डोरी जो उपयोग करने के लिए बहुत छोटी है
आंटी मार्गरेट की कमखर्ची प्रसिद्ध थी। उसके गुजर जाने के बाद, उसकी भतीजियों ने उसके सामान को छांटने का पुरानी यादों से भरा दुःख और ख़ुशी का काम शुरू किया। । उन्होंने एक दराज में, बड़े करीने से एक छोटे से प्लास्टिक बैग के अंदर, डोरी के छोटे टुकड़ों के कई चीज़ें को पाया। लेबल पर लिखा था : “डोरी उपयोग करने के लिए बहुत छोटी है।“ किसी को किसी ऐसी चीज़ को रखने और श्रेणीबद्ध करने के लिए क्या प्रेरित करेगा जिसे वह जानता हो कि वह किसी काम की नहीं है? शायद यह व्यक्ति कभी अत्यधिक तंगी जानता था।
जब इस्राएली मिस्र की गुलामी से भागे थे, तो वे अपने पीछे कठिनाई भरा जीवन छोड़ आए थे। लेकिन वे जल्द ही उनको वहाँ से निकालने में परमेश्वर के चमत्कारी हाथ को भूल गए और भोजन की कमी की शिकायत करने लगे। परमेश्वर चाहता था कि वे उस पर भरोसा करें। जंगल में उनके भोजन के लिए उसने उन्हें मन्ना दिया, उसने मूसा से कहा, “ये लोग प्रतिदिन बाहर जाकर प्रतिदिन का भोजन इकठ्ठा करेंगे” (निर्गमन 16:4) । परमेश्वर ने उन्हें यह भी निर्देश दिया कि वे छठे दिन दूना इकट्ठा करें, क्योंकि सब्त के दिन कोई मन्ना नहीं गिरेगा (पद. 5,25) । कुछ इस्राएलियों ने सुना । कुछ ने नहीं सुनी, जिसका परिणाम पूर्वानुमानित था। (पद. 27-28) ।
बहुतायत के समय में और निराशा के समय में, नियंत्रित करने की बेताब कोशिश में, पकड़े रखना और जमाखोरी करना ललचानेवाला हो सकते हैं। पर सब कुछ अपने उत्तेजित हाथों में लेने की आवश्यकता नहीं है। “डोरी के टुकड़े जमा करने” की आवश्यकता नहीं है—या कुछ भी जमा करने की आवश्यकता नहीं है । हमारा विश्वास परमेश्वर पर है, जिसने प्रतिज्ञा की है, “मैं तुझे कभी न छोडूंगा; मैं तुझे कभी न त्यागूंगा” (इब्रानियों 13:5) ।

यीशु की तरह प्रेम करना
अटलांटा, जॉर्जिया के एक स्टेशन पर ट्रेन की प्रतीक्षा करते समय, ड्रेस पैंट (औपचारिक स्थितियों में पहनने के लिए उपयुक्त पैंट ) और बटन डाउन शर्ट (कॉलर के प्रत्येक सिरे के नीचे एक बटन है जिसे आप बांध सकते हैं) पहने एक युवक एक बेंच पर बैठा था । एक बुजुर्ग महिला ने देखा कि उसे टाई बाँधने में कठिनाई हो रही थी, तो उसने अपने पति को मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया । जब बुजुर्ग व्यक्ति झुका और युवक को टाई बांधने का तरीका सिखाने लगा, तो एक अजनबी ने तीनों की तस्वीर ले ली। जब यह तस्वीर ऑनलाइन वायरल हुई, तो कई दर्शकों ने दयालुता के एकाएक प्रदर्शन की शक्ति के बारे में टिप्पणियां लिखी
यीशु में विश्वासियों के लिए, दूसरों के प्रति दया उस आत्म-बलिदान देखभाल को दर्शाती है जो उसने हम जैसे लोगों के लिए दिखाई । यह परमेश्वर के प्रेम की अभिव्यक्ति है और वह चाहता है कि उसके चेले इसे जीएँ : “ हम एक दूसरे से प्रेम रखें” (1 यूहन्ना 3:11) । यूहन्ना भाई या बहन से घृणा करने को हत्या के समान ठहराता है (पद. 15) । फिर वह कार्य में प्रेम के उदाहरण के रूप में है मसीह की ओर मुड़ता है (पद.16) ।
निःस्वार्थ प्रेम को बलिदान का एक असाधारण प्रदर्शन नहीं होना चाहिए। इसके लिए हमें हर दिन परमेश्वर के सभी छवि धारकों (जो उसके स्वरुप के है) की जरूरतों को अपनी जरूरतों से ऊपर रखकर उनके मूल्य को स्वीकार करना होगा। वे सामान्य प्रतीत होने वाले क्षण जब हम दूसरों की जरूरतों पर ध्यान देने के लिए पर्याप्त देखभाल करते हैं और जो हम मदद कर सकते हैं वह करते हैं, निस्वार्थ होते हैं, जब हम प्रेम से प्रेरित होते हैं । जब हम अपने व्यक्तिगत स्थान से परे देखते हैं, दूसरों की सेवा करने और देने के लिए अपने सुविधा क्षेत्र से बाहर निकलते हैं, खासकर जब हमें देने की ज़रूरत नहीं होती है, तो हम यीशु की तरह प्रेम करते हैं I

क्षमा की शक्ति
2021 की एक समाचार रिपोर्ट में सत्रह मिशनरियों के बारे में बताया गया था जिनका एक गिरोह द्वारा अपहरण कर लिया गया था । गिरोह ने फिरौती की मांग पूरी नहीं होने पर समूह (बच्चों सहित) को मारने की धमकी दी। अविश्वसनीय रूप से, सभी मिशनरियों को या तो रिहा कर दिया गया या वे आज़ाद हो गए। सुरक्षा तक पहुँचने पर, उन्होंने अपने क़ैदियों को एक संदेश भेजा : “यीशु ने हमें वचन और अपने उदाहरण से सिखाया कि क्षमाशील प्रेम की शक्ति हिंसक बल की घृणा से अधिक मजबूत है। इसलिए, हम आपको क्षमा करते हैं ।”
यीशु ने स्पष्ट किया कि क्षमा शक्तिशाली है । उसने कहा, “यदि तुम मनुष्य के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा” (मत्ती 6:14) । बाद में, पतरस को उत्तर देते हुए, मसीह ने बताया कि हमें कितनी बार क्षमा करना चाहिए : “मैं तुझ से यह नहीं कहता कि सात बार तक वरन् सात बार के सत्तर गुने तक” (18:22; देखें पद. 21-35) । और क्रूस पर, उसने ईश्वरीय क्षमा का प्रदर्शन किया जब उसने प्रार्थना की, “हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं” (लूका 23:34)
जब दोनों पक्ष चंगाई और मेल-मिलाप की ओर बढ़ते हैं, तब पूर्ण रूप से क्षमा को महसूस किया जा सकता है । और जबकि यह किए गए नुकसान के प्रभावों को दूर नहीं करता है, या दर्दनाक या अस्वास्थ्यकर संबंधों को संबोधित करने के तरीके में विवेकपूर्ण होने की आवश्यकता को, पर यह पुनर्स्थापित लोगों की ओर ले जा सकता है- जो ईश्वर के प्रेम और शक्ति की गवाही देता है। । आइए उसकी महिमा के लिए “क्षमा फैलाने” के तरीकों की तलाश करें।

सृष्टि को खोजना
क्रुबेरा-वोरोंजा, जॉर्जिया के यूरेशियन देश में, पृथ्वी ग्रह पर अभी तक खोजी गई सबसे गहरी गुफाओं में से एक है । खोजकर्ताओं की एक टीम ने इसकी ज्यादातर खड़ी गुफाओं की 2197 मीटर यानी पृथ्वी में 7208 फीट तक की अंधेरी और डरावनी गहराइयों की जांच की है। इसी तरह की गुफाएँ, उनमें से लगभग चार सौ, देश के अन्य भागों और दुनिया भर में मौजूद हैं । हर समय और गुफाओं की खोज की जा रही है और गहराई के नए रिकॉर्ड स्थापित किए जा रहे हैं।
सृष्टि के रहस्य प्रकट होते रहते हैं, हम जिस सृष्टि में रहते हैं, उसके बारे में हमारी समझ को बढ़ाते हैं और हमें पृथ्वी पर परमेश्वर की हस्तकला की अतुलनीय रचनात्मकता पर आश्चर्यचकित कर देता है जिसकी देखभाल के लिए परमेश्वर ने हमें बुलाया है (उत्पत्ति 1:26-28) । भजनकार हम सभी को उसकी महानता के कारण “ऊँचे स्वर से गाने” और “जयजयकार करने” के लिए आमंत्रित करता है (पद. 1) । जब हम कल पृथ्वी दिवस मनाएंगे, तो आइए हम परमेश्वर के सृजन के अविश्वसनीय कार्य पर विचार करें; इसमें जो कुछ है, चाहे हमने इसे अभी तक खोजा हो या नहीं—हमारे लिए आराधना में झुककर दण्डवत् का कारण है (पद. 6) l
वह न केवल अपनी सृष्टि के विशाल, भौतिक स्थानों को जानता है; वह हमारे हृदय की अत्यंत गहराइयों को भी जानता है । और जॉर्जिया की गुफाओं के विपरीत नहीं, हम जीवन में अंधेरे और शायद डरावने मौसम से गुजरेंगे, फिर भी हम जानते हैं कि परमेश्वर उन समयों को भी अपने शक्तिशाली तथापि कोमल देखभाल में रखता है । भजनकार के शब्दों में, हम उसकी प्रजा, उसके “हाथ की भेड़ें हैं” (पद. 7) ।

गहरी चंगाई
ईस्टर रविवार 2020 में, प्रसिद्ध क्राइस्ट द रिडीमर प्रतिमा, जो ब्राजील के रियो डी जनेरियो को अनदेखी करती है, को इस तरह से रोशन किया गया था कि ऐसा लग रहा था कि यीशु ने एक चिकित्सक की पोशाक पहन रखी है। एक डॉक्टर के रूप में मसीह का मार्मिक चित्रण कोरोनोवायरस महामारी से जूझ रहे कई फ्रंटलाइन स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि थी। यह चित्रकारी हमारे महान चिकित्सक के रूप में यीशु के सामान्य विवरण को जीवंत करती है (मरकुस 2:17)।
यीशु ने अपनी सांसारिक सेवकाई के दौरान कई लोगों को उनके शारीरिक कष्टों से चंगा किया : कुछ उदहारण जैसे : अंधा बरतिमाई (10:46-52), एक कोढ़ी (लूका 5:12-16), और एक लकवाग्रस्त (मत्ती 9:1-8)। उसका अनुसरण करने वालों के स्वास्थ्य के लिए भी उसकी देखभाल इस बात से दिखाई दी जब भूखी भीड़ के लिए एक साधारण भोजन को भी उसने इतना गुणा बड़ा दिया कि बड़ी भीड़ ने खाया (यूहन्ना 6:1-13)। इनमें से प्रत्येक आश्चर्यक्रम यीशु की शक्तिशाली सामर्थ और लोगों के लिए उसके सच्चे प्रेम दोनों को प्रकट करता है।
हालाँकि, चंगाई का उसका सबसे बड़ा कार्य, उसकी मृत्यु और पुनरुत्थान के द्वारा आया, जैसा भविष्यवक्ता यशायाह ने भविष्यवाणी की थी। यह “[यीशु] के कोड़े खाने से हम चंगे होते हैं” हमारे हमारे सबसे बुरे कष्टों से : हमारे पापों के परिणामस्वरूप परमेश्वर से हमारा अलगाव (यशायाह 53:5)। यद्यपि यीशु हमारी सभी स्वास्थ्य चुनौतियों को चंगा नहीं करता है, पर हम अपनी सबसे गहरी आवश्यकता की चंगाई के लिए उस पर भरोसा कर सकते हैं : चंगाई जो वह परमेश्वर के साथ हमारे रिश्ते में लाता है।