शांत संवाद
क्या कभी आप खुद से बात करते हैं? कभी-कभी किसी योजना पर कार्य करते हुए-अक्सर कार के अन्दर-मैं मरम्मत के लिए जोर-जोर से बोलकर, सर्वोत्तम विकल्प ढूंढ़ता हूँ l किसी का मुझे “संवाद” करते हुए देखना लज्जाजनक हो सकती है-यद्यपि हममें से अनेक प्रतिदिन खुद से बातचीत करते हैं l
भजनकार अक्सर भजनों में खुद से संवाद करते थे l भजन 116 का लेखक अलग नहीं है l पद 7 में उसने लिखा, “हे मेरे प्राण, तू अपने निवासस्थल में लौट आ; क्योंकि यहोवा ने तेरा उपकार किया है l” अतीत में परमेश्वर की भलाई और विश्वासयोग्यता खुद को याद दिलाना वर्तमान में उसके लिए व्यावहारिक सुख और सहायता है l हम अक्सर इस तरह के “संवाद” भजनों में देखते हैं l भजन 103:1 में दाऊद खुद से बोलता है, “हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कर; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे l” और भजन 62:5 में वह दृढ़तापूर्वक कहता है, “हे मेरे मन, परमेश्वर के सामने चुपचाप रह, क्योंकि मेरी आशा उसी से है l”
खुद को परमेश्वर की विश्वासयोग्यता और उसमें अपनी आशा याद करना भला है l हम भजनकार के उदहारण का अनुसरण करके खुद के प्रति परमेश्वर की अनेक भलाइयों को नाम-ब-नाम याद कर सकते हैं l ऐसा करके हम उत्साहित होते हैं l अतीत में विश्वासयोग्य रहनेवाला परमेश्वर भविष्य में भी अपना प्रेम दिखाता रहेगा l
घर की चाह
मेरी पत्नी ने कमरे में आकर मुझे बड़ी घड़ी की आलमारी में झांकते देखा l “आप क्या कर रहे हैं?” उसने पुछा l इस घड़ी की महक मेरे माता-पिता के घर जैसी है,” मैंने दरवाज़ा बंद करते हुए सुस्ती से जवाब दिया l “मेरा अनुमान है आप सोचते होंगे मुझे घर की याद आ रही थी l”
गंध प्रबल यादें जगाता है l हम उस घड़ी को 20 वर्ष पहले अपने माता-पिता के घर से लाए थे, किन्तु उसके अन्दर की लकड़ी की खुशबू आज भी मुझे मेरे बचपन की याद दिलाती है l
इब्रानियों का लेखक दूसरों के विषय बताता है जो और ही तरीके से घर की चाह रखते थे l अतीत में झाँकने की जगह, वे विश्वास से स्वर्गिक घर की ओर देख रहे थे l यद्यपि उनकी आशा बहुत दूर थी, उनका भरोसा था कि परमेश्वर अपनी प्रतिज्ञा को पूरी करते हुए उनको ऐसे स्थान में ले जाएगा जहाँ वे उसके साथ सर्वदा रहेंगे (इब्रा. 11:13-16) l
फिलिप्पियों हमें याद दिलाता है कि “हमारा स्वदेश स्वर्ग पर है,” और हमें “एक उद्धारकर्ता प्रभु यीशु मसीह के वहाँ से आने की बाट [जोहना है] l” यीशु को देखने की और परमेश्वर की प्रतिज्ञानुसार उससे सब कुछ प्राप्त करने की चाह हमें केन्द्रित रखे l हमारे लिए भविष्य में रखी बातों से अतीत या वर्तमान की तुलना नहीं हो सकती!
अक्षय प्रेम
हाल ही के एक उड़ान में विमान का अवतरण थोड़ा कठिन था, सम्पूर्ण हवाई पट्टी पर झटका देनेवाला l कुछ यात्री घबराए हुए दिखे, किन्तु तनाव ख़त्म हुआ जब पीछे बैठीं दो छोटी लड़कियाँ उल्लासित हुईं, “हाँ! फिर हो जाए!”
बच्चे नए रोमांच के लिए खुले होते हैं और जीवन को आँखें फाड़कर सरल अचरज से देखते हैं l शायद…
“क्योंकि आपने प्रार्थना की”
आप चिंता के साथ क्या करते हैं? आप उनको मन में रखते हैं, अथवा ऊपर ले जाते हैं?
जब अश्शूर के क्रूर राजा सन्हेरीब ने यरुशलेम को नष्ट करना चाहा, उसने राजा हिजकिय्याह को लिखा कि उसके द्वारा जीते गए दूसरे राष्ट्रों में यहूदा अलग नहीं होगा l हिजकिय्याह ने इस सन्देश को यरूशलेम के मंदिर में ले जाकर, “यहोवा…
सर्वोत्तम का आगमन बाकी है
आपके जीवन के अच्छे दिन पीछे हैं या आपके आगे? जीवन के विषय हमारा नज़रिया-और उस प्रश्न का हमारा उत्तर-समय के साथ बदल सकता है l बचपन में हम आगे देखकर उम्र में बढ़ना चाहते थे l और बढ़ने के बात हम अतीत की ओर देखते हैं, बच्चा बनना चाहते हैं l किन्तु परमेश्वर के संग चलने पर, उम्र हमारी…
दानी का दान
मात्र चाभी का गुच्छा l जूते के फीते से बंधे पाँच छोटे कुंदे l मेरी बेटी ने मुझे दी थी जब वह सात वर्ष की थी l आज वह पुराना होकर टूटने लगा है, किन्तु पुराना नहीं होनेवाला सन्देश देता है : “मैं पापा से ♥ करती हूँ l”
सर्वोत्तम बहुमूल्य उपहार कितने का है से नहीं किन्तु किसने दिया है…
घर में स्वागत है!
जब हम अपने बेटे के साथ चुनौतीपूर्ण समय से गुज़र रहे थे, मेरे एक मित्र ने मुझसे कहा l “मैं आप लोगों के लिए प्रतिदिन प्रार्थना करता हूँ” उसने कहा l फिर आगे कहा : “मैं दोषी महसूस करता हूँ l”
“क्यों?” मैंने पूछा l
“क्योंकि मुझे उड़ाऊ बच्चों से कभी नहीं पाला पड़ा,” उसने कहा l “मेरे बच्चे नियमों…
उत्तर की प्रतीक्षा
मेरी बेटी 15 वर्ष की उम्र में भाग गयी। वह तीन सप्ताहों तक बाहर रही। वह तीन सप्ताह हमारे जीवन का सबसे लम्बा समय था। हमने उसे सभी जगह तलाशा और कानून लागू करनेवालों से और मित्रों से सहायता मांगी। उन निराशा से भरे दिनों में, मेरी पत्नी और मैंने प्रार्थना में ठहरने का महत्व जाना। हमारी ताकत और साधन…