 

राजा दाऊद भी जानता था कि एक बेचैन रात कैसी महसूस होती है l अपने बेटे अबशालोम से भागना जो उसका सिंहासन चुराना चाहता था (2 शमुएल 15-17), वह जानता था कि “दस हज़ार मनुष्य . . . [उसके] विरुद्ध चारों ओर पांति बांधे खड़े” थे (भजन 3:6) l दाऊद ने विलाप करते हुए कहा, “मेरे सतानेवाले . . . बहुत हैं” (पद.1) l हालाँकि डर औए संदेह पर जीत हासिल की जा सकती थी, फिर भी उसने अपने “ढाल” यानि परमेश्वर को पुकारा (पद.3) l बाद में, उसने पाया कि वह “लेट सकता है और सो सकता है . . . क्योंकि यहोवा [उसे] संभालता है” (पद.5) l 

जब भय और संघर्ष हमारे मन को जकड़ लेते हैं और आराम की जगह बेचैनी ले लेती है, तो ईश्वर से प्रार्थना करने पर आशा मिलती है l हालाँकि हमें सैल और दाऊद की तरह तत्काल मीठी नींद का अनुभव नहीं हो सकता है, “शांति से [हम] लेट सकते हैं और . . .निश्चित [रह सकते हैं]”(4:8) l क्योंकि परमेश्वर हमारे साथ है और वह हमारा विश्राम होगा l

भाग्य नहीं, लेकिन मसीह

डिस्कवर पत्रिका बताती है कि सृष्टि में लगभग 700 क्विनटिलियन(7 के बाद 20 शून्य) ग्रह हैं, लेकिन पृथ्वी जैसा केवल एक ही है l खगोलभौतिकीविद्(Astrophysicist) एरिक जैक्रिसन ने कहा कि जीवन को बनाए रखने के लिए किसी ग्रह की आवश्यकताओं में से एक “गोल्डीलॉक्स(Goldilocks)” क्षेत्र में परिक्रमा करना है, जहाँ तापमान बिलकुल सही है, और पानी मौजूद हो सकता है l 700 क्विनटिलियन ग्रहों में से, पृथ्वी एक ऐसा ग्रह प्रतीत होता है जहाँ स्थितियाँ बिलकुल सही है l जैक्रिसन ने निष्कर्ष निकाला कि पृथ्वी को किसी तरह “काफी भाग्यशाली सफलता(fairly lucky hand)” मिली है l 

पौलुस ने कुलुस्से के विश्वासियों को निश्चय दिया कि सृष्टि किस्मत के कारण नहीं, बल्कि यीशु के कार्य के कारण अस्तित्व में है l प्रेरित मसीह को संसार के रचयिता के रूप में प्रस्तुत करता है : “क्योंकि उसी में सारी वस्तुओं की सृष्टि हुयी” (कुलुस्सियों 1:16) l न केवल यीशु संसार का शक्तिशाली निर्माता था, बल्कि पौलुस कहता है कि “सब वस्तुएँ उसी में स्थिर रहती हैं” (पद.17)—एक ऐसा संसार जो न बहुत गर्म है और न बहुत ठंडा, बल्कि एक ऐसा संसार जो मानव अस्तित्व के लिए बलकुल सही है l यीशु ने जो बनाया, वह अपनी सम्पूर्ण बुद्धि और अनवरत शक्ति से कायम है l 

जब हम सृष्टि की सुन्दरता में भाग लेते हैं और उसका आनंद लेते हैं, आइए किस्मत की निरुद्देश्य गतिविधि की ओर इशारा न करें, बल्कि उद्देश्यपूर्ण, संप्रभु, शक्तिशाली और प्रेमपूर्ण व्यक्ति की ओर इशारा करें, जिसके पास “[परमेश्वर की] सभी पूर्णता” है (पद.19) l 

साथ में बेहतर

एक फोटोग्राफर ने स्टारलिंग(गहरे रंग का एक छोटा पक्षी) और उनके मनमोहक दृश्य, जिसे गुनगुनाना(murmurations) कहा जता है, की तस्वीरें खींचने में कई साल बिताए, जहाँ हज़ारों स्टारलिंग आकाश में तरल गति से उड़ते हैं l एक नियोजित, घूमती हुए लहर या नमूना/पैटर्न के बहुरूपदर्शक(kaleidoscope) में बहते हुए एक विशाल, गहरे ब्रुशस्ट्रोक (brushstroke) के नीचे बैठने जैसा है l डेनमार्क में, वे इस अस्फुट भाषा/गुनगुनाने वाले अनुभव को ब्लैक सन(Black Sun) कहते हैं l सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि कैसे स्टारलिंग पक्षी सहज रूप से अपने निकटतम साथी का अनुसरण करते हैं, इतने करीब उड़ते हैं कि अगर कोई चूक जाए, तो उन्हें बड़े पैमाने पर आपदा का सामना करना पड़ेगा l हालाँकि, स्टारलिंग एक दूसरे की रक्षा के लिए अस्फुट भाषा का उपयोग करते हैं l जब एक बाज़ नीचे आता है, तो ये छोटे जिव सामूहिक रूप से आगे बढ़ते हैं, शिकारी को पीछे छोड़ते हैं जो अकेले होने पर उन्हें आसानी से उठा ले जा सकता है l 

हम अकेले होने की तुलना में एक साथ बेहतर हैं l सभोपदेशक कहता है, “एक से दो अच्छे हैं . . . क्योंकि यदि उनमें से एक गिरे, तो दूसरा उसको उठाएगा . . फिर यदि दो एक संग सोएँ तो वे गर्म रहेंगे” (4:9-11) l अकेले, हम अलग-थलग हैं और आसान शिकार हैं l हम दूसरों के आश्वासन या सुरक्षा के बिना असुरक्षित हैं l 

लेकिन साथियों के साथ हम मदद देते और लेते हैं l सभोपदेशक कहता हैं, “यदि कोई अकेले पर प्रबल हो तो हो, परन्तु दो उसका सामना कर सकेंगे l जो डोरी तीन तागे से बटी हो वह जल्दी नहीं टूटती” (पद.12) l हम एक साथ बेहतर हैं क्योंकि ईश्वर हमारी अगुवाई करता है l 

अजनबी का स्वागत

एवरीथिंग सैड इज़ अनट्रू(Everything Sad Is Untrue) में, डैनिएल नेयरी ने अपनी माँ और बहन के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका में एक शरणार्थी शिविर के द्वारा उत्पीड़न से सुरक्षा तक की अपनी कष्टदायक उड़ान का वर्णन किया है l एक बुजुर्ग दम्पति उनके आर्थिक संरक्षक बनने के लिए सहमत हो गए, हालाँकि वे उन्हें नहीं जानते थे l वर्षों बाद भी, डैनिएल अभी भी इससे उबर नहीं पाया है l वे लिखते हैं, “क्या आप इस पर विश्वास कर सकते हैं? पूरी तरह से दृष्टिहीन होकर, उन्होंने ऐसा किया l वे हमसे कभी मिले भी नहीं l और अगर हम ईमानदार नहीं निकले, तो उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी l वह तो लगभग उतना ही बहादुर, दयालु और लापरवाह है जितना मैंने किसी भी व्यक्ति के बारे में सोच सकता हूँ l” 

फिर भी ईश्वर चाहता है कि हम दूसरों के प्रति उस स्तर की चिंता रखें l उन्होंने इस्राएल से कहा कि वह विदेशियों के प्रति दयालु रहे l “उससे अपने ही समान प्रेम रखना; क्योंकि तुम भी मिस्र देश में परदेशी थे” (लैव्यव्यवस्था 19:34) l वह यीशु में विश्वास करने वाले गैर-यहूदी विश्वासियों को याद दिलाता है—अर्थात हम में से कई लोग—कि एक बार हम “मसीह से अलग” थे . . . प्रतिज्ञा की वाचाओं के भागी न थे, और आशाहीन और जगत में ईश्वररहित थे” (इफिसियों 2:12) l इसलिए वह हम सभी पूर्व विदेशियों, चाहे यहूदी हो या गैरयहूदी, को आदेश देता है कि हम “अतिथि-सत्कार करना न [भूलें]” (इब्रानियों 13:2) l 

अब अपने स्वयं के परिवार के साथ बड़े होकर, डैनिएल जिम और जीन डॉसन की प्रशंसा करते हैं, “जो इतने मसीही थे कि उन्होंने शरणार्थियों के एक परिवार को अपने साथ तब तक रहने दिया जब तक कि उन्हें घर नहीं मिल गया l” 

ईश्वर अजनबी का स्वागत करता है और हमसे भी उनका स्वागत करने का आग्रह करता है l