श्रेणी  |  odb

अस्पष्ट दृष्टि

मेरी सहेली मिघन प्रवीण घुड़सवार है, जिससे मैं कुछ रूचिकर बातें सीख रही हूँ। जैसे, सभी स्तनधारियों में सबसे बड़ी आँखें होने के बावजूद, घोड़ों की दृष्टि कमजोर होती है, और मनुष्यों से कम रंग देखते हैं। इस कारण, भूमि पर की वस्तुएँ हमेशा पहचान नहीं पाते। एक डण्डा लांघना सरल है, अथवा वह हानि पहुँचाने वाला एक लम्बा साँप…

आग से खेलना

बचपन में मेरी माँ ने मुझे आग से न खेलने को आगाह किया। फिर भी एक दिन मैंने जानने का निर्णय किया कि ऐसा करने से क्या होगा। मैं माचिस और कुछ का़गज लेकर, प्रयोग करने मकान के पिछवाड़ा में गया। तेज धड़कते हृदय के साथ, घुटने टेककर मैंने माचिस जलाकर का़गज में आग लगा दी।

अचानक मैंने अपनी माँ…

क्षणों की गिनती

59 की उम्र में मेरे मित्र बॉब ने लिखा, “यदि एक सामन्य जीवन के 70 वर्ष 24 घण्टे के एक दिन में सीमित कर दिए जाएँ, अभी यह मेरे जीवन में संध्या 8.30 होगा ..... समय इतनी तीव्रता से बीत रहा है।“

पृथ्वी पर हमारा समय सीमित है, इस स्वीकृति ने एक कलीई-घड़ी “टिकर“ की रचना को प्रेरित किया जो…

चमत्कारक वर्षा

चीन के यून्न प्रान्त के एक पर्वतीय भूभाग के निवासियों के लिए जीवन कठिन है। उनके भोजन का मुख्य श्रोत मक्का एवं चावल है। किन्तु 2012 के मई महीने में एक कठोर सूखे से फसल सूख गए। चिन्तित होकर सूखे का अन्त करने हेतु लोगों ने अनेक अन्धविश्वासी रिवाजों का अभ्यास किया। सब कुछ असफल होने के बाद, लोगों ने…

जागने से बेहतर

क्या आपने कभी महसूस कि आपका जीवन कुछ लज्जाजनक, निन्दनीय, अथवा यहाँ तक कि अपराधिक होने के परिणामस्वरूप तबाह हो गया था-तभी आप नींद से जागते हुए समझते हैं कि वह तो केवल एक सपना था? किन्तु यदि वह केवल एक दुःस्वप्न नहीं होता तो? यदि वह स्थिति पूरी तौर से अत्यधिक वास्तविक होती तो-आपके लिए अथवा आपके किसी प्रेमी…

हमारे पास फल है!

उस युवा माँ ने अपने तीन वर्षीय बेटी हेतु दोपहर का भोजन तैयार करते समय अपने छोटे रसोई में फलों की खाली टोकरी देखते हुए आहें भरकर बोली, “यदि केवल एक टोकरी फल होता, मैं भरपूर महसूस करती!“ छोटी लड़की ने सुन लिया।

परमेश्वर ने हफ्तों उस परिवार को सम्भाला। फिर भी, वह संघर्षरत् माँ चिन्ता करती रही। तब एक…

हम जान सकते हैं

ट्रेन में बैठकर एक विशेष काम के लिए जाते समय, मैं सोचने लगा कि मैं सही ट्रेन में था कि नहीं। मेरे लिए यह मार्ग नया था और मैं सहायता मांगने से चूक गया था। अन्ततः, अनिश्चितता और शंका से अभिभूत, मैं अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतर गया-तभी मुझे बताया गया कि मैं सही ट्रेन में था!

उस घटना…

दर्शन की घाटी

नैतिकवादियों की प्रार्थना “दर्शन की घाटी” पापी और पवित्र परमेश्वर के बीच की दूरी बताती है । मनुष्य परमेश्वर से कहता है, “आप मुझे पाप के पहाड़ों से घिरे दर्शन की घाटी में ले आए हैं ....; जहाँ से मैं आपकी महिमा देखता हूँ ।” अपनी गलतियों से अवगत्, मनुष्य आशावादी है । वह आगे कहता है, “गहरे कूँओं से…

अन्धकार को बेधना

कालेज छात्रा के रूप में मैंने उनकी पहली झलक पायी । मैं एक अति ठण्डे, शरद् ऋतु की रात शहर की रोशनी से दूर, एक भूसा-गाड़ी पर अपने शोर मचाते मित्रों के साथ जा रही थी, जब आसमान प्रकाशित हो गया और क्षितिज पर रंग बिखर गए। मैं मंत्रमुग्ध हो गई । उस रात्री से मैं उत्तरध्रुवीय प्रकाश अथवा उत्तरीय…