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बिना सोचे समझे खतरे की ओर आगे बढ़ना

1892 में, हैजा से पीड़ित एक निवासी ने गलती से यह बीमारी एल्बे नदी के माध्यम से जर्मनी की संपूर्ण जल आपूर्ति हैम्बर्ग तक फैला दी। कुछ ही हफ्तों में दस हजार नागरिक मर गये। आठ साल पहले, जर्मन सूक्ष्म जीवविज्ञानी (microbiologist) रॉबर्ट कॉख ने एक खोज की थी: हैजा पानी से होने वाली बीमारी है जो तेजी से फैलती है। कॉख के इस प्रकटन ने बड़े यूरोपीय शहरों के अधिकारियों को अपने पानी की सुरक्षा के लिए फिल्ट्रेशन प्रणाली (पानी साफ करने की एक विधि) में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। हालाँकि, हैम्बर्ग के अधिकारियों ने कुछ नहीं किया। लागतों का हवाला देते हुए और संदेहपूर्ण विज्ञान का आरोप लगाते हुए, उन्होंने स्पष्ट चेतावनियों को नजरअंदाज कर दिया, जबकि उनका शहर तबाही की ओर अग्रसर था। 
नीतिवचन की किताब हममें से उन लोगों के बारे में बहुत कुछ कहती है जो मुसीबत देखते हैं फिर भी कोई कदम उठाने या काम करने से इनकार कर देते हैं। "बुद्धिमान व्यक्ति खतरे को पहले से ही भांप लेता है और सावधानी बरतता है।” (27:12)। जब परमेश्वर हमें आगे आने वाले खतरे को देखने में मदद करता है, तो खतरे को दूर करने के लिए कोई कदम उठाना या काम करना सही समझ है। हम समझदारी से रास्ता बदलते हैं। या हम उसके द्वारा प्रदान की जाने वाली उचित सावधानियों के साथ स्वयं को तैयार करते हैं। लेकिन हम कुछ तो अवश्य ही करते हैं I कुछ न करना पूर्णतया पागलपन है। हालाँकि, हम सभी चेतावनी संकेतों को नज़रअंदाज़ करने में विफल हो सकते हैं और आपदा की ओर बढ़ सकते हैं। "भोले लोग आगे बढ़े चले जाते और हानि उठाते है” (पद-12)। 
पवित्रशास्त्र में और यीशु के जीवन के द्वारा, परमेश्वर हमें अनुसरण करने का मार्ग दिखाते हैं और हमें निश्चित रूप से आने वाली मुसीबतों के बारे में चेतावनी देते हैं। यदि हम मूर्ख हैं, तो हम बिना सोचे समझे खतरे की ओर आगे बढ़ सकते है या इसके बजाय, जब वह अपनी कृपा से हमारा नेतृत्व करता है, तो क्या हम उसकी बुद्धि पर ध्यान दे सकते हैं और अपना रास्ता बदल सकते हैं।  
-विन्न कोल्लियर 

मसीह, हमारा सच्चा प्रकाश है

"रौशनी की ओर जाओ!" जब हम हाल ही में रविवार की दोपहर को एक बड़े शहर के अस्पताल से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहे थे तो मेरे पति ने यही सलाह दी। हम एक दोस्त से मिलने गए थे, और जब हम लिफ्ट से बाहर निकले, तो सप्ताहांत के घंटों के दौरान हमें सामने के दरवाज़ों और कोलोराडो की शानदार धूप की ओर रास्ता दिखाने वाला  कोई नहीं मिला। आधे रौशनी वाले हॉलवे (गलियारा) में घूमते हुए, आखिरकार हमें एक आदमी मिला जिसने हमारी उलझन को देखा। "ये सभी हॉलवे एक जैसे दिखते हैं," उसने कहा। बाहर का रास्ता इस तरफ़ से है।" उसके निर्देशों से, हमें निकास द्वार मिले -जो वास्तव में, तेज धूप की ओर ले जाते थे। 
यीशु ने भ्रमित, खोए हुए अविश्वासियों को उनके आत्मिक अंधकार से बाहर निकलने के लिए आमंत्रित किया। “जगत की ज्योति मैं हूँ। जो मेरे पीछे हो लेगा, वह कभी अन्धकार में न चलेगा, परन्तु जीवन की ज्योति पाएगा” (यूहन्ना 8:12)। उसकी ज्योति  में, हम बाधाओं, पाप और अस्पष्ट स्थानों को देख सकते हैं, उसे हमारे जीवन से ऐसे अंधकार को दूर करने की अनुमति दे सकते हैं  क्योंकि वह हमारे दिलों में और हमारे रास्ते पर अपनी रोशनी चमकाता है। आग के उस खम्भे की तरह जो इस्राएलियों की जंगल में अगुवाई करता था।मसीह का प्रकाश हमें परमेश्वर की उपस्थिति, सुरक्षा और मार्गदर्शन प्रदान करता है। 
जैसा कि यहुन्ना ने समझाया, यीशु "सच्ची ज्योति" है (यूहन्ना 1:9) और "अंधकार ने उसे ग्रहण न किया"(पद-5) । जीवन में भटकने के बजाय, हम उससे मार्गदर्शन मांग सकते हैं क्योंकि वह हमें रास्ता दिखाता है। 
-पैट्रिशिया रेबोन 

बगीचे में

मेरे पिताजी को बाहर, परमेश्वर की सृष्टि के बीच में रह कर कैंपिंग करना, मछली पकड़ना और रॉक-क्लाइम्बिंग करना पसंद था। उन्हें अपने आँगन और बगीचे में काम करने में भी आनंद आता था। लेकिन इसमें बहुत मेहनत लगी! उन्होंने छँटाई, गुड़ाई, बीज या फूल रोपने, खरपतवार निकालने, लॉन की घास काटने और आँगन तथा बगीचे में पानी देने में घंटों बिताये। परिणाम इसके योग्य थे - एक सुंदर लॉन, स्वादिष्ट टमाटर और सुंदर शांति गुलाब (peace roses)। हर साल वह गुलाबों को जमीन के करीब से काटते थे, और हर साल वे वापस उग आते थे और हमें अपनी सुगंध और सुंदरता से भर देते थे। 
उत्पत्ति में, हम अदन के बगीचे के बारे में पढ़ते हैं जहाँ आदम और हव्वा रहते थे, फले-फूले और परमेश्वर के साथ रहते थे । वहाँ, परमेश्वर ने "भूमि से सब भांति के वृक्ष, जो देखने में मनोहर और जिनके फल खाने में अच्छे है उगाए” (उत्पत्ति 2:9)। मैं कल्पना करता हूं कि उस आदर्श बगीचे में सुंदर, मीठी महक वाले फूल भी शामिल थे - शायद कांटों के बिना गुलाब के फूल भी  ! 
परमेश्वर के विरुद्ध आदम और हव्वा के विद्रोह के बाद, उन्हें बगीचे से निकाल दिया गया और फिर उन्हें अपने बगीचे लगाने और उनकी देखभाल करने की आवश्यकता पड़ी, जिसका अर्थ था कठोर भूमि को तोड़ना, कांटों से लड़ना और अन्य चुनौतियाँ (3:17-19, 23-24)I फिर भी परमेश्वर ने उनका भरण पोषण करना जारी रखा (पद 21)। और उसने हमें उसकी ओर आकर्षित करने के लिए सृष्टि की सुंदरता के बिना मानवता को नहीं छोड़ा   (रोमियों 1:20) बगीचे में फूल हमें परमेश्वर  के निरंतर प्रेम और नवीनीकृत सृष्टि के वादे की याद दिलाते हैं - आशा और आराम के प्रतीक! 
-एलीसन काइडा 

सूची में सबसे पहले

सुबह की शुरुआत एक दौड प्रतियोगिता (track meet) की तरह हुई। दिन भर के सभी कामों को समय-सीमा के भीतर समाप्त करने के लिए मैं लगभग अपने बिस्तर से कूद कर बाहर निकला । बच्चों को स्कूल ले जाना । चेक । काम पर जाना। चेक । मैंने अपनी “काम को करने" की सूची लिखने में पूरा ज़ोर लगा दिया, जिसमें व्यक्तिगत और व्यावसायिक कार्य, बर्फीले तूफान जैसी सूची की तरह एक साथ गिरे: 
“. . . 13. लेख संपादित करना 14. ऑफिस साफ़ करना 15. रणनीतिक टीम योजना बनाना. 16. व्यवसायिक  ब्लॉग लिखना. 17. बेसमेंट साफ़ करना 18. प्रार्थना करना।” जब मैं अठारहवें नंबर पर पहुंचा, तब मुझे याद आया कि मुझे परमेश्वर की मदद की ज़रूरत है। लेकिन काफी दूर अकेले जाने के बाद मुझे यह एहसास होता कि मैं तो अपनी खुद की गति तय करने की कोशिश कर रहा हूं I 
यीशु जानते थे; उन्हें पता था कि हमारे दिन, लगातार होने वाली अत्याधिक आवश्यकता के सागर में एक-दूसरे से टकराते रहेंगे । इसलिए उन्होंने निर्देश दिया, “पहले तुम परमेश्वर के राज्य और उसके धर्म की खोज करो, तो ये सब वस्तुएँ भी तुम्हें मिल जाएंगी।“  (मत्ती 6:33)। यीशु के शब्दों को एक आदेश के रूप में सुनना स्वाभाविक है। और वे हैं भी। लेकिन यहां और भी कुछ है—एक निमंत्रण। मत्ती 6 में, यीशु हमें दिन-ब-दिन विश्वास के जीवन के लिए दुनिया की उत्तेजित करने वाली चिंता (पद 25-32) का आदान-प्रदान करने के लिए आमंत्रित करते है। परमेश्वर, अपनी कृपा से, हमारे सभी दिनों में हमारी मदद करते है - तब भी जब हम अपने जीवन को उनके दृष्टिकोण से देखने से पहले ही अपनी काम करने की सूची के अठारहवें नंबर पर पहुँच जाते है I 
 -एडम आर. होल्ज़ 

आपके पास जो है उसे मसीह के लिए उपयोग करें

क्या आपने कभी द सोइंग हॉल ऑफ फ़ेम (The Sewing Hall of Fame) के बारे में सुना है? 2001 में स्थापित, यह उन लोगों को मान्यता देता है जिन्होंने "सिलाई शिक्षा और उत्पाद विकास के माध्यम से अनोखे और परिवर्तनात्मक योगदान के साथ घरेलू सिलाई उद्योग पर अपना स्थायी प्रभाव डाला है।" इसमें मार्था पुलेन जैसी महिला हैं, जिन्हें 2005 में हॉल में शामिल किया गया था, जिन्हें "नीतिवचन 31 महिला के रूप में वर्णित किया गया है। अपनी शक्ति, प्रेरणा और आशीष के स्रोत को सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने में कभी असफल नहीं हुई।'' 
सोइंग हॉल ऑफ फ़ेम इक्कीसवीं सदी का आविष्कार है, लेकिन अगर यह इज़राइल में पहली सदी के आसपास होता, तो तबीता इसमें प्रवेश करने वालीप्रथम महिला होतीं ।  तबीता यीशु में विश्वास करने वाली और सीनेवाली स्त्री थी जो अपने समुदाय की गरीब विधवाओं के लिए सिलाई करके अपना समय बिताती थी (प्रेरितों 9:36, 39)। जब वह बीमार हो गई और मर गई, तो शिष्यों ने पतरस को यह देखने के लिए बुलाया कि क्या परमेश्वर उनके माध्यम से कोई चमत्कार करेंगे। जब वह पहुंचे, तो रोती हुई विधवाओं ने उन्हें वस्त्र और अन्य कपड़े दिखाए जो तबीता ने उनके लिए बनाए थे (पद- 39)। ये कपड़े उसके शहर में गरीबों के लिए "हमेशा भला करने" का सबूत थे (पद- 36)। परमेश्वर की शक्ति से, तबीता  को एक बार फिर से जीवन मिल गया। 
परमेश्वर हमें बुलाते हैं और हमें हमारे समुदाय और दुनिया में मौजूद जरूरतों को पूरा करने के लिए हमारे कौशल का उपयोग करने के लिए तैयार करते हैं। आइए हम अपने कौशल को यीशु की सेवा में दे और देखें कि वह ह्रदयों और जीवन को एक साथ जोड़ने के लिए हमारे प्रेम के कार्यों का उपयोग कैसे करेगा (इफिसियों 4:16)। 
-मार्विन विलियम्स