प्रोत्साहन का उपहार
“आपकी मधुमक्खियाँ जानेवाली हैं!” मेरी पत्नी मुझे बतायी जो कोई भी मधुमक्खी पालक सुनना पसंद नहीं करता l मैं बाहर जाकर हज़ारों मधुमक्खियों को अपने छत्ते से निकलकर ऊँचे चीड़ पर जाते देखा जो फिर लौटने वाली नहीं थीं l
मैंने संकेत थोड़ी देर से पढ़ी कि मधुमक्खियाँ झुण्ड बनाकर छत्ता छोड़ने वाली थीं; आंधी ने मेरे निरीक्षणों को बाधित कर दिया था l जिस सुबह तूफ़ान थमा, मधुमक्खियाँ जा चुकी थीं l छत्ता नया और स्वस्थ था, और मधुमक्खियाँ वास्तव में एक नयी शुरुआत करने के लिए छत्ते को विभाजित कर रही थीं l एक अनुभवी मधुमक्खी पालक ने मेरी निराशा को देखकर ख़ुशी से बोला, “अपने आप पर कठोर मत बनो l” “यह किसी के साथ भी हो सकता है!”
प्रोत्साहन एक सुखद उपहार है l जब दाऊद निराश हुआ, क्योंकि शाऊल उसको मारने हेतु उसका पीछा कर रहा था, तब शाऊल का पुत्र योनातान ने दाऊद को उत्साहित किया l योनातान ने कहा, “मत डर; क्योंकि तू मेरे पिता शाऊल के हाथ में न पड़ेगा; और तू इस्राएल का राजा होगा, और मैं तेरे नीचे हूँगा; और इस बात को मेरा पिता शाऊल जानता है” (1 शमुएल 23:17) l
ये आश्चर्यजनक रूप से निःस्वार्थ शब्द हैं जो सिंहासन के सीध में खड़े किसी व्यक्ति के हैं l यह संभव है कि योनातान ने पहचाना कि परमेश्वर दाऊद के साथ था, इसलिए उसने विश्वास के विनम्र हृदय से बात की l
हमारे चारों ओर ऐसे लोग हैं जिन्हें उत्साहवर्धन चाहिए l परमेश्वर उनकी सहायता करने में हमारी मदद करेगा जब हम उसके सामने स्वयं को दीन करते हैं और उससे हमारे द्वारा उन्हें प्रेम करने के लिए कहते हैं l
परिणामों से परे आशा
क्या आपने गुस्से में कभी कुछ ऐसा किया है जिसके लिए बाद में आपको पछतावा हुआ? जब मेरा बेटा नशे की लत से जूझ रहा था, मैंने उसके पसंद के प्रतिक्रिया में कुछ कड़वी बातें बोला। मेरे गुस्से ने उसे केवल और अधिक हतोत्साहित कर दिया। लेकिन अंत में वह विश्वासियों से मिला जिन्होंने उस से जीवन और आशा की बातें कीं, और कुछ समय में वह स्वतन्त्र हो गया।
यहाँ तक कि मूसा जैसे विश्वास में अनुकरणीय व्यक्ति ने भी कुछ ऐसा किया जिसे उसने बाद में पछताया। जब इस्राएल के लोग मरुभूमि में थे और पानी की कमी थी, तब उन्होंने कटु होकर कुड़कुड़ाया। इसलिए परमेश्वर ने मूसा और हारून को विशेष निर्देश दिए: “ ...उस चट्टान से बातें कर, तब वह अपना जल देगी;...” (गिनती 20:8) लेकिन मूसा ने क्रोध में प्रतिक्रिया व्यक्त किया, चमत्कार के लिए परमेश्वर के बजाय खुद को और हारून को श्रेय दिया: “हे बलवा करनेवालों, सुनो; क्या हमको इस चट्टान में से तुम्हारे लिये जल निकालना होगा?” (पद 10). फिर उसने सीधे परमेश्वर का अवज्ञा किया और “तब मूसा ने हाथ उठाकर लाठी चट्टान पर दो बार मारी;” (पद 11)।
भले ही पानी बहा, लेकिन इसका दुखद परिणाम हुआ। न मूसा और न ही हारून को उस देश में प्रवेश करने का अनुमति मिला जिसे परमेश्वर ने अपने लोगों से वादा किया था। परन्तु वह फिर भी दयालु थे, उन्होंने मूसा को इसे दूर से देखने का अनुमति दीया (27:12-13)।
मूसा की तरह, परमेश्वर अभी भी उसके प्रति हमारी अनाज्ञाकारिता के रेगिस्तान में हमसे दयापूर्वक मिलता है। यीशु के मृत्यु और पुनरुत्थान के द्वारा, वह हमें क्षमा और आशा प्रदान करता है। भले ही हम कहीं रहे हो या हमने कुछ किया हो, यदि हम उसकी ओर मुड़ें, तो वह हमें जीवन की तरफ अगुआई करेगा।
एक साल में बाइबिल
मेरे सामने के दरवाजे के बाहर जीवन की सुंदरता और उसकी संक्षिप्तता की याद देखने को मिलती है। पिछले वसंत में, मेरी पत्नी ने वहां मूनफ्लॉवर बेलें लगाईं थीं उनके बड़े और गोल सफेद फूलों के खिलने के कारण उसका नाम मूनफ्लॉवर दिया गया है जो एक पूरे चांद जैसा दिखाई देता है। प्रत्येक फूल एक रात के लिए खिलता है और फिर अगली सुबह तेज धूप में मुरझा जाता है, और फिर कभी नहीं खिलता। लेकिन पौधा हरा भरा रहता है, और हर शाम यह ताजे फूलों से भर जाता है। हर दिन आते जाते हम इसे देखना पसंद करते हैं और सोचते हैं कि जब हम लौटेंगे तो कौन सी नई सुंदरता हमारा स्वागत करेगी।
ये नाज़ुक फूल पवित्र शास्त्र के एक सच की याद दिलाते हैं। प्रेरित पतरस ने भविष्यद्वक्ता यशायाह के शब्दों को याद करते हुए लिखा, तुमने नाशमान नहीं, परन्तु अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवते और सदा ठहरनेवाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है। क्योंकि, सब लोग घास के समान हैं, और उनकी सारी शोभा घास के फूल के समान हैघास सूख जाती है और फूल झड़ जाते हैं1”(पतरस 1:23–25। लेकिन वह हमें विश्वास दिलाता है कि परमेश्वर अपने वादों को हमेशा के लिए पूरा करता है! (पद 25)।
एक बगीचे में फूलों की तरह, अनंत काल की तुलना में पृथ्वी पर हमारा जीवन संक्षिप्त छोटा है। लेकिन परमेश्वर ने हमारी संक्षिप्तता में सुंदरता बोली है। यीशु के सुसमाचार के द्वारा, हम परमेश्वर के साथ एक नई शुरुआत करते हैं और उनकी प्रेमपूर्ण उपस्थिति में असीमित बहुतायत के जीवन के उसके वादे पर भरोसा करते हैं। जब पृथ्वी के सूर्य और चंद्रमा केवल एक यादगार स्मृति होगे तब भी हम उसकी स्तुति करेंगे।
आशा जो पकडे रखती है
"मुझे पता है कि पिताजी घर आ रहे हैं क्योंकि उन्होंने मुझे फूल भेजे हैं।" ये मेरी सात साल की बहन के शब्द थे जब पिताजी युद्ध के दौरान कार्रवाई में गायब थे। इससे पहले कि पिताजी अपने मिशन के लिए रवाना होते, उन्होंने मेरी बहन के जन्मदिन के लिए पहले से फूलों का ऑर्डर दिया, और जब वे गायब थे तब वे आ गए। लेकिन वह सही थी: पिताजी घर लौट आए - एक कठिन युद्ध की स्थिति के बाद। और दशकों बाद भी वह फूलदान रखती है जिसमें फूलों को हमेशा आशा रखने के लिए एक अनुस्मारक के रूप में रखा जाता है।
कभी-कभी टूटे हुए, पापी संसार में आशा को थामे रहना आसान नहीं होता है। पिताजी हमेशा घर नहीं आते और बच्चों की इच्छा कभी-कभी अधूरी रह जाती है। लेकिन प्रभु सबसे कठिन परिस्थितियों में आशा देता है। युद्ध के एक अन्य समय में, भविष्यवक्ता हबक्कूक ने यहूदा पर बाबेल के आक्रमण की भविष्यवाणी की थी (हबक्कूक 1:6; 2 राजा 24 देखें) लेकिन फिर भी पुष्टि की कि परमेश्वर हमेशा अच्छा है (हबक्कूक 1:12-13)। अतीत में अपने लोगों के लिए परमेश्वर की दया को याद करते हुए, हबक्कूक ने घोषणा की: “चाहे अंजीर के वृक्ष में अंजीर न लगें, और न दाखलताओं में दाखें लगें, चाहे जलपाई के पेड़ सूख जाएं, और खेतों में कुछ अन्न न उपजे, और बाड़े में भेड़ें न हों। और थानों में गाय-बैल न हों, तौभी मैं यहोवा के कारण आनन्दित रहूंगा, मैं अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर के कारण मगन हूं" (3:17-18)।
कुछ टीकाकारों का मानना है कि हबक्कूक के नाम का अर्थ "चिपकना" है। हम परीक्षाओं में भी अपनी परम आशा और आनन्द के रूप में परमेश्वर से लिपटे रह सकते हैं क्योंकि वह हमें थामे रहता है और कभी जाने नहीं देगा।
पूंछ और जीभ हिलाना
अखबार ने घोषणा की कि पेप ने गवर्नर की पत्नी की बिल्ली की जान ले है - लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। एक बात जिसका वह दोषी हो सकता था वह थी के गवर्नर की हवेली में सोफा चबाने का।
पेप 1920 के दशक में पेंसिल्वेनिया के गवर्नर गिफोर्ड पिंचोट के स्वामित्व वाला एक तेजतर्रार युवा लैब्राडोर कुत्ता था। कुत्ते को वास्तव में ईस्टर्न स्टेट पेनिटेंटरी भेजा गया था, जहां कैदी की पहचान संख्या के साथ उसकी तस्वीर ली गई थी। जब एक अखबार के रिपोर्टर ने इसके बारे में सुना तो उसने बिल्ली की कहानी बनाई। क्योंकि उनकी रिपोर्ट अखबार में छपी थी, कई लोगों का मानना था कि पेप वास्तव में एक बिल्ली-हत्यारा था।
इसराएल का राजा सुलैमान अच्छी तरह जानता था कि गलत जानकारी की ताकत क्या होती है। उसने लिखा, “कानाफूसी करनेवाले के वचन स्वादिष्ट भोजन की नाईं लगते हैं; वे पेट में पच जाते हैं।” (नीतिवचन 18:8)। कभी-कभी हमारा पतित मानव स्वभाव हमें दूसरों के बारे में उन बातों पर विश्वास करने के लिए प्रेरित करता है जो सत्य नहीं हैं।
फिर भी जब दूसरे हमारे बारे में झूठ पर विश्वास करते हैं, तब भी परमेश्वर हमें भलाई के लिए उपयोग कर सकते हैं। वास्तव में, गवर्नर ने पेप को जेल भेज दिया ताकि वह वहां के कैदियों का दोस्त बन सके- और उसने कई वर्षों तक अग्रणी चिकित्सा कुत्ते के रूप में सेवा की।
दूसरे क्या कहते या सोचते हैं, इसकी परवाह किए बिना हमारे जीवन के लिए परमेश्वर के उद्देश्य अभी भी कायम हैं। जब दूसरे हमारे बारे में कानाफूसी करते हैं, तो याद रखें कि उसके विचार—और हमारे लिए उसका प्रेम—ही है जो अत्यधिक मायने रखता है।
स्तुति देना याद रखे
जब हमारी कलीसिया ने हमारी पहली इमारत का निर्माण किया, तो लोगों ने आभारी अनुस्मारक लिखे, दीवार के स्टड (इमारत के ढाँचे को सहारा देने वाले शुष्क दीवार के पीछे लंबवत बीम) और इमारत के इंटीरियर के समाप्त होने से पहले कंक्रीट के फर्श पर । स्टड से शुष्क दीवार को वापस खींच लें और आप उन्हें वहां पाएंगे। पवित्रशास्त्र से एक के बाद एक पद, स्तुति की प्रार्थनाओं के साथ लिखे गए हैं जैसे "आप कितने भले हैं!" हमने उन्हें भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक साक्षी के रूप में छोड़ दिया कि हमारी चुनौतियों के बावजूद, परमेश्वर दयालु बने रहे और हमारी देखभाल करते रहे।
हमें यह याद रखना चाहिए कि परमेश्वर ने हमारे लिए क्या किया है और दूसरों को इसके बारे में बताना चाहिए। यशायाह ने इसका उदाहरण दिया जब उसने लिखा, "मैं यहोवा की दया और अत्यन्त करूणा करके उस ने हम से जितनी भलाई, कि उस सब के अनुसार मैं यहोवा के करूणामय कामों का वर्णन और उसका गुणानुवाद करूंगा।" (यशायाह 63:7)। बाद में, भविष्यवक्ता पूरे इतिहास में अपने लोगों के लिए परमेश्वर की करुणा को भी याद करता है, यहाँ तक कि यह भी बताता है कि कैसे "उनके सारे संकट में उस ने भी संकट उठाया" (पद.9)। परन्तु यदि आप अध्याय पढ़ते रहेंगे, तो आप देखेंगे कि इस्राएल फिर से संकट के समय में है, और भविष्यवक्ता परमेश्वर के हस्तक्षेप के लिए तरस रहा है।
परमेश्वर की पिछली दयालुता को याद करना कठिन समय में मदद करता है I चुनौतीपूर्ण मौसम आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन उसका विश्वासयोग्य चरित्र कभी नहीं बदलता। जब हम उनके द्वारा किए गए सभी कामों की याद में कृतज्ञ हृदय से उनकी ओर मुड़ते हैं, तो हमें नए सिरे से पता चलता है कि वह हमेशा हमारी प्रशंसा के योग्य हैं।
क़ीमती प्रार्थना
क्लार्क का सरौता एक अद्भुत पक्षी है। हर साल चार या पांच सफेद छाल देवदार बीजों के छोटे कैश को छुपाकर सर्दी की तैयारी करता है, प्रति घंटे पांच सौ बीज। फिर महीनों बाद, वह भारी बर्फ के नीचे भी बीज को उजागर करने के लिए लौटता है, एक क्लार्क का सरौता को दस हजार स्थानों तक याद हो सकते है जहां उसने बीज छिपाए हैं- एक आश्चर्यजनक उपलब्धि (जब आप उस कठिनाई पर विचार करते हैं जो हम मनुष्यों में विशेषकर अपनी कार की चाभियाँ या चश्मे के स्थान को याद रखने में हो सकती है)।
लेकिन परमेश्वर की हमारी प्रार्थनाओं को याद करने की क्षमता की तुलना में स्मृति का यह अविश्वसनीय कार्य भी फीका पड़ जाता है। वह हर सच्ची प्रार्थना पर नज़र रखने और वर्षों बाद भी उन्हें याद रखने और उनका जवाब देने में सक्षम है। प्रकाशितवाक्य की पुस्तक में, प्रेरित यूहन्ना “चार प्राणी” और “चौबीस प्राचीन” को स्वर्ग में परमेश्वर की आराधना करते हुए वर्णन करता है। “उनमें से हर एक के हाथ में वीणा और धूप, जो पवित्र लोगों की प्रार्थनाएँ हैं, से भरे हुए सोने के कटोरे थे।” (5:8)।
जिस प्रकार प्राचीन काल में धूप अनमोल थी, उसी प्रकार हमारी प्रार्थनाएं परमेश्वर के लिए अनमोल है कि वह नित्य उन्हें अपने सामने सोने के कटोरे में रखते हैं। हमारी प्रार्थनाएं परमेश्वर को मायने रहता हैं क्योंकि हम उनके लिए मायने रखते हैं, और यीशु में हम पर उसके अनुग्रह के द्वारा वह हमें निर्बाध पहुंच प्रदान करते हैं (इब्रानियों 4:14-16)। तो निडर होकर प्रार्थना करो! और यह जाने की परमेश्वर के अद्भुत प्रेम के कारण एक भी शब्द भुला नहीं जायेगा।
परमेश्वर का वचन समझना
कठोर सर्दियों के विरुद्ध ढलुआ लोहे का एक खुरदरा छल्ला मेरे चाचा के पुराने फार्महाउस की चौखट पर लटका हुआ था l सौ फीट से अधिक दूरी पर एक और छल्ला था, जो डेरी खलिहान(डेरी बार्न/dairy barn) से जुड़ा हुआ था l बर्फीले तूफ़ान के आने पर मेरे चाचा दोनों छल्लों के बीच एक रस्सी बाँध दिया करते थे ताकि उन्हें घर और खलिहान के बीच का रास्ता ज्ञात रहे l रस्सी को मजबूती से पकड़े रहने के कारण वह अत्यधिक बर्फ में दिखाई न देने वाली स्थिति में भी अपना रास्ता नहीं भूलते थे l
मेरे चाचा द्वारा बर्फीले तूफ़ान में एक सुरक्षा रस्सी का उपयोग मुझे स्मरण दिलाता है कि किस तरह दाऊद ने इब्रानी भाषा में रची कविता की पंक्तियों का उपयोग यह पता लगाने के लिए किया था कि कैसे परमेश्वर की बुद्धि हमें जीवन में मार्गदर्शन करती है और हमें पाप और गलतियों से बचाती है : “यहोवा के नियम सत्य और पूरी रीति से धर्ममय हैं l वे तो सोने से और बहुत कुंदन से भी बढ़कर मनोहर हैं; वे मधु से और टपकनेवाले छत्ते से भी बढ़कर मधुर हैं l उन्हीं से तेरा दास चिताया जाता है; उनके पालन करने से बड़ा ही प्रतिफल मिलता हैl” (भजन 19:9-11)
परमेश्वर के आत्मा द्वारा हमारे हृदयों में कार्य कर रहे धर्मशास्त्र (बाइबल धर्मशास्त्र (बाइबल) सच्चाइयों की एक दृढ़ समझ हमें अपने रास्ते से भटकने से बचाती है और हमें ऐसे निर्णय लेने में सहायता करती है जिससे परमेश्वर और दूसरों का सम्मान होता है l धर्मशास्त्र (बाइबल) हमें परमेश्वर से भटकने के खिलाफ चेतावनी देती है और हमें सही रास्ता दिखाती है l यह हमें हमारे उद्धारकर्ता के अमूल्य प्रेम और उन सभी आशीषों के बारे में बताती है जो उस पर विश्वास रखनेवालों के लिए हैं l बाइबल एक जीवनरेखा है! इसे हमेशा दृढ़ता से पकड़े रहने में परमेश्वर हमारी मदद करें l
हमारे दिल का सच्चा घर
जब वे घर से 2,200 मील से अधिक की दूरी पर एक साथ गर्मी की छुट्टी पर थे, "बॉबी द वंडर डॉग" अपने परिवार से अलग हो गया था। परिवार ने अपने प्यारे पालतू जानवर को हर जगह खोजा लेकिन उसके बिना टूटे दिल के साथ वापस लौटे।
छह महीने बाद, सर्दियों के अंत की ओर, एक बिखरी हालत में लेकिन दृढ़ निश्चय बॉबी उनके दरवाजे पर पहुँचा। बॉबी ने किसी तरह लंबी और खतरनाक ट्रेकिंग की, नदियों, रेगिस्तानों और बर्फ से ढके पहाड़ों को पार करते हुए अपने प्रियजनों के घर जाने का रास्ता खोजा।
बॉबी की खोज ने उसके गृहनगर में किताबों, फिल्मों और एक भित्ति चित्र को प्रेरित किया। उसकी लगन दिल के तारों को छू लेती है, शायद इसलिए कि परमेश्वर ने हमारे हृदयों में और भी गहरी लालसा रखी है। प्राचीन धर्मशास्त्री ऑगस्टाइन ने इसे इस तरह वर्णित किया: “तूने हमें अपने लिए बनाया है, और जब तक हम तुझ में विश्राम न पाए तब तक हमारे हृदय बेचैन हैं।” दाऊद ने यहूदा के जंगल में अपने पीछा करने वालों से छिपते हुए प्रार्थना में यही लालसा अर्थपूर्ण ढंग से व्यक्त की थी: “हे परमेश्वर, तू मेरा परमेश्वर है, मैं तुझे यत्न से ढूँढ़ूँगा; सूखी और निर्जल ऊसर भूमि पर, मेरा मन तेरा प्यासा है, मेरा शरीर तेरा अति अभिलाषी है” (भजन 63:1)।
दाऊद ने परमेश्वर की स्तुति की क्योंकि उसकी "करुणा जीवन से भी उत्तम है" (पद 3)। उसे जानने की तुलना में कुछ भी नहीं है! यीशु के द्वारा, परमेश्वर ने हमें खोजा और हमारे लिए उसके सिद्ध प्रेम के घर आने का मार्ग बनाया - चाहे हम पहले कितने भी दूर क्यों न रहे हों। जैसे हम उसकी ओर मुड़ते हैं, हम अपने हृदय का सच्चा घर पाते हैं।